शासकीय आदेशों का उल्लंघन करने पर थाना श्यामला हिल्स ने कोरोना पॉजिटिव पाए गए पत्रकार केके सक्सेना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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नीरज नैयर
वरिष्ठ पत्रकार केके सक्सेना के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से भोपाल प्रशासन सकते में है। प्रशासन द्वारा पत्रकारों के घर पर ‘Covid19 डू नॉट विजिट’ पोस्टर चस्पा किये जा रहे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि इनमें वह पत्रकार भी शामिल हैं, जो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद नहीं थे। इसी बात को लेकर प्रशासन और पत्रकारों में ठन गई है। पोस्टर लगाने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम से कई पत्रकारों का विवाद भी हुआ। पत्रकारों का कहना है कि सरकार बिना वजह दहशत फैला रही है। हमने खुद आगे बढ़कर टेस्ट कराने को कहा है, लेकिन वह पोस्टर चिपकाने तक सीमित है। जो पत्रकार प्रेस कांफ्रेंस में गए भी नहीं थे, उनके भी नाम संदिग्धों की सूची में डाल दिए गए हैं। आखिर ऐसा किस आधार पर किया जा रहा है?
शुक्रवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम कुछ पत्रकारों के घर पोस्टर लगाने गई थी। इस दौरान उनका पत्रकारों से विवाद भी हुआ। पत्रकारों ने प्रेस कांफ्रेंस में न होने का हवाला भी दिया, लेकिन कर्मचारी कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। हालांकि, कड़े विरोध को देखते हुए उन्हें बिना पोस्टर लगाये ही वापस लौटना पड़ा।
कर्मचारियों का कहना है कि वह सिर्फ कलेक्टर के आदेश की तालीम कर रहे हैं। उन्हें जिन पत्रकारों की सूची सौंपी गई है, उसी के आधार पर पोस्टर लगाये जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एक विडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें पत्रकार को पोस्टर लगाने पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को भगाते हुए दिखाया गया है। विडियो में पत्रकार पूछता है कि क्या कमलनाथ या शिवराज सिंह के घर पर पोस्टर लगाये हैं? नहीं, तो फिर यहां कैसे आये’? इस विडियो के सामने आने के बाद जहां कुछ पत्रकारों उक्त पत्रकार के बर्ताव पर नाराजगी जाता रहे हैं। वहीं कुछ की नजर में यह प्रशासन की बेवकूफी से उपजा गुस्सा है। नाराजगी जताने वालों का कहना है कि भले ही प्रशासन ने गलती की, लेकिन अधिकारियों का गुस्सा कर्मचारियों पर नहीं निकाला जाना चाहिए।
केके सक्सेना के खिलाफ केस दर्ज
वहीं, शासकीय आदेशों का उल्लंघन करने पर थाना श्यामला हिल्स ने कोरोना पॉजिटिव पाए गए पत्रकार केके सक्सेना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सक्सेना के खिलाफ धारा 188, 269, 270 भा.द.वि. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सक्सेना ने न केवल कोरोना संक्रमित होकर लापरवाही की बल्कि इलाज के लिये गए सरकारी डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार भी किया था।
'सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय' (MIB) ने राष्ट्रीय महत्व के खेल आयोजनों की नई सूची जारी करते हुए महिला हॉकी के 'इंदिरा गांधी गोल्ड कप' (Indira Gandhi Gold Cup) को बाहर कर दिया है।
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Samachar4media Bureau
'सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय' (Ministry of Information and Broadcasting-MIB) ने राष्ट्रीय महत्व के खेल आयोजनों की संशोधित सूची जारी कर दी है। नई अधिसूचना में महिला हॉकी के प्रतिष्ठित 'इंदिरा गांधी गोल्ड कप' (Indira Gandhi Gold Cup) को सूची से हटा दिया गया है। यह बदलाव 'स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स (प्रसार भारती के साथ अनिवार्य साझाकरण) अधिनियम, 2007' (Sports Broadcasting Signals (Mandatory Sharing with Prasar Bharati) Act, 2007) के तहत जारी नई अधिसूचना में किया गया है, जिसने 9 मई 2022 की अधिसूचना का स्थान ले लिया है।
