UFO Moviez India Limited ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Upmarch Media Network Private Limited में 90% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है।
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Vikas Saxena
मल्टीप्लेक्स और सिनेमा टेक्नोलॉजी कंपनी UFO Moviez India Limited ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Upmarch Media Network Private Limited में 90% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 19 अगस्त को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
कंपनी यह 90% हिस्सेदारी डॉ. सुनील पाटिल को बेचेगी। हालांकि, हिस्सेदारी बेचने के बाद भी UFO Moviez के पास Upmarch की 10% हिस्सेदारी बनी रहेगी। इस सौदे के पूरा होने के बाद Upmarch, UFO Moviez की सहायक कंपनी नहीं रहेगी।
18 लाख रुपये में ट्रांसफर होंगे शेयर
UFO Moviez के बोर्ड ने Upmarch के 1,80,000 इक्विटी शेयर ट्रांसफर करने को मंजूरी दी है। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर है। इस तरह ट्रांसफर की कुल वैल्यू 18 लाख रुपये होगी।
Upmarch की कुल पेड-अप कैपिटल 20 लाख रुपये है, जो 2 लाख इक्विटी शेयरों में बंटी हुई है। इनमें से 1.80 लाख शेयर यानी 90% हिस्सेदारी डॉ. सुनील पाटिल को ट्रांसफर की जाएगी।
कंपनी के मुताबिक, शेयरों के ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने की संभावित तारीख 18 सितंबर 2026 है।
Upmarch में अब तक नहीं हो रहा था कोई कारोबार
UFO Moviez ने बताया कि Upmarch Media Network Private Limited का गठन 22 अगस्त 2023 को कुछ खास उद्देश्यों के लिए किया गया था। हालांकि, अब तक इस कंपनी में कोई कारोबारी गतिविधि नहीं हुई है। इसी वजह से UFO Moviez ने इसमें अपनी हिस्सेदारी कम करने का फैसला किया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में Upmarch का टर्नओवर शून्य रहा। वहीं, 31 मार्च 2026 तक कंपनी की नेटवर्थ 17.61 लाख रुपये थी, जो UFO Moviez की कुल कंसोलिडेटेड नेटवर्थ का करीब 0.05 फीसदी है।
खरीदार प्रमोटर ग्रुप से नहीं जुड़े
कंपनी ने साफ किया है कि डॉ. सुनील पाटिल UFO Moviez के प्रमोटर, प्रमोटर ग्रुप या ग्रुप कंपनियों से किसी भी तरह जुड़े हुए नहीं हैं। इसलिए यह सौदा संबंधित पक्ष यानी Related Party Transaction के दायरे में नहीं आता।
कंपनी के मुताबिक, यह सौदा किसी संबंधित पक्ष के साथ नहीं किया जा रहा है।
बोर्ड बैठक 15 मिनट चली
UFO Moviez के बोर्ड की बैठक 19 अगस्त 2026 को शाम 4:30 बजे शुरू हुई और 4:45 बजे समाप्त हो गई। बैठक में Upmarch में 90% हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
कंपनी ने यह जानकारी SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements (LODR) Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत BSE और NSE को दी है। UFO Moviez का BSE स्क्रिप कोड 539141 और NSE सिंबल UFO है।
कंपनी ने कहा है कि हिस्सेदारी ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद Upmarch Media Network, UFO Moviez की सब्सिडियरी कंपनी नहीं रहेगी।
हैथवे केबल व डेटाकॉम (Hathway Cable & Datacom) की 66वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में रखे गए सभी प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए हैं।
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Vikas Saxena
