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SEBI के नोटिस के खिलाफ NDTV के प्रमोटर्स डॉ. प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय ने उठाया ये कदम
आंतरिक व्यापार नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में 2018 में सेबी ने ‘एनडीटीवी’ के प्रमोटर्स डॉ. प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय को कारण बताओ नोटिस जारी किया था
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
आंतरिक व्यापार नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में 2018 में सेबी (SEBI) ने ‘एनडीटीवी’ (NDTV) के प्रमोटर्स डॉ. प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसे लेकर रॉय दंपत्ति की ओर से बीते गुरुवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। अपनी याचिका में रॉय दंपत्ति की ओर से ये मांग की गई कि नोटिस को रद्द किया जाए और सेबी को रॉय दंपत्ति को नोटिस से संबंधित सभी दस्तावेजों का निरीक्षण करने की अनुमति दी जाए, जिनके आधार पर सेबी ने नोटिस जारी किया है।
वहीं, जस्टिस एससी धर्माधिकारी और आरआई चागला की खंडपीठ ने प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि रॉय दंपत्ति को नोटिस का सामना करना चाहिए और सेबी के समक्ष सुनवाई में उपस्थित रहना चाहिए। यदि उनके खिलाफ कोई सामग्री नहीं है तो नोटिस विफल हो जाएंगे। अदालत ने आगे कहा कि वह छह जनवरी को आदेश सुनाएगी।
बता दें कि रॉय दंपत्ति ने आंतरिक व्यापार नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में ट्राई द्वारा 10 साल बाद जारी किए गए नोटिस की वैधता को चुनौती दी है।
रॉय दंपत्ति की ओर से तर्क दिया गया कि कंपनी को अभी तक तीन साल से अधिक समय तक संबंधित रिकॉर्ड्स को बनाए रखने की जरूरत ही नहीं पड़ी और फिर ऐसी स्थिति में 10 साल पहले के रिकॉर्ड को ढूंढना संभव नहीं है। उनकी याचिका में कहा गया है कि चूंकि कथित लेनदेन से 10 साल बाद सेबी ने नोटिस जारी किया है, इसलिए संबंधित रिकॉर्ड उनके पास उपलब्ध नहीं हैं और इसलिए यह नोटिस मनमाना, अनुचित और शक्ति के घोर दुरुपयोग में जारी किया गया है और याचिकाकर्ता को प्रतिबंध, खतरे, पूर्वाग्रह और कठिनाई में डालता है।
बता दें कि सेबी ने 31 अगस्त, 2018 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। सेबी द्वारा जारी किए इस नोटिस में रॉय दंपत्ति पर आरोप लगाया था कि इन्होंने ‘अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी’ (UPSI) के कब्जे में रहते हुए NDTV के शेयरों का कारोबार किया था। रॉय दंपत्ति ने उन सभी दस्तावेजों, रिकॉर्डों और आंतरिक फाइलों और नोटिंग्स का निरीक्षण करने की भी मांग की है, जिन्हें सेबी ने नोटिस जारी करने के लिए बनाया है।
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टैग्स डॉ. प्रणॉय रॉय एनडीटीवी सेबी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड राधिका रॉय