बिजनेस टुडे और डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ने कॉरपोरेट नेतृत्व और पेशेवर गोल्फ को जोड़ने के लिए साझेदारी की है। बीटी गोल्फ टूर्नामेंट आठ शहरों में आयोजित होगा और खेल की पहुंच बढ़ाएगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
बिजनेस टुडे (Business Today) ने नई दिल्ली के कुतुब गोल्फ कोर्स में डीपी वर्ल्ड प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (DP World Professional Golf Tour of India - PGTI) के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी का उद्देश्य कॉरपोरेट नेतृत्व और प्रोफेशनल गोल्फ को करीब लाना और खेल को नई ऊर्जा देना है।
कार्यक्रम में क्रिकेट दिग्गज और गोल्फ प्रेमी कपिल देव (Kapil Dev), डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के अध्यक्ष, प्रोफेशनल गोल्फ खिलाड़ी और वरिष्ठ संपादक शामिल हुए। सभी ने पिच-एंड-पुट सत्र में हिस्सा लिया। इसके साथ कॉरपोरेट गोल्फ आयोजन की वापसी को भी चिह्नित किया गया।
इस साझेदारी के जरिए गोल्फ की पहुंच और विजिबिलिटी बढ़ाने के साथ सीएक्सओ (CXO) के लिए इसे प्रमुख गोल्फ प्लेटफॉर्म बनाने पर जोर दिया जाएगा। बिजनेस टुडे का कारोबारी जगत से जुड़ाव और डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई की प्रोफेशनल टूर्नामेंट विशेषज्ञता इस पहल को साथ लेकर आगे बढ़ेगी।
टूर्नामेंट का मल्टी-सिटी फॉर्मेट जारी रहेगा और देश के प्रमुख कॉरपोरेट केंद्रों में इसका आयोजन किया जाएगा। आगे इसमें और शहरों को जोड़ने की भी योजना है।
डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के अध्यक्ष कपिल देव ने कहा कि इंडिया इंक (India Inc.) को गोल्फ से जुड़े अनुशासन, धैर्य और खेल भावना का अनुभव कराना इस पहल का उद्देश्य है। उन्होंने बिजनेस टुडे और डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई की साझेदारी के जरिए गोल्फ को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर खुशी जताई।
इंडिया टुडे ग्रुप (India Today Group) के ग्रुप सीईओ दिनेश भाटिया ने कहा कि बीटी गोल्फ (BT Golf) ने वर्षों से खेल और कारोबार के बीच एक अलग मंच तैयार किया है। उन्होंने कहा कि डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के साथ साझेदारी के जरिए भारतीय गोल्फ का दायरा बढ़ाने और इसे कॉरपोरेट लीडर्स व खेल प्रेमियों के लिए ज्यादा आकर्षक बनाने पर काम किया जाएगा।
डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप जोहल ने कहा कि यह साझेदारी प्रोफेशनल गोल्फ और भारतीय कॉरपोरेट जगत को एक साथ लाती है। उनके मुताबिक, बीटी गोल्फ खेल और उसके मूल्यों को बढ़ावा देने का मंच है। इससे प्रोफेशनल गोल्फ खिलाड़ियों को प्रमुख कारोबारी नेताओं से बातचीत और नए संबंध बनाने का अवसर भी मिलेगा।
बिजनेस टुडे के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आलोक नायर ने कहा कि तीन दशकों से अधिक समय से बिजनेस टुडे भारत की कारोबारी चर्चाओं में अहम भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि बीटी गोल्फ वह प्लेटफॉर्म है, जहां कारोबार और गोल्फ एक साथ आते हैं।
उन्होंने बताया कि बीटी गोल्फ 27 वर्षों से भारत का पहला कॉरपोरेट गोल्फ प्लेटफॉर्म रहा है और हर साल अलग-अलग उद्योगों के प्रमुख लोगों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सौहार्द के माहौल में जोड़ता है। डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के साथ 27वें संस्करण की शुरुआत 31 अक्टूबर को कोलकाता के टॉलीगंज क्लब से होगी। यह आयोजन आठ शहरों में किया जाएगा।
बालाजी टेलीफिल्म्स ने अपने एम्प्लॉयीज को कंपनी में हिस्सेदारी पाने का मौका देने के लिए 10.20 लाख स्टॉक ऑप्शन देने की मंजूरी दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