हैथवे केबल व डेटाकॉम (Hathway Cable & Datacom) की 66वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में रखे गए सभी प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए हैं। कंपनी ने AGM के बाद कंसोलिडेटेड स्क्रूटिनाइजर रिपोर्ट और वोटिंग रिजल्ट जारी किए हैं, जिनमें शेयरधारकों के मतदान का पूरा ब्योरा दिया गया है।
कंपनी की AGM 19 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम (OAVM) के जरिए हुई। कंपनी के मुताबिक, 12 अगस्त 2026 तक 4,81,613 शेयरधारक रिकॉर्ड में थे। हालांकि, इनमें से केवल 68 शेयरधारकों ने ऑनलाइन AGM में सीधे हिस्सा लिया, जिनमें 6 प्रमोटर और 62 पब्लिक शेयरधारक शामिल थे।
बाकी ज्यादातर शेयरधारकों ने AGM में शामिल होने के बजाय 16 से 18 अगस्त 2026 के बीच रिमोट ई-वोटिंग के जरिए अपने वोट डाले।
प्रमोटर ग्रुप ने सभी प्रस्तावों के पक्ष में किया मतदान
कंपनी के प्रमोटर ग्रुप के पास कुल 1,32,75,78,375 शेयर हैं। प्रमोटर ग्रुप ने AGM में रखे गए सभी प्रस्तावों के पक्ष में 100 फीसदी वोट दिया। वहीं, पब्लिक इंस्टीट्यूशनल शेयरधारकों के पास 62,50,994 शेयर हैं। इस वर्ग में अलग-अलग प्रस्तावों के लिए वोटिंग भागीदारी करीब 72.58% से 79.89% के बीच रही।
इसके मुकाबले पब्लिक नॉन-इंस्टीट्यूशनल शेयरधारकों की भागीदारी काफी कम रही। इस वर्ग के पास कुल 43,62,75,131 शेयर हैं और मतदान में इनकी भागीदारी सिर्फ 0.19% से 0.20% के आसपास रही।
कुछ रिटेल निवेशकों ने जताई असहमति
सभी प्रस्तावों को भारी बहुमत से मंजूरी मिलने के बावजूद कुछ पब्लिक नॉन-इंस्टीट्यूशनल शेयरधारकों ने प्रस्तावों के खिलाफ भी वोट किया।
मसलन, वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने वाले प्रस्ताव के खिलाफ 3,897 वोट पड़े। Geeta Fulwadaya की डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति के खिलाफ 3,930 वोट, Deloitte Haskins & Sells की नियुक्ति के खिलाफ 4,130 वोट और Cost Auditor की फीस के प्रस्ताव के खिलाफ 4,624 वोट पड़े। हालांकि, कुल मतदान के मुकाबले ये वोट बेहद कम थे और इनका किसी भी प्रस्ताव के नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ा।
वार्षिक आम बैठक में चार प्रमुख प्रस्ताव हुए पास
शेयरधारकों ने वित्त वर्ष 2025-26 के कंपनी के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरणों को मंजूरी दे दी। साथ ही बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट को भी स्वीकार किया गया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,33,29,48,474 वोट पड़े, जबकि 3,897 वोट इसके खिलाफ रहे।
शेयरधारकों ने गीता फुलवाडया को कंपनी के बोर्ड में डायरेक्टर नियुक्त करने को मंजूरी दी। वह रोटेशन के आधार पर रिटायर होने वाले डायरेक्टर की जगह नियुक्त हुई हैं। इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,33,34,05,586 वोट पड़े।
AGM में Deloitte Haskins & Sells Chartered Accountants LLP को लगातार पांच वर्षों के लिए कंपनी का स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। उनका कार्यकाल 66वीं AGM के समाप्त होने से लेकर 71वीं AGM के समाप्त होने तक रहेगा। उनकी फीस भी शेयरधारकों ने मंजूर कर दी।
इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,33,34,05,386 वोट पड़े।
शेयरधारकों ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए M/s Ashok Agarwal & Co., Cost Accountants की फीस को भी मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,33,34,04,892 वोट पड़े।
प्रमोटर और संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी
AGM के वोटिंग पैटर्न से साफ है कि कंपनी के प्रमोटर और संस्थागत निवेशकों ने प्रस्तावों को मजबूत समर्थन दिया। प्रमोटर ग्रुप की ओर से सभी प्रस्तावों पर 100 फीसदी समर्थन मिलने से सभी प्रस्ताव आसानी से पास हो गए।
वहीं, पब्लिक नॉन-इंस्टीट्यूशनल यानी मुख्य रूप से छोटे और रिटेल निवेशकों की भागीदारी काफी कम रही। हालांकि, इसी वर्ग के कुछ निवेशकों ने कुछ प्रस्तावों के खिलाफ वोट भी किया।
लेकिन विरोध में पड़े वोटों की संख्या कुल वोटिंग के मुकाबले इतनी कम थी कि इससे किसी भी प्रस्ताव के अंतिम नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ा। कुल मिलाकर Hathway Cable & Datacom की 66वीं AGM में सभी चार प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) जल्द ही शेयर बाजार और सिक्योरिटीज मार्केट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के इस्तेमाल को लेकर नए दिशानिर्देश ला सकता है।
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Samachar4media Bureau
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) जल्द ही शेयर बाजार और सिक्योरिटीज मार्केट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के इस्तेमाल को लेकर नए दिशानिर्देश ला सकता है। SEBI चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने कहा है कि प्रस्तावित नियमों का मुख्य फोकस जवाबदेही, बेहतर गवर्नेंस और निवेशकों की सुरक्षा पर रहेगा।
पांडे ने बुधवार को FICCI की 23वीं Annual Markets Conference में बोलते हुए कहा कि जैसे-जैसे शेयर बाजार से जुड़े अलग-अलग कामों में AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इसके लिए एक स्पष्ट और व्यवस्थित नियमों की जरूरत भी बढ़ रही है। SEBI का प्रस्तावित फ्रेमवर्क AI के इस्तेमाल के स्तर और जोखिम को देखते हुए टियर्ड अप्रोच यानी अलग-अलग स्तरों पर नियम लागू करने की दिशा में होगा।
AI इस्तेमाल करने वाली कंपनियों पर होगी जिम्मेदारी
SEBI चेयरमैन के मुताबिक, जो संस्थाएं AI का इस्तेमाल करेंगी, उन्हें कुछ जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने होंगे। इनमें जरूरत पड़ने पर AI सिस्टम को तुरंत रोकने की व्यवस्था, इंसानी निगरानी और डेटा पर मजबूत नियंत्रण जैसे उपाय शामिल होंगे।
उन्होंने साफ किया कि SEBI का मकसद AI और नई तकनीक के इस्तेमाल को रोकना नहीं है। बल्कि कोशिश यह है कि तकनीक का फायदा बाजार को मिले, लेकिन इसके साथ निवेशकों के हितों और उनकी सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
सर्विलांस से लेकर फ्रॉड पकड़ने तक AI की भूमिका
तुहिन कांता पांडे ने कहा कि AI का इस्तेमाल शेयर बाजार में कई अहम कामों के लिए किया जा सकता है। इसमें मार्केट सर्विलांस, जोखिम का आकलन, धोखाधड़ी की पहचान और निवेशकों को सेवाएं देना शामिल है।
हालांकि, AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कुछ जोखिम भी सामने आते हैं। इनमें AI के फैसलों में संभावित पक्षपात (Bias), साइबर सिक्योरिटी, डेटा की सुरक्षा और किसी गलत नतीजे के लिए जिम्मेदारी तय करना प्रमुख चिंताएं हैं।
SEBI खुद भी कर रहा AI का इस्तेमाल
SEBI खुद भी रेगुलेटरी और मार्केट सर्विलांस के कामों में AI का इस्तेमाल कर रहा है। पांडे ने बताया कि रेगुलेटर ने Project Sudarshan और Radar जैसे टूल विकसित किए हैं। इनका इस्तेमाल संदिग्ध वित्तीय पैटर्न और संभावित रूप से भ्रामक विज्ञापनों की पहचान करने के लिए किया जा रहा है।
इससे SEBI को बड़ी मात्रा में उपलब्ध डेटा का तेजी से विश्लेषण करने और बाजार में किसी असामान्य गतिविधि की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
