मुंबई में शुक्रवार, 24 जुलाई को exchange4media Group ने इंडियन डिजिटल मार्केटिंग अवॉर्ड्स (IDMA) के 17वें संस्करण का शानदार आयोजन किया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मुंबई में शुक्रवार, 24 जुलाई को exchange4media Group ने इंडियन डिजिटल मार्केटिंग अवॉर्ड्स (IDMA) के 17वें संस्करण का शानदार आयोजन किया। इस खास समारोह में डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में बेहतरीन काम करने वाले ब्रांड्स और एजेंसियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में इंडस्ट्री के कई बड़े बिजनेस लीडर्स, मार्केटिंग एक्सपर्ट्स और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स मौजूद रहे।
इस साल के अवॉर्ड्स में UltraTech और Wavemaker India सबसे बड़े विजेता बनकर उभरे। UltraTech को 'Best Digital and Social Media Advertiser of the Year' का खिताब मिला, जबकि Wavemaker India ने 'Best Digital, Social Media & Mobile Media Agency of the Year' का सम्मान अपने नाम किया।
यदि मेडल की बात करें तो UltraTech ने कुल 13 मेडल जीते। इनमें 5 गोल्ड, 4 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल हैं। वहीं, Wavemaker India ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 45 मेडल हासिल किए, जिनमें 15 गोल्ड, 21 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
अन्य प्रमुख विजेताओं में Mindshare India ने 24 मेडल अपने नाम किए, जिनमें 10 गोल्ड, 7 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज शामिल हैं। Amazon Ads ने भी 24 मेडल जीते, जिनमें 10 गोल्ड, 9 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल रहे। वहीं, Mondelez (Cadbury) ने 12 मेडल हासिल किए, जिनमें 5 गोल्ड, 2 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
इस साल IDMA की जूरी की कमान Marico Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सौगत गुप्ता ने संभाली। वहीं, BW बिजनेसवर्ल्ड और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा को-चेयर रहे। जूरी में इंडस्ट्री के कई अनुभवी विशेषज्ञ और सीनियर प्रोफेशनल्स शामिल थे।
IDMA का उद्देश्य डिजिटल मार्केटिंग में उत्कृष्टता, नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। यह पुरस्कार उन अभियानों को सम्मानित करता है, जिन्होंने अपने प्रभावशाली कंटेंट, नई सोच और बेहतर परिणामों के जरिए डिजिटल मीडिया में अलग पहचान बनाई है। साथ ही यह मंच ब्रांड्स और एजेंसियों के उल्लेखनीय योगदान को भी सम्मान देता है।
IDMA 2026 के सभी विजेताओं की पूरी सूची यहां देखें-
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कॉपीराइट को लेकर चल रही भारत की सबसे चर्चित कानूनी लड़ाई में फिलहाल OpenAI को बड़ी राहत मिली है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कॉपीराइट को लेकर चल रही भारत की सबसे चर्चित कानूनी लड़ाई में फिलहाल OpenAI को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने समाचार एजेंसी ANI की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने ChatGPT को ट्रेनिंग देने के लिए अपने प्रकाशित समाचारों के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाने की अपील की थी।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायमूर्ति अमित बंसल ने शुक्रवार को दिए अंतरिम आदेश में कहा कि किसी बड़े भाषा मॉडल (LLM) को ट्रेन करने के लिए प्रकाशित सामग्री को स्टोर करना, पहली नजर में कॉपीराइट कानून का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि यह कॉपीराइट एक्ट की धारा 52(1)(a) के तहत 'फेयर डीलिंग' के दायरे में आता है।
कोर्ट ने यह भी माना कि ChatGPT द्वारा दिए गए जवाब ANI की मूल खबरों की हूबहू नकल नहीं हैं। अदालत के अनुसार, ANI यह साबित नहीं कर सकी कि ChatGPT ने उसकी कॉपीराइट सामग्री को याद करके या सीधे दोहराकर जवाब दिए हैं।
इसी आधार पर हाई कोर्ट ने फिलहाल OpenAI को ANI की प्रकाशित सामग्री के इस्तेमाल से रोकने से इनकार कर दिया।
अदालत ने यह भी कहा कि यदि इस स्तर पर OpenAI के खिलाफ अंतरिम रोक लगाई जाती है, तो इससे न केवल कंपनी को बल्कि व्यापक जनहित को भी नुकसान हो सकता है। कोर्ट के मुताबिक, ANI पहली नजर में अपना मामला मजबूत तरीके से साबित नहीं कर सकी और अंतरिम राहत देने के पक्ष में परिस्थितियां भी नहीं थीं।