बालाजी टेलीफिल्म्स ने अपने एम्प्लॉयीज को कंपनी में हिस्सेदारी पाने का मौका देने के लिए 10.20 लाख स्टॉक ऑप्शन देने की मंजूरी दी है। कंपनी ने 27 अक्टूबर को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि नामांकन और पारिश्रमिक समिति ने बालाजी टेलीफिल्म्स कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन योजना, 2023 के तहत पात्र एम्प्लॉयीज को ये ऑप्शन देने की मंजूरी दी है।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक स्टॉक ऑप्शन को कंपनी के 2 रुपये अंकित मूल्य वाले एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकता है। इसके लिए प्रति शेयर 62.86 रुपये का एक्सरसाइज प्राइस तय किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह कीमत 26 अक्टूबर 2026 को एनएसई पर शेयर के अंतिम बंद भाव में 25 फीसदी की छूट देने के आधार पर तय की गई है।
12 महीने बाद मिलेंगे ऑप्शन के अधिकार
योजना के तहत दिए गए सभी स्टॉक ऑप्शन ग्रांट की तारीख से 12 महीने पूरे होने पर वेस्ट होंगे। यानी निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद कर्मचारी इन ऑप्शन का इस्तेमाल करने के पात्र होंगे। ऑप्शन वेस्ट होने की अंतिम तारीख से तीन साल के भीतर इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
स्टॉक ऑप्शन योजना के तहत एम्प्लॉयीज को भविष्य में तय कीमत पर कंपनी के शेयर हासिल करने का अधिकार मिलता है। हालांकि, ऑप्शन मिलने का मतलब यह नहीं है कि एम्प्लॉयीज को तुरंत शेयर मिल गए हैं। इसके लिए उन्हें निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी और ऑप्शन का इस्तेमाल करना होगा।
कंपनी ने बताया कि यह योजना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के शेयर आधारित कर्मचारी लाभ और स्वेट इक्विटी से जुड़े 2021 के नियमों के अनुरूप है।
संख्या को लेकर जरूरी स्पष्टीकरण: कंपनी की मुख्य सूचना में 10,20,000 ऑप्शन यानी 10.20 लाख का उल्लेख है, जबकि साथ में दिए गए परिशिष्ट में ऑप्शन और उनसे जुड़े शेयरों की संख्या 10,20,00,000 लिखी गई है। दोनों आंकड़ों में बड़ा अंतर है। इसलिए सही संख्या की पुष्टि कंपनी से होने के बाद ही इसे अंतिम रूप से प्रकाशित करना उचित होगा।
अलीशा फर्नीचरवाला को पब्लिसिस ग्रुप की कंपनी प्रोपेगेट इंडिया में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पद पर प्रमोट किया गया है। इससे पहले वह कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अलीशा फर्नीचरवाला (Alisha Furniturewalla) को पब्लिसिस ग्रुप (Publicis Groupe) की कंपनी प्रोपेगेट इंडिया (Propagate India) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (Senior Vice President) के पद पर प्रमोट किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।
फर्नीचरवाला ने पोस्ट में अपनी पदोन्नति पर उत्साह जताते हुए उन मेंटर्स का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके करियर सफर में भरोसा और मार्गदर्शन दिया। उन्होंने अपनी टीमों को भी धन्यवाद दिया, जिनके साथ काम करते हुए महत्वाकांक्षी आइडियाज को वास्तविकता में बदलने में योगदान दिया।
इस प्रमोशन से पहले फर्नीचरवाला प्रोपेगेट इंडिया में वाइस प्रेसिडेंट (Vice President) के पद पर कार्यरत थीं।
फर्नीचरवाला के पास डिजिटल और इंटीग्रेटेड अकाउंट मैनेजमेंट (Integrated Account Management) के क्षेत्र में 15 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने प्रीमियम, लग्जरी और अपने क्षेत्र में पहचान रखने वाले ब्रांड्स के साथ काम किया है। अपने करियर के दौरान उन्होंने ब्रांड की प्रासंगिकता, विस्तार और लंबे समय तक टिकने वाली वैल्यू तैयार करने पर काम किया है।
समाचार4मीडिया से बातचीत में लाबण्या ने बताया कि वह फिलहाल नोटिस पीरियड पर हैं और 31 अक्टूबर इस संस्थान में उनका आखिरी कार्यदिवस है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पत्रकार लाबण्या ज्योति मासान्त ने टाइम्स नेटवर्क (Times Network) में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह करीब तीन साल से ईटी नाउ स्वदेश (ET Now Swadesh) में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं। समाचार4मीडिया से बातचीत में लाबण्या ने बताया कि वह फिलहाल नोटिस पीरियड पर हैं और 31 अक्टूबर इस संस्थान में उनका आखिरी कार्यदिवस है।
