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NBF ने सूचना प्रसारण मंत्री को लिखा लेटर, उठाया न्यूज रेटिंग्स से जुड़ा ये बड़ा मुद्दा
न्यूज इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दे सुलझाने और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स के हितों की रक्षा के लिए गठित ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ ने केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को एक लेटर लिखा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
न्यूज इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दे सुलझाने और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स के हितों की रक्षा के लिए गठित ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (News Broadcasters Federation) ने केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को एक लेटर लिखा है। इस लेटर में ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ ने लैंडिंग पेज की समस्या के समाधान में ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) के विफल रहने पर निराशा व्यक्त की है।
अपने लेटर में ‘एनबीएफ’ ने लिखा है, ‘व्युअरशिप रेटिंग एजेंसी द्वारा लैंडिंग पेज को व्युअरशिप के रूप में गिने जाने को लेकर चल रही समस्या को सुलझाने में बार्क की नाकामी को देखते हुए हमने आपको ये लेटर लिखा है। इससे फाइनल डाटा में गड़बड़ी हो जाती है। तमाम राष्ट्रीय और प्रादेशिक न्यूज चैनल्स द्वारा कई पत्र लिखे जाने के बावजूद बार्क ने अभी तक इसमें कोई सुधार नहीं किया है।’ इस लेटर में नीचे दिए गए तमाम मुद्दे उठाए गए हैं।
रेटिंग्स में लैंडिंग पेज को शामिल करना सही नहीं है: सरकार मेरिट के आधार पर सभी को समान अवसर (merit-based level playing field) दिए जाने को लेकर कई बार अपनी प्रतिबद्धता जता चुकी है। हालांकि, लैंडिंग पेज को व्युअरशिप के रूप में अनुमति देने से एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा नहीं हो पाती है। व्युअरशिप डाटा में लैंडिग पेज का इस्तेमाल सही नहीं है। यह पूरी तरह से गलत है और यह न्यूज इंडस्ट्री में गलत आचरण को बढ़ावा देती है।
एकाधिकार को बढ़ावा मिलता है और कॉर्पोरेट मीडिया के लिए रास्ता बनता है: लैंडिंग पेजों को व्युअरशिप के रूप में माना जा रहा है, जिसका अर्थ है कि न्यूज मीडिया में एकाधिकार को बढ़ावा मिल रहा है। कुछ चैनल्स द्वारा व्युअरशिप डेटा को कृत्रिम रूप से बढ़ाने के लिए खरीदे गए लैंडिंग पेजों का उपयोग, ज्यादा पैसे वाले चैनल्स को प्रतिस्पर्धी के मुकाबले लाभ देता है। यह काफी चौंकाने वाली बात है कि कुछ न्यूज चैनल्स को लैंडिंग पेजों के कारण देश के केवल दो राज्यों से अपनी 84 प्रतिशत व्युअरशिप मिलती है। ऐसे में अन्य चैनल्स के सामने समस्या होती है।
यह डिजिटलीकरण और पारदर्शिता को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता और आदर्शों के खिलाफ है: एक तरफ जहां सरकार बढ़ते डिजिटलीकरण के बीच एकाधिकार को समाप्त करने और सभी को एक समान अवसर देने की दिशा में काम कर रही है, बार्क द्वारा इस तरह का मैकेनिज्म न्यूज मीडिया को लोकतांत्रिक बनाने के उन सभी प्रयासों के खिलाफ है, जिसमें छोटे बड़े सभी खिलाड़ियों को समान अवसर मिलने के साथ डेटा शेयर में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
प्रेस की लोकतांत्रिक आजादी को नष्ट किया जा रहा है: मीडिया की स्वतंत्रता भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। ऐसे में एकाधिकारवादी प्रथाओं को बढ़ावा देना ऐसे अन्य न्यूज चैनल्स को आगे बढ़ने से रोकना है, जिनके पास ज्यादा मौद्रिक समर्थन नहीं है।
बार्क के पास लैंडिंग पेजों को व्युअरशिप से बाहर करने की शक्ति है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है: पूर्व में बार्क ने अपने रेटिंग डेटा के लिए लैंडिंग पेज से अनफिल्टर्ड आउटलेयर डेटा शामिल किया था, लेकिन बाद में इसे व्युअरशिप से बाहर करने का निर्णय लिया था। इससे साफ है कि बार्क के पास व्युअरशिप की गणना करते समय लैंडिंग पेज डेटा को फिल्टर करने की शक्ति और काबिलियत दोनों हैं, लेकिन अभी वह ऐसा नहीं कर रहा है।
‘एनबीएफ’ ने सूचना प्रसारण मंत्री से मौजूदा समस्या को सुलझाने में BARC की विफलता को देखते हुए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
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