गौरतलब है कि ANI ने वर्ष 2024 में OpenAI के खिलाफ यह मुकदमा दायर किया था। यह AI और कॉपीराइट को लेकर किसी भारतीय मीडिया संस्थान द्वारा दायर किया गया पहला बड़ा मामला है। ANI का आरोप था कि OpenAI ने उसकी प्रकाशित खबरों का बिना अनुमति इस्तेमाल कर ChatGPT को ट्रेन किया और उसका संचालन किया। एजेंसी ने अदालत से OpenAI को ऐसा करने से रोकने की मांग की थी।
ANI का कहना था कि किसी खबर का सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होना यह अधिकार नहीं देता कि उसे AI मॉडल की ट्रेनिंग के लिए कॉपी या स्टोर किया जाए।
वहीं, OpenAI ने अदालत में दलील दी कि समाचारों में मौजूद तथ्यों पर किसी का कॉपीराइट नहीं हो सकता। कंपनी ने यह भी कहा कि यदि कोई प्रकाशक नहीं चाहता कि उसकी सामग्री AI सिस्टम तक पहुंचे, तो वह अपनी वेबसाइट को OpenAI की ब्लॉकलिस्ट में शामिल करा सकता है।
नवंबर 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में कई अहम कानूनी सवाल तय किए थे। इनमें यह शामिल था कि क्या AI ट्रेनिंग के लिए सामग्री स्टोर करना कॉपीराइट का उल्लंघन है, क्या ChatGPT के जवाब कॉपीराइट का हनन करते हैं, क्या यह 'फेयर डीलिंग' के दायरे में आता है और क्या OpenAI के सर्वर अमेरिका में होने के बावजूद भारतीय अदालतों को इस मामले की सुनवाई का अधिकार है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने वरिष्ठ अधिवक्ता आदर्श रामानुजन और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. अरुल जॉर्ज स्कारिया को एमिकस क्यूरी (अदालत के सहयोगी) भी नियुक्त किया था।
कई दौर की सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 27 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को सुनाया गया यह आदेश मामले का अंतिम फैसला नहीं है, लेकिन इसे OpenAI के लिए शुरुआती दौर की बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है। साथ ही, यह मामला भारत में AI और कॉपीराइट कानून से जुड़े भविष्य के कई महत्वपूर्ण फैसलों की दिशा भी तय कर सकता है।
सरकार ने राज्यसभा में बताया कि 'Television Rating Policy 2026' के तहत अब तक किसी टीवी रेटिंग एजेंसी का पंजीकरण नहीं हुआ है और नई व्यवस्था में एजेंसियों की संख्या पर कोई सीमा नहीं है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) में बताया कि टेलीविजन रेटिंग पॉलिसी 2026 (Television Rating Policy, 2026) के तहत अब तक किसी भी टेलीविजन रेटिंग एजेंसी (Television Ratings Agency) का पंजीकरण नहीं हुआ है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि नई नीति के तहत टीवी ऑडियंस मापन सेवाएं देने वाली एजेंसियों की संख्या पर कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री (Minister of State for Information and Broadcasting) डॉ. एल. मुरुगन (Dr. L. Murugan) ने राज्यसभा सांसद (Rajya Sabha MP) डॉ. जॉन ब्रिटास (Dr. John Brittas) के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत में टीवी ऑडियंस मापन का कार्य करने वाली प्रत्येक संस्था को Television Rating Policy, 2026 के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
सरकार के अनुसार, नई नीति ने 2014 की टीवी रेटिंग एजेंसियों संबंधी गाइडलाइंस (TV Rating Agencies Guidelines, 2014) का स्थान लिया है। इसके तहत न्यूनतम नेटवर्थ (Net Worth) की सीमा 20 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है।
साथ ही टीवी मापन पैनल (Television Measurement Panel) को 50,000 से बढ़ाकर 80,000 मीटर्ड घरों तक विस्तारित किया गया है तथा कनेक्टेड टीवी (Connected TV) और ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध टीवी चैनलों की ऑडियंस मापने के लिए तकनीक-निरपेक्ष व्यवस्था अपनाई गई है।
नई नीति में हर तीन वर्ष में एस्टैब्लिशमेंट सर्वे (Establishment Survey), लैंडिंग पेज (Landing Page) व्यूअरशिप को रेटिंग से बाहर रखने, वार्षिक स्वतंत्र ऑडिट (Independent Audit), क्रॉस-होल्डिंग (Cross-holding) पर प्रतिबंध, बोर्ड में कम-से-कम एक-तिहाई स्वतंत्र निदेशकों (Independent Directors) की अनिवार्यता और हितों के टकराव से बचने के लिए कड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