'इंदिरा गांधी गोल्ड कप' (Indira Gandhi Gold Cup) की शुरुआत वर्ष 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की स्मृति में की गई थी। यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी टूर्नामेंटों में से एक था। प्रतियोगिता का आयोजन कुल सात बार हुआ। 1996 के बाद यह लगभग नौ वर्षों तक बंद रही और 2005 में नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम (Major Dhyan Chand National Stadium) में इसका अंतिम संस्करण खेला गया, जिसमें भारत ने ऑस्ट्रेलिया (Australia) को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराकर खिताब जीता था।
2022 की अधिसूचना में इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों को राष्ट्रीय महत्व का खेल आयोजन माना गया था, जिसके चलते इनके प्रसारण संकेत 'प्रसार भारती' (Prasar Bharati) के साथ साझा करना अनिवार्य था। लेकिन 11 जून 2026 को जारी नई अधिसूचना में इसे सूची से हटा दिया गया है। इसका अर्थ है कि भविष्य में यदि यह टूर्नामेंट आयोजित होता है, तो उसके प्रसारण के लिए अलग व्यवस्था करनी होगी।
हालांकि हॉकी से जुड़े अन्य प्रमुख टूर्नामेंटों को सूची में बरकरार रखा गया है। इनमें भारत से जुड़े हॉकी विश्व कप (Hockey World Cup) मुकाबले, चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy), एफआईएच हॉकी प्रो लीग (FIH Hockey Pro League), सुल्तान अजलान शाह कप (Sultan Azlan Shah Cup), जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप (Junior Men's Hockey World Cup), हॉकी इंडिया सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप (Hockey India Sub-Junior National Championship) और हॉकी इंडिया अकादमी राष्ट्रीय चैंपियनशिप (Hockey India Academy National Championship) शामिल हैं।
नई अधिसूचना में 'खेलो इंडिया' (Khelo India) कार्यक्रम को भी नया स्वरूप दिया गया है। पहले विभिन्न प्रतियोगिताओं का अलग-अलग उल्लेख था, लेकिन अब उन्हें एक व्यापक श्रेणी "खेलो इंडिया मिशन से जुड़े खेल, प्रतियोगिताएं और लीग" (Sports, Competitions and Leagues under Khelo India Mission) के तहत शामिल किया गया है, जिससे भविष्य में नए आयोजनों को जोड़ना आसान होगा।
क्रिकेट से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किया गया है। अब 'एशिया कप' (Asia Cup) के सेमीफाइनल और फाइनल के साथ सुपर-4 (Super Four) चरण को भी राष्ट्रीय महत्व के खेल आयोजनों में शामिल किया गया है। इसके अलावा मंत्रालय ने 23 जून को एक संशोधन (Corrigendum) जारी कर स्पष्ट किया कि यह प्रावधान भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों के सभी आधिकारिक मुकाबलों पर लागू होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संशोधित अधिसूचना खेल प्रसारण नीति को मौजूदा खेल परिदृश्य और प्रसारण व्यवस्था के अनुरूप अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हाल ही में लखनऊ में हुए अग्निकांड में कई लोगों की मौत के बाद ब्रजेश पाठक ने अपना जन्मदिन नहीं मनाने का निर्णय लिया। इस फैसले ने उनकी संवेदनशील कार्यशैली को एक बार फिर सामने रखा।
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं, जिनका होना सिर्फ एक पद या पहचान नहीं, बल्कि भरोसे की परिभाषा बन जाता है। ब्रजेश पाठक ऐसा ही एक नाम हैं। आज जब वे 62 वर्ष के हो गए हैं, तो यह सिर्फ एक जन्मदिन नहीं, एक ऐसे संघर्ष, साहस और सेवा के सफर का पड़ाव है, जिसने लाखों दिलों को छुआ है।
हरदोई के छोटे से कस्बे मल्लावां से निकलकर लखनऊ तक का सफर...
