देश में डायरेक्ट-टू-होम (DTH) सेवाएं देने वाली कंपनियों ने साल 2025 के दौरान सरकार को लाइसेंस फीस के रूप में 618.20 करोड़ रुपये जमा किए।
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Vikas Saxena
देश में डायरेक्ट-टू-होम (DTH) सेवाएं देने वाली कंपनियों ने साल 2025 के दौरान सरकार को लाइसेंस फीस के रूप में 618.20 करोड़ रुपये जमा किए। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक, इसके अलावा वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए जनवरी 2026 में सरकार को 141.44 करोड़ रुपये की लाइसेंस फीस मिली।
ये आंकड़े देश के प्रसारण कारोबार में DTH कंपनियों की नियामकीय जिम्मेदारियों और सरकार को मिलने वाले राजस्व को दिखाते हैं। मंत्रालय की रिपोर्ट में DTH सेवाओं के लाइसेंस, फीस की दर और प्लेटफॉर्म सर्विस चैनलों से जुड़े नियमों की भी जानकारी दी गई है।
देश में चार निजी DTH ऑपरेटर कर रहे हैं काम
DTH यानी डायरेक्ट-टू-होम एक सैटेलाइट आधारित टीवी प्रसारण सेवा है। इसमें टीवी चैनलों के डिजिटल सिग्नल सैटेलाइट के जरिए सीधे उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचाए जाते हैं। घरों में लगी डिश एंटीना के जरिए इन सिग्नल को रिसीव किया जाता है।
मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में पहली DTH सेवा वर्ष 2003 में शुरू हुई थी। फिलहाल भारत में चार निजी DTH ऑपरेटर काम कर रहे हैं। इनके अलावा दूरदर्शन की ओर से मुफ्त DTH सेवा भी उपलब्ध कराई जाती है।
DTH सेवाओं के संचालन के लिए कंपनियों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से अनुमति और लाइसेंस लेना होता है। मंत्रालय इन कंपनियों के संचालन से जुड़े नियमों और लाइसेंस फीस की व्यवस्था को देखता है।
कंपनियों को AGR का 8% देना होता है लाइसेंस फीस
मंत्रालय ने 16 सितंबर 2022 को भारत में DTH प्रसारण सेवाओं के लिए परिचालन दिशानिर्देश जारी किए थे। इन दिशानिर्देशों में लाइसेंस फीस, प्लेटफॉर्म सर्विस चैनल और बुनियादी ढांचे को साझा करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इन नियमों के तहत DTH ऑपरेटरों को अपने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR का 8% लाइसेंस फीस के रूप में सरकार को देना होता है। यह फीस हर तिमाही जमा कराई जाती है।
AGR का मतलब एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू है। आसान भाषा में कहें तो यह कंपनी की कुल कमाई में से नियमों के तहत तय कटौतियों और समायोजनों के बाद निकाली गई वह रकम है, जिसके आधार पर लाइसेंस फीस तय होती है। इसलिए कंपनियों को अपनी पूरी कमाई का 8% नहीं, बल्कि निर्धारित AGR का 8% देना होता है।
2025 में ₹618.20 करोड़ जमा किए
मंत्रालय की रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2025 के दौरान DTH ऑपरेटरों ने लाइसेंस फीस के रूप में कुल 618.20 करोड़ रुपये जमा किए।
इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही की लाइसेंस फीस के तौर पर जनवरी 2026 में सरकार को 141.44 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। यह तीसरी तिमाही का भुगतान है, जबकि 618.20 करोड़ रुपये का आंकड़ा पूरे कैलेंडर वर्ष 2025 से जुड़ा है।
इसलिए इन दोनों आंकड़ों को एक ही अवधि की कमाई या भुगतान मानकर जोड़ना सही नहीं होगा। दोनों अलग-अलग समयावधियों से संबंधित हैं।
प्लेटफॉर्म सर्विस चैनलों के लिए भी तय हैं नियम
DTH ऑपरेटरों को प्लेटफॉर्म सर्विस (PS) चैनल चलाने की भी अनुमति है। ये ऐसे चैनल होते हैं जिन्हें संबंधित DTH ऑपरेटर अपने प्लेटफॉर्म के जरिए उपलब्ध कराता है। इनके लिए भी मंत्रालय ने दिशानिर्देश तय किए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, किसी DTH ऑपरेटर की कुल चैनल क्षमता में प्लेटफॉर्म सर्विस चैनलों की हिस्सेदारी अधिकतम 5% तक हो सकती है। इसके अलावा हर प्लेटफॉर्म सर्विस चैनल के पंजीकरण के लिए 10,000 रुपये का एकमुश्त और गैर-वापसी योग्य शुल्क देना होता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य DTH ऑपरेटरों के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध चैनलों और सेवाओं को तय नियमों के दायरे में रखना है।
बुनियादी ढांचे को साझा करने के लिए भी प्रावधान
मंत्रालय की ओर से जारी DTH दिशानिर्देशों में बुनियादी ढांचे को साझा करने से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। इसका मकसद प्रसारण सेवाओं के संचालन से जुड़ी व्यवस्था को नियमों के दायरे में रखना है।
DTH कंपनियों को लाइसेंस फीस का भुगतान तिमाही आधार पर करना होता है। मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार को मिलने वाली यह फीस भारत कोष के जरिए जमा कराई जाती है।
