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BARC इंडिया के पूर्व CEO की अर्जी पर बॉम्बे HC ने सुरक्षित रखा अपना फैसला: रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विशेष लोक अभियोजक शिशिर हिरेय और वरिष्ठ अधिवक्ता ऐबाद पोंडा की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने यह निर्णय लिया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
‘टेलिविजन रेटिंग पॉइंट्स’ (TRP) से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पार्थो दासगुप्ता की जमानत याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जस्टिस पीडी नायक की एकल पीठ ने विशेष लोक अभियोजनक शिशिर हिरेय (Shishir Hiray) और वरिष्ठ अधिवक्ता ऐबाद पोंडा (Aabad Ponda) द्वारा पेश दलीलों के बाद यह फैसला किया है।
अपनी दलीलों में हिरेय का कहना था कि हालांकि BARC में बतौर सीओओ रोमिल रामगढ़िया के पास फाइनेंस की जिम्मेदारी थी, दासगुप्ता के पास कंपनी में ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी थी, क्योंकि वह कंपनी के सीईओ और एमडी थे। लोक अभियोजक का यह भी कहना था कि वॉट्सऐप पर की गई बातचीत से स्पष्ट है कि ‘रिपब्लिक टीवी’ (Republic TV) के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी से दासगुप्ता के घनिष्ठ संबंध थे।
वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता ऐबाद पोंडा और अधिवक्ता अर्जुन सिंह ठाकुर ने राज्य को तर्कों का विरोध किया और अपनी दलीलें पेश कीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ज्वेलरी, फोटो और रिपोर्ट्स अदालत में बेवजह दाखिल की गईं और इनका जांच से कोई संबंध नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
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