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कोर्ट ने पुलिस की मांग को किया खारिज, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में रहेंगे अरनब गोस्वामी
रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी को अलीबाग के एक स्थानीय अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी को अलीबाग की एक स्थानीय अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हालांकि पुलिस ने उन्हें अपनी रिमांड में लेने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने पुलिस की ये मांग खारिज कर दी। अरनब गोस्वामी 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। कोर्ट ने बुधवार को देर रात हुई सुनवाई में यह आदेश सुनाया।
अरनब के साथ मामले में दो अन्य फिरोज शेख और नीतेश शारदा को भी कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। वहीं कोर्ट से बाहर आते हुए अरनब गोस्वामी ने कहा कि पुलिस हार गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट ने पुलिस की रिमांड की मांग को खारिज करते हुए कहा कि बिना इजाजत के केस को दोबारा खोला गया।
वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा कि मामला 2019 में बंद कर दिया गया था। यह एक वंचित मामला है जिसे केवल प्रतिशोध के कारण दोबारा खोला गया है। उन्हें मामले को फिर से खोलने की अनुमति नहीं मिली है। यह मामला पूरी तरह से पुलिस को बहुत परेशानी में डालता है।
बता दें कि रायगढ़ पुलिस की एक टीम ने अरनब को बुधवार सुबह मुंबई में उनके घर से हिरासत में लिया था। पुलिस वैन में बैठाए जाने के बाद अरनब ने दावा किया कि पुलिस ने उनके साथ हाथापाई भी की है। अरनब के वकील गौरव पारकर ने भी पुलिस पर हाथापाई के आरोप लगाए।
पारकर ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने मारपीट के आरोपों का संज्ञान लिया है और पुलिस को मेडिकल जांच के लिए गोस्वामी को सिविल हॉस्पिटल ले जाने को कहा। मेडिकल के बाद गोस्वामी को उनकी हिरासत पर सुनवाई के लिए वापस अदालत लाया गया।
बता दें कि मुंबई पुलिस ने बुधवार की सुबह रिपब्लिक टीवी (Republic TV) के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी को उनके घर से गिरफ्तार किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन पर 2018 में कथित रूप से इंटीरियर डिजाइनर को खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप है।
देश के कई हिस्सों में महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं अरनब के समर्थन में इंदौर जर्नलिस्ट एसोसिएशन आया है। एसोसिएशन ने अरनब की गिरफ्तारी की तीखी आलोचना की है। बयान में अरनब गोस्वामी की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा गया है, 'अरनब गोस्वामी की गिरफ्तारी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है।'
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