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हैप्पी बर्थडे आशीष सहगल: मीडिया में नई सोच के संवाहक हैं आप
आज जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) में चीफ ग्रोथ ऑफिसर (ऐडवर्टाइजमेंट रेवेन्यू) आशीष सहगल अपना जन्मदिन मना रहे हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 8 months ago
आज जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) में चीफ ग्रोथ ऑफिसर (ऐडवर्टाइजमेंट रेवेन्यू) आशीष सहगल अपना जन्मदिन मना रहे हैं। वे भारतीय मीडिया जगत के उन दुर्लभ रणनीतिक शिल्पियों में से हैं जिन्होंने चकाचौंध और सार्वजनिक मंचों की बजाय शांति से, लेकिन सटीक दृष्टि के साथ मीडिया और विज्ञापन की दुनिया में गहरी छाप छोड़ी है।
30 साल की प्रोफेशनल जर्नी में सहगल ने उस गहराई और दृष्टिकोण का निर्माण किया है जो केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि उन कहानियों को भी समझती है जो ब्रांड, प्लेटफॉर्म और दर्शकों के बीच अदृश्य रूप से बुनी होती हैं।
1994 में टाइम्स ग्रुप से करियर की शुरुआत करते हुए सहगल भारत के पहले एफएम रेडियो स्टेशन की लॉन्च टीम का हिस्सा बने। यह एक ऐसा क्षण था जिसने देश में मीडिया के लोकतंत्रीकरण की नींव रखी। शुरुआती वर्षों में उन्होंने मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और ब्रांड स्ट्रैटेजी जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव हासिल किया- एक ऐसा दौर जो सीख, प्रयोग और तेजी से बदलते परिवेश का संगम था।
बाद में उन्होंने बुएना विस्टा टीवी और स्टार इंडिया में काम किया, जहां स्टार के आक्रामक विस्तार काल के दौरान उनके पास राष्ट्रीय बिक्री जिम्मेदारी रही। उस समय भारतीय ब्रॉडकास्टिंग एकाधिकार से विविधता की ओर बढ़ रहा था, और सहगल इस संक्रमण काल में राजस्व रणनीति के प्रमुख संचालनकर्ता बने।
2006 में जब उन्होंने जी एंटरटेनमेंट जॉइन किया, वह पहले से ही एक स्थापित ब्रांड था—लेकिन पुनर्गठन की दहलीज पर खड़ा। आने वाले दो दशकों में आशीष सहगल इस रूपांतरण के एक प्रमुख स्तंभ बने।
उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने शुरुआत से ही विज्ञापनदाताओं के लिए एकीकृत और ग्राहक-केंद्रित रेवेन्यू मॉडल पर ध्यान दिया। वे इंडस्ट्री के शुरुआती लीडर्स में से थे जिन्होंने मल्टी-प्लेटफॉर्म, प्लैटफॉर्म-अग्नॉस्टिक राजस्व समाधान की कल्पना की, जो टीवी, डिजिटल और अनुभवजन्य अभियानों को एक रणनीतिक ढांचे में समेटे।
जहां अधिकांश कॉरपोरेट रणनीति तिमाही लक्ष्यों से संचालित होती है, सहगल ने दीर्घकालिक ब्रांड विश्वास और तात्कालिक राजस्व लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाया। उन्होंने जी के लिए नए विज्ञापन खंड खोले, साथ ही पुराने साझेदारों के साथ स्थिरता बनाए रखी।
कॉर्पोरेट भूमिका से परे भी उनका प्रभाव गहरा है। वे इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) के सक्रिय सदस्य हैं, मुंबई एडवरटाइजिंग क्लब में मेंटर की भूमिका निभाते हैं, और ई4एम रेवेन्यू लीडर्स 40 अंडर 40 जैसे प्लेटफॉर्म्स पर निर्णायक मंडल का हिस्सा भी रहे हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक, सिम्बायोसिस से विशेष एलएलबी और आईआईएम अहमदाबाद से स्ट्रैटेजी एंड ग्रोथ का एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम पूरा करने वाले सहगल अपने विकास के प्रति प्रतिबद्ध रहे हैं।
सहकर्मी उन्हें व्यावसायिक रूप से तेज, लेकिन व्यक्तिगत रूप से विनम्र, रणनीतिक और सहयोगपूर्ण बताते हैं। एजेंसी नेटवर्क और ब्रांड टीमों के बीच उनका भरोसा इस बात से बनता है कि वे बोर्डरूम की बातचीत में विश्लेषण के साथ-साथ सहानुभूति भी लाते हैं।
वे मीडिया के बदलते परिदृश्य में पारंपरिक प्रसारकों और डिजिटल नवाचारियों, व्यवसायिक जरूरतों और रचनात्मक आकांक्षाओं के बीच सेतु बनते रहे हैं।
आज जब वे अपना जन्मदिन मना रहे हैं, तो यह सिर्फ वर्षों की नहीं, बल्कि उस प्रभाव की भी कहानी है जिसे उन्होंने बड़े संयम और स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ गढ़ा है- एक विरासत जो अब भी आकार ले रही है।
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