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आजतक का ये ‘10तक’ था शानदार, टीमवर्क ने बनाया दमदार
किसी चैनल के लिए टॉप पर आना जितना मुश्किल है, उससे ज्यादा मुश्किल है उस ख़िताब को बरक़रार रखना क्योंकि इसके...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
किसी चैनल के लिए टॉप पर आना जितना मुश्किल है, उससे ज्यादा मुश्किल है उस ख़िताब को बरक़रार रखना क्योंकि इसके लिए वही लय और ताल बनाये रखनी होती है, जिसने आपको यहां तक पहुँचाया है और ये काम बिलकुल भी आसान नहीं।
लेकिन ‘आजतक’ पिछले कई सालों से लगातार इस ‘मुश्किल’ काम को ‘आसान’ बनाता आ रहा है। ‘आजतक’ देश का नंबर 1 हिंदी न्यूज़ चैनल है और यह बात केवल आंकड़ों में ही नज़र नहीं आती, उसका कंटेंट भी इसकी गवाही देता रहता है। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण ‘दस्तक’ का 6 मार्च का एपिसोड है। ऐसे वक़्त में जब एयर स्ट्राइक में आतंकियों की मौत के सबूत मांगे जा रहे हैं, ‘दस्तक’ में इस ‘सबूत’ को राफेल डील से जोड़कर बेहद रोचक अंदाज़ में पेश किया गया है। ‘दस्तक’ को वरिष्ठ पत्रकार सईद अंसारी होस्ट करते हैं। सईद बिना मिर्च-मसाला लगाये सीधी बात करने के लिए पहचाने जाते हैं और यह उनकी सीधी बात अत्यधिक अनावश्यक आक्रामकता प्रदर्शित करने वाले एंकरों से कई गुना ज्यादा मारक होती है।
6 मार्च के शो के शुरू होते ही स्क्रीन पर बड़ा-बड़ा लिखा आता है ‘सबको सबूत चाहिए।’ इस एक वाक्य में दो गंभीर मुद्दों का सार छिपा है। इसके बाद सईद कहते हैं ‘हिंदुस्तान की राजनीति सबूतों पर घूम रही है। विपक्ष को सबूत चाहिए बहाने के लिए, सत्ता को सबूत चाहिए दिखाने के लिए लेकिन अदालत को सबूत चाहिए सच बताने के लिए और सरकार कह रही है कि फाइलें गायब हैं।’ सईद के अपनी बात ख़त्म करते ही स्क्रीन पर राफेल नज़र आने लगता है, लेकिन उसकी कानफोडू आवाज़ सुनाई नहीं देती। उसके स्थान पर पुरानी बॉलीवुड फिल्म का ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ गाना चलता है। दरअसल, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि राफेल डील से जुड़े कुछ दस्तावेज़ मंत्रालय से चोरी हो गए हैं, इसलिए इस चोरी को रेखांकित करने और उसे ज्यादा मारक बनाने के लिए चैनल ने इस गाने का इस्तेमाल किया। इस शो की स्क्रिप्टिंग नवीन कुमार ने की है। रिपोर्ट के बीच में अचानक गाना बंद होता है और फिर बताया जाता है कि मोदी सरकार कोर्ट में यही बोलकर आई है बस ‘दरोगाजी’ की जगह ‘जज साहब’ हो गया है।
केवल सईद अंसारी का अंदाज़ और गाने का इस्तेमाल ही इस रिपोर्ट को दूसरों से अलग नहीं बनाता। बल्कि जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट के अंदर हुई सुनवाई-बहस को रिपोर्ट में सरल शब्दों में समझाया गया है, वो भी इसके वज़न को और बढ़ा देता है। राफेल के सबूत के बाद सईद उस दूसरे सबूत पर आते हैं, जिसे लेकर देश में हंगामा मचा हुआ है यानी एयर स्ट्राइक में आंतकियों की मौत का सबूत। इस मुद्दे को भी ‘दस्तक’ में बेहद सरल अंदाज़ में जनता के सामने पेश किया गया है। राफेल और एयर स्ट्राइक को लेकर हर चैनल पर ख़बरें-डिबेट चल रही है, लेकिन आजतक ने ‘दस्तक’ में जिस तरह से इन्हें उठाया है, वो वाकई काबिल-ए-तारीफ है। दूसरों शब्दों में कहें तो दस्तक का यह एपिसोड गंभीर मुद्दों को बेहद रोचक रूप में सामने रखता है। वैसे बात केवल किसी एक शो तक ही सीमित नहीं है। आजतक की टीम कुछ न कुछ क्रिएटिव करती रहती है, चैनल की रिपोर्ट देखकर समझ आता है कि सूचनाओं को ख़बरों का रूप देने के लिए कड़ी मेहनत की गई है। और इससे कहीं न कहीं यह साबित होता है कि आजतक को नंबर वन यूँ ही नहीं कहा जाता।
आप 10तक का ये शो नीचे विडियो पर 1.40 मिनट्स पर क्लिक कर देख सकते हैं...
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