थर्ड पार्टी AI सिस्टम के लिए भी जिम्मेदारी तय होगी
प्रस्तावित नियमों की एक अहम बात यह होगी कि SEBI के दायरे में आने वाली संस्थाएं अपने इस्तेमाल किए जा रहे AI और ML सिस्टम के लिए जिम्मेदार होंगी। यह जिम्मेदारी इस बात से नहीं बदलेगी कि AI सिस्टम कंपनी ने खुद बनाया है या किसी थर्ड पार्टी प्रोवाइडर से लिया है।
इसमें निवेशकों के डेटा की प्राइवेसी, सिक्योरिटी और इंटीग्रिटी बनाए रखना शामिल होगा। साथ ही, AI सिस्टम से निकलने वाले नतीजों के लिए भी संबंधित संस्था की जवाबदेही तय होगी।
IT सिस्टम की मजबूती जांचने के लिए IT Resilience Index
AI से जुड़े नियमों के अलावा SEBI मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (MIIs) के लिए IT Resilience Index लाने पर भी विचार कर रहा है। इसका मकसद शेयर बाजार से जुड़े महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी सिस्टम कितने मजबूत और संकट की स्थिति में कितनी जल्दी काम पर लौट सकते हैं, इसे एक तय और निष्पक्ष तरीके से मापना है।
SEBI मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस के साथ मिलकर API आधारित कनेक्टिविटी और इंटरऑपरेबिलिटी को भी बढ़ाने पर काम कर रहा है।
AI और निवेश के नए अवसरों को बताया भविष्य का हिस्सा
तुहिन कांता पांडे ने AI, परिवारों की बचत का वित्तीय बाजारों में बढ़ता इस्तेमाल और निवेश के नए अवसरों को भारत के कैपिटल मार्केट के अगले दौर से जुड़ा हुआ बताया।
उन्होंने कहा कि तकनीक के विस्तार के साथ भरोसा बनाए रखना सबसे जरूरी होगा। यानी शेयर बाजार में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़े, लेकिन निवेशकों का भरोसा, डेटा की सुरक्षा और जवाबदेही इसके केंद्र में रहनी चाहिए।
दूरदर्शन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी नियुक्ति की जानकारी साझा की है।
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Samachar4media Bureau
‘दूरदर्शन’ (Doordarshan) ने रीना सोनोवाल कौली को अपना नया महानिदेशक (Director General) नियुक्त किया है। दूरदर्शन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी नियुक्ति की जानकारी साझा की है।
दूरदर्शन ने अपनी पोस्ट में कहा कि नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही संगठन को उम्मीद है कि रीना सोनोवाल कौली के नेतृत्व और मार्गदर्शन में दूरदर्शन को और मजबूत करने, उसकी पहुंच बढ़ाने और देशभर के दर्शकों के साथ बेहतर जुड़ाव बनाने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
दूरदर्शन को मजबूत करने और पहुंच बढ़ाने की जिम्मेदारी: नई भूमिका में रीना सोनोवाल कौली दूरदर्शन को नेतृत्व और मार्गदर्शन प्रदान करेंगी। उनके नेतृत्व में प्रसारक का लक्ष्य संगठन को और मजबूत करना तथा देशभर में अपनी पहुंच का विस्तार करना है।
दूरदर्शन ने कहा कि वह कौली के मार्गदर्शन में आगे बढ़ते हुए एक प्रमुख सार्वजनिक सेवा प्रसारक के रूप में अपनी भूमिका को जारी रखने और देशभर के दर्शकों के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।
दूरदर्शन ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में रीना सोनोवाल कौली को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व में संगठन के आगे बढ़ने की उम्मीद जताई है।
यह नियुक्ति 12 अगस्त 2026 को जारी ऑफिस ऑर्डर के जरिए की गई है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
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Samachar4media Bureau
