होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / आकाशवाणी की कार्यप्रणाली पर वहां के कर्मचारी ने उठाया बड़ा सवाल ...

आकाशवाणी की कार्यप्रणाली पर वहां के कर्मचारी ने उठाया बड़ा सवाल ...

समाचार4मीडिया ब्‍यूरो ।। लगता है कि आकाशवाणी में अंदरखाने में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। वहां कैजुअल हिंदी एनाउंसर के पद पर कार्यरत अशोक अनुराग ने इस लेख के माध्‍यम से अपनी पीड़ा बयां की है, जिसमें

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

समाचार4मीडिया ब्‍यूरो ।।
लगता है कि आकाशवाणी में अंदरखाने में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। वहां कैजुअल हिंदी एनाउंसर के पद पर कार्यरत अशोक अनुराग ने इस लेख के माध्‍यम से अपनी पीड़ा बयां की है, जिसमें उन्‍होंने बताया कि किस तरह वहां कई लोगों के साथ दोयम दर्जे का व्‍यवकार किया जा रहा है। आप उनका लेख नीचे पढ़ सकते हैं...
 आकाशवाणी, जिसके प्रतीक चिन्ह पर अंकित है – ‘बहुजन हिताय बहुजन सुखाय’. एक जमाना वो भी था जब रेडियो कहने का मतलब आकाशवाणी हुआ करता था, समाचार हो या मनोरंजन के कार्यक्रम,  रेडियो ही एकमात्र साधन था क्यूंकि तब, आज की तरह सेटेलाइट टीवी का जमाना नहीं था, या कह लें कि आज की तरह एफएम का मल्टी चैनल युग भी नहीं था।
दिलों में अपनी आवाज से हलचल मचाने वाले रेडियो एनाउंसर,  मीडिया जगत में तीन भागों में बंटे हैं। एक वो जिन्हें आकाशवाणी में स्थाई नौकरी मिल गई, दूसरे वो जो प्रायोजित कार्यक्रमों, विज्ञापनों,  डॉक्यूमेंट्री फिल्मों,  नाटकों या जिंगल में अपनी आवाज़ देते हैं,  इन्हें फ्रीलांसर कहा जाता है और तीसरा वर्ग है कैज़ुअल रेडियो एनाउंसर का जो स्थाई एनाउंसर की तरह लिखित एवं स्वर परीक्षा पास करने और इंटरव्यू में चयनित होने के बाद ही अपनी ड्यूटी करता है।
कहते हैं कि आपके घर का नौकर भी अगर दस या पंद्रह साल लगातार काम कर ले तो वो भी परिवार जैसा हो जाता है। आप हर त्योहार में उसके लिए भी मिठाई, कपड़े या उपहार लाते हैं। उसे निकालने की शायद सोचते भी नहीं,  क्यूंकि आपको भी लगता है कि वो हमारा है, लेकिन आकाशवाणी ने ऐसा नहीं किया। एक ही कॉन्ट्रैक्ट जिसे P-5 कहते हैं,  उस पर काम करने वाले प्रोडक्शन असिस्टेंट स्थाई कर दिए गए। उनकी नौकरी भी तरक्की के हिसाब से तय है, यानी वो एक समय पर तरक्की करते हुए आकाशवाणी के वरिष्ठ पदों पर जा सकते हैं, लेकिन कैजुअल एनाउंसर की पोस्ट को इन्होंने न महत्व दिया न ही तरक्की से जोड़ा और स्थाई की बात तो दूर,  उन्हें समय समय पर काम से निकालने का षड्यंत्र भी रचा जाने लगा।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 10/04/2006 के ऐतिहासिक फैसले, जिसे उमा देवी एंड अदर्स के नाम से जाना जाता है और संसदीय समिति के आदेश को भी दरकिनार करते हुए कैजुअल एनाउंसर,  ख़ास कर वो कैजुअल एनाउंसर जो दस और उससे भी अधिक वर्षों से काम कर रहे हैं,  उन्हें एक अंडरटेकिंग के माध्यम से तबाह और बाहर करने की साजिश रची गई है।
आकाशवाणी महानिदेशालय और प्रसार भारती हिटलर की तरह तानाशाही रवैया अख्तियार किये हुए सब कुछ देख रहा है, सुन रहा है, लेकिन धृतराष्ट्र बनने का नाटक भी कर रहा है। ये अलग बात है की धृतराष्ट्र देख नहीं सकते थे लेकिन वो सुन सकते थे,  लेकिन आकाशवाणी महानिदेशालय कैजुअल एनाउंसर का दर्द न देखती है न उसकी पीड़ा सुनती है। आज आवश्यकता है कैज़ुअल एनाउंसर की आवाज के साथ आप सब की आवाज भी शामिल हो,  आपकी आवाज साथ होगी तो इन्साफ़ भी मिलेगा और हक़ भी।
जब उम्मीदें हांफने लगें,  सपने चीख-चीखकर आपको सोने न दें तभी होती है क्रांति।  आकाशवाणी में पूरी जिन्दगी दे चुके कैजुअल एनाउंसर को जिस तरह से अंडरटेकिंग और रिव्यु के जाल में फंसा कर निकाला गया और निकाला जा रहा है,  उसके विरोध में पिछले साल तीन और चार अगस्त 2015 को दो दिवसीय धरना प्रदर्शन जंतर मंतर पर आयोजित किया गया था। उम्मीद थी कुछ अच्छा होगा या आकाशवाणी महानिदेशालय या प्रसार भारती इन कैजुअल एनाउंसर के लिए कोई रास्‍ता निकालेगी,  लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ,  बल्कि आकाशवाणी का व्यवहार कैजुअल एनाउंसर के प्रति और नफ़रत भरा तथा बदले की दुर्भावना से भर गया।
कोई उम्मीद नहीं दिखाई देने पर देश के सभी कैजुअल एनाउंसर एक अगस्त 2016 से जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल पर बैठने जा रहे हैं। कला को समर्पित ये उद्घोषक सरस्वती पुत्र कहे जाते हैं,  लेकिन आज इनकी दशा अत्यन्त शोचनीय और भयावह हो चुकी है,  आशा है आप सभी का साथ मिलेगा।
लोकसभा में शिमला के सांसद श्री वीरेंद्र कश्यप जी ने 26/07/2016 को आकाशवाणी में लंबे समय से काम कर रहे कैजुअल एनाउंसर के नियमितीकरण पर सवाल पूछा, ‘धन्यवाद सांसद महोदय’,आपने हमारी जायज मांग को संसद में उठाया।
ये है विडियो लिंक
 
