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जानिए, संकट के इस दौर का ABP न्यूज किस तरह से कर रहा है सामना
देश में कोरोनावायरस (COVID-19) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन ने देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
देश में कोरोनावायरस (COVID-19) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन ने देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। ऐसे में तमाम इंडस्ट्री पर आर्थिक संकट मंडराने लगा है। मीडिया इंडस्ट्री भी लॉकडाउन के असर से अछूती नहीं रही। लॉकडाउन के दौरान टीवी की व्युअरशिप बढ़ने के बावजूद विज्ञापनों की संख्या घट रही है। प्रिंट का सर्कुलेशन भी काफी प्रभावित हुआ है। इस दौरान तमाम प्रिंट मीडिया संस्थानों ने डिजिटल पर अपना फोकस बढ़ाया है। समाचार4मीडिया ने एबीपी न्यूज नेटवर्क से कुछ सवालों के जरिए ये जानने की कोशिश की है कि उनका हिंदी डिजिटल ऐसी मुश्किल घड़ी में अपने आपको कहां देखता है। एबीपी न्यूज नेटवर्क के स्पोक्सपर्सन की ओर से जो जवाब मिले हैं, वे आप नीचे पढ़ सकते हैं-
कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान टीवी की व्युअरशिप काफी बढ़ी है, ऐसे में डिजिटल में एबीपी न्यूज अपने आपको कहां देखता है?
इसमें कोई संदेह नहीं कि घर में बंद भारतीयों का रुझान अब डिजिटल स्पैक्ट्रम की ओर बढ़ रहा है, जो अब पहले से कहीं अधिक कंटेंट देख रहे हैं। टीवी व्युअरशिप की बात करें, तो इसमें जबरदस्त उछाल आया है। वास्तव में हमारे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपभोक्ताओं की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। एबीपी लाइव, इस अवधि के दौरान सबसे ज्यादा विजिट किया जाने वाला न्यूज प्लेटफॉर्म बन चुका है, जिसे करोड़ों इम्प्रैशन्स मिल रहे हैं। मार्च 2020 में +46% यूजर्स और +138% कुल वीडियो व्यूज के साथ जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसी माह में एएनएन के फेसबुक एंगेजमेन्ट में भी 6.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
इसके अलावा हमारे रीजनल चैनल्स भी दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ रहे हैं, एबीपी आनंदा के यूट्यूब चैनल को एक दिन में 6.2 मिलियन व्यूज मिले हैं (20 मई 2020) (स्रोतः यूट्यूब एनालिटिक्स)
इस मुश्किल समय के बीच उपभोक्ताओं तक सर्वश्रेष्ठ कंटेंट उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता के साथ हम अग्रणी स्थिति पर आ गए हैं, हमें गर्व है कि हम दर्शकों के लिए न्यूज का सबसे पसंदीदा गंतव्य बन चुके हैं, फिर चाहे माध्यम कोई भी हो।
टीवी और प्रिंट में विज्ञापन लगातार घटता जा रहा है, सरकार से इस दिशा में कदम उठाने की मांग हो रही है, डिजिटल पर विज्ञापन की क्या स्थिति है, इस बारे में कुछ बताएं?
टेलीविजन हमेशा से उपभोक्ताओं की पहली पसंद रहा है और विज्ञापनदाताओं के निवेश के लिए प्रमुख माध्यम बना रहेगा, क्योंकि इसका स्केल और ब्रैंड-बिल्डिंग क्षमता हमेशा अधिक होते हैं। टीवी के दर्शकों की संख्या हमेशा सबसे ज्यादा होती है। हालांकि कोविड-19 के चलते आर्थिक दबाव के बीच, कई ब्रैंड्स अपनी विज्ञापन योजनाओं में बदलाव ला रहे हैं। भविष्य को लेकर अनिश्चितता और मंदी के डर से वे अपने खर्च को कम कर रहे हैं। इन ब्रैंड्स को हम यही सुझाव देंगे कि पूरी रणनीति के साथ निवेश करें और उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करते हुए सही संदेशों के साथ इस मुश्किल समय में अपने ब्रैंड के मूल्यों को बनाए रखें।
वहीं दूसरी ओर, लॉकडाउन की मुश्किलों के चलते अभी प्रिंट की गति धीमी है, इसे फिर से सामान्य अवस्था में आने में समय लगेगा, क्योंकि इसे ब्रॉडकास्ट मीडिया का सबसे विश्वसनीय स्रोत माना जाता है और डिजिटल की बात करें तो यह विज्ञापनदाताओं के लिए निवेश का मुख्य क्षेत्र बन गया है, क्योंकि इस माध्यम की पहुंच उल्लेखनीय है।
इस संकटकाल में एबीपी न्यूज नेटवर्क की टीम किस तरह की स्ट्रैटेजी बनाकर काम कर रही है, इस बारे में कुछ बताएं?