सूचना और मीडिया से जुड़े कामकाज को और बेहतर तरीके से संभालने के लिए इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के डायरेक्टर (M&C) विनोद कुमार डी.वी. को MeitY का Chief of Media & Communications (CMC) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 12 अगस्त 2026 को जारी ऑफिस ऑर्डर के जरिए की गई है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मंत्रालय के मीडिया कामकाज के लिए होंगे मुख्य संपर्क: Chief of Media & Communications के तौर पर विनोद कुमार MeitY से जुड़े मीडिया और सूचना प्रसार के मामलों में सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट के तौर पर काम करेंगे। उनकी जिम्मेदारी में मंत्रालय की गतिविधियों और पहलों से जुड़ी जानकारी को प्रिंट, टेलीविजन, रेडियो, डिजिटल मीडिया और दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने से जुड़े काम शामिल होंगे। इस नियुक्ति के बाद MeitY के मीडिया कोऑर्डिनेशन को एक जगह पर लाने की कोशिश की गई है, ताकि मंत्रालय की ओर से मीडिया से जुड़ा काम ज्यादा व्यवस्थित तरीके से हो सके।
सभी डिवीजनों को CMC के जरिए भेजना होगा मीडिया प्लान: ऑफिस ऑर्डर के मुताबिक, MeitY के सभी डिवीजनों को मंत्रालय की गतिविधियों और पहलों से जुड़े अपने Media Plans CMC के जरिए आगे बढ़ाने होंगे। इसके अलावा किसी मुद्दे पर मीडिया को दिए जाने वाले जवाब भी CMC के माध्यम से रूट किए जाएंगे। इसका मतलब है कि मंत्रालय के अलग-अलग विभागों की मीडिया गतिविधियों और प्रतिक्रियाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की जिम्मेदारी CMC के कार्यालय की होगी।
सीधे MeitY Secretary को करेंगे रिपोर्ट: विनोद कुमार डी.वी. अपने CMC पद पर रहते हुए सीधे MeitY के Secretary को रिपोर्ट करेंगे। इसके साथ ही वह मंत्रालय में Information, Education and Communication (IEC) से जुड़े मामलों को देखने वाले Additional Secretary, Joint Secretary या Group Coordinator के साथ भी समन्वय करेंगे। इस व्यवस्था के जरिए मंत्रालय की मीडिया प्लानिंग और कम्युनिकेशन को एक कॉमन फ्रेमवर्क के तहत लाने की कोशिश की गई है।
मीडिया से जुड़े जवाबों में भी होगा समन्वय: नई व्यवस्था के तहत MeitY के अलग-अलग डिवीजनों की ओर से मीडिया को दिए जाने वाले जवाब भी CMC के माध्यम से रूट होंगे। इससे मंत्रालय की अलग-अलग पहलों और योजनाओं को लेकर मीडिया में जाने वाली जानकारी में एकरूपता और बेहतर कोऑर्डिनेशन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। खासकर ऐसे मंत्रालय के लिए यह भूमिका महत्वपूर्ण है, जो डिजिटल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, IT और उससे जुड़े कई तेजी से बदलते क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है।
आधिकारिक दौरों का खर्च MeitY उठाएगा: ऑफिस ऑर्डर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि CMC के आधिकारिक दौरों के दौरान Travel Allowance (TA) और Daily Allowance (DA) समेत कामकाज से जुड़े अन्य खर्च MeitY की ओर से लागू नियमों के अनुसार वहन किए जाएंगे।
तत्काल प्रभाव से लागू हुई नियुक्ति: यह नियुक्ति Additional Secretary (Personnel), MeitY की मंजूरी के बाद की गई है और तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इस संबंध में ऑफिस ऑर्डर P. Victor Albuquerque, Deputy Secretary (O&M), MeitY की ओर से जारी किया गया है।
