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'2030 तक 100 बिलियन डॉलर की हो सकती है मीडिया-एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री'
‘फिक्की फ्रेम्स 2020’ में ‘गूगल इंडिया’ के कंट्री मैनेजर और वाइस प्रेजिडेंट संजय गुप्ता का कहना है कि सरकार की ओर से थोड़ा सा सपोर्ट इंडस्ट्री को तेजी से रिकवर करने में मदद कर सकता है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
कोरोनावायरस (कोविड-19) ने पिछले चार महीनों के दौरान पूरी दुनिया को बदलकर रख दिया है। तमाम अन्य सेक्टर्स की तरह मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री (M&E Industry) पर भी इसका काफी असर पड़ा है। ‘फिक्की फ्रेम्स 2020’ (FICCI FRAMES 2020) में ‘गूगल इंडिया’ (Google India) के कंट्री मैनेजर और वाइस प्रेजिडेंट संजय गुप्ता का कहना है कि यह समय आगे बढ़ने और इंडस्ट्री को पुराने रूप में वापस लाने का है।
‘फिक्की मीडिया एंड एंटरटेनमेंट कमेटी’ (FICCI Media and Entertainment Committee,) के चेयरमैन संजय गुप्ता का यह भी कहना है कि सरकार की ओर से थोड़ा सा सपोर्ट इंडस्ट्री को तेजी से रिकवर करने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि समिति जल्द ही ‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) को इस बारे में अपनी सिफारिशें भेजेगी। गुप्ता के अनुसार, ‘देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए हम सरकार के साथ मिलकर पूरी क्षमता से काम करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारा मानना है कि वर्ष 2030 तक हम 100 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री बन सकते हैं।’
गुप्ता ने बताया कि करों के ढांचे को सरल बनाने, इंडस्ट्री के इंफ्रॉस्ट्रक्चर पर ध्यान देने और फिल्म्स और गेम्स के एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा देने जैसी पहल के द्वारा कंपनियां दीर्घकालिक विकास के अवसर को ध्यान में रखते हुए इसमें निवेश कर सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘अल्पावधि में, हमें कुछ नीतिगत निर्णयों में तेजी लाने की आवश्यकता है जो इस सेक्टर को रिकवरी में मदद कर सकते हैं। हमें डीटीएच और रेडियो पर टैक्स के बोझ जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने की जरूरत है। इसके अलावा हम थियेटर्स को स्पोर्ट्स एक्टिवटीज अथवा एजुकेशनल एक्टिविटीज दिखाने के लिए इस्तेमाल करने के बारे में भी विचार कर सकते हैं।
हम एडवर्टाइजिंग प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज के लिए सीएसआर धन का उपयोग करने के बारे में भी सोच सकते हैं, जो इस समय सोसायटी के लिए फायदेमंद है। मेरा मानना है कि इससे नकद लाभ नहीं होगा, लेकिन इससे इंडस्ट्री को अपने पुराने रूप में आने में काफी मदद मिलेगी।’
गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2019 में मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का रेवेन्यू 20 बिलियन डॉलर हो गया था और इंडस्ट्री के रेवेन्यू में डिजिटल मीडिया का शेयर करीब 20 प्रतिशत था। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार रूप से मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर ने वर्ष 2019 में करीब पांच मिलियन लोगों को रोजगार दिया है। हालांकि पिछले चार महीनों के दौरान दुनिया काफी बदल चुकी है और इंडस्ट्री काफी मुश्किल दौर का सामना कर रही है।
इसके साथ ही इन कठिनाइयों के बारे में गुप्ता का कहना है, ‘इस दौरान मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर काफी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। स्टूडियो अब दोबारा से खुलना शुरू हो रहे हैं. जबकि सिनेमा हॉल्स अभी भी बंद पड़े हैं और कुछ समय तक ऐसा ही रहेगा। तमाम लोगों के घरों तक अखबार नहीं पहुंच पा रहा है और इस इंडस्ट्री की लाइफलाइन एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू पिछले कुछ महीनों में काफी घट गया है। यदि पूरे 2020 की बात करें तो यह सेक्टर सिकुड़कर 15 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे भी बड़ी चुनौती नौकरियों पर प्रभाव और इससे प्रभावित लोगों की आजीविका है।’
अनुमान लगाया जा रहा है कि इंडस्ट्री में करीब 20 प्रतिशत लोगों की नौकरी पर तलवार चल सकती है और तमाम लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं। इस महामारी ने पूरी दुनिया को व्यापार, एक-दूसरे पर निर्भरता और आर्थिक सुधार के बारे में बातचीत करने के लिए बाध्य किया है। इस समय इंडस्ट्री और सरकार को मिलकर काम करने की जरूरत है।
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