लाबण्या ने बताया कि वह जल्दी ही अपनी नई पारी शुरू करेंगी और फिर उसके बारे में अपडेट देंगी।
लाबण्या ने अपने करियर में बिजनेस, इंफ्रास्ट्रक्चर और राष्ट्रीय खबरों के संपादन के साथ डिजिटल कंटेंट तैयार करने का काम किया है। ET Now Swadesh में उनकी भूमिका में खबरों का संपादन और प्रकाशन, SEO के अनुकूल हेडलाइन तैयार करना और ब्रेकिंग न्यूज डेस्क के कामकाज का प्रबंधन शामिल रहा है।
लाबण्या ने अपने करियर की शुरुआत हिंदी दैनिक सन्मार्ग से की थी। यहां उन्होंने 2009 से 2012 तक बतौर क्राइम रिपोर्टर अपनी भूमिका निभाई। इसके बाद वह नवभारत प्रेस से जुड़ गईं, जहां उन्होंने 2012 से 2019 तक बतौर सब-एडिटर स्थानीय अपराध से जुड़ी खबरों के संपादन के साथ क्राइम और बिजनेस रिपोर्टिंग तथा स्थानीय पेजों की प्रूफरीडिंग का काम किया।
2019 में नवभारत को बाय बोलकर वह ओडिशा टेलीविजन लिमिटेड (OTV) से जुड़ गईं और 2021 तक काम किया। बाद में 2021 से 2023 तक उन्होंने कंटेंट एडिटर के तौर पर ईटीवी भारत (ETV Bharat) जॉइन कर लिया और फिर 2023 में टाइम्स नेटवर्क आ गईं, जहां से अब उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।
लाबण्या ने उत्कल विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री की पढ़ाई की है। समाचार4मीडिया की ओर से लाबण्या को उनके नए सफर के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।
सोहम भगनारी ने उबर एडवरटाइजिंग में स्ट्रैटेजिक वर्टिकल्स प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली है। वह सीपीजी, फार्मा और ऑटोमोटिव सेगमेंट देखेंगे। इससे पहले वह चार साल से अधिक समय तक अमेजन से जुड़े थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सोहम भगनारी (Soham Bhagnari) ने उबर एडवरटाइजिंग (Uber Advertising) में स्ट्रैटेजिक वर्टिकल्स प्रमुख (Head of Strategic Verticals) की जिम्मेदारी संभाली है। उनकी नई भूमिका में कंज्यूमर पैकेज्ड गुड्स (CPG), फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोटिव सेगमेंट शामिल होंगे।
नई जिम्मेदारी में भगनारी इन रणनीतिक क्षेत्रों पर काम करेंगे। इन सेगमेंट में ब्रांड्स डिजिटल विज्ञापन के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने और उनके साथ जुड़ाव मजबूत करने पर फोकस करते हैं।
भगनारी ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह उबर एडवरटाइजिंग में स्ट्रैटेजिक वर्टिकल्स यानी सीपीजी, फार्मा और ऑटो के प्रमुख के तौर पर नई जिम्मेदारी शुरू करने को लेकर उत्साहित हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब विज्ञापन प्लेटफॉर्म ब्रांड्स को सही ऑडियंस तक पहुंचाने और उपभोक्ताओं के साथ बेहतर एंगेजमेंट बनाने के लिए नए अवसर तलाश रहे हैं।
इससे पहले भगनारी अमेजन (Amazon) के साथ चार साल से अधिक समय तक जुड़े रहे। वहां उन्होंने अपनी पिछली भूमिका सीनियर बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर (Senior Business Development Manager) के तौर पर निभाई।
हिंदुस्तान यूनिलीवर ने दूसरी तिमाही में विज्ञापन और प्रमोशन पर 3,138 करोड़ रुपये खर्च किए। कंपनी का समेकित कारोबार 18,071 करोड़ रुपये और EBITDA 8 फीसदी बढ़कर 4,089 करोड़ रुपये रहा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (Hindustan Unilever Limited) ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में विज्ञापन और प्रमोशन (Advertising and Promotion) पर 3,138 करोड़ रुपये खर्च किए। पिछले साल की समान तिमाही में यह खर्च 2,765 करोड़ रुपये था। यानी सालाना आधार पर इसमें 13.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कंपनी का समेकित कारोबार 18,071 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी की अंतर्निहित बिक्री वृद्धि (USG) 15 फीसदी और अंतर्निहित मात्रा वृद्धि (UVG) 7 फीसदी रही। सितंबर तिमाही में विज्ञापन और प्रमोशन पर हुआ खर्च कंपनी के समेकित कारोबार का 17.4 फीसदी रहा, जबकि एक साल पहले यह 17.5 फीसदी था।