हरदोई के मल्लावां कस्बे में 25 जून 1964 को जन्मे एक साधारण परिवार के बेटे ने जब लखनऊ विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई शुरू की, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि ये छात्र नेता एक दिन उत्तर प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनेगा। लेकिन ब्रजेश पाठक ने अपने जीवन से यही साबित किया कि यदि इरादे नेक हों, तो कोई रास्ता नामुमकिन नहीं होता।
ब्रजेश पाठक ने एक अधिवक्ता के रूप में जीवन शुरू किया, लेकिन उनका दिल हमेशा लोगों की तकलीफों में धड़कता रहा। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ उपाध्यक्ष और फिर अध्यक्ष बनना उनके भीतर की नेतृत्व क्षमता का पहला प्रमाण था। जब देश के युवा सिर्फ डिग्रियों के सपने देख रहे थे, तब पाठक जी जनकल्याण की योजनाओं की कल्पना कर रहे थे।
आज जब ब्रजेश पाठक 62 साल के हो गए हैं, तो यह सिर्फ एक उम्र का पड़ाव नहीं, बल्कि उन हजारों सपनों का सम्मान है, जिन्हें उन्होंने अपनी आंखों में देखा और दूसरों की आंखों में पलते देखा।
सत्ता का नहीं, सेवा का माध्यम बनी राजनीति
पाठक ने राजनीति को कभी सत्ता का साधन नहीं बनाया। उन्होंने इसे सेवा का जरिया समझा- शब्दों से नहीं, कामों से। चाहे छात्रसंघ की कुर्सी हो या राज्यसभा की गरिमा, उन्होंने हर जिम्मेदारी को एक मिशन की तरह निभाया। लखनऊ सेंट्रल से लेकर कैंट तक की हर जीत उनके लोगों के साथ जुड़ाव की कहानी कहती है।
कांग्रेस से शुरुआत, फिर बसपा से सांसद और राज्यसभा सदस्य और अंततः भाजपा में आकर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बने। यह सफर जितना राजनीतिक था, उतना ही भावनात्मक भी। क्योंकि हर मोड़ पर उन्होंने पद से ज्यादा जनहित को चुना।
जहां दर्द दिखा, वहां निर्णय लिया
2022 में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण की कमान संभालने के बाद ब्रजेश पाठक ने जिस सक्रियता से काम किया, वह अद्वितीय है।
एक ऐसे दौर में जब राजनीति अक्सर असंवेदनशील होती जाती है, ब्रजेश पाठक ने साबित किया कि संवेदना अभी भी व्यवस्था में जिंदा है। झांसी के पोस्टमार्टम हाउस में जब एक शव के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ, तो वह सिर्फ एक मंत्री नहीं, एक बेटे की तरह तड़प उठे। उन्होंने तुरंत FIR दर्ज करवाकर सिर्फ एक केस नहीं, पूरे सिस्टम को झकझोर दिया। तत्काल FIR, कार्रवाई और संवेदना से उन्होंने बता दिया कि यह कुर्सी उनके लिए संवेदना का माध्यम है, सत्ता का नहीं।
2024 में जब उन्होंने 26 लापरवाह डॉक्टरों को बर्खास्त किया, तो हर आम आदमी को यह यकीन हुआ कि किसी को तो उनकी फिक्र है। हाल ही में लखनऊ में हुए अग्निकांड में कई लोगों की मौत के बाद ब्रजेश पाठक ने अपना जन्मदिन नहीं मनाने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि शोकाकुल परिवारों के बीच उत्सव मनाना उचित नहीं है। इस फैसले ने उनकी संवेदनशील कार्यशैली को एक बार फिर सामने रखा।
जनता के बीच रहने वाला नेता, जो कभी थकता नहीं
चुनावी दौर हो या सामान्य दिन, ब्रजेश पाठक का ऊर्जा स्तर एक समान रहता है।
2024 के चुनावी मौसम में जब कई नेता प्रचार में थकने लगे, तब पाठक 66 दिनों में 137 कार्यक्रमों में शामिल हुए। यह केवल आंकड़े नहीं, जनता के प्रति उनके समर्पण की कहानी है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच साझा करना हो या विनोबा जयंती जैसे समारोह में शामिल होना, उनका हर कदम एक संदेश देता है कि नेता वही होता है जो हर मौके पर अपने लोगों के बीच खड़ा हो।
पत्रकारिता को दिया सम्मान, संवाद को दी दिशा
समाचार4मीडिया के ‘पत्रकारिता 40अंडर40’ जैसे मंचों पर मुख्य अतिथि के रूप में उनका सानिध्य इस बात का प्रमाण है कि वे न केवल राजनीति बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को भी उतनी ही गंभीरता से लेते हैं। ऐसे कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति इस बात की गवाही देती है कि वे पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की ताकत को भी उतनी ही अहमियत देते हैं, जितनी राजनीति को।