महामारी के चलते कई चुनौतियों के बावजूद, एबीपी न्यूज नेटवर्क ने कारोबार की निरंतरता बनाए रखने के लिए कुछ व्यापक प्रोटोकॉल्स तय किए हैं, जो अपने पूरे पैमाने के साथ सभी कंटेंट सर्विसेज के सुगम संचालन को सुनिश्चित कर रहे हैं। हमारे कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सभी ज़रूरी ऐहतियात बरते जा रहे हैं, जैसे ऑफिस को नियमित रूप से सैनिटाइज करना, व्यक्तिगत बैठकों के बजाय वीडियो कॉन्फ्रैंन्सिंग, ई-इनवॉयसिंग, पीओ एवं इनवॉयस का समय पर क्लोजर तथा वर्क फ्रॉम होम आदि। सभी रिपोर्टर्स को पीपीई किट्स दिए गए हैं और उनके आने-जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली वैन्स को भी नियमित रूप से सैनिटाइज किया जाता है।
इसके अलावा, ‘लाइव बुलेटिन फ्रॉम होम’ जैसे प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि एंकर सुरक्षित स्पेस में रहकर अपना काम सुचारू रूप से कर सकें। शुरुआत से ही, हमारी आकस्मिक योजनाएं बेहद मजबूत रहीं हैं, जिससे हम अपने काम को बिना किसी मुश्किलों के पूरा करते आए हैं। हम इसी प्रतिबद्धता के साथ देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाते रहेंगे।
फेक न्यूज का मुद्दा इन दिनों काफी गरमा रहा है। खासकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फेक न्यूज की ज्यादा आशंका रहती है, एबीपी न्यूज नेटवर्क फेक न्यूज को रोकने में किस प्रकार की भूमिका निभा रहा है?
मीडिया से जुड़े अधिकांश लोग जानकारी की मात्रा को लेकर कभी सतर्क नहीं रहे हैं, जिसके चलते ऑनलाइन स्पेस सक्रंमित होता रहा है। कोरोना महामारी के बीच चारों ओर गलत जानकारी और अफवाहों की भरमार रही है। हालांकि इसी वजह से लोग प्राथमिक स्रोतों और खबरों के पारम्परिक माध्यमों की ओर रुख कर रहे हैं, जो सोशल मीडिया के इस दौर में अधिक भरोसेमंद माध्यम हैं।
पारम्परिक माध्यम, खासतौर पर टीवी पर आने वाली खबरें, इस संकट के दौर में जानकारी का सबसे भरोसेमंद एवं अधिकृत स्रोत रही हैं। इस दौर में लोगों को स्वास्थ्य एवं हाइजीन के बारे में सतर्क करना, हमारा उल्लेखनीय प्रयास रहा है। एबीपी न्यूज नेटवर्क में, हम विशेष अभियानों जैसे ‘कोरोना को धोना’ और प्रोग्राम जैसे ‘सच्चाई का सेंसेक्स’ के माध्यम से लोगों को जागरुक बनाते रहे हैं, इन अभियानों के जरिए हमने दर्शकों को डर से बचने और जिम्मेदारानापूर्ण व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया। अनूठी डिजिटल पहल ‘एबीपी अनकट’ के माध्यम से हमारे एंकर्स ने संकट के इस दौर में जागरुकता, स्वास्थ्य एवं इम्युनिटी से जुड़े कई वीडियो बनाए हैं।
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