कुल मिलाकर, मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि DTH ऑपरेटरों ने कैलेंडर वर्ष 2025 में सरकार को 618.20 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस के रूप में दिए। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए जनवरी 2026 में 141.44 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। DTH कंपनियों के लिए AGR का 8% लाइसेंस फीस, तिमाही भुगतान और प्लेटफॉर्म सर्विस चैनलों की सीमा जैसे नियम इस कारोबार की नियामकीय व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं।
अमेरिका स्थित स्वास्थ्य सेवा एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी UnitedHealth Group की इकाई Optum में अरुणिमा मेहता को मार्केटिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
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Samachar4media Bureau
अमेरिका स्थित स्वास्थ्य सेवा एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी UnitedHealth Group की इकाई Optum में अरुणिमा मेहता को मार्केटिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। समाचार4मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार, इस नई भूमिका में वह कंपनी की ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ में योगदान देंगी और अमेरिका सहित विभिन्न देशों की अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ मिलकर काम करेंगी।
Optum में अरुणिमा मेहता की नई जिम्मेदारी में वैश्विक स्तर पर व्यावसायिक विकास में योगदान देने के साथ-साथ नेतृत्व की अधिक व्यापक भूमिका निभाना भी शामिल है। इस नियुक्ति के साथ उन्हें अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ काम करने और कंपनी के वैश्विक कारोबार को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
इससे पहले अरुणिमा मेहता Financial Software & Systems (FSS) में ग्लोबल मार्केटिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थीं। यहां उन्होंने वैश्विक मार्केटिंग से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। अरुणिमा मेहता इससे पहले Abbott में एसोसिएट डायरेक्टर (Marketing Excellence) और वोडाफोन आइडिया में वाइस प्रेजिडेंट (कम्युनिकेशंस) के पद पर भी काम कर चुकी हैं।
बता दें कि UnitedHealth Group दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। वर्ष 2026 की Fortune Global 500 सूची में इसे चौथा स्थान दिया गया है। कंपनी का वार्षिक राजस्व लगभग 447 अरब अमेरिकी डॉलर है और दुनियाभर में इसके करीब 4 लाख कर्मचारी हैं।
भारत में भी Optum की मजबूत मौजूदगी है। इसके प्रमुख केंद्र बेंगलुरु, गुरुग्राम, नोएडा, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई में हैं। कंपनी इन प्रमुख शहरों में अपने ऑपरेशंस के जरिए लगभग 38,000 से 40,000 प्रोफेशनल्स को रोजगार देती है।
इसके साथ ही पूनम पांडेय नवभारत टाइम्स के 80 साल के इतिहास में इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला बन गई हैं।
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Samachar4media Bureau
टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के हिंदी दैनिक नवभारत टाइम्स (NBT) में वरिष्ठ पत्रकार पूनम पांडेय को नेशनल ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी मिली है। इसके साथ ही वह नवभारत टाइम्स के 80 साल के इतिहास में इस पद की जिम्मेदारी संभालने वाली पहली महिला बन गई हैं।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की रहने वाली पूनम पांडेय राष्ट्रीय राजनीति की रिपोर्टिंग करती रही हैं। उनकी रिपोर्टिंग के प्रमुख विषयों में भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और देश की राजनीति शामिल हैं। इसके अलावा वह भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना, रक्षा मामलों और विदेश मामलों पर भी नियमित रूप से लिखती हैं। वह वर्ष 2014 से भारतीय संसद की रिपोर्टिंग कर रही हैं।
पूनम पांडेय ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इसके बाद उन्होंने CNBC आवाज के साथ अपने करियर की शुरुआत की। वह आज तक न्यूज चैनल में भी काम कर चुकी हैं।
उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में एमएससी की डिग्री हासिल की है। इसके साथ ही वह ब्रिटेन के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) के फेलोशिप कार्यक्रम के तहत चेवनिंग फेलो भी हैं।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार निधि राजदान से शादी कर ली है। दोनों ने 30 अक्टूबर को निजी समारोह में शादी की।
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Samachar4media Bureau
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार निधि राजदान से शादी कर ली है। दोनों ने 30 अक्टूबर को निजी समारोह में शादी की। शनिवार, 31 अक्टूबर को दोनों ने सोशल मीडिया पर अपनी शादी की तस्वीरें साझा कर इस खबर की जानकारी दी।
उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर निधि राजदान के साथ कई तस्वीरें साझा कीं। इसके साथ उन्होंने लिखा, 'A new journey began yesterday' यानी 'कल से एक नई यात्रा शुरू हुई।' उन्होंने अपने संदेश के साथ अंगूठी वाला इमोजी भी लगाया।
A new journey began yesterday 💍@Nidhi https://t.co/BXbdLq2d1H
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) October 31, 2026
वहीं, निधि राजदान ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यही तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने अपने पोस्ट में मजाकिया और हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा, 'It's done bro' और इसके साथ अंगूठी वाला इमोजी लगाया। दोनों की पोस्ट सामने आने के बाद उन्हें बधाई संदेश मिलने लगे।
It’s done bro 💍 @OmarAbdullah https://t.co/I3V5HnCz7C
— Nidhi Razdan (@Nidhi) October 31, 2026
पहले पायल नाथ से हुई थी उमर अब्दुल्ला की शादी
उमर अब्दुल्ला की यह दूसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने साल 1994 में पायल नाथ से शादी की थी। दोनों के दो बेटे हैं, जाहिर और जमीर। हालांकि, कुछ साल बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई और वे अलग-अलग रहने लगे थे। उमर जम्मू-कश्मीर में रहते थे, जबकि पायल अपने बच्चों के साथ दिल्ली में रह रही थीं।
दोनों के बीच लंबे समय तक कानूनी विवाद भी चला। इस साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से उनकी शादी खत्म करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही करीब 32 साल पुराना उनका वैवाहिक रिश्ता कानूनी तौर पर समाप्त हो गया।
उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान की शादी की खबर राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
वह 6 नवंबर को हैदराबाद के न्यूज चैनल ‘6 टीवी भारत’ (6TV Bharat) से ग्रुप एडिटर के तौर पर जुड़ेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की है।
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Samachar4media Bureau
वरिष्ठ पत्रकार सुधीर मिश्र ने ‘नवभारत टाइम्स’ (NBT) में करीब 14 साल का सफर पूरा करने के बाद अब नई पारी शुरू करने का फैसला किया है। वह 6 नवंबर को हैदराबाद के न्यूज चैनल ‘6 टीवी भारत’ (6TV Bharat) से ग्रुप एडिटर के तौर पर जुड़ेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की है।
सुधीर मिश्र ने बताया कि नवभारत टाइम्स में उनका आज आखिरी साप्ताहिक कॉलम प्रकाशित हुआ है। करीब 14 साल तक हर शनिवार प्रकाशित होने वाले इस कॉलम को अखबार के साथ-साथ ऑनलाइन और सोशल मीडिया के पाठकों ने भी खूब पढ़ा। उन्होंने अपने पाठकों का आभार जताते हुए इस लंबे सफर के लिए सभी को धन्यवाद दिया।
अपनी नई जिम्मेदारी के बारे में बताते हुए सुधीर मिश्र ने कहा कि हैदराबाद के 6 टीवी भारत के डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत लखनऊ और दिल्ली से हो चुकी है। इन प्लेटफॉर्म्स के लिए टीमें काम कर रही हैं और अब इस काम को आगे बढ़ाने तथा विस्तार देने की योजना है। चैनल का हिंदी प्लेटफॉर्म ‘6 टीवी भारत’ और अंग्रेजी प्लेटफॉर्म ‘ऑनस्पॉट’ (OnSpot) के नाम से संचालित होगा।
सुधीर मिश्र ने अपने नए सफर के उद्देश्य को साझा करते हुए कहा कि उनकी कोशिश तेजी से विभाजित होते समाज के सामने ऐसी पत्रकारिता प्रस्तुत करने की होगी, जो लोगों को जोड़े, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे और जीवन में खुशहाली लाने वाली सकारात्मक ऊर्जा पैदा करे। उन्होंने इस दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर की।
उन्होंने स्वीकार किया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए काफी मेहनत, समझ और अनुशासन की जरूरत होगी। हालांकि, उन्हें भरोसा है कि लोगों का साथ मिलने से कोई भी मुश्किल काम असंभव नहीं है। अपनी पोस्ट के आखिर में उन्होंने सभी का आभार जताया और नए सफर के लिए लोगों से सहयोग की उम्मीद जताई।
नवभारत टाइम्स में आज यह मेरा आख़िरी साप्ताहिक कॉलम है । करीब १४ साल तक मैंने इस कॉलम को लिखा । हर शनिवार छपने वाले इस कॉलम को अख़बार के अलावा हमारे ऑनलाइन और सोशल मीडिया के पाठकों ने भी ख़ूब पढ़ा । आप सब का आभार! पाँच November तक नवभारत टाइम्स में काम करने के बाद मैं 6 नवंबर 6 टीवी भारत को ग्रुप एडिटर के तौर पर जॉइन करूँगा । हैदराबाद के इस चैनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म को लखनऊ और दिल्ली से शुरू किया जा चुका है, टीम काम कर रही हैं, इसके लिंक नीचे पोस्ट में हैं । इसे ही आगे और विस्तार देने की योजना है । हिंदी में 6tv भारत नाम से और इंग्लिश में ऑनस्पॉट. । कोशिश रहेगी तेजी से विभाजित होते समाज के सामने कुछ ऐसी पत्रकारिता की जाये जो लोगों को जोड़े, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे और जिंदगी को खुशहाल बनाने की पॉजिटिव एनर्जी पैदा करे । मुझे मालूम है कि इस काम में बहुत मेहनत, समझ और अनुशासन की जरूरत होगी लेकिन आप लोगों का साथ है तो कुछ भी मुश्किल नहीं । आप सब का बहुत बहुत शुक्रिया
