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पत्रकारों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने वालों में ये राज्य भी हुए शामिल, देखें लिस्ट
देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन सबके बीच अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन सबके बीच अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे हैं और लोगों तक खबरें पहुंचा रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इन सबके बीच हरियाणा और छत्तीसगढ़ सरकार ने भी पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी है।
हरियाणा:
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को राज्य के सभी पत्रकारों के लिए कोविड टीकाकरण (COVID Vaccination) अभियान शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही कोविड की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस अभियान के दौरान हर पत्रकार को वैक्सीन शॉट्स दिए जाएंगे। खट्टर ने कहा, टीकाकरण अभियान के दौरान हर पत्रकार को प्राथमिकता दी जाएगी और सभी जिलों में मीडिया केंद्रों पर टीका प्रशासन की तैयारी की जाएगी।
छत्तीसगढ़:
छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के बीज शनिवार को राज्य के आलाधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम भूपेश बघेल ने शनिवार को राज्य में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर एक अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि कहा कि राज्य में अलग-अलग श्रेणियों से वैक्सीनेशन के लिए फ्रंट लाइन वर्कर्स की लिस्ट बनाई जाएगी। उन्होंने घोषणा की अब पत्रकारों और वकीलों को भी फ्रंट लाइन वर्कर्स की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
वकीलों और पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर्स में शामिल करने के साथ ही सीएम ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब राज्य में कोरोना वैक्सीनेशन पत्रकारों और वकीलों के परिवारों के परिजनों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
बता दे कि हरियाणा और छत्तीसगढ़ से पहले भी कई दूसरे राज्यों में पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर्स मानते हुए कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी है, जो निम्न हैं-
दिल्ली:
दिल्ली सरकार ने भी पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की समीक्षा बैठक के बाद दिल्ली सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों का बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि पत्रकारों को उनके ही संस्थानों में वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की जाएगी और इस पर आने वाला खर्च सरकार वहन करेगी।
पश्चिम बंगाल:
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने भी ऐलान किया कि वह राज्य के सभी पत्रकारों को कोरोना वॉरियर्स घोषित करती हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से सभी को फ्री में वैक्सीन देने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि इसमें लगभग 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे और 30 करोड़ रुपए केंद्र सरकार के लिए कुछ नहीं है।
झारखंड:
वहीं, झारखंड की हेमंत सरकार ने भी राज्य के पत्रकारों को प्राथमिकता के तौर पर कोरोना वैक्सीन अभियान से जोड़ने पर जोर दिया है। इस संबंध सीएम सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस लड़ाई में सभी मिलकर लड़ते हुए जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना फिर हारेगा और झारखंड फिर जीतेगा।
कर्नाटक:
कर्नाटक सरकार ने भी पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कोविड वॉरियर्स मानने और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराने का फैसला किया है। राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की विशेष बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कर्मी मानेंगे और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराएंगे।’
हालांकि, येदियुरप्पा ने पत्रकारों से घटनाओं की इस तरह रिपोर्टिंग नहीं करने की अपील की, ताकि लोगों में दहशत न फैले।
मणिपुर:
कोरोनोवायरस संक्रमणों की दूसरी लहर के बीच, मणिपुर सरकार ने भी सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का निर्णय लिया है। राज्य अब प्राथमिकता के तौर पर कोविड-19 के खिलाफ पत्रकारों का वैक्सीनेशन करेगा।
राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ट्विटर पर लिखा, ‘तमाम जोखिमों के बावजूद खबरों को लोगों तक पहुंचाने में पत्रकारों के प्रयासों की हम सराहना करते हैं। ये किसी भी मायने में दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर्स से कम नहीं हैं। राज्य सरकार मान्यता प्राप्त सभी पत्रकारों का फ्रंटलाइन वॉरियर्स के तौर पर प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन करेगी।’
उत्तराखंड:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एक महीने पहले ही राज्य के सभी पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित किया कर दिया था, साथ ही सभी को कोरोना वैक्सीन दिए जाने की मंजूरी भी दी हुई है। ऐसा करने वाला वह पहला राज्य था। यहां पत्रकारों के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं रखी गई है।
बिहार:
बिहार में मान्यता प्राप्त पत्रकारों के साथ-साथ गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल कर सरकार प्राथमिकता के आधार पर उनका टीकाकरण कराएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को इस आशय का निर्देश दिया, जो पत्रकार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची में नहीं हैं, उन्हें जिला जनसंपर्क अधिकारी द्वारा सत्यापित किए जाने के बाद टीका लग सकेगा। सभी चिह्नित पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 का टीकाकरण कराया जाएगा। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रानिक व वेब मीडिया के पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन वर्कर माना जाएगा।
ओडिशा:
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स घोषित किया है। इस घोषणा से गोपबंधु पत्रकार स्वास्थ्य योजना में शामिल राज्य के छह हजार 944 पत्रकारों को इसका लाभ मिलेगा। योजना में पत्रकारों को दो लाख का स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। कोविड के समय कार्यरत किसी भी पत्रकार की मृत्यु होने पर परिवार को 15 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की है।
मध्य प्रदेश:
मध्य प्रदेश में सभी पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यह ऐलान करते हुए कहा कि पत्रकार कोरोना महामारी के खतरे के बीच अपनी जान खतरे में डालकर अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं, जिसको ध्यान में रखते हुए हमने मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मध्य प्रदेश में फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित करने का निर्णय लिया है और इसी आधार पर उनका केयर किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यप्रदेश में करीब 4000 पत्रकारों को सरकारी मान्यता प्राप्त है। मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक अभी सरकार ने इस ऐलान से संबंधित नियमों का निर्धारण नहीं किया है, जिसके बारे में बाद में सूचित किया जाएगा।
पंजाब:
वहीं, पंजाब सरकार ने सूबे के मान्यता प्राप्त और येलो कार्ड धारक पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स की सूची में शामिल कर लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पत्रकार प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाने सहित उन सभी लाभों के लिए योग्य होंगे, जो बाकी फ्रंटलाइन वर्कर्स राज्य सरकार से हासिल करने के हकदार हैं।
उत्तर प्रदेश:
बता दें कि पंजाब और मध्य प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कोरोना के खिलाफ जंग में पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया। अब उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कोरोना का टीका लगाया जाएगा। सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि मीडियाकर्मियों के लिए अलग सेंटर अलॉट किए जाएं और जरूरत हो तो उनके कार्य स्थलों पर जाकर निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए उनके 18 साल से ऊपर के परिजनों को फ्री वैक्सीनेशन किया जाए।
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