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पत्रकारों की छिनी 'आजादी', अब इन प्रतिबंधों के साथ करनी होगी रिपोर्टिंग
फैसले के विरोध में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जताया विरोध
नीरज नैयर 6 years ago
राजस्थान विधानसभा में गुरुवार से शुरू हुए बजट सत्र के दौरान मीडिया पर कई प्रतिबंध लगाये गए हैं। नए नियमों के अनुसार, मीडियाकर्मियों को राज्य के किसी भी मंत्री या विपक्ष के नेता से मिलने की अनुमति नहीं है। स्पीकर सीपी जोशी के निर्देश के अनुसार, पत्रकार विधानसभा की मीडिया लॉबी तक सीमित रहेंगे।
स्पीकर के इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी का कहना है कि मीडिया पर प्रतिबंध आपातकाल के दौर में लगाये गए थे। अब यदि पत्रकारों पर इस तरह के प्रतिबंध राजस्थान में लगाये जा रहे हैं तो यह अच्छे संकेत नहीं हैं।
वासुदेव देवनानी ने स्पीकर से मीडियाकर्मियों को पहले की तरह स्वतंत्रता देने की अपील की है। उनका कहना है कि लोगों तक जानकारी पहुंचाना पत्रकारों का काम है और हमें उनके अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। यह व्यवस्था सभी राज्यों में है, लिहाजा राजस्थान को अपवाद नहीं बनना चाहिए।
वहीं, स्पीकर के इस फैसले से पत्रकारों में भी नाराजगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को भरोसा दिलाया है कि वो इस मसले पर स्पीकर से बात करेंगे।
नई व्यवस्था से पहले मीडियाकर्मियों को मंत्रियों, नेता प्रतिपक्ष, विपक्षी विधायकों, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर के चैम्बर और डीआईपीआर अधिकारियों के कार्यालयों में जाने की छूट थी। इसके अलावा अब सचिवालय के लिए पास की संख्या भी कम कर दी गई है।
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