विनम्रता में ताकत और चुप्पी में गरज
ब्रजेश पाठक की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सादगी और गंभीरता है। वे ना शोर करते हैं, ना दिखावा। लेकिन जब बोलते हैं, तो व्यवस्था सुनती है। जब चलते हैं, तो विकास चलता है। और जब मुस्कुराते हैं, तो जनता का विश्वास और गहरा हो जाता है।
जन्मदिन पर एक सलाम
आज जब ब्रजेश पाठक 62 वर्ष के हो गए हैं, तो यह दिन सिर्फ एक जन्मदिन नहीं, बल्कि उस सफर की कहानी है जिसमें मेहनत, संघर्ष, सेवा और सच्चाई की परछाइयां हैं। वह नेता जो जनता के बीच से आया, उनके बीच रहा और अब भी उन्हीं के लिए खड़ा है। उत्तर प्रदेश उन्हें सिर्फ एक उपमुख्यमंत्री के रूप में नहीं देखता, बल्कि एक ऐसे मित्र, मार्गदर्शक और मसीहा के रूप में याद करता है, जो हर मोड़ पर जनता के साथ खड़े रहे।
एक नेता जो ऊंचे पदों पर पहुंचकर भी जमीन से जुड़े रहे- यही ब्रजेश पाठक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। समाचार4मीडिया परिवार की ओर से इस अवसर पर उन्हें कोटि-कोटि शुभकामनाएं। आप स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों और जनसेवा की आपकी यात्रा यूं ही प्रेरणा देती रहे।
इस निवेश के साथ यह Cosm की सीरीज-सी फंडिंग राउंड में प्रमुख निवेशक के रूप में शामिल हो गई है और कंपनी में अल्पांश हिस्सेदारी हासिल करेगी।
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Samachar4media Bureau
सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट (SPE) ने ग्लोबल टेक्नोलॉजी, मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी Cosm में 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) के स्ट्रैटेजिक निवेश की घोषणा की है। इस निवेश के साथ SPE, Cosm की सीरीज-सी फंडिंग राउंड में प्रमुख निवेशक के रूप में शामिल हो गई है और कंपनी में अल्पांश हिस्सेदारी (Minority Stake) हासिल करेगी।
इसके साथ ही सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के चेयरमैन और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर रवि आहूजा को Cosm के निदेशक मंडल (Board of Directors) में शामिल किया जाएगा।
बता दें कि Cosm अपने विशेष स्थलों (Venues) और ‘शेयर्ड रियलिटी’ (Shared Reality) तकनीक के जरिए कंटेंट अनुभव का नया स्वरूप विकसित कर रही है। यह तकनीक वर्चुअल और वास्तविक दुनिया के बीच की दूरी को कम करते हुए दर्शकों को इमर्सिव अनुभव प्रदान करती है।
कंपनी के अनुसार, यह निवेश सोनी पिक्चर्स की अनुभवात्मक मनोरंजन (Experiential Entertainment), फैन एंगेजमेंट और तकनीक पर केंद्रित स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इसके माध्यम से कंपनी अपने लोकप्रिय बौद्धिक संपदा अधिकारों (IP) को नई तकनीक आधारित प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों तक पहुंचाने और उनके साथ जुड़ाव बढ़ाने के अवसर तलाश सकेगी।
Cosm अब तक लॉस एंजिलिस के इंगलवुड स्थित हॉलीवुड पार्क, नॉर्थ डलास के ग्रैंडस्केप और हाल ही में अटलांटा के सेंटेनियल यार्ड्स में तीन केंद्र स्थापित कर चुकी है। कंपनी सितंबर में डेट्रॉइट के डाउनटाउन में अपना चौथा केंद्र शुरू करने की तैयारी कर रही है, जबकि अगले वर्ष की शुरुआत में क्लीवलैंड में पांचवां केंद्र खोला जाएगा। इसके अलावा कंपनी ने भविष्य में अन्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्थानों पर विस्तार की भी योजना बनाई है।
इस निवेश के बारे में रवि आहूजा ने कहा कि Cosm मनोरंजन उद्योग के भविष्य को आकार देने वाले कई महत्वपूर्ण रुझानों के केंद्र में मौजूद है। उन्होंने कहा कि कंपनी लंबे समय से Cosm की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी और उसके अनुभवों की गुणवत्ता तथा दर्शकों के उत्साह से प्रभावित रही है। उन्होंने कहा कि सोनी Cosm के अगले विकास चरण का समर्थन करने और दुनिया भर में अधिक प्रशंसकों तक इन अनुभवों को पहुंचाने को लेकर उत्साहित है।
