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अब बॉम्बे हाई कोर्ट में पहुंचा डिश टीवी पर 42 करोड़ रुपये का टैक्स विवाद
देश की अग्रणी डीटीएच कंपनी डिश टीवी इंडिया लिमिटेड एक बार फिर टैक्स विवाद को लेकर सुर्खियों में है।
Vikas Saxena 4 months ago
देश की अग्रणी डीटीएच कंपनी डिश टीवी इंडिया लिमिटेड एक बार फिर टैक्स विवाद को लेकर सुर्खियों में है। केंद्रीय जीएसटी और सेंट्रल एक्साइज आयुक्त, औरंगाबाद ने कंपनी के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट (औरंगाबाद बेंच) में अपील दायर की है। यह अपील कस्टम्स, एक्साइज और सर्विस टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (CESTAT), मुंबई के उस आदेश को चुनौती देती है जिसमें फैसला डिश टीवी के पक्ष में आया था।
क्या है मामला
यह विवाद लगभग ₹42.19 करोड़ की राशि से जुड़ा है। यह मामला स्मार्ट कार्ड्स की सप्लाई से संबंधित है, जिन्हें डिश टीवी ने सेट टॉप बॉक्स निर्माताओं को जॉब वर्क (ठेका कार्य) के आधार पर उपलब्ध कराया था। कंपनी का कहना है कि उसने यह सप्लाई वैध जॉब वर्क के रूप में की थी, लेकिन सर्विस टैक्स विभाग, औरंगाबाद ने इसे असली जॉब वर्क नहीं माना।
विभाग ने आरोप लगाया कि कंपनी ने जनवरी 2014 से जून 2017 के बीच गलत तरीके से CENVAT क्रेडिट लिया है और इसे वापस करने का प्रस्ताव रखा।
कानूनी सफर
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4 जुलाई 2019: कमिश्नर, सीजीएसटी और सेंट्रल एक्साइज, औरंगाबाद ने टैक्स विभाग के पक्ष में फैसला दिया।
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फरवरी 2025: डिश टीवी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए CESTAT मुंबई में अपील की, जहां फैसला कंपनी के पक्ष में आया।
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अक्टूबर 2025: अब टैक्स कमिश्नर ने हाई कोर्ट (औरंगाबाद बेंच) में अपील दायर की है, जिससे मामला एक बार फिर कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है।
संभावित असर
यदि हाई कोर्ट CESTAT के आदेश को पलट देता है, तो डिश टीवी को न सिर्फ ₹42.19 करोड़ की विवादित राशि चुकानी पड़ सकती है, बल्कि बराबर की पेनल्टी और लागू ब्याज भी देना पड़ सकता है।
फिलहाल, यह मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में विचाराधीन है और उद्योग जगत की निगाहें इसके अगले फैसले पर टिकी हैं।
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