टाटा प्ले यूजर्स के लिए खुशखबरी : 4 महीने मुफ्त मिलेगा स्पॉटिफाई प्रीमियम

टाटा प्ले (Tata Play) ने स्पॉटिफाई (Spotify) के साथ साझेदारी की है। पात्र सब्सक्राइबर्स को स्पॉटिफाई प्रीमियम स्टैंडर्ड का चार महीने का मुफ्त ट्रायल मिलेगा।

Last Modified:
Wednesday, 19 August, 2026
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टाटा प्ले (Tata Play) ने स्पॉटिफाई (Spotify) के साथ साझेदारी की है। इसके तहत पात्र टाटा प्ले सब्सक्राइबर्स को स्पॉटिफाई प्रीमियम स्टैंडर्ड (Spotify Premium Standard) का चार महीने का मुफ्त ट्रायल दिया जाएगा। यह ऑफर 17 अगस्त से टाटा प्ले बिंज (Tata Play Binge) सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है और बाद में टाटा प्ले मोबाइल ऐप (Tata Play Mobile App) पर भी शुरू किया जाएगा।

इस ऑफर का फायदा उन यूजर्स को मिलेगा, जिन्होंने पहले स्पॉटिफाई प्रीमियम का सब्सक्रिप्शन नहीं लिया है। पात्र सब्सक्राइबर्स टाटा प्ले के प्लेटफॉर्म से मिलने वाले प्रमोशनल कोड के जरिए इस ऑफर को एक्टिवेट कर सकेंगे।

स्पॉटिफाई प्रीमियम स्टैंडर्ड के तहत यूजर्स को बिना विज्ञापन के म्यूजिक और पॉडकास्ट सुनने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा गाने और पॉडकास्ट डाउनलोड करके ऑफलाइन सुनने और बिना किसी सीमा के गाने स्किप करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। कंपनियों के मुताबिक, यूजर्स को 10 करोड़ से ज्यादा गानों और 70 लाख से ज्यादा पॉडकास्ट टाइटल्स का एक्सेस मिलेगा।

यह साझेदारी टाटा प्ले के मनोरंजन कारोबार को टेलीविजन और ओटीटी से आगे बढ़ाकर म्यूजिक स्ट्रीमिंग तक ले जाती है। टाटा प्ले पहले से डायरेक्ट-टू-होम (DTH) और कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में काम करता है। उसका बिंज प्लेटफॉर्म कई स्ट्रीमिंग सेवाओं के कंटेंट को एक जगह उपलब्ध कराता है।

स्पॉटिफाई के लिए यह साझेदारी भारत में टाटा प्ले के बड़े सब्सक्राइबर बेस तक पहुंच बनाने का मौका है। वहीं टाटा प्ले को अपने मौजूदा टीवी और स्ट्रीमिंग ऑफर के साथ एक प्रमुख म्यूजिक और पॉडकास्ट सेवा जोड़ने में मदद मिलेगी।

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Quint Digital का बड़ा फंड जुटाने का प्लान, ₹90.88 करोड़ तक का राइट्स इश्यू मंजूर

डिजिटल मीडिया कंपनी क्विंट डिजिटल (Quint Digital Limited) ने करीब 90.88 करोड़ रुपये तक के प्रस्तावित राइट्स इश्यू की शर्तों को मंजूरी दे दी है।

Last Modified:
Thursday, 20 August, 2026
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डिजिटल मीडिया कंपनी क्विंट डिजिटल (Quint Digital Limited) ने करीब 90.88 करोड़ रुपये तक के प्रस्तावित राइट्स इश्यू की शर्तों को मंजूरी दे दी है। कंपनी के राइट्स इश्यू कमेटी ने 19 अगस्त को हुई बैठक में राइट्स इश्यू के Letter of Offer और इससे जुड़ी प्रमुख शर्तों को मंजूरी दी।

कंपनी ने बताया कि उसे इस प्रस्तावित राइट्स इश्यू के लिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज से 14 अगस्त 2026 को इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिल चुका है। अब कंपनी पात्र मौजूदा शेयरधारकों के जरिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।

90.88 करोड़ रुपये तक का होगा इश्यू

क्विंट डिजिटल इस राइट्स इश्यू के तहत अधिकतम 82,61,402 ऐसे कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर जारी करेगी, जिन्हें बाद में इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। इन शेयरों पर 10% गैर-संचयी लाभांश मिलेगा। प्रत्येक CCPS का फेस वैल्यू और इश्यू प्राइस 100 रुपये रखा गया है।

इसके साथ हर एक CCPS पर एक आंशिक रूप से भुगतान किया गया अलग से कन्वर्ट होने वाला वारंट भी जारी किया जाएगा। प्रत्येक वारंट का इश्यू प्राइस 10 रुपये होगा। इस तरह कंपनी अधिकतम 82,61,402 वारंट भी जारी करेगी।

CCPS और वारंट को मिलाकर राइट्स इश्यू का अधिकतम आकार 9,087.55 लाख रुपये यानी करीब 90.88 करोड़ रुपये होगा। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि अंतिम संख्या और कुल इश्यू राशि Basis of Allotment और लागू नियामकीय जरूरतों के आधार पर तय होगी।

40 शेयरों पर मिलेंगे 7 CCPS और 7 वारंट

कंपनी ने राइट्स एंटाइटलमेंट का अनुपात भी तय कर दिया है। इसके तहत रिकॉर्ड डेट पर रखे गए हर 40 पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयरों पर 7 CCPS और 7 डिटैचेबल वारंट मिलेंगे।

