वह 6 नवंबर को हैदराबाद के न्यूज चैनल ‘6 टीवी भारत’ (6TV Bharat) से ग्रुप एडिटर के तौर पर जुड़ेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ पत्रकार सुधीर मिश्र ने ‘नवभारत टाइम्स’ (NBT) में करीब 14 साल का सफर पूरा करने के बाद अब नई पारी शुरू करने का फैसला किया है। वह 6 नवंबर को हैदराबाद के न्यूज चैनल ‘6 टीवी भारत’ (6TV Bharat) से ग्रुप एडिटर के तौर पर जुड़ेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की है।
सुधीर मिश्र ने बताया कि नवभारत टाइम्स में उनका आज आखिरी साप्ताहिक कॉलम प्रकाशित हुआ है। करीब 14 साल तक हर शनिवार प्रकाशित होने वाले इस कॉलम को अखबार के साथ-साथ ऑनलाइन और सोशल मीडिया के पाठकों ने भी खूब पढ़ा। उन्होंने अपने पाठकों का आभार जताते हुए इस लंबे सफर के लिए सभी को धन्यवाद दिया।
अपनी नई जिम्मेदारी के बारे में बताते हुए सुधीर मिश्र ने कहा कि हैदराबाद के 6 टीवी भारत के डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत लखनऊ और दिल्ली से हो चुकी है। इन प्लेटफॉर्म्स के लिए टीमें काम कर रही हैं और अब इस काम को आगे बढ़ाने तथा विस्तार देने की योजना है। चैनल का हिंदी प्लेटफॉर्म ‘6 टीवी भारत’ और अंग्रेजी प्लेटफॉर्म ‘ऑनस्पॉट’ (OnSpot) के नाम से संचालित होगा।
सुधीर मिश्र ने अपने नए सफर के उद्देश्य को साझा करते हुए कहा कि उनकी कोशिश तेजी से विभाजित होते समाज के सामने ऐसी पत्रकारिता प्रस्तुत करने की होगी, जो लोगों को जोड़े, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे और जीवन में खुशहाली लाने वाली सकारात्मक ऊर्जा पैदा करे। उन्होंने इस दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर की।
उन्होंने स्वीकार किया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए काफी मेहनत, समझ और अनुशासन की जरूरत होगी। हालांकि, उन्हें भरोसा है कि लोगों का साथ मिलने से कोई भी मुश्किल काम असंभव नहीं है। अपनी पोस्ट के आखिर में उन्होंने सभी का आभार जताया और नए सफर के लिए लोगों से सहयोग की उम्मीद जताई।
नवभारत टाइम्स में आज यह मेरा आख़िरी साप्ताहिक कॉलम है । करीब १४ साल तक मैंने इस कॉलम को लिखा । हर शनिवार छपने वाले इस कॉलम को अख़बार के अलावा हमारे ऑनलाइन और सोशल मीडिया के पाठकों ने भी ख़ूब पढ़ा । आप सब का आभार! पाँच November तक नवभारत टाइम्स में काम करने के बाद मैं 6 नवंबर 6 टीवी भारत को ग्रुप एडिटर के तौर पर जॉइन करूँगा । हैदराबाद के इस चैनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म को लखनऊ और दिल्ली से शुरू किया जा चुका है, टीम काम कर रही हैं, इसके लिंक नीचे पोस्ट में हैं । इसे ही आगे और विस्तार देने की योजना है । हिंदी में 6tv भारत नाम से और इंग्लिश में ऑनस्पॉट. । कोशिश रहेगी तेजी से विभाजित होते समाज के सामने कुछ ऐसी पत्रकारिता की जाये जो लोगों को जोड़े, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे और जिंदगी को खुशहाल बनाने की पॉजिटिव एनर्जी पैदा करे । मुझे मालूम है कि इस काम में बहुत मेहनत, समझ और अनुशासन की जरूरत होगी लेकिन आप लोगों का साथ है तो कुछ भी मुश्किल नहीं । आप सब का बहुत बहुत शुक्रिया
— सुधीर मिश्र Sudhir Misra (@SudhirMisraNBT) October 31, 2026
व्हाइट ब्रिज ने अपनी ऑनलाइन मौजूदगी और कारोबार बढ़ाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी की तलाश शुरू की है। कंपनी SEO, सोशल मीडिया, कंटेंट और परफॉर्मेंस मार्केटिंग का अनुभव चाहती है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
व्हाइट ब्रिज (White Bridge) ने अपनी ऑनलाइन मौजूदगी मजबूत करने और कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी (Digital Marketing Agency) की तलाश शुरू की है। कंपनी ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की है।
व्हाइट ब्रिज की सीईओ एश्ले (Ashley) ने एक पोस्ट में अनुभवी और भरोसेमंद डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के साथ काम करने की इच्छा जताई है। उन्होंने एजेंसियों से अपना पोर्टफोलियो और संपर्क विवरण साझा करने को कहा है।
कंपनी ऐसी एजेंसी की तलाश कर रही है, जिसे सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (Search Engine Optimization) और सर्च इंजन मार्केटिंग (Search Engine Marketing), सोशल मीडिया मैनेजमेंट, कंटेंट क्रिएशन एवं मार्केटिंग, पेड एडवरटाइजिंग कैंपेन, वेबसाइट ऑप्टिमाइजेशन, डिजिटल मार्केटिंग स्ट्रैटेजी और परफॉर्मेंस एनालिटिक्स का अनुभव हो।
