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TRP मामले में BARC के पूर्व अधिकारियों की भूमिका को लेकर पुलिस ने किया ये दावा
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मिलिंद भाराम्बे का कहना है कि BARC की ओर से पिछले हफ्ते मिली फॉरेंसिक ऑडिट में यह पुष्टि हुई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
मुंबई पुलिस का कहना है कि ऑडिट रिपोर्ट से पुष्टि होती है कि देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के पूर्व अधिकारियों ने टीआरपी (TRP) से छेड़छाड़ की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मिलिंद भाराम्बे (Milind Bharambe) ने कहा कि BARC की ओर से पिछले हफ्ते मिली फॉरेंसिक ऑडिट में यह पुष्टि हुई है।
उन्होंने बताया कि इस बारे में शिकायत मिलने के बाद BARC इंडिया के नए मैनेजमेंट ने जनवरी में चार्ज संभालने के बाद इस ऑडिट को किया था।। भाराम्बे का कहना था कि मई 2017 से नवंबर 2019 तक की इस रिपोर्ट से पता चलता है कि अंग्रेजी और तेलुगू न्यूज चैनल्स की टीआरपी के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
उस समय नंबर वन न्यूज चैनल को दूसरे स्थान पर कर दिया गया था। BARC की ओर से नियुक्त किए गए फॉरेंसिक ऑडिटर्स का निष्कर्ष था कि टीआरपी से छेड़छाड़ जानबूझकर की गई थी और यह पहले से तय थी। आरोपित चैनल्स द्वारा टीआरपी से छेड़छाड़ के लिए कथित तौर पर तीन तरीकों outlier, meta-rules औरchannel audience control का इस्तेमाल किया गया। वहीं, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को फर्जी करार देते हुए रिपब्लिक टीवी ने मुंबई पुलिस के दावों को हास्यास्पद बताया है।
गौरतलब है कि टीआरपी से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने गुरुवार को BARC इंडिया के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता को गिरफ्तार किया है। वहीं, इससे पहले BARC इंडिया के पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) रोमिल रामगढ़िया को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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