कंपनी ने राइट्स इश्यू में पात्र शेयरधारकों की पहचान के लिए 25 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।

यानी रिकॉर्ड डेट पर जिन पात्र शेयरधारकों के पास कंपनी के पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर होंगे, वे तय अनुपात के मुताबिक राइट्स सिक्योरिटीज के लिए आवेदन कर सकेंगे।

आवेदन के समय देने होंगे 55 रुपये

राइट्स इश्यू में निवेशकों को पूरी रकम एक साथ नहीं चुकानी होगी। प्रत्येक राइट्स सिक्योरिटी के लिए आवेदन के समय कुल 55 रुपये देने होंगे।

इसमें:

  • 50 रुपये CCPS के लिए
  • 5 रुपये वारंट के लिए

शामिल हैं।

CCPS की बाकी 50 रुपये प्रति CCPS की रकम कंपनी एक या एक से ज्यादा कॉल के जरिए बाद में मांग सकती है। यह भुगतान CCPS के अलॉटमेंट की तारीख से 60 महीने के भीतर किया जा सकता है।

CCPS की पूरी रकम चुकता होने के बाद प्रत्येक CCPS को अलॉटमेंट की तारीख से 60 महीने पूरे होने पर या बोर्ड द्वारा तय किसी पहले की तारीख पर एक इक्विटी शेयर में अनिवार्य रूप से कन्वर्ट किया जाएगा।

वारंट के लिए बाद में देने होंगे 5 रुपये

हर वारंट की कुल कीमत 10 रुपये है। इसमें से 5 रुपये आवेदन के समय देने होंगे, जबकि बाकी 5 रुपये वारंट को इक्विटी शेयर में कन्वर्ट कराने के समय देने होंगे।

वारंट को अलॉटमेंट की तारीख से 18 महीने के भीतर कन्वर्ट कराया जा सकेगा। पूरी रकम मिलने के बाद प्रत्येक वारंट एक इक्विटी शेयर में बदल जाएगा।

26 अगस्त तक डीमैट खाते में आएंगे राइट्स एंटाइटलमेंट

कंपनी के मुताबिक, पात्र शेयरधारकों के डीमैट खातों में राइट्स एंटाइटलमेंट 26 अगस्त 2026 तक क्रेडिट किए जाएंगे।

शेयरधारक अपने राइट्स एंटाइटलमेंट को बाजार में 7 सितंबर 2026 तक Renounce यानी बेच या ट्रांसफर कर सकेंगे।

राइट्स इश्यू 2 सितंबर 2026 को खुलेगा, जबकि आवेदन करने की अंतिम तारीख 10 सितंबर 2026 होगी।

कंपनी के बोर्ड या उसकी ओर से अधिकृत कमेटी को इश्यू की अवधि बढ़ाने का अधिकार भी है। हालांकि, इश्यू की अवधि को ओपनिंग डेट से अधिकतम 30 दिनों तक ही बढ़ाया जा सकता है।

क्विंट डिजिटल के मौजूदा इक्विटी शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड हैं। कंपनी ने बताया कि वह राइट्स सिक्योरिटीज की लिस्टिंग और ट्रेडिंग शुरू कराने के लिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में जरूरी आवेदन करेगी।

इसके अलावा, CCPS और वारंट के इक्विटी शेयरों में कन्वर्ट होने के बाद बनने वाले शेयरों की लिस्टिंग के लिए भी लागू नियमों के मुताबिक जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कंपनी ने कहा है कि राइट्स इश्यू की विस्तृत शर्तें Letter of Offer और अन्य इश्यू दस्तावेजों में दी जाएंगी।

क्विंट डिजिटल की राइट्स इश्यू कमेटी की बैठक 19 अगस्त को शाम 6 बजे शुरू हुई और रात 8:46 बजे समाप्त हुई। कंपनी की ओर से यह जानकारी कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर तरुण बेलवाल ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को दी है।

 

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TikTok में जल्द आ सकता है Direct Payment फीचर, चैट के जरिए एक-दूसरे को भेजे जा सकेंगे पैसे

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म TikTok अब अपने प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट मैसेज के जरिए एक-दूसरे को पैसे भेजने की सुविधा लाने पर विचार कर रही है।

Last Modified:
Thursday, 20 August, 2026
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म TikTok अब सिर्फ वीडियो और एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट मैसेज के जरिए एक-दूसरे को पैसे भेजने की सुविधा लाने पर विचार कर रही है। अगर यह फीचर लॉन्च होता है, तो यूजर्स किसी चैट के अंदर ही दूसरे यूजर को पेमेंट भेज सकेंगे।

Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, TikTok के मौजूदा अमेरिकी iPhone ऐप के कोड में इस संभावित फीचर से जुड़े संकेत मिले हैं। कोड से पता चलता है कि यूजर बातचीत के दौरान सीधे पेमेंट भेज सकता है और पैसे पाने वाले व्यक्ति को उन्हें स्वीकार करने के लिए एक विकल्प मिल सकता है।

पेमेंट भेजते समय उसके साथ एक मैसेज जोड़ने का विकल्प भी दिया जा सकता है।

TikTok Pay के जरिए हो सकता है पेमेंट

रिपोर्ट के मुताबिक, यह सुविधा TikTok की मौजूदा पेमेंट सर्विस TikTok Pay पर आधारित हो सकती है। TikTok Pay का इस्तेमाल फिलहाल दक्षिण-पूर्व एशिया में TikTok Shop पर खरीदारी के लिए किया जाता है।