एश्ले ने अपनी पोस्ट में कहा कि हेल्थकेयर इंडस्ट्री में काम करने वाली एजेंसियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग एजेंसियों और संबंधित सिफारिशें रखने वाले लोगों से संपर्क करने या डायरेक्ट मैसेज के जरिए अपना पोर्टफोलियो और संपर्क विवरण साझा करने की अपील की है।
गेमिंग कंपनी नजारा टेक्नोलॉजीज ने ब्लूटाइल गेम्स और बेस्टप्ले सिस्टम्स के अधिग्रहण की प्रक्रिया में 734.35 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त का भुगतान कर दिया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
गेमिंग कंपनी नजारा टेक्नोलॉजीज ने ब्लूटाइल गेम्स और बेस्टप्ले सिस्टम्स के अधिग्रहण की प्रक्रिया में 734.35 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त का भुगतान कर दिया है। कंपनी ने यह रकम अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी नजारा टेक्नोलॉजीज यूके लिमिटेड के जरिए चुकाई है। इस भुगतान के बाद दोनों कंपनियां नजारा यूके की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां बनी हुई हैं और नजारा टेक्नोलॉजीज की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी के रूप में काम कर रही हैं।
नजारा टेक्नोलॉजीज ने 30 अक्टूबर को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि कंपनी ने 29 अक्टूबर 2026 को अपनी सहायक कंपनी नजारा यूके में 7.70 करोड़ डॉलर (करीब 734.35 करोड़ रुपये) का निवेश किया था। यह रकम नजारा यूके के इक्विटी शेयरों की सदस्यता के जरिए दी गई।
इसके बाद 30 अक्टूबर को नजारा यूके ने ब्लूटाइल गेम्स और बेस्टप्ले के विक्रेताओं को अधिग्रहण की दूसरी किस्त के तौर पर 7.70 करोड़ डॉलर (करीब 734.35 करोड़ रुपये) का नकद भुगतान किया।
करीब 2,990 करोड़ रुपये का है अधिग्रहण सौदा
कंपनी के मुताबिक, ब्लूटाइल गेम्स और बेस्टप्ले के अधिग्रहण के लिए कुल 30.302 करोड़ डॉलर (करीब 2,990 करोड़ रुपये) का भुगतान किया जाना है। इसमें से 7.70 करोड़ डॉलर की दूसरी किस्त का भुगतान कर दिया गया है। बाकी रकम का भुगतान संशोधित शेयर खरीद समझौते (Amended Share Purchase Agreement) में तय शर्तों और तरीके के अनुसार किया जाएगा।
नजारा ने कहा है कि बाकी भुगतान को लेकर आगे की जानकारी उचित समय पर शेयर बाजार को दी जाएगी।
पहले भी दी गई थी अधिग्रहण की जानकारी
नजारा टेक्नोलॉजीज ने इस सौदे से जुड़ी जानकारी इससे पहले 18 मार्च, 16 जून, 3 अगस्त और 6 अगस्त 2026 को भी शेयर बाजार को दी थी। ताजा जानकारी कंपनी ने सेबी के लिस्टिंग नियमों के तहत साझा की है।
इस सौदे के तहत ब्लूटाइल गेम्स और बेस्टप्ले का अधिग्रहण नजारा टेक्नोलॉजीज यूके के माध्यम से किया जा रहा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ताजा भुगतान के बाद भी दोनों टारगेट कंपनियां नजारा यूके की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियां बनी हुई हैं।
'रेडियो सिटी' की मूल कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड अब अपनी कमाई बढ़ाने के लिए रेडियो विज्ञापनों के साथ-साथ ब्रैंडेड कंटेंट, कॉन्सर्ट, इवेंट, स्पॉन्सरशिप और डिजिटल गतिविधियों पर भी जोर दे रही है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
'रेडियो सिटी' की मूल कंपनी म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड अब अपनी कमाई बढ़ाने के लिए रेडियो विज्ञापनों के साथ-साथ ब्रैंडेड कंटेंट, कॉन्सर्ट, इवेंट, स्पॉन्सरशिप और डिजिटल गतिविधियों पर भी जोर दे रही है। कंपनी खास तौर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों में बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की संभावनाएं तलाश रही है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने का फैसला उनकी लागत और उनसे होने वाली कमाई को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
म्यूजिक ब्रॉडकास्ट लिमिटेड के सीईओ एब्राहम थॉमस ने 27 अक्टूबर को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस कॉल में कंपनी की रणनीति और प्रदर्शन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही में कंपनी को पिछले कुछ समय से लागू की गई रणनीतिक और परिचालन पहलों का फायदा मिला है। हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी की कमाई में नरमी रही, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण और कामकाज की बेहतर क्षमता के चलते मुनाफे में सुधार हुआ है।
थॉमस के मुताबिक, कंपनी का मुख्य लक्ष्य ऐसा कारोबारी मॉडल तैयार करना है, जो बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत बना रहे। इसके लिए कंपनी अपने अलग-अलग प्लेटफॉर्म से कमाई बढ़ाने, विज्ञापनदाताओं के साथ रिश्ते मजबूत करने और मुनाफे को टिकाऊ बनाने पर काम कर रही है।
