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जानिये, आम बजट की कवरेज में कौन से अखबार ने किया कैसा प्रयोग
हेडलाइन में तुकबंदी का इस्तेमाल हमेशा से ही कलात्मक माना जाता रहा है
नीरज नैयर 6 years ago
आम बजट पर दिल्ली के प्रमुख अखबारों के फ्रंट पेज एक से बढ़कर एक रहे। सभी ने इतनी खूबसूरती से बजट को पाठकों तक पहुंचाया कि क्या कहने। लेआउट से लेकर शीर्षक तक सबकुछ कमाल रहा। बजट की कवरेज के मामले में सबसे पहले बात करते हैं ‘हिन्दुस्तान’ की। अखबार का फ्रंट पेज हर बार की तरह आकर्षक लेआउट में है और इस बार हेडलाइन में भी अच्छा प्रयोग किया गया है। बजट का शीर्षक है ‘अमीर पर कर, गरीब पर करम’।
‘हिन्दुस्तान’ में तुकबंदी का इस्तेमाल कर इस बार कलात्मक हेडलाइन दी है और ‘हिन्दुस्तान’ की टीम ने शीर्षक पर ब्रेनस्ट्रॉमिंग करते हुए अच्छा काम किया है। प्रथम पेज पर बजट से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात थी, जैसे कि क्या सस्ता, क्या महंगा। अमूमन लोगों की नजर सबसे पहले इन्हीं बातों पर जाती है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफे को सबसे ऊपर रखा गया, क्योंकि यह सीधे तौर पर जनता को प्रभावित करने वाला फैसला था। अखबार ने ग्राफिक्स या कैरीकेचर के बजाय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की बड़ी फोटो इस्तेमाल की है, जिसमें वह परंपरागत सूटकेस के बजाय हाथ में लाल कपड़ा लिए खड़ी हैं। वैसे, बजट जैसे खास मौके पर सामान्य फोटो के विपरीत कुछ अलग किया जा सकता था।
‘नवभारत टाइम्स’ ने क्रिकेट फीवर को ध्यान में रखते हुए अपना फ्रंट पेज तैयार किया। वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री को बल्ला थामे दिखाया गया। बैकग्राउंड में क्रिकेट का मैदान और दोनों के बीच में वर्ल्डकप की ट्रॉफी। जितनी खूबसूरती से फ्रंट पेज डिजाइन किया गया, उतना ही खूबसूरत बजट का शीर्षक भी रहा। नरेंद्र मोदी सरकार का यह दूसरा टर्म है, इसे शामिल करते हुए हेडलाइन बनाई गई ‘दूसरी पारी, विराट तैयारी’, जो पहली ही नज़र में ध्यान आकर्षित करती है।
पेज पर नरेंद्र मिश्रा का बजटी विश्लेषण भी काफी अच्छा रहा। यहां भी पेट्रोल-डीजल से जुड़ी खबर को सबसे ऊपर रखा गया है, इसके बाद टैक्स स्लैब की जानकारी थी, ताकि पाठकों को तुरंत पता चल जाए कि उनकी जेब पर टैक्स का कितना बोझ पड़ेगा। बॉटम में रोचक जानकारी ‘अबकी बार ये ख़ास’ को शामिल किया गया। जैसे कि 20 रुपए का सिक्का आएगा, विकिपीडिया की तरह गांधीपीडिया बनेगा आदि। वित्तमंत्री की लाल कपड़े वाली फोटो को फ्रंट पेज पर लगाया गया, लेकिन ‘हिन्दुस्तान’ जितनी बड़ी नहीं।
‘दैनिक जागरण’ ने खुद को क्रिकेट फीवर से दूर रखते हुए बजट को एक अलग अंदाज में पेश किया। वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री का एक बड़ा इलस्ट्रेशन, जिसमें पीएम को देश को नए रंग में रंगते और वित्तमंत्री को रंग का डिब्बा पकड़े दिखाया गया। बैकग्राउंड में भारत का नक्शा रहा, जहां बजट के महत्वपूर्ण प्रावधान दर्शाए गए। एंकर में प्रशांत मिश्र की त्वरित टिप्पणी थी, जिसमें उन्होंने उन्होंने बताया था कि सरकार भरोसे की कसौटी पर खरी उतरी। ‘दैनिक जागरण’ ने इस खास मौके पर शीर्षक में भी प्रयोग किया। खबर का शीर्षक ‘नए भारत की ओर’ उसके डिज़ाइन से मेल खाता दिखा। बजट की सभी महत्वपूर्ण बातों को अलग-अलग बॉक्स में पेश किया गया। इसके अलावा आम बजट की पांच प्रमुख बातों को भी अलग से दर्शाया गया।
‘अमर उजाला’ का फ्रंट पेज पहली ही नज़र में सबको मोहित करने वाला रहा। संपादकीय टीम ने खास मौके के लिए खास तैयारी की, जिसके लिए वह बधाई की पात्र है। फ्रंट पेज में ऊपर से लेकर नीचे तक नए-नए प्रयोग दिखाई दिए। इससे पता चलता है कि क्रिएटिव सोच के साथ पेज डिज़ाइन किया गया। चूंकि यह आम बजट था, इसलिए ‘अमर उजाला’ के ‘र’ को भारतीय मुद्रा के चिन्ह की शक्ल दी गई। इसके बगल में एक सिक्का था, जिस पर पीएम मोदी की फोटो है। बजट का शीर्षक ‘तिजोरियों से निकाल कर, झोलियों में डाली रकम’ भी बेहद आकर्षक लगा।
पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफे वाली बात को बाकी अखबारों की तुलना में ज्यादा प्रमुखता से रखा गया है। अमर उजाला ने भी फ्रंट पेज को क्रिकेट फीवर से दूर रखा और उसकी थीम नारीशक्ति पर आधारित रही, क्योंकि वित्तमंत्रालय का जिम्मा निर्मला सीतारमण के कन्धों पर है। खबर के बीच में वित्तमंत्री का लाल कपड़ा लिए फोटो है, मगर उन्हें आठ हाथ वालीं देवी मां के रूप में दिखाया गया। खबर में सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करने के साथ ही यह बताया गया कि टैक्स कैसे बचाया जा सकता है। अमर उजाला ने एंकर स्टोरी में बेहद दिलचस्प प्रयोग किया। चूंकि अखबार की थीम नारीशक्ति पर आधारित रही, इसलिए देवियों को प्रतीक मान बजट को समझाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, पहले कॉलम में एक रंगीन पट्टी ‘बहीखाता’ से भी पेज और निखरकर आ रहा है।
कुल मिलाकर कहा जाए तो बजट की प्रस्तुति में अमर उजाला सबसे आगे रहा। शीर्षक से लेकर लेआउट और कुछ अलग करने के प्रयास में अखबार ने सबको पीछे छोड़ दिया।
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