हालांकि, TikTok ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि वह यूजर्स के बीच डायरेक्ट पेमेंट फीचर का टेस्ट कर रहा है।

कंपनी ने Bloomberg को बताया कि इस तरह के फीचर का फिलहाल टेस्ट नहीं किया जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि ऐप के कोड में दिखाई दे रही यह सुविधा अभी शुरुआती डेवलपमेंट स्टेज में हो सकती है।

कब होगा लॉन्च, अभी साफ नहीं

TikTok के इस संभावित फीचर को लेकर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनी इसे कब लॉन्च करेगी या आम यूजर्स के लिए उपलब्ध भी कराएगी या नहीं। अगर यह फीचर लॉन्च होता है, तो TikTok के लिए यह सोशल मीडिया से आगे बढ़कर फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में कदम बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम होगा।

TikTok लगातार बढ़ा रहा है अपनी सर्विसेज

TikTok पिछले कुछ समय से अपने ऐप में सोशल मीडिया के अलावा कई तरह की सुविधाएं जोड़ रहा है। इनमें TikTok Shop, सर्च, लोकल डिस्कवरी, गेम्स और होटल बुकिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं।

इससे कंपनी एक ऐसे प्लेटफॉर्म की दिशा में बढ़ती दिखाई दे रही है, जहां यूजर्स वीडियो देखने के साथ-साथ खरीदारी, जानकारी हासिल करने और दूसरी रोजमर्रा की सेवाओं का इस्तेमाल भी कर सकें।

दूसरे देशों में भी फाइनेंशियल सर्विसेज पर नजर

TikTok ने दूसरे बाजारों में भी फाइनेंशियल सर्विसेज को लेकर रुचि दिखाई है। Reuters की मार्च में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने ब्राजील के सेंट्रल बैंक से फिनटेक कंपनी के तौर पर काम करने की मंजूरी के लिए आवेदन किया था। इसके तहत कंपनी लेंडिंग और पेमेंट जैसी सेवाएं देने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

Venmo और Zelle जैसी सेवाओं से हो सकती है टक्कर

अगर TikTok यूजर्स के बीच डायरेक्ट पेमेंट की सुविधा शुरू करता है, तो अमेरिका में उसे Venmo और Zelle जैसी पीयर-टू-पीयर पेमेंट सर्विसेज से मुकाबला करना पड़ सकता है।

हालांकि, फाइनेंशियल सर्विसेज की तरफ बढ़ने वाला TikTok अकेला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं है। X, जिसे पहले Twitter के नाम से जाना जाता था, ने भी अमेरिका में X Money लॉन्च किया है। इसके जरिए यूजर्स एक-दूसरे को पैसे भेज सकते हैं।

ऐसे में TikTok का संभावित डायरेक्ट पेमेंट फीचर सोशल मीडिया कंपनियों के उस बड़े ट्रेंड का हिस्सा माना जा सकता है, जिसमें प्लेटफॉर्म यूजर्स को एक ही ऐप के अंदर ज्यादा से ज्यादा सेवाएं देने की कोशिश कर रहे हैं। 

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फेक न्यूज से निपटने के लिए सरकार का बड़ा कदम, मंत्रालयों में बनेंगी क्विक रिस्पॉन्स टीम

सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली फेक न्यूज, भ्रामक जानकारी और गलत दावों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

Last Modified:
Wednesday, 19 August, 2026
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सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली फेक न्यूज, भ्रामक जानकारी और गलत दावों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सभी मंत्रालयों और सरकारी विभागों को क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRTs) बनाने का निर्देश दिया है।

इन टीमों का काम सोशल मीडिया पर फैल रही गलत या भ्रामक जानकारी पर नजर रखना, उसकी सच्चाई जांचना और जल्द से जल्द आधिकारिक जवाब देना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ मंत्रालयों ने अपनी क्विक रिस्पॉन्स टीम बना भी ली हैं, जबकि बाकी मंत्रालय और विभाग इन्हें तैयार करने की प्रक्रिया में हैं।

दो घंटे के भीतर देना होगा जवाब

सरकार ने मंत्रालयों और विभागों से कहा है कि अगर उनके कामकाज से जुड़ी कोई फेक या भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आती है, तो उसका जवाब दो घंटे के भीतर देने की कोशिश की जाए।

क्विक रिस्पॉन्स टीम लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी करेंगी। जैसे ही कोई गलत दावा या भ्रामक कंटेंट सामने आएगा, टीम पहले उसकी तथ्यों के आधार पर जांच करेगी और इसके बाद संबंधित मंत्रालय या विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जवाब जारी किया जाएगा।

इस प्रक्रिया में संबंधित फैक्ट-चेकिंग और इन्फॉर्मेशन यूनिट्स की भी मदद ली जाएगी, ताकि आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से पहले दावे की सही स्थिति स्पष्ट की जा सके।

सिर्फ टेक्स्ट से नहीं, वीडियो से भी होगा जवाब

सरकार ने यह भी कहा है कि गलत जानकारी का जवाब उसी प्लेटफॉर्म और उसी फॉर्मेट में देना चाहिए, जिसमें वह तेजी से फैल रही है।