वहीं Cosm के अध्यक्ष और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर जेब टेरी ने कहा कि सोनी पिक्चर्स नवाचार और प्रशंसकों के अनुभवों के भविष्य को लेकर कंपनी की सोच से मेल खाती है। उन्होंने कहा कि इस निवेश से Cosm अपने केंद्रों के नेटवर्क का विस्तार करेगी और स्पोर्ट्स एवं एंटरटेनमेंट दोनों क्षेत्रों में अपनी तकनीकी पहलों को आगे बढ़ाएगी।
टेरी के अनुसार, फिल्मों, टेलीविजन, संगीत और गेमिंग तक फैले सोनी के प्रतिष्ठित कंटेंट पोर्टफोलियो के साथ मिलकर कंपनी दुनिया की कई लोकप्रिय बौद्धिक संपदाओं को Shared Reality अनुभवों के माध्यम से जीवंत बनाने की दिशा में काम करेगी। बताया गया है कि इस सौदे में Goldman Sachs & Co. LLC और Allen & Company LLC ने Cosm के वित्तीय सलाहकार के रूप में भूमिका निभाई।
एयर इंडिया ने अपने मीडिया प्लानिंग और बाइंग कारोबार की जिम्मेदारी डेंट्सू (Dentsu) को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, यह अकाउंट 100 करोड़ से 150 करोड़ रुपये के बीच का माना जा रहा है।
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टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन एयर इंडिया ने अपने मीडिया प्लानिंग और बाइंग कारोबार की जिम्मेदारी डेंट्सू (Dentsu) को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, यह अकाउंट 100 करोड़ से 150 करोड़ रुपये के बीच का माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, डेंट्सू ने यह जिम्मेदारी बहु-एजेंसी पिच प्रक्रिया (Multi-Agency Pitch) के बाद हासिल की है। इससे पहले एयर इंडिया का मीडिया प्लानिंग और बाइंग कारोबार आईपीजी मीडियाब्रांड्स (IPG Mediabrands) की एजेंसी इनिशिएटिव (Initiative) के पास था। इनिशिएटिव ने वर्ष 2024 में यह मैंडेट जीता था। इसके लिए पिच प्रक्रिया की शुरुआत 2023 में हुई थी।
वहीं, एयर इंडिया का क्रिएटिव मैंडेट अभी भी मैककैन वर्ल्डग्रुप इंडिया (McCann Worldgroup India) के पास है। कंपनी ने वर्ष 2023 में यह जिम्मेदारी हासिल की थी।
एयर इंडिया के मीडिया मैंडेट की समीक्षा ऐसे समय में हुई है, जब एयरलाइन टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद व्यापक बदलावों के दौर से गुजर रही है। टाटा समूह ने वर्ष 2022 में एयर इंडिया का दोबारा अधिग्रहण किया था। इसके बाद एयरलाइन ने अपने बेड़े के आधुनिकीकरण, परिचालन एकीकरण, ग्राहक अनुभव में सुधार और ब्रांड निर्माण से जुड़े कई कदम उठाए हैं।
वर्ष 2024 में एयर इंडिया ने विस्तारा (Vistara) का अपने फुल-सर्विस परिचालन में विलय पूरा किया था। साथ ही, समूह की लो-कॉस्ट एयरलाइंस को एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) के तहत एकीकृत किया गया, जिससे एकीकृत एयरलाइन समूह का गठन हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोएल टाटा (Noel Tata) जल्द ही 'ट्रेंट' (Trent) के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके साथ ही कंपनी के साथ उनका लगभग तीन दशक लंबा जुड़ाव एक नए चरण में प्रवेश करेगा।
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टाटा समूह' (Tata Group) की रिटेल कंपनी 'ट्रेंट' (Trent) के चेयरमैन नोएल टाटा (Noel Tata) जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 जून को आयोजित कंपनी की 47वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में उन्होंने संकेत दिया कि चेयरमैन के रूप में यह उनकी आखिरी एजीएम होगी।
69 वर्षीय नोएल टाटा (Noel Tata) इस वर्ष 70 वर्ष के हो जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी के मद्देनजर वह कंपनी के शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
नोएल टाटा (Noel Tata) का 'ट्रेंट' (Trent) के साथ सफर 1998 में शुरू हुआ था, जब वह कंपनी के बोर्ड में शामिल हुए। 'ट्रेंट' (Trent) की स्थापना उनकी मां सिमोन टाटा (Simone Tata) के नेतृत्व में 'लैक्मे' (Lakme) की बिक्री के बाद की गई थी।
