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TRP Case: पुलिस ने कोर्ट में BARC इंडिया के पूर्व CEO के बारे में किया ये ‘दावा’
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया कि दासगुप्ता ने अन्य चैनल्स की व्युअरशिप को घटाकर एक खास चैनल की रेटिंग्स को बढ़ाकर दिखाया
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
टीआरपी (TRP) से छेड़छाड़ के मामले में मुंबई पुलिस ने दावा किया है कि देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के पूर्व सीईओ पार्थो दास गुप्ता ने अपने पद का दुरुपयोग किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार पार्थो दास गुप्ता को हिरासत में लेने की मांग करते हुए मुंबई पुलिस ने कोर्ट में कहा कि पार्थो दासगुप्ता ने अधिक व्यूअरशिप के बावजूद ‘टाइम्स नाउ’ को रेटिंग चार्ट में दो नंबर पर रखने के लिए ‘डाटा में हेरफेर’ किया।
इस रिपोर्ट में पुलिस का यह भी कहना है, ‘पार्थो दासगुप्ता ने BARC में अपने पद का दुरुपयोग किया और दूसरे चैनल्स के डाटा को घटाते हुए जानबूझकर एक खास चैनल की व्युअरशिप को बढ़ाकर दिखाया।’ पार्थो दास को रिमांड पर सौंपे जाने की मांग करते हुए पुलिस ने कोर्ट में कहा कि यह पूछताछ करना जरूरी है कि वह किस आधार पर और किस तरह से डाटा से छेड़छाड़ कर रहे थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने दावा किया है कि उनके पास पार्थो दासगुप्ता और BARC इंडिया के पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) रोमिल रामगढ़िया के बीच आपस में हुए ई-मेल मौजूद हैं, जिनमें ‘डाटा से छेड़छाड़’ की बात है। वे कथित तौर पर इस मामले में दोनों के बीच हुई वॉट्सऐप चैट की जांच भी करना चाहते हैं।
पुलिस ने कथित तौर पर अदालत को यह भी बताया कि दासगुप्ता ने टीआरपी में हेरफेर करने के लिए अपने अधीन कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए अपने पद का गलत इस्तेमाल किया।
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