होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / लेडी जर्नलिस्ट का पर्स छोड़ फोन ही क्यों हुआ चोरी
लेडी जर्नलिस्ट का पर्स छोड़ फोन ही क्यों हुआ चोरी
महिला प्रेस क्लब के अलावा पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने वाली पत्रकार ने सोशल मीडिया पर बयां की सारी घटना, दर्ज कराई ई-एफआईआर
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
मॉर्निंग वॉक के लिए निकली महिला पत्रकार की गाड़ी का शीशा तोड़कर मोबाइल फोन चुराने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि चोरों ने सिर्फ मोबाइल पर हाथ साफ किया, जबकि कार में बैग और अन्य सामान ज्यों का त्यों रखा था।
एक दौर में ‘आजतक’ की स्क्रीन पर छाई रहने वालीं पत्रकार रविन्दर बावा दशहरे के दिन दिल्ली के पूसा इंस्टीट्यूट में मॉर्निंग वॉक के लिए गई थीं। गेट के पास अपनी कार पार्क करके वो अपना फोन और पर्स डैशबोर्ड पर छोड़ गई थीं। जब वो लौटीं तो उनकी कार का साइड विंडो ग्लास टूटा मिला और फोन गायब था, लेकिन पर्स और बाकी की चीजें वहीं रखी थीं। इसके बाद उन्होंने ई-एफआईआर की और इंदरपुरी थाने में भी गईं।
महिला प्रेस क्लब के अलावा पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय रविन्दर बावा ने इस घटना को लेकर ट्वीट किया और उसमें दिल्ली पुलिस को भी टैग करते हुआ लिखा, ‘बुराई पर अच्छाई की जीत वाले दिन की यह कैसी शुरुआत है, जिसमें मॉर्निंग वॉक पर जाने के दौरान आपका मोबाइल चोरी हो जाता है। आसपास के लोगों ने बताया कि पूसा गेट के पास मॉर्निंग वॉक के लिए आने वालों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्या दिल्ली में कोई सुरक्षित है?’
U go 4 morning walk n ur mobile gets stolen- what a way to begin #Dussehra2019, a day of triumph of good againstdevil, in your city @CPDelhi. Pple arnd told that in outside Pusa gate mrning walkers r facing this regularly. Is one safe in #delhi till nothing happens? @DelhiPolice
— ravinder bawa (@ravsbaws) October 8, 2019
इस ट्वीट के बाद लोगों को लगा कि उनका फोन छीन लिया गया है तो उन्होंने दूसरा ट्वीट करके लोगों की गलतफहमी दूर की, 'मेरा फोन छीना नहीं गया है, बल्कि कार का शीशा तोड़कर डैशबोर्ड से चुराया गया है। नंबर अभी एक्टिवेट है, लेकिन फोन नहीं मिला है।‘
1/2 My phone was not snatched but the car window was broken into to steal the phone from the dashboard. Sorry about the confusion. Now the number is activated but phone still now found.
— ravinder bawa (@ravsbaws) October 8, 2019
सवाल ये उठता है कि आखिर किसी को पैसे से ज्यादा फोन की जरूरत क्या थी, आमतौर पर जर्नलिस्ट के फोन में काफी बड़े-बड़े लोगों को कॉन्टेक्ट नंबर होते हैं, ये भी हो सकता है कि चोर को पर्स दिखा ही न हो और जल्दी में वो फोन उठाकर चल दिया हो।
टैग्स महिला पत्रकार रविन्दर बावा फोन चोरी पत्रकार के साथ वारदात