जून 1999 में नोएल टाटा (Noel Tata) को कंपनी का पहला प्रबंध निदेशक (Managing Director) नियुक्त किया गया। उनके नेतृत्व में 'ट्रेंट' (Trent) ने भारतीय रिटेल उद्योग में अपनी मजबूत पहचान बनाई और देश की अग्रणी रिटेल कंपनियों में शामिल हो गई।
करीब तीन दशकों के दौरान कंपनी ने अपने कारोबार का लगातार विस्तार किया और फैशन व लाइफस्टाइल रिटेल सेगमेंट में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उद्योग जगत में नोएल टाटा (Noel Tata) को 'ट्रेंट' (Trent) के विकास और विस्तार में अहम भूमिका निभाने का श्रेय दिया जाता है।
तुषार बनर्जी ने समाचार4मीडिया से बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने अपनी अगली पारी को लेकर फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की है।
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देश के प्रमुख मीडिया समूहों में शामिल एबीपी नेटवर्क (ABP Network) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, नेटवर्क में वाइस प्रेजिडेंट (डिजिटल) के पद पर कार्यरत तुषार बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तुषार बनर्जी ने समाचार4मीडिया से बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने अपनी अगली पारी को लेकर फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की है।
तुषार बनर्जी वर्ष 2019 में एबीपी नेटवर्क से जुड़े थे और करीब सात वर्षों से समूह के डिजिटल कारोबार में विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा रहे थे। इस दौरान उन्होंने डिजिटल कंटेंट स्ट्रैटेजी, ऑडियंस ग्रोथ, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, नए प्रोडक्ट्स और मल्टी-लैंग्वेज डिजिटल ऑपरेशंस से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल के दौरान एबीपी नेटवर्क ने अपनी डिजिटल उपस्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न भारतीय भाषाओं में ऑडियंस विस्तार पर भी विशेष फोकस किया।
डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में तुषार बनर्जी को एक अनुभवी और रणनीतिक नेतृत्वकर्ता के रूप में जाना जाता है। उन्हें ऑनलाइन और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में करीब 17 वर्षों का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने देश और दुनिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
एबीपी नेटवर्क से पहले तुषार बनर्जी एनडीटीवी समूह की डिजिटल शाखा एनडीटीवी कंवर्जेंस (NDTV Convergence) से जुड़े थे। वहां वह हेड (Audience Growth and New Initiatives) के पद पर कार्यरत रहे और डिजिटल ऑडियंस विस्तार तथा नए डिजिटल प्रोडक्ट्स और पहलों पर काम किया।
उससे पहले वह राघव बहल के न्यूज प्लेटफॉर्म ‘द क्विंट’ (The Quint) की फाउंडिंग टीम का हिस्सा रहे। क्विंट में उन्होंने हेड ऑफ प्रोडक्ट के रूप में जिम्मेदारी संभाली और डिजिटल प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ऑडियंस एंगेजमेंट तथा न्यूज प्लेटफॉर्म के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्विंट से पहले तुषार बनर्जी करीब तीन वर्षों तक बीबीसी न्यूज से जुड़े रहे, जहां उन्होंने बीबीसी इंडिया में साइंस एंड टेक्नोलॉजी करेस्पॉन्डेंट के रूप में काम किया। मीडिया और टेक्नोलॉजी के मेल से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ रही है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रहने वाले तुषार बनर्जी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। डिजिटल मीडिया, ऑडियंस डेवलपमेंट और न्यूजरूम इनोवेशन के क्षेत्र में उन्हें इंडस्ट्री के प्रमुख प्रोफेशनल्स में गिना जाता है।
'अबंडैंशिया एंटरटेनमेंट' ने रमेश मुंध्रा को हेड – बिजनेस अफेयर्स, स्ट्रैटेजी एंड ऑपरेशंस नियुक्त किया है। वह 'जियोस्टार' (JioStar) में 18 वर्षों तक विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा चुके हैं।