मीडिया कम्युनिकेशन को एक जगह लाने की कोशिश: विनोद कुमार डी.वी. की नियुक्ति के साथ MeitY की मीडिया कोऑर्डिनेशन व्यवस्था को औपचारिक रूप से एक designated Chief of Media & Communications के तहत लाया गया है। अब मंत्रालय के अलग-अलग डिवीजनों की Media Planning और Media Responses CMC के कार्यालय के जरिए आगे बढ़ेंगी। इससे मंत्रालय की गतिविधियों और पहलों को लेकर मीडिया के साथ संवाद को ज्यादा केंद्रीकृत, व्यवस्थित और बेहतर तरीके से कोऑर्डिनेट करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
चंद्रहास शेट्टी (Chandrahas Shetty) ने मैग्नाइट (Magnite) से विदाई के बाद द ट्रेड डेस्क (The Trade Desk) जॉइन किया है। वह डायरेक्टर–क्लाइंट सर्विसिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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Samachar4media Bureau
चंद्रहास शेट्टी (Chandrahas Shetty) ने मैग्नाइट (Magnite) से विदाई के बाद द ट्रेड डेस्क (The Trade Desk) में नई पारी शुरू की है। उन्हें कंपनी में डायरेक्टर–क्लाइंट सर्विसिंग, इंडिया (Director – Client Servicing, India) नियुक्त किया गया है।
शेट्टी पिछले सप्ताह मैग्नाइट में हेड ऑफ डिमांड, इंडिया (Head of Demand, India) के पद से अलग हुए थे। नई भूमिका में वह रेवेन्यू, डिमांड, पार्टनरशिप और क्लाइंट रिलेशनशिप से जुड़े कामकाज पर ध्यान देंगे।
शेट्टी 2023 में मैग्नाइट से जुड़े थे और भारत में कंपनी की शुरुआती टीम का हिस्सा रहे। इससे पहले उन्होंने कुछ समय मीडिया मैथ (MediaMath) के साथ भी काम किया था।
डिजिटल विज्ञापन के क्षेत्र में शेट्टी के पास 14 साल से ज्यादा का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने डिजिटल एडवरटाइजिंग से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है।
द ट्रेड डेस्क में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब डिजिटल विज्ञापन कारोबार में क्लाइंट पार्टनरशिप, डिमांड और रेवेन्यू ग्रोथ पर लगातार ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। अपनी नई भूमिका में शेट्टी इन क्षेत्रों में कंपनी के कामकाज को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।
अमित शाह, जेपी नड्डा और अब नितिन नबीन के नेतृत्व में लगातार मजबूत हो रहा बलूनी का कद, 2017 से BJP के राष्ट्रीय मीडिया ऑपरेशंस से जुड़े हैं
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Samachar4media Bureau
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी नई राष्ट्रीय संगठनात्मक टीम का ऐलान करते हुए मीडिया और कम्युनिकेशन के मोर्चे पर अनुभवी नेता अनिल बलूनी पर एक बार फिर भरोसा जताया है। बलूनी को पार्टी के मीडिया और कम्युनिकेशन की जिम्मेदारी दी गई है और वह नई टीम में मीडिया को-ऑर्डिनेटर के तौर पर अपनी भूमिका जारी रखेंगे। नई व्यवस्था में उनके साथ आशीष उषा अग्रवाल, प्रदीप भंडारी और सिद्धार्थ यादव ज्वाइंट को-ऑर्डिनेटर के तौर पर काम करेंगे।
करीब 12 साल से बीजेपी के राष्ट्रीय कम्युनिकेशन सिस्टम का अहम चेहरा: अनिल बलूनी का बीजेपी के राष्ट्रीय स्तर के मीडिया और कम्युनिकेशन तंत्र से जुड़ाव करीब 12 वर्षों से है। वर्ष 2014 में वह पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने। इससे पहले वह उत्तराखंड बीजेपी में प्रवक्ता की भूमिका निभा चुके थे और 2014 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी में BJP के मीडिया मैनेजमेंट में भी उनकी भूमिका रही थी।
मार्च 2017 में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया विभाग का प्रमुख नियुक्त किया। उस समय बलूनी के सामने पार्टी और मीडिया के बीच संवाद को बेहतर बनाने तथा नरेंद्र मोदी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावी कम्युनिकेशन के जरिए जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी।