होम केयर और ब्यूटी एंड वेलबीइंग कारोबार में मात्रा के आधार पर दोहरे अंक की ग्रोथ दर्ज की गई। वहीं, पर्सनल केयर और फूड्स कारोबार में अंतर्निहित बिक्री वृद्धि 9 फीसदी रही।
30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी की कुल समेकित आय बढ़कर 18,386 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल की समान अवधि में यह 16,066 करोड़ रुपये थी। असाधारण मदों और टैक्स से पहले का लाभ 3,814 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले यह 3,702 करोड़ रुपये था। असाधारण मदों से पहले टैक्स के बाद लाभ में सालाना आधार पर 9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी का समेकित टैक्स के बाद लाभ 2,796 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 2,694 करोड़ रुपये था। रिपोर्ट किए गए मुनाफे पर असाधारण मदों का असर पड़ा। इसके अलावा, पिछले साल की आधार अवधि में 273 करोड़ रुपये का एकमुश्त टैक्स संबंधी लाभ भी शामिल था।
तिमाही में कंपनी का कुल समेकित खर्च बढ़कर 14,574 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में यह 12,580 करोड़ रुपये था। विज्ञापन और प्रमोशन खर्च में सालाना आधार पर 373 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। अन्य खर्च भी 4,064 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,464 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी का समेकित ईबीआईटीडीए (EBITDA) सालाना आधार पर 8 फीसदी बढ़कर 4,089 करोड़ रुपये रहा। ईबीआईटीडीए मार्जिन 22.6 फीसदी रहा, जो कंपनी की तय गाइडेंस रेंज के भीतर है।
इससे पहले वह कंपनी में इंटीग्रेटेड मीडिया मैनेजर, मीडिया लैब, एपीएसी (Integrated Media Manager, Media Lab, APAC) के पद पर कार्यरत थीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
दुनिया की जानी-मानी टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल (Google) ने अपराजिता सक्सेना को गूगल मार्केटिंग में स्ट्रैटेजिक अलायंस लीड (Strategic Alliances Lead) की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले वह कंपनी में इंटीग्रेटेड मीडिया मैनेजर, मीडिया लैब, एपीएसी (Integrated Media Manager, Media Lab, APAC) के पद पर कार्यरत थीं।
अपराजिता सक्सेना ने लिंक्डइन पर अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वह गूगल मार्केटिंग में स्ट्रैटेजिक अलायंस लीड के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
अपराजिता सक्सेना को मार्केटिंग के क्षेत्र में 14 साल से अधिक का अनुभव है। उन्हें स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप, कंटेंट और टैक्टिकल मीडिया प्लानिंग एवं बाइंग के क्षेत्र में अनुभव हासिल है। उन्होंने अलग-अलग आकार के विज्ञापनदाताओं के साथ काम किया है।
गूगल से पहले अपराजिता सक्सेना मेटा (Meta), पब्लिसिस ग्रुप (Publicis Groupe) और ओम्निकॉम मीडिया ग्रुप (Omnicom Media Group) जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में काम कर चुकी हैं।
याशिका शर्मा ने मैकडॉनल्ड्स इंडिया नॉर्थ एंड ईस्ट में डिप्टी मैनेजर पीआर और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस की जिम्मेदारी संभाली है, इससे पहले वह कम्युनिकेशंस कंसल्टेंसी वेबर शैंडविक से जुड़ी थीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
याशिका शर्मा (Yashika Sharma) ने मैकडॉनल्ड्स इंडिया – नॉर्थ एंड ईस्ट (McDonald’s India – North and East) में डिप्टी मैनेजर, पीआर एंड कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (PR & Corporate Communications) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है।
