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पीटीआई के समर्थन में उतरे कई पत्रकार संगठन, कही ये बात
प्रसार भारती द्वारा न्यूज एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ पर लगाए गए आरोपों और उसकी सेवाएं लेना बंद करने संबंधी ‘धमकी’ दिए जाने की तमाम पत्रकार संगठनों ने निंदा की है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
प्रसार भारती (Prasar Bharati) द्वारा न्यूज एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ (PTI) पर लगाए गए आरोपों और उसकी सेवाएं लेना बंद करने संबंधी ‘धमकी’ दिए जाने की महिला पत्रकारों के संगठन ‘इंडियन वुमेंस प्रेस कॉर्प्स’ (Indian Women’s Press Corps) और प्रेस एसोसिएशन ने कड़ी निंदा की है।
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इन संगठनों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पीटीआई ने चीन के राजदूत का इंटरव्यू कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। ‘इंडियन वुमेंस प्रेस कॉर्प्स’ और प्रेस एसोसिएशन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह विडंबना ही है कि इमरजेंसी की 45वीं बरसी के घंटों के भीतर पीटीआई जैसी संस्था को निशाना बनाया जा रहा है। पीटीआई की न्यूज कवरेज को ‘राष्ट्रहित विरोधी’ बताए जाने को लेकर दोनों संगठनों की ओर से जारी इस बयान में कहा गया है,’ऐसा लगता है कि प्रशासन इस बात को समझ पाने में नाकाम रहा है कि स्वतंत्र, वस्तुपरक और निष्पक्ष मीडिया लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है।’
By describing PTI's "recent news coverage" as being detrimental to "national interest and undermining India's territorial integrity”, it seems the authorities have failed to appreciate the meaning of a free, objective and unbiased media.#StandwithPTI pic.twitter.com/MT5aZ2WrSw
— Indian Women’s Press Corps (@iwpcdelhi) June 28, 2020
वहीं, ‘इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन’ (IJU) ने प्रसार भारती की इस धमकी की निंदा करते हुए कहा, ‘यह प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला और न्यूज एजेंसी को ब्लैकमेल करने की कोशिश है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।’ ‘इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन’ की ओर से यह भी कहा गया है कि पीटीआई द्वारा किए गए इंटरव्यू विश्वसनीय, संतुलित और पत्रकारिता के मानदंडों के अनुरूप थे।’ यूनियन ने प्रेस काउंसिल के चेयरमैन जस्टिस सीके प्रसाद से इस मामले में स्व:संज्ञान लेने की गुजारिश की है।
The IJU is shocked to learn about the threat of subscription cancellation issued by Prasar Bharati to the PTI, terming the PTI's coverage of the China-India stands off as against national interest. It shows that the government wants to make d national news agency its hand maid!
— Indian Journalists Union (@iju_india) June 28, 2020
गौरतलब है कि इससे पहले ‘प्रसार भारती’ ने ‘पीटीआई’ को चेतावनी दी थी कि वो उसकी सेवाएं लेना बंद कर सकता है, क्योंकि प्रसार भारती के मुताबिक पीटीआई ‘राष्ट्रीय हितों के अनुरूप काम नहीं कर रही है।’ बता दें कि पिछले दिनों समाचार एजेंसी पीटीआई ने लद्दाख में भारत-चीन के बीच चल रहे तनाव के सिलसिले में भारत में चीन के राजदूत का इंटरव्यू किया था। इस इंटरव्यू को प्रसार भारती ने ‘राष्ट्रहित के खिलाफ’ बताया था।
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