— सुधीर मिश्र Sudhir Misra (@SudhirMisraNBT) October 31, 2026
व्हाइट ब्रिज ने अपनी ऑनलाइन मौजूदगी और कारोबार बढ़ाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी की तलाश शुरू की है। कंपनी SEO, सोशल मीडिया, कंटेंट और परफॉर्मेंस मार्केटिंग का अनुभव चाहती है।
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व्हाइट ब्रिज (White Bridge) ने अपनी ऑनलाइन मौजूदगी मजबूत करने और कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी (Digital Marketing Agency) की तलाश शुरू की है। कंपनी ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की है।
व्हाइट ब्रिज की सीईओ एश्ले (Ashley) ने एक पोस्ट में अनुभवी और भरोसेमंद डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के साथ काम करने की इच्छा जताई है। उन्होंने एजेंसियों से अपना पोर्टफोलियो और संपर्क विवरण साझा करने को कहा है।
कंपनी ऐसी एजेंसी की तलाश कर रही है, जिसे सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (Search Engine Optimization) और सर्च इंजन मार्केटिंग (Search Engine Marketing), सोशल मीडिया मैनेजमेंट, कंटेंट क्रिएशन एवं मार्केटिंग, पेड एडवरटाइजिंग कैंपेन, वेबसाइट ऑप्टिमाइजेशन, डिजिटल मार्केटिंग स्ट्रैटेजी और परफॉर्मेंस एनालिटिक्स का अनुभव हो।
एश्ले ने अपनी पोस्ट में कहा कि हेल्थकेयर इंडस्ट्री में काम करने वाली एजेंसियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग एजेंसियों और संबंधित सिफारिशें रखने वाले लोगों से संपर्क करने या डायरेक्ट मैसेज के जरिए अपना पोर्टफोलियो और संपर्क विवरण साझा करने की अपील की है।
गेमिंग कंपनी नजारा टेक्नोलॉजीज ने ब्लूटाइल गेम्स और बेस्टप्ले सिस्टम्स के अधिग्रहण की प्रक्रिया में 734.35 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त का भुगतान कर दिया है।
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Vikas Saxena
गेमिंग कंपनी नजारा टेक्नोलॉजीज ने ब्लूटाइल गेम्स और बेस्टप्ले सिस्टम्स के अधिग्रहण की प्रक्रिया में 734.35 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त का भुगतान कर दिया है। कंपनी ने यह रकम अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी नजारा टेक्नोलॉजीज यूके लिमिटेड के जरिए चुकाई है। इस भुगतान के बाद दोनों कंपनियां नजारा यूके की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां बनी हुई हैं और नजारा टेक्नोलॉजीज की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी के रूप में काम कर रही हैं।
नजारा टेक्नोलॉजीज ने 30 अक्टूबर को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि कंपनी ने 29 अक्टूबर 2026 को अपनी सहायक कंपनी नजारा यूके में 7.70 करोड़ डॉलर (करीब 734.35 करोड़ रुपये) का निवेश किया था। यह रकम नजारा यूके के इक्विटी शेयरों की सदस्यता के जरिए दी गई।
इसके बाद 30 अक्टूबर को नजारा यूके ने ब्लूटाइल गेम्स और बेस्टप्ले के विक्रेताओं को अधिग्रहण की दूसरी किस्त के तौर पर 7.70 करोड़ डॉलर (करीब 734.35 करोड़ रुपये) का नकद भुगतान किया।
करीब 2,990 करोड़ रुपये का है अधिग्रहण सौदा
कंपनी के मुताबिक, ब्लूटाइल गेम्स और बेस्टप्ले के अधिग्रहण के लिए कुल 30.302 करोड़ डॉलर (करीब 2,990 करोड़ रुपये) का भुगतान किया जाना है। इसमें से 7.70 करोड़ डॉलर की दूसरी किस्त का भुगतान कर दिया गया है। बाकी रकम का भुगतान संशोधित शेयर खरीद समझौते (Amended Share Purchase Agreement) में तय शर्तों और तरीके के अनुसार किया जाएगा।
नजारा ने कहा है कि बाकी भुगतान को लेकर आगे की जानकारी उचित समय पर शेयर बाजार को दी जाएगी।
पहले भी दी गई थी अधिग्रहण की जानकारी
नजारा टेक्नोलॉजीज ने इस सौदे से जुड़ी जानकारी इससे पहले 18 मार्च, 16 जून, 3 अगस्त और 6 अगस्त 2026 को भी शेयर बाजार को दी थी। ताजा जानकारी कंपनी ने सेबी के लिस्टिंग नियमों के तहत साझा की है।
इस सौदे के तहत ब्लूटाइल गेम्स और बेस्टप्ले का अधिग्रहण नजारा टेक्नोलॉजीज यूके के माध्यम से किया जा रहा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ताजा भुगतान के बाद भी दोनों टारगेट कंपनियां नजारा यूके की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां बनी हुई हैं।