शर्मा इससे पहले कम्युनिकेशंस कंसल्टेंसी वेबर शैंडविक (Weber Shandwick) से जुड़ी थीं। लिंक्डइन (LinkedIn) पर अपडेट साझा करते हुए शर्मा ने कहा कि बचपन से पसंदीदा ब्रांड मैकडॉनल्ड्स के साथ काम करने का मौका मिलना उनके लिए बेहद खास है।
उन्होंने लिखा, “अगर आपने बचपन की मुझे बताया होता कि एक दिन मुझे मैकडॉनल्ड्स के साथ काम करने का मौका मिलेगा, तो शायद मैंने कहा होता, ‘आई एम लविन’ इट!’” नई भूमिका में शर्मा मैकडॉनल्ड्स इंडिया – नॉर्थ एंड ईस्ट के पीआर और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस फंक्शन का हिस्सा होंगी।
पेटीएम की सितंबर तिमाही में टैक्स के बाद मुनाफा बढ़कर 225 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी का राजस्व 28 फीसदी बढ़ा, जबकि ईबीआईटीडीए 90 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 270 करोड़ रुपये रहा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (One 97 Communications Ltd), जो पेटीएम (Paytm) का संचालन करती है, ने वित्त वर्ष 2027 की सितंबर तिमाही में टैक्स के बाद मुनाफे में दस गुना से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर 225 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह 21 करोड़ रुपये था।
तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व भी सालाना आधार पर 28 फीसदी बढ़कर 2,648 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी का ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले का लाभ यानी ईबीआईटीडीए (EBITDA) सालाना आधार पर 90 फीसदी बढ़कर 270 करोड़ रुपये हो गया।
यह कंपनी का अब तक का सबसे ऊंचा तिमाही ईबीआईटीडीए स्तर है। ईबीआईटीडीए मार्जिन भी बढ़कर 10 फीसदी हो गया, जो पहली बार दोहरे अंक में पहुंचा है। कंपनी के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक मिले पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (PIDF) प्रोत्साहन को हटाकर तुलना करने पर परिचालन राजस्व में 33 फीसदी की बढ़ोतरी रही, जबकि ईबीआईटीडीए करीब चार गुना हो गया।
पेटीएम ने बेहतर परिचालन प्रदर्शन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से मिली दक्षता को भी अहम बताया। इसके चलते अप्रत्यक्ष खर्च कुल राजस्व के 52 फीसदी से घटकर 46 फीसदी रह गया। कंपनी ने उपभोक्ता यूपीआई भुगतान में अपनी बाजार हिस्सेदारी भी बढ़ाना जारी रखा।
पेटीएम का यूपीआई सकल लेनदेन मूल्य यानी जीटीवी (GTV) उद्योग की वृद्धि दर के मुकाबले दोगुने से ज्यादा तेजी से बढ़ा। सितंबर तिमाही पेटीएम के लिए लगातार छठी मुनाफे वाली तिमाही रही। कंपनी के अनुसार, कारोबार में लगातार गति, बेहतर कमाई और मर्चेंट तथा उपभोक्ता कारोबार में एआई के बढ़ते इस्तेमाल से प्रदर्शन को मजबूती मिली।
भुगतान कारोबार भी कंपनी की वृद्धि में अहम योगदान देता रहा। भुगतान सेवाओं से राजस्व सालाना आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 1,434 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, तुलनात्मक आधार पर शुद्ध भुगतान राजस्व 21 फीसदी बढ़कर 644 करोड़ रुपये रहा।
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पत्रकार और इस मामले में याचिकाकर्ता रहे आशुतोष नेगी को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पत्रकार और इस मामले में याचिकाकर्ता रहे आशुतोष नेगी को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया है। उन्हें मंगलवार को दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने उनसे मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों के बारे में पूछताछ करने की बात कही है।
‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ से बातचीत में आशुतोष नेगी ने कहा कि वीआईपी की भूमिका की जांच करने के बजाय CBI उन लोगों से पूछताछ कर रही है, जो अंकिता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली पहुंच गए हैं और मंगलवार सुबह CBI मुख्यालय जाएंगे।
CBI की ओर से भेजे गए समन में कहा गया है कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए उनसे पूछताछ करना जरूरी है।
2022 से CBI जांच की मांग कर रहे थे नेगी
आशुतोष नेगी वर्ष 2022 से ही अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच की मांग उठा रहे थे। मार्च 2024 में उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें इस मामले की जांच से जुड़ी रिपोर्टिंग के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल के वनंत्रा रिजॉर्ट में काम करती थीं। नौकरी शुरू करने के करीब तीन सप्ताह बाद, 18 सितंबर 2022 को वह लापता हो गई थीं। कुछ दिन बाद उनका शव एक नहर से बरामद हुआ था। इस घटना के बाद उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। मामले की शुरुआती जांच को लेकर भी सवाल उठे थे।
बढ़ते जनदबाव के बीच उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने इस साल जनवरी में मामले की CBI जांच के आदेश दिए थे।
क्या है वीआईपी की भूमिका का मामला?
अंकिता के परिवार ने हत्याकांड में कथित तौर पर किसी वीआईपी की भूमिका की गहन जांच की मांग की है। हाल में यह मांग उस समय फिर तेज हो गई, जब अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने एक ऑडियो क्लिप जारी की। उर्मिला का दावा है कि वह पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी हैं।
जारी ऑडियो में कथित तौर पर राठौर और एक अन्य व्यक्ति के बीच बातचीत होने का दावा किया गया। इस बातचीत में एक भाजपा नेता का नाम इस मामले से जोड़ने की बात सामने आई। इसके बाद उत्तराखंड में फिर विरोध प्रदर्शन हुए और प्रदर्शनकारियों ने कथित वीआईपी की भूमिका की CBI जांच की मांग की।
हालांकि, किसी वीआईपी की भूमिका या ऑडियो में किए गए दावों की पुष्टि को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है। इसलिए इन आरोपों को जांच का विषय और कथित दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
तीन दोषियों को मिल चुकी है उम्रकैद
CBI के जांच संभालने से पहले उत्तराखंड पुलिस ने इस मामले की जांच की थी और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कोटद्वार की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
अब CBI की एक टीम उत्तराखंड में रहकर मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। आशुतोष नेगी को समन भेजना इसी जांच का हिस्सा है। हालांकि, उनसे पूछताछ के बाद जांच में क्या सामने आता है और कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, यह आगे की जांच से ही स्पष्ट होगा।
कर्नाटक की एक अदालत ने कन्नड़ न्यूज चैनल BTV News को कर्नाटक बैंक को एक लाख रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
कर्नाटक की एक अदालत ने कन्नड़ न्यूज चैनल BTV News को कर्नाटक बैंक को एक लाख रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया है। अदालत ने चैनल को बैंक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और बैंक तथा उसके अधिकारियों के खिलाफ इस विवाद से जुड़े मानहानिकारक बयान दोबारा प्रकाशित या प्रसारित नहीं करने का निर्देश भी दिया है।
बेंगलुरु के अतिरिक्त सिटी सिविल एवं सेशंस जज आरवाई शशिधर ने 1 अक्टूबर को दिए फैसले में कहा कि चैनल ने भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी की पुष्टि किए बिना बैंक के खिलाफ आरोप प्रसारित किए। अदालत के मुताबिक, चैनल ने भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India) की ओर से तय पत्रकारिता के आचरण संबंधी मानकों और नैतिक सिद्धांतों का पालन नहीं किया।
बैंक के एमडी और सीईओ के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ विवाद