रेडियो और दूसरे प्लेटफॉर्म से कमाई बढ़ाने पर फोकस
एब्राहम थॉमस ने बताया कि कंपनी की रणनीति चार प्रमुख बातों पर आधारित है। इनमें रेडियो और रेडियो प्लस प्लेटफॉर्म से कमाई बढ़ाना, विज्ञापनदाताओं को एकीकृत मीडिया सेवाएं देना, टिकाऊ और मुनाफे वाली ग्रोथ हासिल करना और कामकाज के साथ लागत को अधिक प्रभावी बनाना शामिल है।
उन्होंने कहा कि रेडियो सिटी ब्रैंडेड कंटेंट, इवेंट, स्पॉन्सरशिप, डिजिटल समाधान और विज्ञापनदाताओं के लिए एकीकृत पेशकशों के जरिए कमाई के नए रास्ते तलाश रही है। कंपनी की कोशिश प्रमुख विज्ञापनदाताओं के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने, उनसे मिलने वाले कारोबार का हिस्सा बढ़ाने और अपने सभी प्लेटफॉर्म का बेहतर इस्तेमाल करने की है।
दूसरी तिमाही में 8% बढ़ी कमाई
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में म्यूजिक ब्रॉडकास्ट का राजस्व 41 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 37.8 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर करीब 8% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, पहली तिमाही के 44.5 करोड़ रुपये के मुकाबले दूसरी तिमाही में राजस्व कम रहा।
कंपनी ने इस दौरान खर्चों में अच्छी कटौती की। दूसरी तिमाही में कुल खर्च 34.8 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 43.3 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी के कुल खर्च में सालाना आधार पर करीब 20% की कमी आई।
खर्चों में कमी का असर कंपनी के मुनाफे पर भी दिखाई दिया। दूसरी तिमाही में परिचालन स्तर पर टैक्स से पहले मुनाफा 1.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को इस मद में 13.3 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं, रिपोर्टेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स यानी कर से पहले दर्ज मुनाफा 8.9 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 6.4 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
पहली छमाही में खर्च 23% घटे
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी का राजस्व 85.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह 87.2 करोड़ रुपये था। इस तरह राजस्व में सालाना आधार पर करीब 2% की गिरावट आई।
हालांकि, इस दौरान कंपनी ने खर्चों को काफी कम किया। पहली छमाही में कुल खर्च 70.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 91.7 करोड़ रुपये था। यानी खर्चों में करीब 23% की कमी आई।
पहली छमाही में परिचालन स्तर पर टैक्स से पहले मुनाफा 5.6 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 20.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं, रिपोर्टेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स 21.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल पहली छमाही में यह 6.3 करोड़ रुपये के घाटे में था।
थॉमस ने कहा कि पहली छमाही के नतीजे बताते हैं कि कंपनी की लागत कम करने की पहल और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने से उसे फायदा मिला है। अब कंपनी की कोशिश इस मजबूत परिचालन स्थिति के आधार पर आगे राजस्व बढ़ाने की है।
कुल कमाई में 18-20% हिस्सा गैर-विज्ञापन कारोबार का
कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान कंपनी से पूछा गया कि उसकी कुल कमाई में पारंपरिक रेडियो विज्ञापनों और दूसरे स्रोतों का कितना योगदान है। इस पर सीएफओ राजीव शाह ने बताया कि कंपनी के राजस्व में एफसीटी और एनएफसीटी का अनुपात फिलहाल 80:20 है।
यहां एफसीटी यानी फ्री कमर्शियल टाइम से मतलब रेडियो पर विज्ञापनों के लिए बेचे जाने वाले पारंपरिक समय से है। वहीं, एनएफसीटी में ब्रैंडेड कंटेंट, इवेंट, स्पॉन्सरशिप और अन्य गैर-पारंपरिक विज्ञापन गतिविधियों से होने वाली कमाई शामिल होती है।
एब्राहम थॉमस ने बताया कि कंपनी की कुल कमाई में फिलहाल गैर-एफसीटी कारोबार का योगदान करीब 18-20% है। कंपनी इस हिस्से को और बढ़ाना चाहती है। इसके लिए वह नए कार्यक्रमों और अनुभव आधारित गतिविधियों पर काम कर रही है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों में कॉन्सर्ट और इवेंट की तैयारी
कॉन्फ्रेंस कॉल में एब्राहम थॉमस से पूछा गया कि क्या कंपनी दूसरी छमाही में गैर-एफसीटी कारोबार को बढ़ाने के लिए बड़े कॉन्सर्ट और इवेंट आयोजित करने की योजना बना रही है।