फिलहाल ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया (Broadcast Audience Research Council India-BARC) देश की एकमात्र टीवी ऑडियंस मापन संस्था है। नई नीति के लागू होने के बाद मौजूदा और नई एजेंसियों को संशोधित पात्रता और गवर्नेंस मानकों का पालन करना होगा।
वैश्विक मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी Paramount Skydance Corporation ने अपने शेयरधारकों के लिए तिमाही नकद डिविडेंड (Quarterly Cash Dividend) का ऐलान किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ग्लोबल मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी Paramount Skydance Corporation ने अपने शेयरधारकों के लिए तिमाही नकद डिविडेंड (Quarterly Cash Dividend) का ऐलान किया है। कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 21 जुलाई 2026 को हुई बैठक में क्लास A और क्लास B के प्रत्येक शेयर पर 0.05 डॉलर (5 सेंट) का डिविडेंड देने को मंजूरी दी।
कंपनी के मुताबिक, यह डिविडेंड 1 अक्टूबर 2026 को उन निवेशकों को दिया जाएगा, जिनका नाम 15 सितंबर 2026 तक कंपनी के रिकॉर्ड में शेयरधारक के रूप में दर्ज होगा।
डिविडेंड से जुड़ी अहम जानकारी
मीडिया और मनोरंजन की बड़ी कंपनी
Paramount Skydance Corporation दुनिया की प्रमुख मीडिया और मनोरंजन कंपनियों में शामिल है। कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों में फैला है- स्टूडियोज (Studios), डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (Direct-to-Consumer) और टीवी मीडिया (TV Media)।
इसके पोर्टफोलियो में Paramount Pictures, CBS, Nickelodeon, MTV और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Paramount+ जैसे लोकप्रिय ब्रैंड शामिल हैं।
कंपनी का कहना है कि तिमाही डिविडेंड की यह घोषणा शेयरधारकों को नियमित रिटर्न देने की उसकी नीति का हिस्सा है। इससे निवेशकों को उनके निवेश पर नकद लाभ मिलेगा।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) ने नई दिल्ली में चल रहे युवा प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों पर हुए हमलों और हिंसा की कड़ी निंदा की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) ने नई दिल्ली में चल रहे युवा प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों पर हुए हमलों और हिंसा की कड़ी निंदा की है। प्रेस क्लब ने कहा है कि हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें प्रदर्शन स्थल के आसपास मौजूद लोगों के साथ-साथ पुलिस और सुरक्षा बलों की ओर से भी पत्रकारों के साथ हिंसा की गई।
प्रेस क्लब ने अपने बयान में कहा कि कई पत्रकारों का दावा है कि उन्होंने अपना प्रेस आईडी कार्ड दिखाने के बावजूद उन्हें नहीं बख्शा गया। क्लब के मुताबिक, ऐसी घटनाएं प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और पत्रकारों के लिए सुरक्षित माहौल में अपना काम करना मुश्किल बना देती हैं।
प्रेस क्लब ने विशेष रूप से 'आउटलुक मैगजीन' की उस रिपोर्ट पर चिंता जताई है, जिसमें दावा किया गया है कि उसके एक पत्रकार पर पैलेट गन जैसी दिखने वाली हथियार से फायर किया गया, जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आई। इसके अलावा, पैलेट जैसी चोट लगने के कम से कम तीन और मामलों की भी जानकारी सामने आई है।
क्लब ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने ऐसे हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया है। ऐसे में अन्य सुरक्षा एजेंसियों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उन्होंने इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया था। साथ ही यह भी जवाब देना चाहिए कि आखिर एक पत्रकार इस तरह कैसे घायल हुआ।
प्रेस क्लब ने मीडिया संस्थानों से भी जिम्मेदार पत्रकारिता की अपील की है। बयान में कहा गया है कि पक्षपातपूर्ण और सनसनीखेज रिपोर्टिंग हालात को और बिगाड़ सकती है। संपादकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी रिपोर्टिंग किसी तनावपूर्ण स्थिति को और अधिक भड़काने वाली न हो। साथ ही उन्हें यह भी समझना होगा कि ऐसी रिपोर्टिंग उनके अपने फील्ड रिपोर्टरों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है।