https://www.youtube.com/watch?v=Fe5BDMPIorY
 
https://youtu.be/Fe5BDMPIorY


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सरकार की फैक्ट चेक यूनिट पर रोक, AIM ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

AIM भी उन याचिकाकर्ताओं में शामिल था, जिन्होंने इस फैक्ट चेक यूनिट की संवैधानिक वैधता को अदालत में चुनौती दी थी।

1 hour ago

‘TV9’ में इस बड़े पद से अलग हुए प्रसन्ना राघव, जल्द शुरू करेंगे नई पारी

10 मार्च इस संस्थान मैं उनका आखिरी कार्यदिवस है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, वह जल्द ही एक बार फिर ‘जी मीडिया’ (Zee Media) में लीडरशिप भूमिका में नजर आ सकते हैं।

5 hours ago

Ventes Avenues की कमान अब बलमुरुगन मणि व फौजान अब्दुल रहीम के हाथ

डिजिटल मार्केटिंग और एडटेक कंपनी ‘Ventes Avenues Pvt. Ltd.’ ने अपने बिजनेस फोकस को और मजबूत करने का ऐलान किया है।

5 hours ago

विज्ञापन जगत में 40 साल: संदीप गोयल ने बताया कैसे बदल गई ऐडवर्टाइजिंग की दुनिया

विज्ञापन की दुनिया में जब संदीप गोयल बात करते हैं, तो उनकी बातों में एक अलग ही सहजता नजर आती है। यह सहजता चार दशकों के अनुभव से आती है।

9 hours ago

ESOP स्कीम के तहत 'बालाजी टेलीफिल्म्स' ने एम्प्लॉयीज को यूं बनाया अपना हिस्सेदार

बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड ने अपने एम्प्लॉयीज को ESOP (एम्प्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान) के तहत 51,997 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।

10 hours ago


बड़ी खबरें

सरकार की फैक्ट चेक यूनिट पर रोक, AIM ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

AIM भी उन याचिकाकर्ताओं में शामिल था, जिन्होंने इस फैक्ट चेक यूनिट की संवैधानिक वैधता को अदालत में चुनौती दी थी।

1 hour ago

एक बार फिर धूम मचाने आया Laqshya Pitch Best CMO अवॉर्ड्स, 12 मार्च को होगा इवेंट

एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप Laqshya Pitch Best CMO Awards एक बार फिर आयोजित करने जा रहा हैं।

8 hours ago

ESOP स्कीम के तहत 'बालाजी टेलीफिल्म्स' ने एम्प्लॉयीज को यूं बनाया अपना हिस्सेदार

बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड ने अपने एम्प्लॉयीज को ESOP (एम्प्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्लान) के तहत 51,997 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।

10 hours ago

वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी में नीरज झा को मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

नीरज झा पिछले 6 साल से ज्यादा समय से वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी से जुड़े हुए हैं। इस प्रमोशन से पहले वह कंपनी में कंटेंट, प्रोग्रामिंग और एक्विजिशन के डायरेक्टर के पद पर काम कर रहे थे।

10 hours ago

‘TV9’ में इस बड़े पद से अलग हुए प्रसन्ना राघव, जल्द शुरू करेंगे नई पारी

10 मार्च इस संस्थान मैं उनका आखिरी कार्यदिवस है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, वह जल्द ही एक बार फिर ‘जी मीडिया’ (Zee Media) में लीडरशिप भूमिका में नजर आ सकते हैं।

5 hours ago