उदाहरण के लिए, अगर कोई भ्रामक जानकारी Instagram या YouTube जैसे वीडियो आधारित प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही है, तो उसका जवाब सिर्फ एक टेक्स्ट पोस्ट के जरिए देने के बजाय वीडियो के जरिए दिया जा सकता है। 

इसका मकसद यह है कि सरकारी जवाब भी उसी ऑडियंस तक उसी तरीके से पहुंचे, जिस तरीके से गलत जानकारी फैलाई जा रही है।

Meme और Graphics का भी होगा इस्तेमाल

सरकार मंत्रालयों को सिर्फ लंबे-लंबे आधिकारिक बयान जारी करने के बजाय Memes, Graphics, Posters और Short-form Videos जैसे फॉर्मेट का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।

इससे फैक्ट-बेस्ड जानकारी को ज्यादा आसान और आकर्षक तरीके से लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा और सोशल मीडिया पर उसकी Reach भी बढ़ सकती है। यानी सरकार की कोशिश अब सिर्फ फेक न्यूज को खारिज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि तेज, आसान और सोशल मीडिया के हिसाब से तैयार जवाब देने की है।

सोशल मीडिया की रफ्तार बनी बड़ी चुनौती

सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक जानकारी बहुत तेजी से फैल सकती है। खासकर Short-form Videos और Social Media Platforms पर किसी दावे के कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचने की संभावना रहती है।

सरकार का मानना है कि ऐसे माहौल में सरकारी संचार व्यवस्था को भी उतनी ही तेजी से काम करना होगा। अगर किसी गलत दावे का जवाब कई घंटे या दिनों बाद आता है, तब तक वह जानकारी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच चुकी होती है।

इसी वजह से क्विक रिस्पॉन्स टीम को रियल-टाइम मॉनिटरिंग और तेज प्रतिक्रिया के लिए तैयार किया जा रहा है।

MIB करेगा मंत्रालयों की मदद

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) भी दूसरे मंत्रालयों और सरकारी विभागों को क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाने और उन्हें प्रशिक्षित करने में मदद करेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, MIB की ओर से वर्कशॉप और एक्सपर्ट सेशन आयोजित किए जा सकते हैं। इनका मकसद सरकारी टीमों को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, फेक न्यूज की पहचान और सही तरीके से डिजिटल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना होगा।

अब हर मंत्रालय की होगी अपनी जिम्मेदारी

इस पहल के बाद फेक न्यूज और भ्रामक कंटेंट से निपटने की जिम्मेदारी सिर्फ किसी एक केंद्रीय सूचना या फैक्ट-चेकिंग व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहेगी। अब हर मंत्रालय और विभाग से उम्मीद की जा रही है कि वह अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी गलत जानकारी की पहचान और उस पर जवाब देने की जिम्मेदारी खुद संभाले।

उदाहरण के तौर पर स्वास्थ्य से जुड़ी गलत जानकारी पर संबंधित स्वास्थ्य विभाग या मंत्रालय तेजी से प्रतिक्रिया देगा, जबकि किसी अन्य मंत्रालय से जुड़े मामले में वही विभाग तथ्य सामने रखेगा।

सरकार के कम्युनिकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव

क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाने की पहल को सरकार के मिसइन्फॉर्मेशन से निपटने के तरीके में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। अब फोकस सिर्फ गलत जानकारी सामने आने के बाद उसका खंडन करने पर नहीं, बल्कि रियल-टाइम मॉनिटरिंग, तेज फैक्ट-चेकिंग और तुरंत आधिकारिक प्रतिक्रिया देने पर रहेगा।

सोशल मीडिया पर फेक न्यूज की रफ्तार लगातार बढ़ने के बीच सरकार की कोशिश है कि गलत दावे के वायरल होने से पहले या उसके शुरुआती दौर में ही तथ्य सामने रख दिए जाएं। इससे लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने और सरकारी संचार को ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

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Quint Digital में अब 2031 तक रहेंगी आभा कपूर, शेयरहोल्डर्स ने दी मंजूरी

क्विंट डिजिटल लिमिटेड (Quint Digital Limited) के शेयरहोल्डर्स ने आभा कपूर को कंपनी के स्वतंत्र निदेशक के तौर पर लगातार दूसरी बार नियुक्त किए जाने को मंजूरी दे दी है।

Last Modified:
Wednesday, 19 August, 2026
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क्विंट डिजिटल लिमिटेड (Quint Digital Limited) के शेयरहोल्डर्स ने आभा कपूर को कंपनी के स्वतंत्र निदेशक के तौर पर लगातार दूसरी बार नियुक्त किए जाने को मंजूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 से शुरू होकर 30 दिसंबर 2031 तक रहेगा। यानी आभा कपूर अगले पांच साल तक कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक की भूमिका निभाती रहेंगी।

कंपनी ने यह जानकारी 18 अगस्त 2026 को BSE को दी गई सूचना में साझा की। Quint Digital की 41वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) मंगलवार, 18 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों से आयोजित हुई। AGM शाम 4 बजे शुरू हुई और 5:04 बजे समाप्त हुई।

आभा कपूर की दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव कंपनी की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (Nomination and Remuneration Committee) और निदेशक मंडल (Board of Directors) की सिफारिश के बाद शेयरहोल्डर्स के सामने रखा गया था। Scrutinizer की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्ताव को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी मिल गई।

मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में लंबा अनुभव

आभा कपूर को मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में टैलेंट और बिजनेस लीडरशिप से जुड़े काम का लंबा अनुभव है। वह Quint Digital Limited के अलावा Quintype Technologies India Limited समेत कई कंपनियों के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर काम कर रही हैं।

कंपनी के मुताबिक, आभा कपूर बोर्ड स्तर पर बिजनेस को मजबूत करने के साथ-साथ बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस पर भी सक्रिय रूप से काम करती हैं। वह बोर्डरूम में जिम्मेदार तरीके से बिजनेस बढ़ाने और बेहतर गवर्नेंस पर जोर देती हैं।

इससे पहले आभा कपूर ने K&J Search की फाउंडिंग पार्टनर के तौर पर काम किया। यह मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में एग्जिक्यूटिव सर्च से जुड़ी विशेषज्ञ फर्म रही है। इससे पहले उन्होंने एक इंटरनेशनल बैंक के साथ भी काम किया था।

K&J Search ने मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर के तेजी से बढ़ते दौर में कई बड़ी कंपनियों के लिए टैलेंट खोजने और उन्हें जोड़ने का काम किया। कंपनी ने सैटेलाइट चैनल, म्यूजिक लेबल, प्रोडक्शन हाउस, फिल्म स्टूडियो, रेडियो, डिजिटल और मोबाइल कंपनियों, टेलीकॉम कंपनियों और मल्टीनेशनल विज्ञापन एजेंसियों के लिए टैलेंट उपलब्ध कराया।

इसके अलावा फर्म ने FMCG और टेलीकॉम सेक्टर में कई CXO स्तर की नियुक्तियों के लिए भी काम किया।

नए स्टार्टअप्स को टीम बनाने में भी मदद

आभा कपूर ने भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर के शुरुआती विकास के दौर से ही इसमें अहम भूमिका निभाई है। कंपनी के अनुसार, अलग-अलग सेक्टर के बिजनेस और बिजनेस मॉडल को जल्दी समझने और सही टैलेंट पहचानने की उनकी क्षमता ने कई नए स्टार्टअप्स को अपनी टीम बनाने और ब्रांड स्थापित करने में मदद की।

उनके अनुभव का फायदा खास तौर पर उन कंपनियों को मिला, जिन्हें तेजी से बढ़ते कारोबार के लिए मजबूत नेतृत्व और प्रोफेशनल टीम तैयार करनी थी।

Sydenham College और NMIMS से पढ़ाई

आभा कपूर ने Sydenham College से पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने NMIMS यानी Narsee Monjee Institute of Management Studies से Master in Management की डिग्री हासिल की।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि आभा कपूर का Quint Digital के किसी भी अन्य निदेशक से कोई पारिवारिक संबंध नहीं है। साथ ही, कंपनी के मुताबिक, आभा कपूर को SEBI या किसी अन्य अथॉरिटी के आदेश के तहत निदेशक का पद संभालने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

इस तरह शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद आभा कपूर का Quint Digital के बोर्ड में दूसरा पांच साल का कार्यकाल तय हो गया है, जो 31 दिसंबर 2026 से 30 दिसंबर 2031 तक चलेगा।

 

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Quint Digital के ESOP 2020 में संशोधन को मंजूरी

क्विंट डिजिटल लिमिटेड (Quint Digital Limited) के शेयरधारकों ने कंपनी के Employee Stock Option Plan 2020 (ESOP 2020) में जरूरी बदलावों को मंजूरी दे दी है।

Last Modified:
Wednesday, 19 August, 2026
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क्विंट डिजिटल लिमिटेड (Quint Digital Limited) के शेयरधारकों ने कंपनी के Employee Stock Option Plan 2020 (ESOP 2020) में जरूरी बदलावों को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को हुई कंपनी की 41वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में दी गई। AGM शाम 4 बजे शुरू हुई और 5:04 बजे समाप्त हुई। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों से आयोजित की गई।

कंपनी ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि शेयरधारकों ने Employee Stock Option Plan 2020 में संशोधन के प्रस्ताव को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी दी है। इस प्रस्ताव पर स्क्रूटिनाइजर Devesh Kumar Vasisht, Managing Partner, DPV & Associates LLP की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के आधार पर मंजूरी की पुष्टि हुई है।

क्या हुआ है बदलाव?

कंपनी ने ESOP 2020 के एडमिनस्ट्रेशन से जुड़े प्रावधानों में एक नया क्लॉज (n) जोड़ा है। इस बदलाव के बाद कंपनी की Compensation Committee को एम्प्लॉयीज को दिए गए स्टॉक ऑप्शंस की शर्तों में बदलाव करने का अधिकार मिलेगा।

सबसे अहम बात यह है कि जरूरत पड़ने पर Compensation Committee Stock Options की Repricing कर सकेगी। यानी कंपनी के शेयर की बाजार कीमत में बड़ी गिरावट आने या बाजार की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए एम्प्लॉयीज को दिए गए Stock Options के Exercise Price को कम या संशोधित किया जा सकेगा।

इसके अलावा समिति के पास Stock Options की Vesting और Exercise Conditions में बदलाव, पुराने ऑप्शंस को रद्द करके दोबारा नए ऑप्शंस जारी करने (Cancellation and Re-grant) और Options की दूसरी शर्तों में बदलाव करने का अधिकार भी होगा।

किन परिस्थितियों में हो सकता है बदलाव?