बयान में यह भी कहा गया है कि जंतर-मंतर और उसके आसपास लगातार चौथे दिन मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद रहने से पत्रकारों को अपने सहयोगियों से संपर्क बनाए रखने, खबरें भेजने और समय पर काम करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने पुलिस, सुरक्षा बलों और प्रदर्शन में शामिल लोगों से अपील की है कि वे कवरेज कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसके साथ ही क्लब ने सरकार से जंतर-मंतर क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं जल्द बहाल करने की भी मांग की है, ताकि मीडिया अपने काम को बिना किसी बाधा के पूरा कर सके।
टाटा कम्युनिकेशंस ने नरोत्तम शर्मा (Narottam Sharma) को Chief Transformation Officer नियुक्त किया है, जो कंपनी की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन रणनीति का नेतृत्व करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टाटा कम्युनिकेशंस (Tata Communications) ने नरोत्तम शर्मा (Narottam Sharma) को मुख्य परिवर्तन अधिकारी (Chief Transformation Officer-CTO) नियुक्त करने की घोषणा की है। वह सितंबर 2026 से नई जिम्मेदारी संभालेंगे और कंपनी की ग्लोबल मैनेजमेंट कमेटी (Global Management Committee) का हिस्सा होंगे।
नरोत्तम शर्मा (Narottam Sharma) को एंटरप्राइज डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Enterprise Digital Transformation), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) आधारित ऑपरेटिंग मॉडल, बड़े पैमाने पर प्रोसेस री-इंजीनियरिंग (Process Reengineering) और टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन का दो दशकों से अधिक का अनुभव है।
वह जुबिलेंट फूडवर्क्स (Jubilant FoodWorks) से टाटा कम्युनिकेशंस (Tata Communications) में शामिल हो रहे हैं, जहां वह मुख्य सूचना अधिकारी (Chief Information Officer-CIO) के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह मास्टेक (Mastek) में वरिष्ठ ट्रांसफॉर्मेशन लीडरशिप भूमिका निभा चुके हैं और स्टरलाइट (Sterlite) में हेड टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन (Head Technology Transformation) के पद पर भी कार्य कर चुके हैं।
टाटा कम्युनिकेशंस (Tata Communications) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Managing Director & CEO) गणेश लक्ष्मीनारायणन (Ganesh Lakshminarayanan) ने कहा कि नरोत्तम शर्मा का बड़े स्तर के परिवर्तन कार्यक्रमों का अनुभव कंपनी की अगली विकास यात्रा और नवाचार को गति देगा।
सनोफी इंडिया (Sanofi India) के CFO रशीद अयारी (Rachid Ayari) 30 सितंबर 2026 से पद छोड़ेंगे और Sanofi Group में नई जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि कंपनी नए CFO की तलाश कर रही है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सनोफी इंडिया (Sanofi India) ने नियामकीय फाइलिंग (Regulatory Filing) में जानकारी दी है कि रशीद अयारी (Rachid Ayari) 30 सितंबर 2026 को कारोबार समाप्त होने के बाद व्होल-टाइम डायरेक्टर (Whole-time Director), मुख्य वित्तीय अधिकारी (Chief Financial Officer-CFO) और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक (Key Managerial Personnel-KMP) के पद से इस्तीफा दे देंगे।
कंपनी के अनुसार, रशीद अयारी (Rachid Ayari) ने 22 जुलाई को पत्र के माध्यम से अपने इस्तीफे की जानकारी निदेशक मंडल (Board) को दी। वह सनोफी ग्रुप (Sanofi Group) के भीतर एक नई भूमिका संभालने के लिए मौजूदा पद छोड़ रहे हैं।
रशीद अयारी (Rachid Ayari) वर्ष 2017 में सनोफी (Sanofi) से अल्जीरिया (Algeria) में मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) के रूप में जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने रूस (Russia) और मध्य एशिया क्षेत्र (Central Asia-EURASIA) में भी CFO की जिम्मेदारी निभाई। दिसंबर 2023 में उन्हें सनोफी इंडिया (Sanofi India) का CFO नियुक्त किया गया था।
