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बीजेपी की पत्रिका ने ‘शोले के असरानी’ की याद दिला उड़ाया शिवसेना का मजाक
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। मीडिया में शिवसेना और भाजपा के बीच तकरार की खबरें हमेशा ही आती रही हैं, लेकिन दोनों के बीच होने वाला वाकयुद्ध उस वक्त और तेज हो गया जब भाजपा के एक प्रकाशन ने अपने लेख में उद्धव ठाकरे की पार्टी को ‘तलाक’ लेने की चुनौती दे दी। बता दें कि इस पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए लगातार बीजेपी और प्रधानम
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। मीडिया में शिवसेना और भाजपा के बीच तकरार की खबरें हमेशा ही आती रही हैं, लेकिन दोनों के बीच होने वाला वाकयुद्ध उस वक्त और तेज हो गया जब भाजपा के एक प्रकाशन ने अपने लेख में उद्धव ठाकरे की पार्टी को ‘तलाक’ लेने की चुनौती दे दी। बता दें कि इस पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए लगातार बीजेपी और प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है, लेकिन, इस बार बीजेपी ने शिवसेना को करारा जवाब दिया है। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई की पाक्षिक पत्रिका ‘मनोगत’ में पार्टी के महाराष्ट्र प्रवक्ता माधव भंडारी ने ‘आप तलाक कब ले रहे हैं, श्रीमान राउत’ नामक शीर्षक से एक लेख लिखा है। लेख में शिवसेना को गठबंधन से अलग होने की चुनौती दी गई है और दोनों पार्टियों के कई वर्ष पुराने गठबंधन में भाजपा की ओर से किए गए त्याग का उल्लेख किया गया है। साथ ही शिवसेना को शोले फिल्म में जेलर का मशहूर किरदार निभाने वाले अभिनेता असरानी का सीन भी याद दिलाया है। लेख में उद्धव ठाकरे का नाम न लेते हुए कहा गया है कि पार्टी प्रमुख को डर है की कहीं तलाक का फैसला लिया तो उनके पीछे कोई विधायक नहीं रहेगा। सामना के संपादक और सांसद संजय राउत ने अपने एक भाषण मे केंद्र और राज्य सरकार की तुलना निजाम के बाप से की थी। इसी बयान को लेकर भी इस लेख में उन पर निशाना साधा गया है। लेख में कहा गया, 'एक तरफ वे उसी ‘निजाम’ के दिए प्लेट में ‘बिरयानी’ खाते हैं और दूसरी तरफ हमारी आलोचना करते हैं। उनको केंद्र और राज्य में मंत्रालय मिले हुए हैं, उसी ‘निजाम’ की मदद से सत्ता का सुख भोग रहे हैं और फिर भाजपा को बुरा-भला कहते हैं। इसे कृतघ्नता कहते हैं।' भाजपा के प्रकाशन के इस लेख में कहा गया है, 'अगर वे ‘निजाम’ से इतने पीड़ित महसूस करते हैं तो बाहर क्यों नहीं निकल जाते। परंतु वे साहस नहीं दिखाते।' राउत ने हाल ही में कहा था कि केंद्र और महाराष्ट्र में भाजपा नीत सरकारें निजाम की सरकार से भी बदतर हैं। भंडारी ने कहा, 'वे हमारे साथ बैठते है, हमारे साथ खाते हैं और फिर हम पर हमले भी करते हैं। बेहतर होगा कि 'निजाम' के पिता से तलाक ले लिया जाए। इसलिए श्रीमान राउत, आप तलाक कब ले रहे हैं?’ भंडारी ने कहा, 'संजय राउत और शिवसेना पक्ष प्रमुख इस तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं कि उनकी ताकत कम हो रही है और इसीलिए वे परेशान हैं। उनको बदलते राजनीतिक हालात को स्वीकार करना चाहिए और हमें जिम्मेदार ठहराना बंद करना चाहिए।' लेख में आगे कहा गया है, 'हमने औरंगाबाद और कल्याण-डोंबीवली चुनावों में शिवसेना को पीछे छोड़ दिया। मतदाता भाजपा को मजबूत विकल्प के तौर पर मान रहे हैं और यही शिवसेना को सबसे ज्यादा चुभ रहा है।' भाजपा के प्रकाशन के इस लेख में आगे कहा गया है कि भाजपा ने कई त्याग किए जैसे उसने अतीत में पुणे, ठाणे और गुहागढ़ जैसे क्षेत्रों को शिवसेना के लिए छोड़ दिया जबकि इन जगहों से भाजपा चुनाव जीतती थी। अपने लेख का बचाव करते हुए भंडारी ने कहा, 'पहले हम ऐसी चीजों को नजरअंदाज कर दिया करते थे लेकिन अब उन्होंने विनम्रता की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। हमारे हालिया राज्य सम्मेलन में इस पर चर्चा हुई थी। अब हम उनको सीधे तौर पर बताना चाहते हैं कि अगर उन्हें ठीक नहीं लगता तो वे अपना खुद का रास्ता तलाश लें।' समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
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