'रेडियो सिटी' की मूल कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड अब अपनी कमाई बढ़ाने के लिए रेडियो विज्ञापनों के साथ-साथ ब्रैंडेड कंटेंट, कॉन्सर्ट, इवेंट, स्पॉन्सरशिप और डिजिटल गतिविधियों पर भी जोर दे रही है।
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Vikas Saxena
'रेडियो सिटी' की मूल कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड अब अपनी कमाई बढ़ाने के लिए रेडियो विज्ञापनों के साथ-साथ ब्रैंडेड कंटेंट, कॉन्सर्ट, इवेंट, स्पॉन्सरशिप और डिजिटल गतिविधियों पर भी जोर दे रही है। कंपनी खास तौर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों में बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की संभावनाएं तलाश रही है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने का फैसला उनकी लागत और उनसे होने वाली कमाई को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड के सीईओ एब्राहम थॉमस ने 27 अक्टूबर को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस कॉल में कंपनी की रणनीति और प्रदर्शन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही में कंपनी को पिछले कुछ समय से लागू की गई रणनीतिक और परिचालन पहलों का फायदा मिला है। हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी की कमाई में नरमी रही, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण और कामकाज की बेहतर क्षमता के चलते मुनाफे में सुधार हुआ है।
थॉमस के मुताबिक, कंपनी का मुख्य लक्ष्य ऐसा कारोबारी मॉडल तैयार करना है, जो बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत बना रहे। इसके लिए कंपनी अपने अलग-अलग प्लेटफॉर्म से कमाई बढ़ाने, विज्ञापनदाताओं के साथ रिश्ते मजबूत करने और मुनाफे को टिकाऊ बनाने पर काम कर रही है।
रेडियो और दूसरे प्लेटफॉर्म से कमाई बढ़ाने पर फोकस
एब्राहम थॉमस ने बताया कि कंपनी की रणनीति चार प्रमुख बातों पर आधारित है। इनमें रेडियो और रेडियो प्लस प्लेटफॉर्म से कमाई बढ़ाना, विज्ञापनदाताओं को एकीकृत मीडिया सेवाएं देना, टिकाऊ और मुनाफे वाली ग्रोथ हासिल करना और कामकाज के साथ लागत को अधिक प्रभावी बनाना शामिल है।
उन्होंने कहा कि रेडियो सिटी ब्रैंडेड कंटेंट, इवेंट, स्पॉन्सरशिप, डिजिटल समाधान और विज्ञापनदाताओं के लिए एकीकृत पेशकशों के जरिए कमाई के नए रास्ते तलाश रही है। कंपनी की कोशिश प्रमुख विज्ञापनदाताओं के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने, उनसे मिलने वाले कारोबार का हिस्सा बढ़ाने और अपने सभी प्लेटफॉर्म का बेहतर इस्तेमाल करने की है।
दूसरी तिमाही में 8% बढ़ी कमाई
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में म्यूजिक ब्रॉडकास्ट का राजस्व 41 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 37.8 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर करीब 8% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, पहली तिमाही के 44.5 करोड़ रुपये के मुकाबले दूसरी तिमाही में राजस्व कम रहा।
कंपनी ने इस दौरान खर्चों में अच्छी कटौती की। दूसरी तिमाही में कुल खर्च 34.8 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 43.3 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी के कुल खर्च में सालाना आधार पर करीब 20% की कमी आई।
खर्चों में कमी का असर कंपनी के मुनाफे पर भी दिखाई दिया। दूसरी तिमाही में परिचालन स्तर पर टैक्स से पहले मुनाफा 1.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को इस मद में 13.3 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं, रिपोर्टेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स यानी कर से पहले दर्ज मुनाफा 8.9 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 6.4 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
पहली छमाही में खर्च 23% घटे
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी का राजस्व 85.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह 87.2 करोड़ रुपये था। इस तरह राजस्व में सालाना आधार पर करीब 2% की गिरावट आई।
हालांकि, इस दौरान कंपनी ने खर्चों को काफी कम किया। पहली छमाही में कुल खर्च 70.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 91.7 करोड़ रुपये था। यानी खर्चों में करीब 23% की कमी आई।
पहली छमाही में परिचालन स्तर पर टैक्स से पहले मुनाफा 5.6 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 20.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं, रिपोर्टेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स 21.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल पहली छमाही में यह 6.3 करोड़ रुपये के घाटे में था।
थॉमस ने कहा कि पहली छमाही के नतीजे बताते हैं कि कंपनी की लागत कम करने की पहल और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने से उसे फायदा मिला है। अब कंपनी की कोशिश इस मजबूत परिचालन स्थिति के आधार पर आगे राजस्व बढ़ाने की है।
