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तमाम न्यूज पोर्टल्स पर चली PTI की इस खबर को प्रसार भारती ने बताया फेक
‘प्रसार भारती’ के CEO शशि शेखर ने खुद इसका खंडन किया और पीटीआई की इस खबर को फेक न्यूज करार दिया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
तमाम न्यूज वेबसाइट्स पर खबर चलाई गई कि भाकपा सांसद बिनय विश्वम ने केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि प्रसार भारती सरकार द्वारा वित्त पोषित रेडियो और टीवी चैनलों को बंद करने का प्रयास कर रही है। यह खबर वेबसाइट्स पर पीटीआई (PTI) के हवाले से चलाई गई, लेकिन बाद में इस खबर को पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती ने फेक बताया है।
‘प्रसार भारती’ के CEO शशि शेखर ने खुद इसका खंडन किया और पीटीआई की इस खबर को फेक न्यूज करार दिया। उन्होंने कहा कि एक न्यूज संज्ञान में आई है कि पीटाआई ने रिपोर्ट में रेडियो स्टेशन बंद होने का दावा किया है। जोकि फेक है। यह फर्जी खबर है। आकाशवाणी का कोई भी रेडियो स्टेशन न तो केरल में और न ही भारत में कहीं भी बंद किया जा रहा है।
Noticed a news report by PTI claiming "shut down of radio stations". This is fake news. No radio station of @AkashvaniAIR is being shut down either in Kerala or anywhere in India.
— Shashi S शशि शेखर (@shashidigital) November 30, 2020
पीटीआई की ओर से दावा किया गया कि भाकपा सांसद बिनय विश्वम ने केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि प्रसार भारती सरकार द्वारा वित्त पोषित रेडियो और टीवी चैनलों को बंद करने का प्रयास कर रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ऑनलाइन माध्यम इनका विकल्प नहीं हो सकते हैं। पीटीआई की खबर के मुताबिक, विश्वम ने कहा कि यह एक 'गलत' विचार है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी समय आसानी से इंटरनेट का उपयोग कर सकता है।
CPI MP Binoy Viswam writes to Union Information and Broadcasting Minister Prakash Javadekar, accuses Prasar Bharti of making concerted efforts to close down government-financed radio and television channels and says online mediums cannot be substitute for them
— Press Trust of India (@PTI_News) November 30, 2020
इस खबर में आगे बताया गया कि विश्वम ने कहा कि इंटरनेट की उपलब्धता वित्तीय, सामाजिक और भौगोलिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है और इन बाधाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक बेहद महत्वपूर्ण विषय पर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए यह पत्र लिखा है, जिस पर तत्काल आपके हस्तक्षेप की आवश्यकता है। प्रसार भारती सरकार द्वारा वित्त पोषित सूचना माध्यमों के प्रांतीय एवं राष्टीय स्तर के संस्थानों को बंद करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा इसी तरह पहले 2017 में की गई कार्रवाई में 769 टीवी चैनलों को बंद किया गया था।
उनका आरोप था कि सरकार ऐसा मानती है कि अब इन TV और रेडियो चैनलों का संचालन आर्थिक रूप से ठीक नहीं है। वो यहां तक कह बैठे कि नवंबर 18, 2020 को हुई ‘प्रसार भारती’ की एक बैठक में ही इस पर निर्णय लिया गया कि केरल के चैनल्स में काफी मजबूती से कटौती की जाएगी। उन्होंने इन चैनलों के संचालन को मजबूत करने, उचित मात्रा में मानव संसाधन व अन्य संसाधनों को मुहैया कराने की भी अपील की।
हालांकि, ‘प्रसार भारती’ की प्रतिक्रिया के बाद ये स्पष्ट हो गया कि ये आरोप नहीं बल्कि सिर्फ कोरे दावे थे, जिनका सच्चाई से कोई सरोकार था ही नहीं। वहीं इसे पीटीआई ने भी इसे ज्यों का त्यों चला दिया। शशि शेखर ने स्पष्टीकरण के बाद पीटीआई ने दावा किया कि उसने ऐसी कोई खबर चलाई ही नहीं है, बल्कि राज्यसभा सांसद के आरोपों को प्रकाशित किया है।
PTI has not issued any story reporting "shut down of radio stations" of @AkashvaniAIR. A PTI story only says CPI MP Binoy Viswam has written to I&B min, alleging radio stations are being closed. PTI has also carried Prasar Bharati CEO @shashidigital denial & comments on the issue
— Press Trust of India (@PTI_News) November 30, 2020
न्यूज एजेंसी ने कहा कि उसने सीईओ शशि शेखर द्वारा इस खबर को नकारे जाने के बाद उनके स्पष्टीकरण को भी खबर में शामिल किया है। इसके बाद शशि शेखर ने नसीहत दी कि अच्छा होता अगर जल्दबाजी में खबर प्रकाशित करने से पहले पीटीआई ने स्पष्टीकरण ले लिया होता।
Would have appreciated @pti_news seeking a clarification first before rushing to press. Thanks for the edits highlighting the clarification.
— Shashi S शशि शेखर (@shashidigital) December 1, 2020
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि इसी तरह पीटीआई ने जालंधर, भुज और गोरखपुर स्टेशनों को बंद किए जाने की अफवाह फैलाई थी, जबकि इन तीनों ही स्टेशनों से जमीनी, सैटेलाइट और इंटरनेट इन तीनों ही माध्यमों से कार्यक्रम पेश कर रहे हैं।
‘प्रसार भारती’ के सीईओ ने कहा कि ऑल इंडिया रेडियो एक मात्र ऐसा ब्रॉडकास्टर है जो FM, SW, डिजिटल, डीआरएम और इंटरनेट– इन सभी माध्यमों से रेडियो स्टेशनों का संचालन करता है। साथ ही तमाम बाधाओं और चुनौतियों के बावजूद देश के कठिन व दुर्गम इलाकों तक अपनी सेवाएं पहुंचाता है। साथ ही कहा कि तकनीक का इस्तेमाल कर के इसे और सुदृढ़ बनाया जा रहा है। पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जा रही है। इसके लिए डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन का सहारा लिया जा रहा है।
It is the endeavour of the Public Broadcaster to fulfil its mission while optimally leveraging limited resources at its disposal through digitisation, automation and I.T. enablement thus ensuring operational efficiencies, transparency and accountability.
— Shashi S शशि शेखर (@shashidigital) November 30, 2020
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