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राजनेताओं-पत्रकारों ने IT की कार्रवाई को बताया मीडिया की आवाज दबाने का प्रयास, कही ये बात
आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा‘दैनिक भास्कर’ और ‘भारत समाचार’ चैनल पर छापेमारी के मामले में कई राजनेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
कथित रूप से टैक्स चोरी की जानकारी मिलने के बाद आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा गुरुवार की सुबह ‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar) के तमाम कार्यालयों और ‘भारत समाचार’ (Bharat Samachar) चैनल पर छापेमारी के मामले में कई राजनेताओं व पत्रकारों ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने इस कार्रवाई को मीडिया की आवाज दबाने की कोशिश बताया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट के जरिये आयकर विभाग के इस कदम की निंदा की है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक ट्वीट में कहा कि दैनिक भास्कर समूह और भारत समाचार के यहां आयकर विभाग का छापा मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास है। मोदी सरकार अपनी आलोचना को जरा भी बर्दास्त नहीं कर सकती।
ऐसी कार्रवाई कर मोदी सरकार मीडिया को दबाकर संदेश देना चाहती है कि यदि गोदी मीडिया नहीं बनेंगे तो आवाज कुचल दी जाएगी।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 22, 2021
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस कदम का विरोध करते हुए अपने ट्वीट में कहा है, ‘पत्रकारों और मीडिया घरानों पर हमला लोकतंत्र को कुचलने का एक और क्रूर प्रयास है। मैं इस प्रतिशोधी कृत्य की कड़ी निंदा करती हूं, जिसका उद्देश्य सत्य को सामने लाने वाली आवाजों को दबाना है। इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र के सिद्धांतों को कमजोर करती है। हम सब मिलकर निरंकुश ताकतों को कभी सफल नहीं होने देंगे।’
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में आयकर विभाग के इस कदम को मीडिया को डराने का प्रयास करने वाला बताया है। उन्होंने छापेमारी को रोकने और मीडिया को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने देने का अनुरोध किया है।
दैनिक भास्कर और भारत समाचार पर आयकर छापे मीडिया को डराने का प्रयास है। उनका संदेश साफ़ है- जो भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ बोलेगा, उसे बख्शेंगे नहीं।ऐसी सोच बेहद ख़तरनाक है।सभी को इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 22, 2021
ये छापे तुरंत बंद किए जायें और मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए
वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है, 'दैनिक भास्कर पर छापे की कार्रवाई जायज नहीं है ।आप अपना पक्ष अखबार में रखने के लिए स्वतंत्र हैं। सरकार अपना तर्क समाचार पत्र को दे सकती है। यदि वह प्रकाशित नहीं करे तो वह प्रेस कौंसिल का दरवाजा खटखटा सकती है, लेकिन छापे की कार्रवाई उचित नहीं ठहराई जा सकती। कोई भी सभ्य समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा।'
वहीं, इस मामले में आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है और न ही इस बारे में ज्यादा जानकारी दी गई है। हालांकि, आईटी विभाग की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है, ‘विभाग के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए जांच टीम ने केवल टैक्स चोरी से संबंधित समूह के वित्तीय लेनदेन को देखा।’
इसके साथ ही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को नकारते हुए आयकर विभाग ने ट्वीट में यह भी कहा, ’मीडिया के एक वर्ग ने इस तरह के आरोप भी लगाए हैं कि आयकर विभाग के अधिकारी जांच के दौरान स्टोरीज में बदलाव और संपादकीय निर्णय में अपना सुझाव दे रहे थे। इस तरह के आरोप पूरी तरह झूठे हैं और आयकर विभाग इन आरोपों को पूरी तरह से नकारता है।’
Certain allegations have appeared in some sections of media that ITDept officials were suggesting changes in stories &taking editorial decisions during their search on offices of a certain publication.These allegations are absolutely false &are categorically denied by ITDept(1/3)
— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) July 22, 2021
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