कंपनी के मुताबिक, इन अधिकारों का इस्तेमाल बाजार की मौजूदा परिस्थितियों, कंपनी के शेयर के बाजार भाव में बड़ी गिरावट या अन्य कारोबारी परिस्थितियों को देखते हुए किया जा सकता है।

हालांकि, यह बदलाव मनमाने तरीके से नहीं किया जा सकेगा। कंपनी ने साफ किया है कि किसी भी तरह की Repricing या शर्तों में बदलाव SEBI (Share Based Employee Benefits and Sweat Equity) Regulations, 2021 और लागू कानूनों के मुताबिक ही किया जाएगा।

साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इस तरह का बदलाव Stock Option पाने वाले एम्प्लॉयीज के हितों के खिलाफ न हो।

बोर्ड ने पहले ही दी थी मंजूरी

Quint Digital के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस संशोधन को अपनी 22 मई 2026 को हुई बैठक में मंजूरी दी थी। इसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए इसे कंपनी के शेयरधारकों के सामने रखा गया। अब 18 अगस्त को हुई AGM में शेयरधारकों ने भी इसे जरूरी बहुमत से मंजूरी दे दी है।

इस बदलाव से कंपनी के पास भविष्य में बाजार की स्थिति और शेयर की कीमत में बड़े उतार-चढ़ाव के हिसाब से अपने ESOP को अधिक लचीले तरीके से मैनेज करने का विकल्प रहेगा।

कंपनी के Company Secretary और Compliance Officer Tarun Belwal ने यह जानकारी BSE को दी है। यह सूचना कंपनी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।

 

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गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने नितीश कुमार को सौंपी डिजिटल मार्केटिंग की कमान

नितीश कुमार (Nitish Kumar) को गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) में डायरेक्टर–डिजिटल मार्केटिंग नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह शारदा यूनिवर्सिटी से जुड़े थे।

Last Modified:
Tuesday, 18 August, 2026
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नितीश कुमार (Nitish Kumar) को गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) में डायरेक्टर–डिजिटल मार्केटिंग (Director – Digital Marketing) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।

नई भूमिका को लेकर नितीश कुमार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़कर उत्साहित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इसे नई चुनौतियों, नए नजरिए और डिजिटल क्षेत्र में प्रभावी काम करने का अवसर बताया।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी में शामिल होने से पहले नितीश कुमार शारदा यूनिवर्सिटी (Sharda University) में एचओडी–डिजिटल मार्केटिंग (HOD – Digital Marketing) के पद पर कार्यरत थे।

इससे पहले भी वह एमिटी यूनिवर्सिटी (Amity University) के साथ काम कर चुके हैं। डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए गलगोटिया यूनिवर्सिटी में उनकी नई भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

डायरेक्टर–डिजिटल मार्केटिंग के तौर पर नितीश कुमार यूनिवर्सिटी की डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ी रणनीतियों और पहलों को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे। उन्होंने अपनी पोस्ट में नई भूमिका के तहत इनोवेशन और लंबे समय तक असर पैदा करने वाले डिजिटल काम पर ध्यान देने की बात कही है।

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पुढ़ारी पब्लिकेशंस ने रफीक पठान को सौंपी डिजिटल कारोबार की कमान

रफीक पठान (Rafique Pathan) ने पुढ़ारी पब्लिकेशंस (Pudhari Publications) में हेड-डिजिटल बिजनेस की जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह साकाल मीडिया ग्रुप से जुड़े थे।

Last Modified:
Tuesday, 18 August, 2026
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रफीक पठान (Rafique Pathan) ने पुढ़ारी पब्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड (Pudhari Publications Private Limited) में हेड-डिजिटल बिजनेस (Head - Digital Business) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपने नए पद की जानकारी साझा की।

पठान पुढ़ारी पब्लिकेशंस से जुड़ने से पहले साकाल मीडिया ग्रुप (Sakal Media Group) के साथ नौ साल से ज्यादा समय तक काम कर चुके हैं। यहां उनकी आखिरी जिम्मेदारी डिजिटल ऑपरेशंस लीड (Digital Operations Lead) की थी।

उन्होंने 2017 में साकाल मीडिया ग्रुप के साथ प्रोडक्ट मैनेजर (Product Manager) के तौर पर करियर शुरू किया था। इसके बाद अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंपनी में कई वरिष्ठ पदों की जिम्मेदारी संभाली।

डिजिटल मीडिया और ऑपरेशंस के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए पुढ़ारी पब्लिकेशंस में उनकी नई भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हेड-डिजिटल बिजनेस के तौर पर वह कंपनी के डिजिटल कारोबार से जुड़े कामकाज को संभालेंगे और उसे आगे बढ़ाने पर काम करेंगे।

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Yaap Digital के बोर्ड में विजयकुमार मालपानी की एंट्री, बने अतिरिक्त गैर-कार्यकारी निदेशक

Yaap Digital Limited के बोर्ड में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी ने विजयकुमार मालपानी को अतिरिक्त गैर-कार्यकारी निदेशक (Additional Non-Executive निदेशक) नियुक्त किया है।

Last Modified:
Saturday, 15 August, 2026
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Yaap Digital Limited के बोर्ड में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी ने विजयकुमार मालपानी को अतिरिक्त गैर-कार्यकारी निदेशक (Additional Non-Executive निदेशक) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 14 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गई है। कंपनी ने यह जानकारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को दी है।