इसके बाद पार्टी के मीडिया और कम्युनिकेशन तंत्र में बलूनी की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी रही। वर्ष 2018 में वह उत्तराखंड से राज्यसभा पहुंचे और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका और मजबूत हुई। 2024 में उन्होंने गढ़वाल लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में वापसी की।
पत्रकारिता से शुरू हुआ सफर: बलूनी की राजनीतिक और संगठनात्मक यात्रा की एक खास बात उनकी पत्रकारिता की पृष्ठभूमि भी है। दिल्ली में पत्रकारिता के दौरान उनका संपर्क RSS और BJP के वरिष्ठ नेताओं से हुआ। वह वरिष्ठ बीजेपी नेता और आरएसएस से जुड़े रहे सुंदर सिंह भंडारी के OSD भी रहे। भंडारी के बिहार और गुजरात के राज्यपाल रहने के दौरान बलूनी उनके साथ जुड़े रहे।
बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया विभाग की जिम्मेदारी मिलने से पहले ही बलूनी संगठन में अपनी पहचान बना चुके थे। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर उन्होंने टेलीविजन डिबेट्स और मीडिया संवाद में BJP का पक्ष प्रभावी तरीके से रखने में खास पहचान बनाई। 2017 में राष्ट्रीय मीडिया विभाग की कमान मिलने के बाद उनका दायरा और व्यापक हुआ।
मीडिया मैनेजमेंट में मजबूत पकड़: बलूनी की सबसे बड़ी ताकतों में उनकी मीडिया समझ और संगठनात्मक मैनेजमेंट को माना जाता है। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी की मीडिया टीम उनके नेतृत्व में बेहद सक्रिय रही। उस समय पार्टी के मीडिया कार्यक्रमों, प्रवक्ताओं की मीडिया मौजूदगी और वरिष्ठ नेताओं के संवाद को व्यवस्थित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख भी सामने आया था। वर्ष 2020 में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बलूनी को पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के पद पर बरकरार रखते हुए उन्हें BJP का चीफ प्रवक्ता भी नियुक्त किया। इस जिम्मेदारी के साथ पार्टी के प्रमुख सार्वजनिक चेहरों में उनकी भूमिका और मजबूत हुई।
उनकी भूमिका केवल टीवी डिबेट तक सीमित नहीं रही। BJP के मीडिया तंत्र में उन्होंने पार्टी की नीतियों, सरकार की योजनाओं और संगठन के संदेश को अलग-अलग माध्यमों के जरिए जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया। 2017 में उनकी नियुक्ति के समय भी पार्टी की मीडिया रणनीति में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लोकप्रिय बनाने और मीडिया के साथ बेहतर रिश्ते विकसित करने को प्रमुख जिम्मेदारियों में रखा गया था।
मोदी-शाह का भरोसा भी बना रहा: बीजेपी के भीतर बलूनी की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाने वाली एक वजह शीर्ष नेतृत्व का उन पर भरोसा भी रहा है। 2017 में राष्ट्रीय मीडिया विभाग की जिम्मेदारी दिए जाने के समय मीडिया रिपोर्टों में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के भरोसेमंद नेताओं में गिना गया था।
2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी वह BJP की उस टीम का हिस्सा रहे, जिसने चुनावी दौर में पार्टी के मीडिया कम्युनिकेशन को लगातार सक्रिय रखा। उनकी टीम ने वरिष्ठ नेताओं के मीडिया कार्यक्रमों और पार्टी प्रवक्ताओं के संवाद को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया।
उत्तराखंड से राष्ट्रीय राजनीति तक: पौड़ी गढ़वाल से आने वाले बलूनी ने संगठन में अपनी शुरुआत उत्तराखंड से की। वह उत्तराखंड बीजेपी के प्रवक्ता रहे और राज्य में संगठन से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। वह उत्तराखंड की पिछली BJP सरकार में वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
