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भू-आवंटन से जुड़े इस मामले में एक हजार से अधिक पत्रकारों को बड़ी राहत, SC ने दिया ये आदेश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी कहा कि इन पत्रकारों को हलफनामा देना होगा कि उनके पास हैदराबाद में वैकल्पिक जमीन या अपना घर नहीं है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
सुप्रीम कोर्ट ने एक हजार से अधिक पत्रकारों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें हैदराबाद में वर्ष 2008 में आवंटित भूखंडों पर कब्जा लेने और अपना घर बनाने की अनुमति दे दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने गुरुवार को इस बारे में फैसला लिया है। इस सुनवाई के दौरान पीठ ने यह भी कहा कि इन पत्रकारों को हलफनामा देना होगा कि उनके पास हैदराबाद में वैकल्पिक जमीन या अपना घर नहीं है।
बता दें कि यह फैसला हैदराबाद के उन करीब 1100 पत्रकारों के लिए काफी राहत की बात है, जो घर के लिए जगह की मांग कर रहे थे और यह मामला अनुमोदन के लिए सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित था।
सीजेआई एनवी रमना, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सी. टी. रविकुमार की यह पीठ देश भर में विभिन्न हाउसिंग सोसाइटी को भूमि आवंटित किए जाने को नियंत्रित करने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने संबंधी याचिकाओं पर विचार कर रही थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीठ ने 1100 पत्रकारों द्वारा गठित एक हाउसिंग सोसाइटी की अंतरिम याचिका अलग कर दी और उन्हें आवंटित भूखंड पर कब्जा दे दिया। इसके साथ ही पीठ का कहना था कि इस याचिका को छोड़कर हम बाकी आवेदनों पर कोई आदेश नहीं दे रहे हैं।
सीजेआई ने कहा कि जहां तक इस तरह के आवंटन को विनियमित करने के लिए राष्ट्रीय नीति तैयार करने का संबंध है, तो इस मुद्दे को बाद में भी उठाया जा सकता है। वहीं, तेलंगाना के आईटी और उद्योग मंत्री के टी रामा राव ने हैदराबाद में तेलंगाना के पत्रकारों के लिए आवास स्थलों के आवंटन से संबंधित मुद्दे को हल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद दिया है।
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