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WhatsApp बिजनेस प्लेटफॉर्म ने बदला बिलिंग मॉडल, अब हर मैसेज पर देना होगा अधिक शुल्क
मेटा (Meta) के स्वामित्व वाला वॉट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म अब फ्लैट-फीस के बजाय प्रति मैसेज बिलिंग मॉडल पर चल रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 7 months ago
मेटा (Meta) के स्वामित्व वाला वॉट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म अब फ्लैट-फीस के बजाय प्रति मैसेज बिलिंग मॉडल पर चल रहा है। 1 जुलाई 2025 से लागू हुए इस नए ढांचे के तहत कंपनियों को भेजे गए हर टेम्पलेट मैसेज के लिए शुल्क देना होगा, जो अब तीन कैटेगरीज- मार्केटिंग, यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन में बांटे गए हैं।
अब प्रत्येक मार्केटिंग टेम्पलेट मैसेज पर ₹0.78 शुल्क लगेगा, जबकि यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन टेम्पलेट्स के लिए ₹0.11 प्रति मैसेज का शुल्क निर्धारित किया गया है। हालांकि, जो कंपनियां भारी मात्रा में मैसेज भेजती हैं, उन्हें ₹0.08 प्रति मैसेज तक की छूट भी मिल सकती है।
फ्लैट रेट की जगह अब प्रति मैसेज बिलिंग
पहले वॉट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म पर कंपनियों को हर 24 घंटे की बातचीत की विंडो में भेजे गए सभी मार्केटिंग मैसेज के लिए ₹0.78 की एक समान दर देनी होती थी, चाहे वे कितने भी मैसेज भेजें। लेकिन नए मॉडल में यह सुविधा समाप्त कर दी गई है और अब हर मैसेज की गिनती के आधार पर शुल्क लगेगा।
हालांकि, कस्टमर की ओर से शुरू की गई बातचीत के भीतर भेजे गए यूटिलिटी और सर्विस से जुड़े मैसेज अब भी निशुल्क रहेंगे। लेकिन जैसे ही 24 घंटे की विंडो खत्म होती है, स्टैंडर्ड चार्ज लागू हो जाते हैं।
वॉल्यूम आधारित डिस्काउंट से घटेगी लागत
वॉट्सऐप ने यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन टेम्पलेट्स के लिए टियर-बेस्ड प्राइसिंग भी लागू की है। उदाहरण के लिए, जो कंपनियां हर महीने 25 मिलियन तक मैसेज भेजती हैं, उन्हें ₹0.115 प्रति मैसेज देना होगा। वहीं जो कंपनियां 30 करोड़ (300 मिलियन) से अधिक मैसेज भेजती हैं, उन्हें प्रति मैसेज दर ₹0.08 तक घट जाती है। यह बदलाव वॉट्सऐप को SMS और गूगल RCS जैसे विकल्पों के साथ प्रतिस्पर्धा में लाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
ब्रैंड्स को रणनीति बदलनी पड़ सकती है
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस नए मूल्य मॉडल के कारण कई कंपनियों को अपनी मैसेजिंग रणनीतियों पर फिर से विचार करना पड़ सकता है। अब जब हर मार्केटिंग टेम्पलेट का शुल्क अलग से जुड़ रहा है, तो हो सकता है कि ब्रैंड प्रचार अभियानों की फ्रीक्वेंसी घटा दें या कुछ संवाद फिर से SMS या RCS की ओर मोड़ें।
हालांकि, जहां यूटिलिटी से जुड़े संवाद (जैसे ऑर्डर अपडेट या OTP) ज्यादा मात्रा में भेजे जाते हैं, वहां यह नया मॉडल SMS की तुलना में सस्ता साबित हो सकता है, क्योंकि ₹0.11 की दर ₹0.12–₹0.15 की सामान्य SMS लागत से कम है।
मेटा की ओर से स्पष्टीकरण
मेटा की वाइस-प्रेजिडेंट (बिजनेस मैसेजिंग) निकिला श्रीनिवासन ने इस बदलाव को "प्राइसिंग में सरलता और बिजनेस बजट में पारदर्शिता" की दिशा में एक अहम कदम बताया है। वहीं, एग्रीगेटर्स कंपनियों को आगाह कर रहे हैं कि शुरुआत में वॉट्सऐप पर वॉल्यूम शिफ्ट करने से लागत बढ़ सकती है, लेकिन यदि टेम्पलेट कैटेगरी और वॉल्यूम टियर का रणनीतिक उपयोग किया जाए तो लंबे समय में यह फायदेमंद हो सकता है।
भारत में प्रभाव अधिक
भारत वॉट्सऐप का सबसे बड़ा बाजार है और यहां पर मैसेजिंग की मात्रा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कंपनियों को जल्द से जल्द अपनी रणनीतियों में बदलाव कर, नए बिलिंग मॉडल के मुताबिक फ्री विंडो और वॉल्यूम छूट का बेहतर इस्तेमाल करना होगा। इससे न केवल लागत में बचत हो सकती है, बल्कि संवाद की गुणवत्ता और ग्राहक अनुभव भी बेहतर हो सकेगा।
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