कुल कमाई में 18-20% हिस्सा गैर-विज्ञापन कारोबार का
कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान कंपनी से पूछा गया कि उसकी कुल कमाई में पारंपरिक रेडियो विज्ञापनों और दूसरे स्रोतों का कितना योगदान है। इस पर सीएफओ राजीव शाह ने बताया कि कंपनी के राजस्व में एफसीटी और एनएफसीटी का अनुपात फिलहाल 80:20 है।
यहां एफसीटी यानी फ्री कमर्शियल टाइम से मतलब रेडियो पर विज्ञापनों के लिए बेचे जाने वाले पारंपरिक समय से है। वहीं, एनएफसीटी में ब्रैंडेड कंटेंट, इवेंट, स्पॉन्सरशिप और अन्य गैर-पारंपरिक विज्ञापन गतिविधियों से होने वाली कमाई शामिल होती है।
एब्राहम थॉमस ने बताया कि कंपनी की कुल कमाई में फिलहाल गैर-एफसीटी कारोबार का योगदान करीब 18-20% है। कंपनी इस हिस्से को और बढ़ाना चाहती है। इसके लिए वह नए कार्यक्रमों और अनुभव आधारित गतिविधियों पर काम कर रही है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों में कॉन्सर्ट और इवेंट की तैयारी
कॉन्फ्रेंस कॉल में एब्राहम थॉमस से पूछा गया कि क्या कंपनी दूसरी छमाही में गैर-एफसीटी कारोबार को बढ़ाने के लिए बड़े कॉन्सर्ट और इवेंट आयोजित करने की योजना बना रही है।
इस पर उन्होंने कहा कि कंपनी टियर-2 और टियर-3 बाजारों में कई तरह की अनुभव आधारित गतिविधियां आयोजित करने की प्रक्रिया में है। इन बाजारों में कंपनी को अच्छी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं और यहां उसकी मजबूत मौजूदगी भी है। इसी ताकत का इस्तेमाल करते हुए कंपनी कॉन्सर्ट और दूसरे कार्यक्रमों की संभावनाएं तलाश रही है।
हालांकि, उन्होंने किसी निश्चित संख्या या राजस्व वृद्धि का अनुमान नहीं दिया। उनका कहना था कि कंपनी ऐसे कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाना चाहती है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उनसे कितना राजस्व हासिल हो सकता है और उनकी लागत कितनी आती है। कंपनी का जोर केवल कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के बजाय मुनाफे को ध्यान में रखकर काम करने पर है।
खर्चों में कटौती का फायदा आगे भी मिलने की उम्मीद
कंपनी से यह भी पूछा गया कि करीब एक साल पहले शुरू की गई खर्चों में कटौती की पहल आगे जारी रहेगी या नहीं। इस पर राजीव शाह ने बताया कि पिछले तीन तिमाहियों से कंपनी का तिमाही खर्च लगभग 39-40 करोड़ रुपये के आसपास रहा है और आगे भी इसे इसी स्तर पर बनाए रखने की उम्मीद है।
पहली तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में कुल खर्च में करीब 1 करोड़ रुपये की बचत हुई। हालांकि, कर्मचारी खर्च में करीब 60 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई, लेकिन दूसरे खर्चों में लगभग 1.6 करोड़ रुपये की बचत की गई। इस तरह कुल मिलाकर कंपनी को करीब 1 करोड़ रुपये की बचत हुई।
कंपनी के पास 283 करोड़ रुपये की नकदी
कॉल के दौरान कंपनी से उसकी नकदी की स्थिति और शेयर बायबैक की संभावनाओं के बारे में भी पूछा गया। इस पर राजीव शाह ने बताया कि कंपनी के पास करीब 283 करोड़ रुपये की नकदी है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या कंपनी शेयर बायबैक की योजना बना रही है, तो उन्होंने साफ किया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। वहीं, डिबेंचर से जुड़े ब्याज खर्च में कमी आने के बाद शेयरधारकों को डिविडेंड देने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कंपनी अभी इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकती।
दूसरी छमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद, लेकिन कोई गाइडेंस नहीं
आने वाली दो तिमाहियों और पूरे वित्त वर्ष के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर एब्राहम थॉमस ने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि त्योहारों का सीजन शुरू होने के साथ अगले दो क्वार्टर में बाजार की गति बनी रहेगी। कंपनी भी उम्मीद कर रही है कि इस साल का त्योहारी सीजन पिछले साल के मुकाबले बेहतर रहेगा।
हालांकि, कंपनी ने दूसरी छमाही के राजस्व या मुनाफे को लेकर कोई निश्चित अनुमान नहीं दिया। राजीव शाह ने कहा कि बाजार की मौजूदा स्थिति और वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितताओं को देखते हुए कंपनी अगले दो साल के लिए कोई गाइडेंस देने की स्थिति में नहीं है।
उन्होंने कहा कि कंपनी बाजार की गतिविधियों पर नजर रखेगी। अगर बाजार में सुधार आता है तो कंपनी उसका फायदा उठाने के लिए तैयार है। फिलहाल राजस्व का प्रदर्शन बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा। वहीं, कंपनी को उम्मीद है कि लागत पर नियंत्रण के चलते मौजूदा मुनाफे की स्थिति को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मुनाफे को टिकाऊ बनाना कंपनी का लक्ष्य