यह मामला कर्नाटक बैंक के तत्कालीन प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD एवं CEO) श्रीकृष्णन हरि हरा शर्मा के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ था। उन्होंने 29 जून 2025 को इस्तीफा दिया था।
बैंक के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 के ऑडिट में सामने आया था कि शर्मा ने सलाहकारों और अन्य राजस्व खर्चों पर अपने निर्धारित अधिकारों से अधिक 1.16 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इसके बाद बैंक के बोर्ड ने ऑडिट के निष्कर्षों पर विचार किया और संबंधित राशि की वसूली की सिफारिश की। बैंक ने इन घटनाक्रमों की जानकारी 14 मई 2025 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी थी।
इसके बाद शर्मा ने व्यक्तिगत कारणों और मुंबई स्थानांतरित होने की इच्छा का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया।
बैंक की वित्तीय स्थिति को लेकर प्रसारण पर आपत्ति
कर्नाटक बैंक ने अदालत में आरोप लगाया कि BTV News ने इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रमों की पुष्टि किए बिना बैंक की वित्तीय स्थिति, आंतरिक कामकाज और ग्राहकों की जमा राशि की सुरक्षा को लेकर सनसनीखेज और मानहानिकारक दावे प्रसारित किए।
बैंक के अनुसार, चैनल पर ऐसी बातें कही गईं जिनसे जमाकर्ताओं के पैसे के गलत इस्तेमाल की आशंका जताई गई और लोगों को बैंक में खाता खोलने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी गई। चैनल ने कथित तौर पर बैंक में वित्तीय गड़बड़ियों और निदेशकों के बीच विवाद होने की बातें भी प्रसारित कीं।
बैंक ने दावा किया कि इन प्रसारणों से निवेशकों और जमाकर्ताओं के बीच चिंता पैदा हुई और बैंक के निदेशकों को कई सवालों के जवाब देने पड़े।
शेयर की कीमत गिरने का भी किया था दावा
बैंक ने अपनी याचिका में कहा कि प्रसारणों से उसकी प्रतिष्ठा और कारोबारी हितों को नुकसान पहुंचा। बैंक के मुताबिक, 26 जून 2025 को कारोबार बंद होने के समय उसके शेयर की कीमत करीब 207 रुपये थी और प्रसारणों के बाद इसमें तेज गिरावट आई।
हालांकि, शेयर की कीमत में गिरावट से जुड़ी बात बैंक की ओर से अदालत में किया गया दावा था।
कर्नाटक बैंक ने 30 जून 2025 को मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इसमें बैंक ने 1 लाख रुपये के हर्जाने, सार्वजनिक माफी और भविष्य में ऐसे मानहानिकारक प्रसारणों पर स्थायी रोक लगाने की मांग की थी।
अदालत में पेश नहीं हुआ न्यूज चैनल
मामले की सुनवाई के दौरान BTV News समन मिलने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने चैनल की अनुपस्थिति में मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई।
अदालत ने बैंक के मुख्य कारोबार अधिकारी चंद्रशेखर की गवाही के साथ ऑडिट किए गए वित्तीय विवरण, तत्कालीन एमडी के इस्तीफे का पत्र, टीवी प्रसारणों की तस्वीरों और संबंधित सामग्री वाली सीडी की जांच की।
इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि चैनल ने बैंक के प्रबंधन से विश्वसनीय जानकारी हासिल किए बिना आरोप प्रसारित किए। अदालत के मुताबिक, इन प्रसारणों से बैंक की प्रतिष्ठा और कारोबारी हितों को नुकसान पहुंचा, जिसके लिए चैनल हर्जाना देने के लिए जिम्मेदार है।
हर्जाना, माफी और प्रसारण पर स्थायी रोक
अदालत ने कर्नाटक बैंक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए BTV News को 1 लाख रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया। साथ ही, चैनल को बैंक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और बैंक तथा उसके अधिकारियों के खिलाफ इस विवाद से संबंधित मानहानिकारक बयान प्रकाशित या प्रसारित करने से स्थायी रूप से रोक दिया।
अदालत ने मुकदमे का खर्च भी बैंक को देने का आदेश दिया।
यह फैसला मीडिया संस्थानों के लिए खबरों की पुष्टि, विश्वसनीय स्रोतों के इस्तेमाल और पत्रकारिता के पेशेवर मानकों के पालन के महत्व को रेखांकित करता है।