सनोफी (Sanofi) से पहले रशीद अयारी (Rachid Ayari) फाइजर (Pfizer) में उत्तर अफ्रीका (North Africa) क्षेत्र के फाइनेंस डायरेक्टर (Finance Director) के रूप में कार्य कर चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि वह नए मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) की नियुक्ति की प्रक्रिया में है। नए अधिकारी को प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक (KMP) के रूप में भी नामित किया जाएगा।
कैथे पैसिफिक (Cathay Pacific) ने रणनीतिक एजेंसी समीक्षा के बाद पब्लिसिस ग्रुप (Publicis Groupe) को तीन वर्षों के लिए अपना वैश्विक क्रिएटिव और मीडिया पार्टनर बनाए रखने का फैसला किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
कैथे पैसिफिक (Cathay Pacific) ने नवंबर 2025 में शुरू की गई रणनीतिक एजेंसी समीक्षा (Strategic Agency Review) पूरी होने के बाद पब्लिसिस ग्रुप (Publicis Groupe) को अपना वैश्विक एजेंसी पार्टनर बनाए रखने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने Publicis Groupe के साथ नया तीन वर्षीय अनुबंध भी किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, समीक्षा प्रक्रिया के दौरान विभिन्न एजेंसियों के साथ ब्रीफिंग, रणनीतिक प्रस्तुतियां (Strategy Presentations), क्षेत्रीय हितधारकों (Regional Stakeholders) के साथ चर्चा और व्यावसायिक बातचीत (Commercial Negotiations) की गई, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया गया।
नए अनुबंध के तहत पब्लिसिस ग्रुप (Publicis Groupe) कैथे पैसिफिक (Cathay Pacific) के ट्रैवल (Travel), कार्गो (Cargo) और लाइफस्टाइल (Lifestyle) कारोबार के लिए वैश्विक स्तर पर इंटीग्रेटेड क्रिएटिव (Integrated Creative) और मीडिया सेवाओं की जिम्मेदारी संभालता रहेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैथे पैसिफिक (Cathay Pacific) के जनरल मैनेजर–ब्रांड, इनसाइट्स एंड मार्केटिंग कम्युनिकेशंस (General Manager, Brand, Insights and Marketing Communications) एडवर्ड बेल (Edward Bell) ने कहा कि कंपनी अपने अगले विकास चरण में ग्राहकों की पसंदीदा सेवा ब्रांड (Service Brand) बनने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि Publicis Groupe ने अपनी रणनीतिक क्षमता, वैश्विक पहुंच और नवाचारपूर्ण सोच से कंपनी का विश्वास जीता है और दोनों संगठन आगे भी मिलकर प्रभावशाली वैश्विक मार्केटिंग अभियानों के जरिए ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने की दिशा में काम करेंगे।
मीडिया कंपनी Sun TV Network Limited की पूर्ण स्वामित्व (Wholly Owned) वाली सहयोगी कंपनी SunRisers Leeds Limited ने 99,999 बोनस इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया कंपनी Sun TV Network Limited की पूर्ण स्वामित्व (Wholly Owned) वाली सहयोगी कंपनी SunRisers Leeds Limited ने 99,999 बोनस इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है। कंपनी के निदेशक मंडल ने 21 जुलाई 2026 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।
कंपनी की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, 1 ब्रिटिश पाउंड (GBP) फेस वैल्यू वाले ये सभी 99,999 बोनस शेयर मौजूदा शेयरधारक Sun TV Network Limited को ही जारी किए जाएंगे।
बोनस शेयर जारी होने के बाद Sun TV Network Limited के पास SunRisers Leeds Limited के कुल 1,00,000 इक्विटी शेयर हो जाएंगे। हालांकि, इससे कंपनी की हिस्सेदारी या स्वामित्व में कोई बदलाव नहीं होगा। SunRisers Leeds Limited पहले की तरह ही Sun TV Network की 100 फीसदी स्वामित्व वाली (Wholly Owned) सहयोगी कंपनी बनी रहेगी।
बोनस इश्यू की मुख्य बातें
गौरतलब है कि SunRisers Leeds Limited का नाम पहले Northern Superchargers Limited था। बाद में कंपनी का नाम बदलकर SunRisers Leeds Limited कर दिया गया।
Sun TV Network ने इस फैसले की जानकारी सेबी (SEBI) के लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन, 2015 के तहत बीएसई (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों की टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए रिजर्व प्राइस बढ़ा दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों की टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए रिजर्व प्राइस बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए प्रति मैच 4.9 करोड़ रुपये की रिजर्व प्राइस तय की गई है।