इस पर उन्होंने कहा कि कंपनी टियर-2 और टियर-3 बाजारों में कई तरह की अनुभव आधारित गतिविधियां आयोजित करने की प्रक्रिया में है। इन बाजारों में कंपनी को अच्छी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं और यहां उसकी मजबूत मौजूदगी भी है। इसी ताकत का इस्तेमाल करते हुए कंपनी कॉन्सर्ट और दूसरे कार्यक्रमों की संभावनाएं तलाश रही है।
हालांकि, उन्होंने किसी निश्चित संख्या या राजस्व वृद्धि का अनुमान नहीं दिया। उनका कहना था कि कंपनी ऐसे कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाना चाहती है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उनसे कितना राजस्व हासिल हो सकता है और उनकी लागत कितनी आती है। कंपनी का जोर केवल कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के बजाय मुनाफे को ध्यान में रखकर काम करने पर है।
खर्चों में कटौती का फायदा आगे भी मिलने की उम्मीद
कंपनी से यह भी पूछा गया कि करीब एक साल पहले शुरू की गई खर्चों में कटौती की पहल आगे जारी रहेगी या नहीं। इस पर राजीव शाह ने बताया कि पिछले तीन तिमाहियों से कंपनी का तिमाही खर्च लगभग 39-40 करोड़ रुपये के आसपास रहा है और आगे भी इसे इसी स्तर पर बनाए रखने की उम्मीद है।
पहली तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में कुल खर्च में करीब 1 करोड़ रुपये की बचत हुई। हालांकि, कर्मचारी खर्च में करीब 60 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई, लेकिन दूसरे खर्चों में लगभग 1.6 करोड़ रुपये की बचत की गई। इस तरह कुल मिलाकर कंपनी को करीब 1 करोड़ रुपये की बचत हुई।
कंपनी के पास 283 करोड़ रुपये की नकदी
कॉल के दौरान कंपनी से उसकी नकदी की स्थिति और शेयर बायबैक की संभावनाओं के बारे में भी पूछा गया। इस पर राजीव शाह ने बताया कि कंपनी के पास करीब 283 करोड़ रुपये की नकदी है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या कंपनी शेयर बायबैक की योजना बना रही है, तो उन्होंने साफ किया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। वहीं, डिबेंचर से जुड़े ब्याज खर्च में कमी आने के बाद शेयरधारकों को डिविडेंड देने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कंपनी अभी इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकती।
दूसरी छमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद, लेकिन कोई गाइडेंस नहीं
आने वाली दो तिमाहियों और पूरे वित्त वर्ष के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर एब्राहम थॉमस ने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि त्योहारों का सीजन शुरू होने के साथ अगले दो क्वार्टर में बाजार की गति बनी रहेगी। कंपनी भी उम्मीद कर रही है कि इस साल का त्योहारी सीजन पिछले साल के मुकाबले बेहतर रहेगा।
हालांकि, कंपनी ने दूसरी छमाही के राजस्व या मुनाफे को लेकर कोई निश्चित अनुमान नहीं दिया। राजीव शाह ने कहा कि बाजार की मौजूदा स्थिति और वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितताओं को देखते हुए कंपनी अगले दो साल के लिए कोई गाइडेंस देने की स्थिति में नहीं है।
उन्होंने कहा कि कंपनी बाजार की गतिविधियों पर नजर रखेगी। अगर बाजार में सुधार आता है तो कंपनी उसका फायदा उठाने के लिए तैयार है। फिलहाल राजस्व का प्रदर्शन बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा। वहीं, कंपनी को उम्मीद है कि लागत पर नियंत्रण के चलते मौजूदा मुनाफे की स्थिति को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मुनाफे को टिकाऊ बनाना कंपनी का लक्ष्य
कॉन्फ्रेंस कॉल के समापन पर एब्राहम थॉमस ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले मुनाफे में अच्छा सुधार दर्ज किया है। इसका मुख्य कारण खर्चों पर अनुशासन और कामकाज के अधिक प्रभावी ढांचे का फायदा है।
उन्होंने माना कि पिछली तिमाही के मुकाबले राजस्व में नरमी रही, लेकिन कंपनी ने सकारात्मक ईबीआईटीडीए और पीएटी दर्ज किया और वित्त वर्ष की पहली छमाही में अपने प्रदर्शन को मजबूत किया।
थॉमस ने कहा कि आगे भी कंपनी का ध्यान अपने प्लेटफॉर्म से कमाई बढ़ाने, विज्ञापनदाताओं के साथ संबंध मजबूत करने, आय के नए स्रोत विकसित करने और टिकाऊ व मुनाफे वाली ग्रोथ हासिल करने पर रहेगा।
डिश टीवी इंडिया लिमिटेड (Dish TV India Limited) के चीफ कस्टमर एक्सपीरियंस ऑफिसर (CCEO) स्वामी मेहरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डिश टीवी इंडिया लिमिटेड (Dish TV India Limited) के चीफ कस्टमर एक्सपीरियंस ऑफिसर (CCEO) स्वामी मेहरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने 30 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि उनका इस्तीफा 30 अक्टूबर को कारोबारी समय समाप्त होने के साथ प्रभावी हो गया है। इसके साथ ही वह कंपनी के सीनियर मैनेजमेंट का हिस्सा भी नहीं रहेंगे।
कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के लिस्टिंग नियमों के तहत यह जानकारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी है।
Dish TV की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, स्वामी मेहरा ने कंपनी से बाहर नए अवसरों को तलाशने के लिए इस्तीफा दिया है। कंपनी ने साफ किया है कि उनके इस्तीफे के पीछे इसके अलावा कोई अन्य महत्वपूर्ण वजह नहीं है।
स्वामी मेहरा ने अपने इस्तीफे में कंपनी के प्रबंधन और सहकर्मियों का सहयोग, मार्गदर्शन और भरोसा जताने के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले अनुभवों और अवसरों के लिए भी कंपनी का धन्यवाद किया और भविष्य के लिए कंपनी और उसकी टीम को शुभकामनाएं दीं।
मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) ने अपनी कमाई में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) ने अपनी कमाई में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में सालाना आधार पर 13% का इजाफा हुआ है और यह बढ़कर 22,246 मिलियन रुपये (2,224.6 करोड़ रुपये) पहुंच गया है। कंपनी के डिजिटल, लीनियर टेलीविजन, म्यूजिक और सब्सक्रिप्शन कारोबार के बेहतर प्रदर्शन ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है।
कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म ZEE5 ने इस दौरान अब तक का अपना सबसे अधिक तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया है। प्लेटफॉर्म की कमाई 6,260 मिलियन रुपये (626 करोड़ रुपये) रही, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 101% अधिक है। कंपनी के मुताबिक, अलग-अलग भाषाओं में कंटेंट की मजबूत पेशकश और यूजर एक्सपीरियंस में सुधार से इस प्रदर्शन को मजबूती मिली। इस अवधि में ZEE5 ने 34 शो और फिल्में रिलीज कीं, जिनमें नौ ओरिजिनल कंटेंट शामिल थे। प्लेटफॉर्म ने अपनी प्रॉफिटेबिलिटी में भी सुधार दर्ज किया।
कंपनी के स्पोर्ट्स कारोबार को भी FIFA World Cup 2026 से मजबूती मिली। इस टूर्नामेंट की लाइव और नॉन-लाइव प्लेटफॉर्म पर कुल पहुंच 400 मिलियन से अधिक रही, जबकि इसे देखने का कुल समय करीब 50 अरब मिनट दर्ज किया गया। इस आयोजन से कंपनी की स्पोर्ट्स पहल Unite8 Sports को भी मजबूती मिली। साथ ही, ZEE5 पर यूजर्स की सक्रियता और ग्रोथ को बढ़ावा मिला।
कंपनी के लीनियर टेलीविजन कारोबार ने भी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की है। BARC के आंकड़ों के मुताबिक, नेटवर्क ने वीक 24 में 20% मार्केट शेयर दर्ज किया, जो पिछले सात वर्षों में उसका सबसे ऊंचा स्तर है। कंपनी की नई फिक्शन और नॉन-फिक्शन पेशकशों पर आधारित कंटेंट रणनीति से दर्शकों की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिली। इसके अलावा, 'सा रे गा मा पा' जैसे लोकप्रिय फ्रेंचाइजी के जरिए नॉन-फिक्शन कंटेंट पोर्टफोलियो को भी मजबूत किया गया है। कंपनी ने 'जीना इसी का नाम है' को अपनी आगामी पेशकश के तौर पर घोषित किया है।
सब्सक्रिप्शन कारोबार भी कंपनी की ग्रोथ का एक प्रमुख आधार बनकर उभरा। कंपनी के लीनियर और डिजिटल कारोबार को मिलाकर सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में सालाना आधार पर 30% की वृद्धि दर्ज की गई। डिजिटल सेगमेंट में प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) बढ़ने और नए सब्सक्राइबर्स जुड़ने से इस कारोबार को फायदा हुआ। वहीं, लीनियर टेलीविजन कारोबार में कीमतों में बढ़ोतरी ने भी सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू को सहारा दिया। दूसरी ओर, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद कंपनी के विज्ञापन रेवेन्यू में पिछली तिमाही के मुकाबले 20% की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी के म्यूजिक कारोबार Zee Music Company ने भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पहुंच का विस्तार किया। इस सेगमेंट को तिमाही के दौरान 59 अरब से अधिक वीडियो व्यूज मिले और इसके YouTube सब्सक्राइबर्स की संख्या 179 मिलियन के पार पहुंच गई। कंपनी के मुताबिक, म्यूजिक कारोबार ने अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखते हुए कई भाषाओं में म्यूजिक कैटलॉग का विस्तार किया है।