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कंटेंट और एंटरटेनमेंट कंपनी 'अबंडैंशिया एंटरटेनमेंट' (Abundantia Entertainment) ने रमेश मुंध्रा (Ramesh Mundhra) को हेड – बिजनेस अफेयर्स, स्ट्रैटेजी एंड ऑपरेशंस नियुक्त किया है। कंपनी ने कहा कि यह नियुक्ति उसके रचनात्मक, परिचालन और व्यावसायिक विस्तार की रणनीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रमेश मुंध्रा (Ramesh Mundhra) के पास कंटेंट एक्विजिशन, बिजनेस प्लानिंग, स्टूडियो ऑपरेशंस और कमर्शियल लीडरशिप में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। वह 'वायाकॉम18' (Viacom18), जो अब 'जियोस्टार' (JioStar) का हिस्सा है, से जुड़े रहे हैं। यहां उन्होंने करीब 18 वर्षों तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने स्टूडियो, कंटेंट प्रोडक्शन और रणनीतिक योजनाओं का नेतृत्व किया। वह 'पद्मावत' (Padmaavat), 'अंधाधुन' (Andhadhun), 'दृश्यम' (Drishyam), 'फाइटर' (Fighter), 'जामताड़ा' (Jamtara) और 'कालकूट' (Kaalkoot) जैसे चर्चित प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे हैं।
'वायाकॉम18' (Viacom18) से पहले उन्होंने 'टाटा स्काई' (Tata Sky) में फाइनेंस और बिजनेस ऑपरेशंस से जुड़े कार्यों के माध्यम से अपने करियर की नींव रखी थी।
इस नियुक्ति पर 'अबंडैंशिया एंटरटेनमेंट' (Abundantia Entertainment) के संस्थापक और सीईओ विक्रम मल्होत्रा (Vikram Malhotra) ने कहा कि कंपनी के विकास के अगले चरण में सही नेतृत्व संरचना बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार रमेश मुंध्रा (Ramesh Mundhra) रणनीतिक सोच और परिचालन विशेषज्ञता का अनूठा मिश्रण लेकर आते हैं, जो कंपनी की भविष्य की जरूरतों के अनुरूप है।
वहीं रमेश मुंध्रा (Ramesh Mundhra) ने कहा कि 'अबंडैंशिया एंटरटेनमेंट' (Abundantia Entertainment) ने लगातार प्रभावशाली कहानियों और रचनाकारों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि एआई (AI) और बदलती दर्शक पसंद के दौर में कंपनी के विकास की अगली यात्रा का हिस्सा बनने को लेकर वह उत्साहित हैं।
'बजाज कैपिटल' (Bajaj Capital) ने नए एमडी एवं सीईओ जय बजाज (Jai Bajaj) के नेतृत्व में तकनीक, डेटा और एआई आधारित वित्तीय सलाह सेवाओं के विस्तार की रणनीति की घोषणा की है।
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'बजाज कैपिटल' (Bajaj Capital) ने अपने नए प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जय बजाज (Jai Bajaj) के नेतृत्व में कंपनी की भविष्य की विकास रणनीति का खाका पेश किया है। जय बजाज ने 1 अप्रैल को कंपनी के एमडी और सीईओ का पद संभाला था।
कंपनी ने कहा है कि वह वित्तीय सलाह सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए तकनीक, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग का विस्तार करेगी। साथ ही कंपनी अपने लाइफ-स्टेज आधारित एडवाइजरी मॉडल को भी जारी रखेगी, जिसके तहत ग्राहकों को जीवन के विभिन्न चरणों के अनुसार वित्तीय सलाह दी जाती है।
इस बदलाव के तहत 'बजाज कैपिटल' (Bajaj Capital) ने कृष्णा गिरी (Krishna Giri) को हेड ऑफ वेल्थ प्रोडक्ट्स, विश्वेंदर सिंह (Vishvender Singh) को चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) और गौरव गुप्ता (Gaurav Gupta) को हेड ऑफ डेटा साइंस नियुक्त किया है।
अपने विजन को साझा करते हुए जय बजाज (Jai Bajaj) ने कहा कि उनके दादा के.के. बजाज (K.K. Bajaj) ने उस समय भारतीय परिवारों के बीच वित्तीय योजना की अवधारणा को स्थापित किया था, जब यह देश में शुरुआती दौर में थी।
उन्होंने कहा कि कंपनी अब विश्वास, मानवीय विशेषज्ञता, तकनीक, डेटा और एआई को जोड़कर ग्राहकों को अधिक व्यक्तिगत और सार्थक अनुभव देने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
'पेटीएम' (Paytm) ने सौरभ अग्रवाल (Saurabh Agarwal) को वाइस प्रेसिडेंट (बिजनेस) के पद पर पदोन्नत किया है। उन्होंने इस उपलब्धि की जानकारी 'लिंक्डइन' (LinkedIn) पोस्ट के जरिए साझा की।
