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TRP Case: BARC इंडिया के पूर्व CEO पार्थो दासगुप्ता के बारे में कोर्ट ने कही ये बात
मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट ने सोमवार को पार्थो दासगुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, बुधवार को इस आदेश की कॉपी उपलब्ध कराई गई।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
मुंबई की कोर्ट का कहना है कि ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पार्थो दासगुप्ता ने टीआरपी (TRP) से छेड़छाड़ के मामले में ‘अहम भूमिका’ निभाई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्थो दासगुप्ता की जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि अगर दासगुप्ता को जमानत दी जाती है तो वह पुलिस द्वारा की जा रही जांच को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए उनका हिरासत में रहना जरूरी है। बता दें कि मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट ने सोमवार को पार्थो दासगुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, इस आदेश की कॉपी मीडिया को बुधवार को उपलब्ध हुई।
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टीआरपी से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने 24 दिसंबर को BARC इंडिया के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना था कि टीआरपी से छेड़छाड़ के लिए BARC के इस पूर्व अधिकारी ने लाखों रुपये लिए। दासगुप्ता को 30 दिसंबर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। वहीं, इससे पहले BARC इंडिया के पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) रोमिल रामगढ़िया को गिरफ्तार किया गया था।
गौरतलब है कि टीआरपी से छेड़छाड़ का मामला अक्टूबर में तब सामने आया था, जब ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) द्वारा देश में टीवी दर्शकों की संख्या मापने के लिए घरेलू पैनल के प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी ‘हंसा रिसर्च’ (Hansa Research) के अधिकारी नितिन देवकर ने एक शिकायत दर्ज की, जिसमें कहा गया था जिन घरों में बार-ओ-मीटर लगे हैं, उन घरों को भुगतान करके कुछ टीवी चैनल्स दर्शकों की संख्या में हेरफेर कर रहे हैं।
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