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने सर्कुलर रेजोल्यूशन के जरिए उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह नियुक्ति 14 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गई है।

कंपनी ने 14 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि विजयकुमार मालपानी फिलहाल अतिरिक्त गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर बोर्ड का हिस्सा होंगे। उनकी नियुक्ति को आगे जारी रखने के लिए कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।

अगली AGM में शेयरधारकों से मांगी जाएगी मंजूरी

कंपनी के मुताबिक, मालपानी अगली वार्षिक आम बैठक (AGM) तक अतिरिक्त गैर-कार्यकारी निदेशक के पद पर रहेंगे। अगर तय समय के भीतर AGM आयोजित नहीं होती है, तो जिस तारीख तक AGM हो जानी चाहिए थी, उस तारीख पर उनका यह कार्यकाल समाप्त माना जाएगा।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि उनका कंपनी से जुड़ना केवल AGM तक ही सीमित है। अगली AGM में शेयरधारकों के सामने उनकी नियमित निदेशक के तौर पर नियुक्ति का प्रस्ताव रखा जा सकता है। शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद वह बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर आगे भी बने रह सकते हैं। 

कौन हैं विजयकुमार मालपानी?

विजयकुमार मालपानी चार्टेड अकाउटेंट और Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) के फेलो मेंबर भी हैं। उन्हें अकाउंटिंग, फाइनेंस, टैक्सेशन और कमर्शियल के क्षेत्र में 20 साल से ज्यादा का प्रोफेशनल अनुभव है।

वर्तमान में वह Dorf Ketal Chemicals India Limited में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के पद पर हैं। वह 1 अगस्त 2004 से इस कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं।

अपने दो दशक से ज्यादा लंबे करियर के दौरान मालपानी ने फाइनेंस, अकाउंटिंग, टैक्सेशन और कमर्शियल मामलों में काम किया है। कंपनी के मुताबिक, उनका यह अनुभव Yaap Digital के बोर्ड में भी उपयोगी साबित हो सकता है।

Yaap Digital ने अपने खुलासे में यह भी साफ किया है कि विजयकुमार मालपानी का कंपनी के किसी भी मौजूदा डायरेक्टर के साथ कोई संबंध नहीं है।

विजयकुमार मालपानी की नियुक्ति 14 अगस्त 2026 से प्रभावी है। उन्हें फिलहाल अतिरिक्त गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर बोर्ड में शामिल किया गया है।

आने वाली AGM में शेयरधारकों के सामने उनकी नियुक्ति को नियमित निदेशक के तौर पर मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। इसके बाद शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर वह कंपनी के बोर्ड में नियमित रूप से निदेशक के तौर पर काम कर सकेंगे।

बता दें कि Yaap Digital Limited कंपनी पहले Yaap Digital Private Limited के नाम से जानी जाती थी।  

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Quint Digital की प्रस्तावित राइट्स इश्यू पर 19 अगस्त को होगी बैठक

क्विंट डिजिटल लिमिटेड (Quint Digital Limited) की राइट्स इश्यू समिति की बैठक 19 अगस्त 2026 को होने वाली है।

Last Modified:
Saturday, 15 August, 2026
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क्विंट डिजिटल लिमिटेड (Quint Digital Limited) की राइट्स इश्यू समिति की बैठक 19 अगस्त 2026 को होने वाली है। कंपनी ने दी जानकारी में बताया है कि इस बैठक में प्रस्तावित राइट्स इश्यू से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार किया जाएगा और उन्हें मंजूरी दी जा सकती है।

बैठक में राइट्स इश्यू की कीमत तय करने, भुगतान की व्यवस्था और राइट्स एंटाइटलमेंट अनुपात जैसे मुद्दों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा रिकॉर्ड डेट और राइट्स इश्यू की पूरी समयसीमा तय करने पर भी चर्चा होगी।

कंपनी के मुताबिक, बैठक में राइट्स इश्यू से जुड़े दूसरे संबंधित मामलों पर भी विचार किया जाएगा।

यानी 19 अगस्त की बैठक के बाद राइट्स इश्यू को लेकर कितनी कीमत रखी जाएगी, मौजूदा शेयरधारकों को कितने अनुपात में शेयर खरीदने का अधिकार मिलेगा, रिकॉर्ड डेट क्या होगी और पूरी प्रक्रिया कब से कब तक चलेगी, इसे लेकर ज्यादा स्पष्टता सामने आ सकती है।

फिलहाल कंपनी ने इन सभी बिंदुओं पर अंतिम जानकारी साझा नहीं की है। इन पर फैसला 19 अगस्त को होने वाली राइट्स इश्यू समिति की बैठक में लिया जाना है।

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सरकार का फेक न्यूज पर शिकंजा, PIB फैक्ट चेक से लेकर डिजिटल मीडिया नियमों तक उठाए कई कदम

केंद्र सरकार ने सही और भरोसेमंद जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए PIB फैक्ट चेक, प्रसार भारती के सार्वजनिक प्रसारण और डिजिटल मीडिया से जुड़े नियमों को अहम माध्यम बताया है।

Last Modified:
Friday, 14 August, 2026
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केंद्र सरकार ने सही और भरोसेमंद जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए PIB फैक्ट चेक, प्रसार भारती के सार्वजनिक प्रसारण और डिजिटल मीडिया से जुड़े नियमों को अहम माध्यम बताया है। सरकार का कहना है कि अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म और क्षेत्रीय भाषाओं के जरिए लोगों तक समय पर और सटीक जानकारी पहुंचाई जा रही है।