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Samachar4media Bureau
फिनटेक कंपनी 'पेटीएम' (Paytm) ने सौरभ अग्रवाल (Saurabh Agarwal) को वाइस प्रेसिडेंट (बिजनेस) के पद पर पदोन्नत किया है। सौरभ ने इस नई जिम्मेदारी की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'लिंक्डइन' (LinkedIn) पर साझा की। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मुझे 'पेटीएम' (Paytm) में वाइस प्रेसिडेंट (VP - Business) के पद पर पदोन्नत किया गया है।”
सौरभ अग्रवाल (Saurabh Agarwal) का 'पेटीएम' (Paytm) के साथ जुड़ाव चार वर्षों से अधिक समय का रहा है। उन्होंने 2017 में सीनियर मैनेजर के रूप में कंपनी के साथ अपना सफर शुरू किया था। इसके बाद 2022 में वह डिप्टी जनरल मैनेजर-सेल्स (Deputy General Manager-Sales) के रूप में दोबारा कंपनी से जुड़े।
वापसी के बाद उन्होंने 'पेटीएम' (Paytm) में जनरल मैनेजर-सेल्स (General Manager-Sales), एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-I (Associate Vice President-I) और एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-II (Associate Vice President-II) जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
'पेटीएम' (Paytm) से दोबारा जुड़ने से पहले सौरभ अग्रवाल (Saurabh Agarwal) 'ब्लैकबक' (BlackBuck) यानी 'जिंका लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस' (Zinka Logistics Solutions) में एसोसिएट डायरेक्टर-सेल्स (Associate Director-Sales) के पद पर कार्यरत थे।
इसके अलावा उन्होंने 'अर्बनप्रो' (UrbanPro) में सीनियर डायरेक्टर-सेल्स एंड बिजनेस डेवलपमेंट (Senior Director-Sales & Business Development) और 'रिलायंस जनरल इंश्योरेंस' (Reliance General Insurance) में रीजनल बिजनेस मैनेजर (Regional Business Manager) के रूप में भी काम किया है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने 'आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जीआईसी' (ICICI Lombard GIC), 'गति-केडब्ल्यूई' (GATI-KWE) और 'इन्फोसिस' (Infosys) जैसी कंपनियों में भी विभिन्न जिम्मेदारियां संभाली हैं।
क्लाउड-आधारित मीडिया टेक्नोलॉजी कंपनी Amagi Media Labs Limited ने जानकारी दी है कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी अगले सप्ताह सिंगापुर में निवेशकों और संस्थागत निवेशकों से मुलाकात करेंगे।
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Vikas Saxena
क्लाउड-आधारित मीडिया टेक्नोलॉजी कंपनी Amagi Media Labs Limited ने जानकारी दी है कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी अगले सप्ताह सिंगापुर में निवेशकों और संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) से मुलाकात करेंगे। यह बैठकें 29 जून 2026 से 1 जुलाई 2026 तक आयोजित की जाएंगी।
कंपनी ने बताया कि वह Avendus Spark द्वारा आयोजित नॉन-डील रोडशो (Non-Deal Roadshow - NDR) में हिस्सा लेगी। इस दौरान कंपनी के अधिकारी निवेशकों के साथ वन-ऑन-वन (1x1) और समूह बैठकों में शामिल होंगे। सभी बैठकें सिंगापुर में आयोजित की जाएंगी और कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शुरू होगा।
Amagi ने स्पष्ट किया है कि इन बैठकों में केवल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी (Public Information) पर ही चर्चा की जाएगी। कंपनी ने कहा कि किसी भी प्रकार की अप्रकाशित मूल्य-संवेदनशील जानकारी (UPSI) निवेशकों के साथ साझा नहीं की जाएगी।
कंपनी के अनुसार, कार्यक्रम में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव संभव है। इस संबंध में जारी जानकारी को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया गया है।
Amagi का कहना है कि ऐसे निवेशक संवाद कार्यक्रमों का उद्देश्य कंपनी के कारोबार, रणनीति और भविष्य की योजनाओं को निवेशक समुदाय के सामने बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना है।