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किसान चैनल में नौकरी के नाम पर ठगी, कई बेरोजगारों के पास पहुंचे नियुक्ति पत्र
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में प्रसार भारती में नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों को लूटने का मामला सामने आया है। हिंदी दैनिक ‘पंजाब केसरी’ के डिजिटल विंग की एक खबर के मुताबिक, यह ठगी उन लोगों से की गई है, जिन युवाओं ने अपने नाम रोजगार कार्यालय में दर्ज किए हैं। इनमें से कई लोगों को घर के पते पर दूरदर्शन के किसान चैनल मे
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में प्रसार भारती में नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों को लूटने का मामला सामने आया है। हिंदी दैनिक ‘पंजाब केसरी’ के डिजिटल विंग की एक खबर के मुताबिक, यह ठगी उन लोगों से की गई है, जिन युवाओं ने अपने नाम रोजगार कार्यालय में दर्ज किए हैं। इनमें से कई लोगों को घर के पते पर दूरदर्शन के किसान चैनल में नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र आए हैं।
इन नियुक्ति पत्रों में बाकायदा दूरदर्शन का लोगो बना है और किसान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री का चित्र भी प्रकाशित किया गया है।
नियुक्ति पत्र में मासिक वेतन 32,500 रुपए सभी भत्तों सहित देने का आश्वासन दिया गया है। नियुक्ति पत्र में स्पष्ट तौर पर इस बात का उल्लेख किया गया है कि यह सरकारी सेवा भारत सरकार के रोजगार नियमावली संख्या 72/6 वर्ष 2008 के तहत उम्मीदवारों को प्रदत्त की गई है। पत्र में मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर ऑफ इंडिया न्यू दिल्ली की मोहर भी लगी हुई है। इसमें मोहरयुक्त नियुक्ति पत्र में एक मोबाइल नंबर भी दर्ज है, जिस पर संपर्क करने के लिए कहा गया है।
हैरानी की बात यह है कि यह पत्र उन युवाओं को भी पहुंचा है जो महज 10वीं या प्लस टू पास हैं। जब कुछ लोगों को संदेह हुआ तो उन्होंने नियुक्ति पत्र में दर्शाए गए नंबर पर संपर्क किया जिस पर पता चला कि प्रारंभिक तौर पर साढ़े 11 हजार रुपए की राशि जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है। पत्र में 60 से 65 हजार रुपए अग्रिम राशि सिक्योरिटी के तौर पर जमा करवाने का उल्लेख किया गया है।
इस विषय को लेकर बुधवार को गांव अप्पर बसाल के गुरमेल सिंह ने डिप्टी कमिश्नर और एसपी को इन नियुक्ति पत्रों को दिखाया और गलत नियुक्ति पत्र देने के इस मामले पर केस दर्ज करने की मांग की।
गुरमेल सिंह ने कहा कि उनकी बेटी के नाम पर जब यह पत्र आया तो उन्हें शुरू से ही इस पर संदेह हुआ। संपर्क करने पर उनसे पैसे की मांग की गई। यह पूरा मामला ही संदेहास्पद है। कई लोगों को पत्र आए हैं। गंभीरता से जांच हो तो यह गिरोह पकड़ा जा सकता है, जो बेरोजगार युवाओं से ठगी कर रहा है।
जब प्रसार भारती के दिल्ली स्थित मुख्यालय से संपर्क किया गया तो वहां से पता चला कि इस प्रकार के कोई नियुक्ति पत्र दूरदर्शन या प्रसार भारती द्वारा किसान चैनल के लिए नहीं भेजे गए हैं।
वहीं डिप्टी कमिश्नर यूनुस खान ने कहा कि वह इस मामले पर जांच करवाएंगे। नियुक्ति पत्र को लेकर उनके पास गुरमेल सिंह पहुंचे थे। प्रसार भारती के अधिकृत संपर्क नंबर उन्हें दिए गए थे ताकि इस पत्र की असलियत का पता चल सके। इस मामले की जांच करवाई जाएगी। उधर, एसपी ने भी कहा कि सिक्योरिटी ब्रांच इस मामले की जांच करेगी।
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