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यात्रियों की मांग: एयरलाइंस अपनाएं सख्त मेंटेनेंस प्रोटोकॉल व करें पारदर्शी संवाद
हाल ही में हुए Air India Flight 171 हादसे के बाद हवाई यात्रा को लेकर आम जनता का भरोसा बहुत हद तक डगमगा गया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 7 months ago
हाल ही में हुए Air India Flight 171 हादसे के बाद हवाई यात्रा को लेकर आम जनता का भरोसा बहुत हद तक से डगमगा गया है। एक ताजा सर्वे से पता चला है कि ज्यादातर यात्री अब सोच-समझकर उड़ान भरने का निर्णय ले रहे हैं- या कई मामलों में, उड़ान भरने से बच भी रहे हैं। इंटरएक्टिव रिसर्च प्लेटफॉर्म Quizzly.ai द्वारा कराए गए राष्ट्रव्यापी सर्वे में यह सामने आया है कि अब केवल हर पांच में से एक यात्री ही खुद को हवाई यात्रा में पूरी तरह सुरक्षित मानता है। वहीं आधे से अधिक उत्तरदाताओं ने कहा कि वे अब कुछ खास एयरलाइंस या विमान मॉडलों से बचते हैं, या टिकट बुक करते समय सुरक्षा विवरणों पर अधिक ध्यान देने लगे हैं।
यह सर्वे 20 और 21 जून के बीच किया गया, जिसमें कुल 5,000 लोगों की प्रतिक्रियाएं दर्ज की गईं। यह उसी सप्ताह सामने आया जब Air India द्वारा संचालित एक Boeing 787 Dreamliner अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी 241 लोगों की मौत हो गई। जांच जारी है, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों ने लंबे समय से पेंडिंग रखरखाव और पायलट की थकान जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
यात्रियों की प्रतिक्रिया सिर्फ चिंता तक सीमित नहीं है, उनके व्यवहार में भी बदलाव साफ दिख रहा है। आंकड़ों के मुताबिक:
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34% लोग अब कुछ खास एयरलाइंस या विमानों से पूरी तरह परहेज कर रहे हैं।
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21% यात्री अब रूट और विमान मॉडल चुनते समय कहीं ज्यादा सतर्क हो गए हैं।
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विशेष रूप से 35 से 49 वर्ष की उम्र के यात्रियों ने कहा कि उनकी बुकिंग की आदतें अब पहले जैसी नहीं रहीं।
हालांकि युवा यात्री थोड़े लचीले नजर आए, लेकिन समग्र रूप से हवाई यात्रा को लेकर लोगों की सोच में आया यह बदलाव नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सिर्फ 29% यात्रियों ने कहा कि उनकी यात्रा करने की आदतों में कोई बदलाव नहीं आया।
जब यात्रियों से पूछा गया कि उनके विश्वास को कैसे दोबारा हासिल किया जा सकता है, तो:
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32% लोगों ने कहा कि एयरलाइंस को रखरखाव के सख्त नियम अपनाने चाहिए और उन्हें सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए।
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21% ने एयरलाइंस से अपने सुरक्षा रिकॉर्ड और संचालन मानकों को और अधिक पारदर्शी तरीके से साझा करने की मांग की।
कई यात्रियों ने ऐसी नई सुविधाओं की इच्छा भी जताई, जिनसे उन्हें अपनी उड़ान को लेकर ज्यादा नियंत्रण मिल सके:
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जैसे कि एयरक्राफ्ट मॉडल, एयरलाइन के सुरक्षा रिकॉर्ड या क्रू अनुभव के आधार पर उड़ानों को फिल्टर करना,
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फ्लाइट के दौरान रीयल-टाइम सुरक्षा अलर्ट,
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और देरी या समस्याओं की स्थिति में पायलट और क्रू द्वारा बेहतर संवाद।
Quizzly.ai के संस्थापक रवि ने कहा, “यह सिर्फ डर की बात नहीं है। लोग अब पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। यह डेटा वास्तव में एयरलाइंस के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इससे उन्हें पता चलता है कि भविष्य में उन्हें कहां ध्यान केंद्रित करना है।”
हालांकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अब तक Air India हादसे की पूरी रिपोर्ट जारी नहीं की है, लेकिन पिछले सप्ताह जारी एक प्रारंभिक सलाह में कहा गया है कि सभी एयरलाइंस को विमान निरीक्षण कार्यक्रमों की व्यवस्थित समीक्षा करनी चाहिए और नियमों के अनुपालन की रिपोर्टिंग और सख्त करनी होगी।
इस बीच, यात्रियों का संदेश बिल्कुल साफ है कि वे उड़ान भरना तो चाहते हैं, लेकिन यह भी जानना चाहते हैं कि वे कैसे उड़ रहे हैं, कौन उन्हें उड़ा रहा है, और उनकी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। पारदर्शिता अकेले हादसों को नहीं रोक सकती, लेकिन यह भरोसा जरूर लौटा सकती है।
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