कॉन्फ्रेंस कॉल के समापन पर एब्राहम थॉमस ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले मुनाफे में अच्छा सुधार दर्ज किया है। इसका मुख्य कारण खर्चों पर अनुशासन और कामकाज के अधिक प्रभावी ढांचे का फायदा है।
उन्होंने माना कि पिछली तिमाही के मुकाबले राजस्व में नरमी रही, लेकिन कंपनी ने सकारात्मक ईबीआईटीडीए और पीएटी दर्ज किया और वित्त वर्ष की पहली छमाही में अपने प्रदर्शन को मजबूत किया।
थॉमस ने कहा कि आगे भी कंपनी का ध्यान अपने प्लेटफॉर्म से कमाई बढ़ाने, विज्ञापनदाताओं के साथ संबंध मजबूत करने, आय के नए स्रोत विकसित करने और टिकाऊ व मुनाफे वाली ग्रोथ हासिल करने पर रहेगा।
डिश टीवी इंडिया लिमिटेड (Dish TV India Limited) के चीफ कस्टमर एक्सपीरियंस ऑफिसर (CCEO) स्वामी मेहरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
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डिश टीवी इंडिया लिमिटेड (Dish TV India Limited) के चीफ कस्टमर एक्सपीरियंस ऑफिसर (CCEO) स्वामी मेहरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने 30 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि उनका इस्तीफा 30 अक्टूबर को कारोबारी समय समाप्त होने के साथ प्रभावी हो गया है। इसके साथ ही वह कंपनी के सीनियर मैनेजमेंट का हिस्सा भी नहीं रहेंगे।
कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के लिस्टिंग नियमों के तहत यह जानकारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी है।
Dish TV की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, स्वामी मेहरा ने कंपनी से बाहर नए अवसरों को तलाशने के लिए इस्तीफा दिया है। कंपनी ने साफ किया है कि उनके इस्तीफे के पीछे इसके अलावा कोई अन्य महत्वपूर्ण वजह नहीं है।
स्वामी मेहरा ने अपने इस्तीफे में कंपनी के प्रबंधन और सहकर्मियों का सहयोग, मार्गदर्शन और भरोसा जताने के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले अनुभवों और अवसरों के लिए भी कंपनी का धन्यवाद किया और भविष्य के लिए कंपनी और उसकी टीम को शुभकामनाएं दीं।
मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) ने अपनी कमाई में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है।
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मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) ने अपनी कमाई में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में सालाना आधार पर 13% का इजाफा हुआ है और यह बढ़कर 22,246 मिलियन रुपये (2,224.6 करोड़ रुपये) पहुंच गया है। कंपनी के डिजिटल, लीनियर टेलीविजन, म्यूजिक और सब्सक्रिप्शन कारोबार के बेहतर प्रदर्शन ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है।
कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म ZEE5 ने इस दौरान अब तक का अपना सबसे अधिक तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया है। प्लेटफॉर्म की कमाई 6,260 मिलियन रुपये (626 करोड़ रुपये) रही, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 101% अधिक है। कंपनी के मुताबिक, अलग-अलग भाषाओं में कंटेंट की मजबूत पेशकश और यूजर एक्सपीरियंस में सुधार से इस प्रदर्शन को मजबूती मिली। इस अवधि में ZEE5 ने 34 शो और फिल्में रिलीज कीं, जिनमें नौ ओरिजिनल कंटेंट शामिल थे। प्लेटफॉर्म ने अपनी प्रॉफिटेबिलिटी में भी सुधार दर्ज किया।
कंपनी के स्पोर्ट्स कारोबार को भी FIFA World Cup 2026 से मजबूती मिली। इस टूर्नामेंट की लाइव और नॉन-लाइव प्लेटफॉर्म पर कुल पहुंच 400 मिलियन से अधिक रही, जबकि इसे देखने का कुल समय करीब 50 अरब मिनट दर्ज किया गया। इस आयोजन से कंपनी की स्पोर्ट्स पहल Unite8 Sports को भी मजबूती मिली। साथ ही, ZEE5 पर यूजर्स की सक्रियता और ग्रोथ को बढ़ावा मिला।
कंपनी के लीनियर टेलीविजन कारोबार ने भी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की है। BARC के आंकड़ों के मुताबिक, नेटवर्क ने वीक 24 में 20% मार्केट शेयर दर्ज किया, जो पिछले सात वर्षों में उसका सबसे ऊंचा स्तर है। कंपनी की नई फिक्शन और नॉन-फिक्शन पेशकशों पर आधारित कंटेंट रणनीति से दर्शकों की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिली। इसके अलावा, 'सा रे गा मा पा' जैसे लोकप्रिय फ्रेंचाइजी के जरिए नॉन-फिक्शन कंटेंट पोर्टफोलियो को भी मजबूत किया गया है। कंपनी ने 'जीना इसी का नाम है' को अपनी आगामी पेशकश के तौर पर घोषित किया है।
