होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / मुस्लिमों को देश से बाहर निकालने की नहीं चलीं झूठी कहानियां, तो ये कर रहे कुछ लोग: शाजिया
मुस्लिमों को देश से बाहर निकालने की नहीं चलीं झूठी कहानियां, तो ये कर रहे कुछ लोग: शाजिया
‘गवर्नेंस नाउ’ के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ बातचीत में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने तमाम पहलुओं पर रखी अपनी राय
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने वालों को आड़े हाथ लिया है। उनका कहना है कि सत्तारूढ़ सरकार और पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए झूठी कहानियां गढ़ी जा रही हैं और झूठा दावा किया जा रहा है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं।
‘गवर्नेंस नाउ’ (Governance Now) के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ एक बातचीत में यह पूछे जाने पर कि क्या बीजेपी के पास इस दावे के समर्थन में सबूत हैं कि किसानों का आंदोलन एक अंतरराष्ट्रीय साजिश द्वारा प्रेरित है, शाजिया इल्मी का कहना था, ‘सच को कभी नहीं मिटाया जा सकता है। हम जानते हैं कि दीप सिद्धू को वहां भेजा गया था और किसानों की ट्रैक्टर रैली के पीछे नापाक इरादे थे।’
पब्लिक पॉलिसी प्लेटफॉर्म पर ‘विजिनरी टॉक सीरीज’ (Visionary Talk series) के तहत होने वाले इस वेबिनार के दौरान शाजिया इल्मी ने कहा, ‘किसानों द्वारा आश्वासन के बावजूद कि ट्रैक्टर रैली शांतिपूर्ण होगी, सभी ने देखा कि उन्होंने हंगामा किया। अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने गलती से अपनी टूलकिट को ट्विटर पर पोस्ट कर दिया, फिर इसे डिलीट किया और इसके बाद इसे कई बार एडिट किया।’
शाजिया इल्मी के अनुसार, ‘इस सरकार को बदनाम करने के लिए कुछ तत्वों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। राजनीतिक रूप से प्रेरित इन तत्वों द्वारा किसानों के बीच झूठ फैलाने के लिए किसानों को छद्म के रूप में इस्तेमाल किया गया है और तथ्यों को तोड़ा-मरोड़कर पेश किया गया है। कई लोग कहते हैं कि सरकार ने इस बारे में विचार विमर्श नहीं किया और यह कानून किसान विरोधी हैं, वे यह नहीं बताते कि कृषि उपज मंडी समिति (Agricultural produce market committee) को हटाने की मांग काफी समय से की जा रही है। कानून ने भले ही एपीएमसी को नहीं हटाया है, लेकिन इसने वैकल्पिक और मुक्त बाजार का विकल्प प्रदान किया है।’
इस बातचीत के दौरान शाजिया इल्मी का कहना था,‘किसानों के एक बड़े वर्ग को यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि वे अपनी जमीनें खो देंगे। कोई एमएसपी नहीं होगा, कोई मंडियां आदि नहीं होंगी। सीएए, एनआरसी के वक्त भी कुछ इसी तरह से किया गया था।’
पूर्व पत्रकार और न्यूज एंकर शाजिया इल्मी ने कहा, ‘जब कुछ लोगों द्वारा गढ़ी गई मुस्लिम समुदाय को देश से बाहर निकालने की झूठी कहानियां नहीं चलीं तो ऐसे लोगों ने अब अपने फायदे के लिए किसानों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। किसानों के साथ तमाम चरणों में बातचीत के बावजूद पंजाब में कई किसानों ने MSP के 1.5 गुना पर हजारों क्विंटल गेहूं बेचा है, लेकिन इसका कोई उल्लेख नहीं है। कुछ अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने के उद्देश्य से यह सब किया जा रहा है।’
टैग्स गवर्नेंस नाउ कैलाशनाथ अधिकारी विजिनरी टॉक सीरीज विजिनरी टॉक कैलाश अधिकारी शाजिया इल्मी