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पहलगाम आतंकी हमले की रिपोर्टिंग पर आयरलैंड के अखबार को भारतीय राजदूत का करारा जवाब
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले को लेकर The Irish Times के संपादकीय पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर भारत और आयरलैंड के प्रतिष्ठित अखबार The Irish Times के बीच एक कूटनीतिक व वैचारिक बहस छिड़ गई है। जहां अखबार ने 28 अप्रैल को अपने संपादकीय में भारत की प्रतिक्रिया को ‘उत्तेजक’ करार देते हुए संयम बरतने की सलाह दी, वहीं डबलिन स्थित भारतीय दूतावास ने इसे “आतंकियों को ढाल देने वाला रवैया” बताया है।
Irish Times ने भारत पर लगाया ‘आक्रामक प्रतिक्रिया’ का आरोप
संपादकीय में कहा गया कि पहलगाम में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या के बाद भारत द्वारा “सख्त जवाब” देने की तैयारी एक और बड़े संघर्ष की आशंका को जन्म देती है। अखबार ने लिखा कि भारत की सेना ने कश्मीर में “क्लैम्पडाउन” शुरू कर दिया है, लेकिन पाकिस्तान ने जिम्मेदारी से इनकार किया है और अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।
संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर “राष्ट्रवाद के नाम पर तलवारें खनखनाने” यानी युद्ध जैसी सख्त कार्रवाई की धमकी देने का आरोप लगाया है। साथ ही, 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर भी अखबार ने चिंता जताई और कहा कि इससे मुस्लिम बहुल राज्य की स्वायत्तता खत्म हुई है।
भारतीय राजदूत का दो टूक जवाब— “यह हमला नृशंस और योजनाबद्ध नरसंहार था”
5 मई को प्रकाशित अपने पत्र में आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा ने The Irish Times के लेख को “तथ्यहीन, पक्षपाती और आतंकी हमले की भयावहता को कमतर करने वाला” बताया। उन्होंने साफ किया कि यह कोई सामान्य हिंसा नहीं, बल्कि धार्मिक पहचान के आधार पर हिंदू तीर्थयात्रियों को निशाना बनाकर किया गया “पूर्वनियोजित नरसंहार” था।
राजदूत ने इस बात पर भी जोर दिया कि हमले की शैली और पैटर्न पाकिस्तान के आतंकी ढांचे की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने पाकिस्तान सेना प्रमुख के हालिया “दो-राष्ट्र सिद्धांत” वाले भाषण को इस सोच का प्रतिबिंब बताया।
“The Irish Times ने UN की मुख्य बातों को नजरअंदाज किया”
अखिलेश मिश्रा ने अखबार पर आरोप लगाया कि उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उस सख्त निंदा को अपने संपादकीय में जगह नहीं दी, जिसमें हमले के “आयोजकों, फाइनेंसरों और समर्थकों” को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की गई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि The Irish Times का भारत की चुनी हुई सरकार की तुलना पाकिस्तान से करना “शर्मनाक” है, जो दशकों से वैश्विक आतंकवाद का गढ़ रहा है और ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकियों को शरण दे चुका है।
जम्मू-कश्मीर में हो चुका है लोकतांत्रिक चुनाव
पत्र में मिश्रा ने यह भी रेखांकित किया कि 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास, पर्यटन और विदेशी निवेश में वृद्धि हुई है। हाल ही में 2024 में वहां 63.9% मतदान के साथ लोकतांत्रिक चुनाव संपन्न हुआ है, जो लोगों के भरोसे और सामान्य स्थिति की ओर लौटने का संकेत है।
पूरा भारत हमले के खिलाफ एकजुट
राजदूत ने यह भी कहा कि इस हमले के बाद भारत में “अभूतपूर्व एकता” देखने को मिली है। सरकार, विपक्ष, मुस्लिम समुदाय और सिविल सोसाइटी सभी आतंक के खिलाफ एक स्वर में बोल रहे हैं। उन्होंने इसे एक “विविधता भरे देश में दुर्लभ लेकिन प्रेरणादायक एकजुटता” बताया।
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