Zee Entertainment के डिजिटल, टेलीविजन, म्यूजिक, स्पोर्ट्स और सब्सक्रिप्शन कारोबार में दर्ज इस प्रदर्शन से कंपनी की समग्र ग्रोथ को मजबूती मिली है। कंपनी का फोकस अपने कंटेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने, दर्शकों और यूजर्स की भागीदारी बढ़ाने तथा डिजिटल और स्पोर्ट्स कारोबार का विस्तार करने पर बना हुआ है।
धुरंधर’ की शुरुआत 2 नवंबर से होने के साथ ही चैनल के प्राइम टाइम में संभावित फेरबदल पर नजर रहेगी। अमिश देवगन के नए शो और सुमित अवस्थी के ‘चक्रView’ की टाइमिंग को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
जाने-माने पत्रकार और न्यूज एंकर अमिश देवगन ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ (Times Now Navbharat) पर अपना नया शो ‘धुरंधर विद अमिश देवगन’ लेकर आ रहे हैं। उनके इस नए कार्यक्रम का प्रोमो लॉन्च हो चुका है। अमिश देवगन ने सोशल मीडिया पर इस शो से जुड़ा प्रमोशनल वीडियो साझा किया है। इसके मुताबिक, ‘धुरंधर’ का प्रसारण 2 नवंबर 2026 से सोमवार से शुक्रवार शाम 6:50 बजे किया जाएगा। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने के बाद अमिश देवगन का यह नया शो चैनल की प्राइम टाइम प्रोग्रामिंग का अहम हिस्सा बनने जा रहा है।
#Dhurandhar #BiggestDebate 6:50PM @TNNavbharat https://t.co/BCcUP391Yy
— Amish Devgan (@AMISHDEVGAN) October 30, 2026
‘धुरंधर’ की लॉन्चिंग के साथ ही टाइम्स नाउ नवभारत के प्राइम टाइम शेड्यूल में बदलाव की चर्चा भी शुरू हो गई है। इसकी वजह चैनल पर सुमित अवस्थी का कार्यक्रम ‘चक्रView’ है, जो फिलहाल शाम के स्लॉट में प्रसारित होता है। सुमित अवस्थी का यह शो दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था। नए शो के इसी समय के आसपास आने के कारण सुमित अवस्थी के कार्यक्रम की टाइमिंग में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
अमिश देवगन ने सितंबर 2026 में टाइम्स नाउ नवभारत में मैनेजिंग एडिटर के तौर पर नई पारी शुरू की है। इससे पहले वह नेटवर्क18 के हिंदी न्यूज चैनल न्यूज18 इंडिया से जुड़े थे। वहां उन्होंने ‘आर-पार’ जैसे प्राइम टाइम कार्यक्रम के जरिए अपनी पहचान बनाई। इस शो में राजनीति, राष्ट्रीय मुद्दों और समसामयिक घटनाओं पर चर्चा होती थी।
सुमित अवस्थी न्यूज टेलीविजन का जाना-पहचाना चेहरा हैं। उनके शो ‘चक्रView’ में दिन की बड़ी खबरों के पीछे की वजहों और उनके अलग-अलग पहलुओं को समझाने पर जोर दिया जाता है। इसमें राष्ट्रीय राजनीति, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और देश-दुनिया से जुड़े अहम मुद्दों का विश्लेषण किया जाता है। खबरों को केवल सुर्खियों तक सीमित रखने के बजाय उनके संदर्भ और प्रभाव को सामने लाना इस कार्यक्रम की खासियत है। शो में विजुअल एक्सप्लेनर और तथ्य आधारित विश्लेषण के जरिए जटिल मुद्दों को समझने की कोशिश की जाती है।
अब चर्चा है कि ‘चक्रView’ को शाम के स्लॉट से हटाकर रात 10 बजे प्रसारित किया जा सकता है। हालांकि, इस संभावित बदलाव को लेकर चैनल की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। टाइम्स नाउ नवभारत के उपलब्ध कार्यक्रम शेड्यूल के मुताबिक, रात 10 बजे फिलहाल ‘संकल्प’ प्रसारित होता है। इस कार्यक्रम में प्रमुख खबरों और अहम घटनाक्रमों का विश्लेषण किया जाता है। यदि सुमित अवस्थी का शो रात 10 बजे शिफ्ट होता है, तो यह देखना होगा कि ‘संकल्प’ के समय या प्रसारण व्यवस्था में क्या बदलाव किया जाता है।
धुरंधर’ की शुरुआत 2 नवंबर से होने के साथ ही चैनल के प्राइम टाइम में संभावित फेरबदल पर नजर रहेगी। अमिश देवगन के नए शो और सुमित अवस्थी के ‘चक्रView’ की टाइमिंग को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता है।
एंथ्रोपिक ने वाल्मीकि देसाई को इन्वेस्टर रिलेशंस की जिम्मेदारी सौंपी है। देसाई इससे पहले करीब एक दशक तक सेल्सफोर्स में रहे, जहां उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वाल्मीकि देसाई (Valmiki Desai) सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया में इन्वेस्टर रिलेशंस (Investor Relations) की जिम्मेदारी संभालते हुए एंथ्रोपिक (Anthropic) से जुड़ गए हैं।
देसाई करीब एक दशक तक सेल्सफोर्स (Salesforce) में रहे। हाल ही में उन्होंने मार्च से अक्टूबर 2026 तक वाइस प्रेसिडेंट-इन्वेस्टर रिलेशंस (Vice President-Investor Relations) के पद पर काम किया।
इससे पहले वह फरवरी 2025 से मार्च 2026 तक सीनियर डायरेक्टर-इन्वेस्टर रिलेशंस और अगस्त 2023 से जनवरी 2025 तक डायरेक्टर-इन्वेस्टर रिलेशंस के पद पर रहे। सेल्सफोर्स में अपने कार्यकाल के दौरान देसाई ने इन्वेस्टर रिलेशंस में सीनियर मैनेजर, मैनेजर और सीनियर फाइनेंशियल एनालिस्ट जैसी जिम्मेदारियां भी संभालीं।