यह पहले की 4.2 करोड़ रुपये प्रति मैच की कीमत के मुकाबले करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी है। माना जा रहा है कि भारतीय क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता और स्पॉन्सरशिप की मजबूत मांग को देखते हुए BCCI ने यह फैसला लिया है।
इसके अलावा, एसोसिएट पार्टनर (Associate Partner) अधिकारों की बेस प्राइस भी बढ़ा दी गई है। अब इसके लिए प्रति मैच 95 लाख रुपये की बेस प्राइस तय की गई है, जबकि पहले यह 82 लाख रुपये प्रति मैच थी।
हाल ही में BCCI ने अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों के लिए टाइटल स्पॉन्सरशिप अधिकारों के लिए बोली (बिड) आमंत्रित की थी। इसके तहत इच्छुक कंपनियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अब प्रत्येक एसोसिएट पार्टनर स्लॉट की कुल बेस प्राइस 33.3 करोड़ रुपये होगी।
BCCI के इस फैसले को भारतीय क्रिकेट ब्रांड की बढ़ती व्यावसायिक ताकत का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्रिकेट की लोकप्रियता और बड़े ब्रांड्स की दिलचस्पी को देखते हुए इस बार स्पॉन्सरशिप अधिकारों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
टाइम्स नेटवर्क ने नई दिल्ली में प्रदर्शन की कवरेज के दौरान उसके तीन पत्रकारों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टाइम्स नेटवर्क ने नई दिल्ली में प्रदर्शन की कवरेज के दौरान उसके तीन पत्रकारों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। नेटवर्क ने कहा कि उसके रिपोर्टर देव कोटक, शेफाली निगम और ज्योति मिश्रा पर उस समय हमला किया गया, जब वे प्रदर्शन स्थल से अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभा रहे थे।
टाइम्स नेटवर्क ने जारी बयान में कहा कि जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करना केवल पत्रकारों का कर्तव्य ही नहीं, बल्कि संविधान के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा एक अधिकार भी है। ऐसे में पत्रकारों को रिपोर्टिंग से रोकना या उनके साथ हिंसा करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि इसकी कड़ी आलोचना होनी चाहिए।
"हिंसा लोकतंत्र के हित में नहीं"
नेटवर्क ने कहा कि कुछ लोगों ने असहमति जताने के लिए हिंसा का रास्ता अपनाया, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। बयान में कहा गया कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
टाइम्स नेटवर्क के मुताबिक, इस तरह की घटनाएं देशभर में पत्रकारों के स्वतंत्र रूप से काम करने और आने-जाने पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
"पत्रकार हर दिन जोखिम उठाकर करते हैं रिपोर्टिंग"
नेटवर्क ने कहा कि उसके पत्रकार हर दिन अपनी सुरक्षा को जोखिम में डालकर घटनास्थल से सही और निष्पक्ष जानकारी दर्शकों और पाठकों तक पहुंचाते हैं। ऐसे में डराने या धमकाने की कोशिशें उन्हें अपने काम से नहीं रोक सकतीं।
बयान में कहा गया कि देव कोटक जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन की निष्पक्ष कवरेज कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निशाना बनाकर हमला किया गया। वहीं शेफाली निगम और ज्योति मिश्रा पर भी केवल अपना काम करने की वजह से हमला किया गया और उन्हें शारीरिक हिंसा के साथ-साथ अभद्र भाषा और धमकियों का भी सामना करना पड़ा।
महिला पत्रकारों पर हमला गंभीर मामला
टाइम्स नेटवर्क ने कहा कि अपनी प्रोफेशनल जिम्मेदारी निभा रही महिला पत्रकारों पर हमला किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। नेटवर्क ने इसे बेहद गंभीर और निंदनीय बताया।
अपने बयान के अंत में टाइम्स नेटवर्क ने कहा कि इस तरह की घटनाएं उसके पत्रकारों का मनोबल नहीं तोड़ सकतीं। उल्टा, इससे निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।
STATEMENT FROM TIMES NETWORK
— TIMES NOW (@TimesNow) July 22, 2026
.@TimesNetwork strongly condemns the reprehensible attacks on our reporters—Dev Kotak, Shafali Nigam, and Jyoti Mishra—while they were covering protests in New Delhi.
Reporting from the ground is not just the duty of journalists; it is a… pic.twitter.com/PhmaLuDcv8