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MIB ने OTT पर दिव्यांगजनों की पहुंच से जुड़ी गाइडलाइंस पर सुझाव देने की बढ़ाई समयसीमा
सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने दिव्यांगजनों, विशेषकर सुनने और देखने में अक्षम व्यक्तियों के लिए डिजिटल कंटेंट को सुलभ बनाने से जुड़ी मसौदा गाइडलाइंस पर सुझाव भेजने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 months ago
सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने दिव्यांगजनों, विशेषकर सुनने और देखने में अक्षम व्यक्तियों के लिए डिजिटल कंटेंट को सुलभ बनाने से जुड़ी मसौदा गाइडलाइंस पर सुझाव भेजने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। अब लोग और स्टेकहोल्डर्स अपने सुझाव 7 नवंबर 2025 तक भेज सकते हैं।
मंत्रालय ने 22 अक्टूबर को जारी नोटिस में कहा कि पहले तय की गई समयसीमा 22 अक्टूबर 2025 थी, लेकिन अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इसे आगे बढ़ाया गया है। इच्छुक व्यक्ति अपने सुझाव Word या PDF फॉर्मेट में digital-media@mib.gov.in पर भेज सकते हैं।
दिव्यांगजनों के लिए डिजिटल कंटेंट को सुलभ बनाने की दिशा में अहम कदम
ये मसौदा गाइडलाइंस 7 अक्टूबर को जारी की गई थीं और इसे एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य है कि OTT प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद मनोरंजन और सूचनात्मक कंटेंट दिव्यांगजनों के लिए भी आसानी से उपलब्ध हो सके। यह कदम भारत के संवैधानिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुरूप है, जो समान अवसर और समावेशिता की गारंटी देते हैं।
कैप्शन, ऑडियो डिस्क्रिप्शन और साइन लैंग्वेज की सुविधा
मसौदे के मुताबिक, OTT प्लेटफॉर्म्स को अपने कंटेंट में ऐसी सुविधाएं जोड़नी होंगी जिससे सुनने या देखने में असमर्थ लोग भी उसे समझ सकें। इनमें क्लोज़्ड और ओपन कैप्शन, ऑडियो डिस्क्रिप्शन, और इंडियन साइन लैंग्वेज (ISL) इंटरप्रिटेशन जैसी विशेषताएं शामिल होंगी।
छह महीने में नए कंटेंट पर और दो साल में पुराने कंटेंट पर लागू होगा नियम
एक बार गाइडलाइंस लागू हो जाने के बाद, OTT प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि नया अपलोड किया गया हर कंटेंट छह महीने के भीतर कम से कम एक एक्सेसिबिलिटी फीचर के साथ उपलब्ध हो। वहीं, पुराना कंटेंट 24 महीनों (दो साल) के भीतर पूरी तरह सुलभ बनाया जाना होगा।
निगरानी समिति रखेगी अमल पर नजर
इस गाइडलाइन को सही तरीके से लागू कराने के लिए मंत्रालय एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाएगा, जिसकी अध्यक्षता जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी करेंगे। यह समिति हर तीन महीने में समीक्षा बैठक करेगी, प्रगति रिपोर्ट देखेगी, शिकायतें सुनेगी और जरूरी निर्देश जारी करेगी।
OTT प्लेटफॉर्म्स ने कहा– सराहनीय पहल, पर छोटे प्लेटफॉर्म्स के लिए चुनौती
OTT इंडस्ट्री ने मंत्रालय की इस पहल का स्वागत किया है। कई प्लेटफॉर्म्स ने कहा कि यह मसौदा “महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी” है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार, OTT कंपनियों और एक्सेसिबिलिटी एक्सपर्ट्स के बीच करीबी सहयोग जरूरी होगा। छोटे प्लेटफॉर्म्स के लिए तकनीकी और वित्तीय तैयारी करना एक बड़ी चुनौती होगी।
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