उन्होंने सेल्सफोर्स में अपने करियर की शुरुआत कॉरपोरेट अकाउंटिंग (Corporate Accounting) से की थी। इस दौरान उन्होंने कमीशन अकाउंटिंग और कॉरपोरेट अकाउंटिंग स्ट्रैटेजी एवं ऑपरेशंस से जुड़े काम किए। इसके बाद वह इन्वेस्टर रिलेशंस टीम में चले गए।
कैसीनो कारोबार करने वाली कंपनी Delta Corp Limited और उसकी दो सहायक कंपनियों को जीएसटी के मामले में आंशिक राहत मिली है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
कैसीनो कारोबार करने वाली कंपनी Delta Corp Limited और उसकी दो सहायक कंपनियों को जीएसटी के मामले में आंशिक राहत मिली है। गोवा के केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) आयुक्तालय के अतिरिक्त आयुक्त ने 28 अक्टूबर 2026 को सुधार आदेश जारी कर तीनों कंपनियों पर कुल अंतर जीएसटी मांग को 37.11 करोड़ रुपये से घटाकर 28.99 करोड़ रुपये कर दिया है। यानी मांग में करीब 8.12 करोड़ रुपये की कमी की गई है।
कंपनी ने 29 अक्टूबर को शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि ये आदेश उसके और उसकी सहायक कंपनियों Highstreet Cruises and Entertainment Private Limited (HCEPL) तथा Delta Pleasure Cruise Company Private Limited (DPCCPL) से जुड़े हैं।
किस कंपनी की जीएसटी मांग कितनी घटी?
कंपनी के खुलासे के मुताबिक, जुलाई 2017 से मार्च 2022 के दौरान कैसीनो में प्रवेश से जुड़े पैकेजों को मिश्रित आपूर्ति (Mixed Supply) मानकर लगाए गए अतिरिक्त जीएसटी की गणना में सुधार किया गया है।
|
कंपनी |
पहले की जीएसटी मांग |
संशोधित मांग |
कमी |
|
Delta Corp |
₹27.57 करोड़ |
₹21.54 करोड़ |
₹6.03 करोड़ |
|
Highstreet Cruises and Entertainment |
₹8.57 करोड़ |
₹6.70 करोड़ |
₹1.87 करोड़ |
|
Delta Pleasure Cruise Company |
₹96.58 लाख |
₹75.45 लाख |
करीब ₹21.12 लाख |
|
कुल |
₹37.11 करोड़ |
₹28.99 करोड़ |
करीब ₹8.12 करोड़ |
जीएसटी की गणना में क्या सुधार हुआ?
अतिरिक्त आयुक्त ने माना कि कैसीनो प्रवेश पैकेजों से हुई संबंधित प्राप्तियों पर अतिरिक्त जीएसटी की गणना टैक्स सहित कुल राशि (Cum-tax Basis) के आधार पर होनी चाहिए। साथ ही, उन प्राप्तियों पर पहले ही जमा किए गए जीएसटी का क्रेडिट भी दिया जाना चाहिए।
पहले के आदेशों में टैक्स को छोड़कर राशि (Ex-tax Basis) पर दर लागू की गई थी। सुधार आदेश में इसे रिकॉर्ड में स्पष्ट गलती माना गया और इसी आधार पर जीएसटी मांग की रकम संशोधित की गई।
जुर्माना भी घटा, लेकिन ब्याज देना होगा
कंपनी की जानकारी के मुताबिक, जीएसटी मांग घटने के साथ ही तीनों कंपनियों पर जुर्माने की रकम भी घटाकर कुल 28.99 करोड़ रुपये कर दी गई है। इसमें Delta Corp पर 21.54 करोड़ रुपये, Highstreet Cruises and Entertainment पर 6.70 करोड़ रुपये और Delta Pleasure Cruise Company पर 75.45 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है।
हालांकि, ब्याज की देनदारी बनी हुई है। कंपनी के खुलासे के अनुसार, बकाया अतिरिक्त जीएसटी पर भुगतान की निर्धारित तारीख से लेकर रकम चुकाने तक सालाना 18% की दर से ब्याज लगाया जाएगा।
इस तरह, जीएसटी मांग में कमी और जुर्माने में संशोधन के बावजूद मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
कंपनी अपील करने पर भी कर रही है विचार
Delta Corp ने कहा है कि वह 28 अक्टूबर के सुधार आदेशों और 25 सितंबर 2026 को जारी मूल आदेशों की समीक्षा कर रही है। कंपनी और उसकी सहायक कंपनियां कानून के तहत तय समयसीमा में अपील दाखिल करने समेत उचित कदम उठाने पर विचार कर सकती हैं।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी में यह नहीं कहा गया है कि संशोधित जीएसटी मांग और जुर्माने का भुगतान कर दिया गया है। इसलिए इसे जीएसटी मांग में संशोधन के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि पूरे विवाद के निपटारे के रूप में।
मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र की कंपनी Bodhi Tree Multimedia Limited को योग्य संस्थागत निवेशकों के जरिए पूंजी जुटाने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र की कंपनी Bodhi Tree Multimedia Limited को योग्य संस्थागत निवेशकों के जरिए पूंजी जुटाने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। कंपनी के 28 अक्टूबर 2026 को हुई पहली असाधारण आम बैठक (EGM) के मतदान नतीजों के मुताबिक, प्रस्ताव के पक्ष में सभी वैध वोट पड़े। कंपनी ने 29 अक्टूबर को मतदान के नतीजों और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट शेयर बाजारों के साथ साझा की।
क्या है प्रस्ताव?
