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व्युअरशिप डाटा पर लैंडिंग पेज के प्रभाव को कम करेगा BARC का ये कदम
यह मीजरमेंट साइंस में सुधार के लिए और व्युअरशिप पर बाहरी प्रभावों को कम करने के लिए चल रही ‘डाटा सत्यापन गुणवत्ता पहल’ (Data Validation Quality Initiative) का हिस्सा है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था 'ब्रॉडकास्टस ऑडियंस रिसर्च काउंसिल' (BARC) इंडिया ने सभी जॉनर्स के व्युअरशिप डाटा पर चैनल्स के लैंडिंग पेज के प्रभाव को कम करने के लिए अपनी डाटा सत्यापन विधि (data validation method) में खास नियमों यानी एल्गोरिदम्स (algorithms) को शामिल करने का फैसला लिया है।
बताया जाता है कि यह मीजरमेंट साइंस में सुधार के लिए और व्युअरशिप पर बाहरी प्रभावों को कम करने के लिए चल रही ‘डाटा सत्यापन गुणवत्ता पहल’ (Data Validation Quality Initiative) का हिस्सा है। 22 अगस्त 2020 से शुरू 34वें हफ्ते के लिए तीन सितंबर को जारी डाटा में नए प्रभाव दिखाई देने लगेंगे।
इस बारे में बार्क इंडिया के चीफ (Measurement Science & Business Analytics) डॉ. डेरिक ग्रे (Dr. Derrick Gray) का कहना है, ‘सैकड़ों घंटे की रिसर्च और कई महीनों के कड़े परीक्षणों के परिणाम बहुत आशाजनक हैं। बार्क इंडिया अब दर्शकों की पसंद को बेहतर ढंग से दर्शाने के लिए किसी भी लैंडिंग पेज की अनियमिता या विसंगति को कम कर सकेगी।’
डॉक्टर ग्रे और उनकी टीम द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए बार्क इंडिया के सीईओ सुनील लुल्ला ने कहा, ‘यह मानते हुए कि बार्क इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा एडवर्टाइजिंग बिजनेस के लिए काफी काम के होते हैं, हम निरंतर यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि हमारे द्वारा डाटा जुटाने का काम, उनका प्रतिनिधित्व और रिपोर्टिंग यथासंभव साइंटिफिक और सटीक हो।’उन्होंने कहा, ‘यह नियम रेटिंग करेंसी को और मजबूती प्रदान करेगा और छोटे-बड़े ब्रॉडकास्टर्स को समान अवसर प्रदान करेगा।’
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