सब्सक्रिप्शन कारोबार भी कंपनी की ग्रोथ का एक प्रमुख आधार बनकर उभरा। कंपनी के लीनियर और डिजिटल कारोबार को मिलाकर सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में सालाना आधार पर 30% की वृद्धि दर्ज की गई। डिजिटल सेगमेंट में प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) बढ़ने और नए सब्सक्राइबर्स जुड़ने से इस कारोबार को फायदा हुआ। वहीं, लीनियर टेलीविजन कारोबार में कीमतों में बढ़ोतरी ने भी सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू को सहारा दिया। दूसरी ओर, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद कंपनी के विज्ञापन रेवेन्यू में पिछली तिमाही के मुकाबले 20% की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी के म्यूजिक कारोबार Zee Music Company ने भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पहुंच का विस्तार किया। इस सेगमेंट को तिमाही के दौरान 59 अरब से अधिक वीडियो व्यूज मिले और इसके YouTube सब्सक्राइबर्स की संख्या 179 मिलियन के पार पहुंच गई। कंपनी के मुताबिक, म्यूजिक कारोबार ने अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखते हुए कई भाषाओं में म्यूजिक कैटलॉग का विस्तार किया है।
Zee Entertainment के डिजिटल, टेलीविजन, म्यूजिक, स्पोर्ट्स और सब्सक्रिप्शन कारोबार में दर्ज इस प्रदर्शन से कंपनी की समग्र ग्रोथ को मजबूती मिली है। कंपनी का फोकस अपने कंटेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने, दर्शकों और यूजर्स की भागीदारी बढ़ाने तथा डिजिटल और स्पोर्ट्स कारोबार का विस्तार करने पर बना हुआ है।
धुरंधर’ की शुरुआत 2 नवंबर से होने के साथ ही चैनल के प्राइम टाइम में संभावित फेरबदल पर नजर रहेगी। अमिश देवगन के नए शो और सुमित अवस्थी के ‘चक्रView’ की टाइमिंग को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता है।
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जाने-माने पत्रकार और न्यूज एंकर अमिश देवगन ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ (Times Now Navbharat) पर अपना नया शो ‘धुरंधर विद अमिश देवगन’ लेकर आ रहे हैं। उनके इस नए कार्यक्रम का प्रोमो लॉन्च हो चुका है। अमिश देवगन ने सोशल मीडिया पर इस शो से जुड़ा प्रमोशनल वीडियो साझा किया है। इसके मुताबिक, ‘धुरंधर’ का प्रसारण 2 नवंबर 2026 से सोमवार से शुक्रवार शाम 6:50 बजे किया जाएगा। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने के बाद अमिश देवगन का यह नया शो चैनल की प्राइम टाइम प्रोग्रामिंग का अहम हिस्सा बनने जा रहा है।
#Dhurandhar #BiggestDebate 6:50PM @TNNavbharat https://t.co/BCcUP391Yy
— Amish Devgan (@AMISHDEVGAN) October 30, 2026
‘धुरंधर’ की लॉन्चिंग के साथ ही टाइम्स नाउ नवभारत के प्राइम टाइम शेड्यूल में बदलाव की चर्चा भी शुरू हो गई है। इसकी वजह चैनल पर सुमित अवस्थी का कार्यक्रम ‘चक्रView’ है, जो फिलहाल शाम के स्लॉट में प्रसारित होता है। सुमित अवस्थी का यह शो दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था। नए शो के इसी समय के आसपास आने के कारण सुमित अवस्थी के कार्यक्रम की टाइमिंग में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
अमिश देवगन ने सितंबर 2026 में टाइम्स नाउ नवभारत में मैनेजिंग एडिटर के तौर पर नई पारी शुरू की है। इससे पहले वह नेटवर्क18 के हिंदी न्यूज चैनल न्यूज18 इंडिया से जुड़े थे। वहां उन्होंने ‘आर-पार’ जैसे प्राइम टाइम कार्यक्रम के जरिए अपनी पहचान बनाई। इस शो में राजनीति, राष्ट्रीय मुद्दों और समसामयिक घटनाओं पर चर्चा होती थी।
सुमित अवस्थी न्यूज टेलीविजन का जाना-पहचाना चेहरा हैं। उनके शो ‘चक्रView’ में दिन की बड़ी खबरों के पीछे की वजहों और उनके अलग-अलग पहलुओं को समझाने पर जोर दिया जाता है। इसमें राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और देश-दुनिया से जुड़े अहम मुद्दों का विश्लेषण किया जाता है। खबरों को केवल सुर्खियों तक सीमित रखने के बजाय उनके संदर्भ और प्रभाव को सामने लाना इस कार्यक्रम की खासियत है। शो में विजुअल एक्सप्लेनर और तथ्य आधारित विश्लेषण के जरिए जटिल मुद्दों को समझने की कोशिश की जाती है।
अब चर्चा है कि ‘चक्रView’ को शाम के स्लॉट से हटाकर रात 10 बजे प्रसारित किया जा सकता है। हालांकि, इस संभावित बदलाव को लेकर चैनल की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। टाइम्स नाउ नवभारत के उपलब्ध कार्यक्रम शेड्यूल के मुताबिक, रात 10 बजे फिलहाल ‘संकल्प’ प्रसारित होता है। इस कार्यक्रम में प्रमुख खबरों और अहम घटनाक्रमों का विश्लेषण किया जाता है। यदि सुमित अवस्थी का शो रात 10 बजे शिफ्ट होता है, तो यह देखना होगा कि ‘संकल्प’ के समय या प्रसारण व्यवस्था में क्या बदलाव किया जाता है।
धुरंधर’ की शुरुआत 2 नवंबर से होने के साथ ही चैनल के प्राइम टाइम में संभावित फेरबदल पर नजर रहेगी। अमिश देवगन के नए शो और सुमित अवस्थी के ‘चक्रView’ की टाइमिंग को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता है।