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पत्रकार प्रिया रमानी मामले में एमजे अकबर ने कोर्ट में अधिकांश सवालों का दिया बस यही जवाब
आपराधिक मानहानि के मामले में दिल्ली की अदालत में पेश किए पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ दर्ज कराए गए मानहानि के मामले में शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। अतिरिक्त प्रमुख मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल के सामने पेश हुए एमजे अकबर ने कहा कि रमानी ने उन पर जो आरोप लगाए हैं, वह मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण हैं। कोर्ट में करीब दो घंटे चली सुनवाई के दौरान प्रिया रमानी की वकील रेबेका जॉन ने एमजे अकबर से कुछ सवाल-जवाब भी किए। हालांकि, ज्यादातर सवालों का जवाब उन्होंने ‘मुझे याद नहीं’ कहकर दिया। सुनवाई के दौरान प्रिया रमानी समेत कई महिला पत्रकार कोर्ट रूम में मौजूद थीं। मामले में अब 20 मई को सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि #MeToo कैंपेन के तहत प्रिया रमानी ने अकबर पर 20 साल पहले उनके साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि अकबर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। इसके बाद अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। अकबर ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद पिछले वर्ष 17 अक्टूबर को विदेश राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
पिछले दिनों इस मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि के आरोप तय कर दिए थे। वहीं, प्रिया रमानी ने इस मामले में अदालत में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि वह सुनवाई का सामना करेंगी। कोर्ट ने साक्ष्यों की रिकॉर्डिंग के लिए अगली सुनवाई की तारीख चार मई तय की थी। इस साथ ही कोर्ट ने रमानी को कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी से स्थायी रूप से छूट दे दी थी।
बता दें कि प्रिया रमानी बतौर पत्रकार एमजे अकबर के साथ काम कर चुकी हैं। सोशल मीडिया पर प्रिया रमानी के इस आरोप के बाद तो एमजे अकबर पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली महिला पत्रकारों की जैसे बाढ़ सी आ गई थी। यह मामला सामने आने के बाद संपादकों की संस्था ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर और तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल की सदस्यता निलंबित कर दी थी।
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