कंपनी के शेयरधारकों के सामने योग्य संस्थागत निवेश (Qualified Institutional Placement यानी QIP) के जरिए पूंजी जुटाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके तहत पात्र निवेशकों को इक्विटी शेयर और/या अन्य पात्र प्रतिभूतियां जारी करने की मंजूरी मांगी गई थी। यह एक विशेष प्रस्ताव था।
100% वोट प्रस्ताव के पक्ष में
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर कुल 5,68,45,822 वोट पड़े। ये सभी वोट प्रस्ताव के पक्ष में थे। प्रस्ताव के खिलाफ एक भी वोट नहीं पड़ा। इस तरह कुल वैध वोटों में से 100% समर्थन मिलने के बाद प्रस्ताव जरूरी बहुमत से पारित हो गया।
मतदान के आंकड़ों के अनुसार, प्रमोटर और प्रमोटर समूह के पास मौजूद 4,40,96,739 शेयरों में से 4,40,96,228 वोट पड़े। सार्वजनिक गैर-संस्थागत शेयरधारकों के 11,98,07,889 शेयरों में से 1,27,49,594 वोट पड़े। सार्वजनिक संस्थागत शेयरधारकों के 1,77,93,149 शेयरों से कोई वोट दर्ज नहीं हुआ।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक
कंपनी की पहली असाधारण आम बैठक 28 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे शुरू हुई और 4:15 बजे समाप्त हुई। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से आयोजित की गई थी।
मतदान के लिए रिकॉर्ड डेट 21 अक्टूबर 2026 तय की गई थी। कंपनी के अनुसार, इस तारीख को कुल 21,436 शेयरधारक दर्ज थे। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रमोटर और प्रमोटर समूह से एक तथा सार्वजनिक शेयरधारकों में से 46 लोगों ने हिस्सा लिया।
कंपनी ने मतदान प्रक्रिया की जांच के लिए कंपनी सेक्रेटरी जयमिन मोदी को स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया था। उन्होंने 29 अक्टूबर 2026 को अपनी रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में प्रस्ताव के पक्ष में 5,68,45,822 वोट दर्ज किए गए और विरोध में कोई वोट नहीं पाया गया।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 193.56 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 193.56 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। भारत सरकार के आधिकारिक बजट दस्तावेजों के मुताबिक, मंत्रालय के लिए 2025-26 में 4,358.38 करोड़ रुपये का बजट अनुमान था, जिसे 2026-27 के लिए बढ़ाकर 4,551.94 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस तरह मंत्रालय के बजट में करीब 4.44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में बजट का ब्योरा दिया गया है। इसमें 2025-26 के मूल बजट अनुमान, संशोधित अनुमान और 2026-27 के बजट अनुमान की जानकारी शामिल है।
केंद्रीय योजनाओं के लिए बढ़ा आवंटन
आधिकारिक बजट दस्तावेजों के मुताबिक, केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के लिए 2025-26 में 1,118.49 करोड़ रुपये का बजट अनुमान था। 2026-27 में इसे बढ़ाकर 1,361.79 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस मद में 243.30 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
स्थापना खर्च के लिए ₹599.08 करोड़
मंत्रालय के स्थापना खर्च के लिए 2025-26 में 582.50 करोड़ रुपये का बजट अनुमान था। 2026-27 में यह बढ़कर 599.08 करोड़ रुपये हो गया है। इस तरह इस मद में 16.58 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
अन्य केंद्रीय खर्च में 66.32 करोड़ रुपये की कमी
दूसरी ओर, अन्य केंद्रीय खर्च के लिए 2025-26 में 2,657.39 करोड़ रुपये का बजट अनुमान था। 2026-27 के लिए यह राशि घटाकर 2,591.07 करोड़ रुपये कर दी गई है। इस मद में 66.32 करोड़ रुपये की कमी हुई है। इस तरह मंत्रालय के कुल बजट में बढ़ोतरी के बावजूद अन्य केंद्रीय खर्च के लिए निर्धारित राशि में कमी आई है।