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‘एनडीटीवी’ ने ‘नीलसन’ व अन्य रेटिंग कंपनियों पर किया मुकदमा
<p><strong>समाचार4मीडिया.कॉम ब्यूरो</strong></p> <div>‘एनडीटीवी’ ने ‘नीलसन’
समाचार4मीडिया ब्यूरो 10 years ago
समाचार4मीडिया.कॉम ब्यूरो
‘एनडीटीवी’ ने ‘नीलसन’ कंपनी के खिलाफ उसके गलत रेटिंग के लिए, न्यूयॉर्क स्टेट कोर्ट में मुकदमा दायर करके 26 जुलाई, 2012 को कम से कम 1.3 बिलियन यूएस डॉलर के हर्जाने की मांग की है। इसमें अन्य मुद्दों के अलावा कानूनी फीस भी शामिल है। ‘एनडीटीवी’ के द्वारा विभिन्न कंपनियों जैसे – ‘डब्ल्यूपीपी’, ‘नीलसन कंपनी’, ‘वीएनयू, ‘एसी नीलसन मार्केटिंग रिसर्च इंडिया’, ‘कंतार मीडिया रिसर्च’, ‘जेडब्ल्यूटी इंडिया’, ‘आईएमआरबी’, ‘इंटरनेशनल एंड टैम मीडिया रिसर्च’ के अलावा कई कंपनी शामिल है। ‘एनडीटीवी’ ने अपनी शिकायत में कहा है कि इनके गलत रेटिंग की वजह से ‘एनडीटीवी’ को काफी नुकसान हुआ है।
शिकायत में कहा गया है कि ‘एनडीटीवी’ के द्वारा ‘नीलसन बोर्ड’ के साथ बैठक में दिए गए, डाटा को भारत में नहीं प्रकाशित करने के प्रत्यक्ष और स्पष्ट नोटिस के बाद भी इसका प्रकाशन नहीं रोका गया। और यह उपभोक्ताओं के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।
एक बयान में ‘एनडीटीवी’ ने शिकायत की है कि 2004 से जनवरी 2012 तक विभिन्न ईवेंट्स को लेकर ‘एनडीटीवी’ ने ‘नीलसन’ के वर्ल्डवाइड सीईओ, डेविड कालहॉन को लिखा कि टैम द्वारा जारी किए जा रहे टेलीविजन व्यूअरशिप आंकड़ों के कारण ‘एनडीटीवी’ को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। 1998 में ‘नीलसन’ और ‘कंतार’ द्वारा संयुक्त तौर पर गठित कंपनी है।
इसके परिणामस्वरूप, ‘टैम मीडिया रिसर्च’ के सीईओ, एलवी कृष्णन ने एनडीटीवी को सूचित किया कि पॉल डोनेटो, एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ रिसर्च ऑफिसर, ‘नीलसन’ और रॉबर्ट मैसेंजर, चीफ सिक्युरिटी ऑफिसर, ‘द नीलसन कंपनी’ 20 जनवरी 2012 को नईदिल्ली आकर ‘एनडीटीवी’ के प्रतिनिधियों से बात करेंगे। दोनों कंपनियों के बीच यह बैठक संपन्न हुई और इस बैठक में, पॉल डोनेटो, रॉबर्ट मेसेमर, पीयूष माथुर, ‘द नीलसन कंपनी’ के भारतीय क्षेत्र के प्रेसिडेंट, ‘नीलसन इंडिया’ के मैनेजिंग डायरेक्टर, फरशद फेमिली, अभिजीत पाटिल, रीजनल सिक्युरिटी लीडर – ‘एपीआईएमईए’, ‘द नीलसन कंपनी’ और ‘आईएमआरबी इंटरनेशनल’ के प्रेसिडेंट, थॉमस पुलियेल, जो ‘जेडब्ल्यूटी’ कंपनी का इंडिया में प्रतिनिधित्व करते हैं के साथ ‘द नीलसन कंपनी’ के इंडिया के चीफ काउंसिल साइरस एलैविया ने हिस्सा लिया।
इस बैठक में, ‘एनडीटीवी’ के सभी शिकायतों को ‘नीलसन’ एवं ‘कंतार’ के अधिकारियों सभी सबूतों के साथ नोटिस किया गया जिसमें टेलीविजन के क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार, भारत में केबल ऑपरेशन का कारोबार और राजनीतिज्ञों को भी शामिल किया गया। बैठक में, नीलसन और कंतार को मुकदमेबाजी के बारे में भी सूचित कर दिया गया था।
‘एनडीटीवी’ ने अपनी शिकायत में कहा है कि बैठक के बाद भी उस पर कोई कार्यवाई नहीं की गई और पहले की तरह ही गलत आंकड़ों का प्रसारण जारी रहा, जिससे एनडीटीवी को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ।
बयान में कहा गया है कि ‘नीलसन’ और ‘कंतार’ का ईवेंट्स पर पूरा नियंत्रण था। दोनों ने ‘एनडीटीवी’ से वादा किया था कि उनकी शिकायतें जल्द दूर की जायेंगी, लेकिन इस पर कोई कार्यवायी नहीं की गई।
‘एनडीटीवी’ ने अपने दर्ज शिकायत में कहा है:
3 अप्रैल 2012 को ‘एनडीटीवी’ के प्रतिनिधियों – राहुल सूद, सिद्धार्थ बारहाटे और आनंद मोहन झा और टैम मीडिया के दो फील्ड स्टाफ के बीच मुंबई के जुहू स्थित होटल रामदा प्लाजा में एक बैठक हुई, वहां ‘टैम’ के कर्मचारियों ने कहा कि उनकी नियुक्ति मुंबई में हुई है और वे ‘टैम’ मीटर के लिए डाटा संग्रह करते हैं।
दोनों कर्मचारी मुंबई में ‘टैम’ के डाटा में हेरफेर के लिए तैयार थे। उन्होंने अपना परिचय पत्र भी दिखाया और अपने को ‘टैम’ के कर्मचारी के तौर पर प्रतिनिधि किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें ‘एनडीटीवी’ के रेटिंग के बारे में पता है और उन्हें रिश्वत का भुगतान कर दिया जाए जैसा कि अन्य कंपनियों ने पूर्व में किया था और जो भी उन्हें रिश्वत देगा उसके डेटा में दो से तीन सप्ताह के अंदर में हेरफेर कर सकते हैं। उनके अनुसार, उनका घरों में सीधा प्रवेश है और वे सप्ताह में 3 से 4 बार जाते हैं और आसानी से घरों को प्रभावित कर सकते हैं। उनका कहना था कि प्रत्येक घर के हिसाब से 250 से 500 की रिश्वत पर वे टैम हाउसहोल्ड्स को सिर्फ वही चैनल देखने पर जोर दे सकते हैं।
अप्रैल 11 और 12, 2012 को ‘एनडीटीवी’ के प्रतिनिधियों ने ‘नीसलन’ एवं ‘कंतार’ के प्रतिनिधियों को एक वीडियो दिखाया जिसमें 2004 से लगाए गए सारे आरोप को दोहराया था, जो सही थे और ‘टैम सिस्टम’ करप्ट था और इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत थी।
इस बीच, टैम के सभी प्रवक्ताओं ने इस केस के संबंध में कहा, “टैम इंडिया कंतार मीडिया और नीलसन के बीच 50:50 प्रतिशत की हिस्सेदारी है औऱ वे इस मुकदमेबाजी के बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।”
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