यह जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बुधवार को लोकसभा में डॉ. आलोक कुमार सुमन के सवाल के लिखित जवाब में दी।

फेक न्यूज से निपटने के लिए PIB में फैक्ट चेक यूनिट

सरकार ने सरकारी योजनाओं और नीतियों से जुड़ी फेक न्यूज को रोकने के लिए प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) में फैक्ट चेक यूनिट (FCU) बनाई है। यह यूनिट केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) और अन्य केंद्रीय सरकारी संगठनों से जुड़े दावों की जांच करती है।

PIB की फैक्ट चेक यूनिट एक तय प्रक्रिया के तहत दावों का सत्यापन करती है और इसके बाद सही जानकारी को अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंचाती है।

दूरदर्शन और आकाशवाणी भी फैक्ट चेक जानकारी पहुंचा रहे

सरकार के मुताबिक, दूरदर्शन और आकाशवाणी भी अपने समाचार बुलेटिन, कार्यक्रमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सत्यापित जानकारी लोगों तक पहुंचाते हैं।

डीडी न्यूज में खबरों को प्रसारित करने से पहले कई स्तरों पर संपादकीय जांच की जाती है। इसमें तथ्यों की जांच, एक से ज्यादा भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी का मिलान और संपादकीय समीक्षा शामिल है।

PIB फैक्ट चेक की सत्यापित सामग्री को नियमित रूप से दूरदर्शन और आकाशवाणी के न्यूज और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी शामिल किया जाता है, ताकि गलत सूचना और झूठे नैरेटिव का मुकाबला किया जा सके।

डिजिटल मीडिया और OTT के लिए भी नियम

सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 अधिसूचित किए हैं।

इन नियमों के तहत सोशल मीडिया और दूसरे ऑनलाइन मध्यस्थों के लिए कुछ जरूरी जिम्मेदारियां तय की गई हैं। साथ ही डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स और OTT प्लेटफॉर्म के लिए आचार संहिता भी बनाई गई है।

नियमों में शिकायतों के समाधान के लिए तीन स्तर की व्यवस्था रखी गई है। इसमें पहले प्रकाशकों का स्व-नियमन, उसके बाद स्व-नियामक संस्थाएं और फिर केंद्र सरकार की निगरानी व्यवस्था शामिल है।

फिल्म और मीडिया सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं

सरकार ने बताया कि फिल्म और मीडिया सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। इनमें Development, Communication and Dissemination of Filmic Content (DCDFC) Scheme, India Cine Hub (ICH) और National Film Heritage Mission (NFHM) शामिल हैं।

DCDFC योजना के तहत फिल्म समारोहों, भारतीय सिनेमा के प्रचार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी, फिल्मों के संरक्षण और इससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों के लिए वित्तीय मदद दी जाती है।

वहीं, India Cine Hub के जरिए फिल्मों की शूटिंग के लिए सिंगल-विंडो व्यवस्था के तहत अनुमति दिलाने की सुविधा दी जाती है। इसका उद्देश्य भारत को एक प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में बढ़ावा देना भी है।

National Film Heritage Mission के तहत भारत की सिनेमाई विरासत को संरक्षित करने, पुरानी फिल्मों को बहाल करने, उनका डिजिटलीकरण और आर्काइविंग करने का काम किया जा रहा है।

ग्लोबल मीडिया सहयोग पर भी सरकार का जोर

सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मीडिया सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी अपने प्रयासों की जानकारी दी। इसके तहत भारत वैश्विक स्तर पर मीडिया और प्रसारण क्षेत्र में अपनी भागीदारी मजबूत कर रहा है।

सरकार ने बताया कि मई 2025 में मुंबई में पहला World Audio Visual & Entertainment Summit (WAVES 2025) आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य ‘Create in India, Create for the World’ की सोच के साथ भारत को कंटेंट निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ना था।

इस समिट में भारतीय क्रिएटर्स, प्रोड्यूसर्स और स्टार्टअप्स को दुनिया के अलग-अलग देशों के खरीदारों, निवेशकों, OTT प्लेटफॉर्म और टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रमुख लोगों के साथ जुड़ने का मौका मिला। इसमें 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही।

48 देशों के ब्रॉडकास्टर्स के साथ समझौते

प्रसारण क्षेत्र में भी प्रसार भारती दुनिया के अलग-अलग देशों के प्रसारण संगठनों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय ब्रॉडकास्टर्स के साथ कंटेंट शेयरिंग और दूसरे संगठनों के साथ प्रसारण समझौते किए गए हैं।

सरकार के मुताबिक, प्रसार भारती के अलग-अलग देशों के ब्रॉडकास्टर्स के साथ 48 सक्रिय समझौता ज्ञापन (MoU) हैं। इन समझौतों के जरिए प्रसारण क्षेत्र में कंटेंट, पेशेवर विशेषज्ञता और बेहतर कामकाजी तौर-तरीकों का आदान-प्रदान किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि PIB फैक्ट चेक, दूरदर्शन, आकाशवाणी, डिजिटल मीडिया नियमों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया सहयोग के जरिए लोगों तक भरोसेमंद जानकारी पहुंचाने और गलत सूचना का मुकाबला करने की कोशिश की जा रही है।

 

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