2018 में राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी सक्रियता और बढ़ाई। 2024 में गढ़वाल से लोकसभा चुनाव जीतकर उन्होंने एक बार फिर अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता को मजबूत किया। संगठन और मीडिया के मोर्चे पर लंबे अनुभव के साथ उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई है।
संसदीय भूमिका में भी कम्युनिकेशन से जुड़ाव: बलूनी की मौजूदा संसदीय भूमिका भी उनके लंबे मीडिया और कम्युनिकेशन अनुभव से जुड़ी हुई है। वह 18वीं लोकसभा में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति (Standing Committee on Communications and Information Technology) के सदस्य हैं। इस समिति के दायरे में मीडिया, प्रसार भारती, OTT प्लेटफॉर्म, डिजिटल मीडिया, सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
नई टीम में भी अनुभव पर भरोसा: बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में मीडिया और कम्युनिकेशन के मोर्चे पर बलूनी को बनाए रखना पार्टी की रणनीति में अनुभव और निरंतरता के महत्व को दिखाता है। करीब 12 वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया और कम्युनिकेशन से जुड़े रहने के दौरान बलूनी ने पार्टी के संदेश को मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मीडिया मैनेजमेंट, पार्टी कम्युनिकेशन और संगठन के संदेश को प्रभावी तरीके से सामने रखने की उनकी क्षमता ने पार्टी के भीतर उनकी भूमिका को लगातार महत्वपूर्ण बनाए रखा है। राष्ट्रीय प्रवक्ता से लेकर राष्ट्रीय मीडिया विभाग के प्रमुख और फिर सांसद तक का उनका सफर संगठन में उनकी लंबी और बहुआयामी भूमिका को दर्शाता है।
करीब 12 वर्षों से बीजेपी के राष्ट्रीय स्तर के मीडिया और कम्युनिकेशन तंत्र में सक्रिय बलूनी का सफर पत्रकार से पार्टी प्रवक्ता, राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख, राज्यसभा सांसद और फिर लोकसभा सांसद तक पहुंचा है। अब नई राष्ट्रीय टीम में एक बार फिर उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना बताता है कि पार्टी नेतृत्व उनके अनुभव, मीडिया समझ और संगठनात्मक क्षमता पर लगातार भरोसा कर रहा है।
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच इस मामले में 1 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे या उसके तुरंत बाद सुनवाई करेगी।
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Vikas Saxena
‘नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड’ (Network18 Media & Investments Limited) की News18 Marathi Private Limited के विलय से जुड़ी स्कीम पर अंतिम सुनवाई की तारीख तय हो गई है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच इस मामले में 1 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे या उसके तुरंत बाद सुनवाई करेगी।
Network18 ने News18 Marathi Private Limited के विलय को मंजूरी देने के लिए 17 जुलाई 2026 को NCLT में याचिका दाखिल की थी। News18 Marathi, Network18 की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly Owned Subsidiary) है। NCLT ने 23 जुलाई 2026 के आदेश के जरिए इस याचिका को स्वीकार कर लिया था।
यह है पूरा मामला?: Network18 ने News18 Marathi को अपनी मूल कंपनी में मिलाने के लिए कंपनी स्कीम के तहत यह प्रक्रिया शुरू की है। इस योजना के तहत News18 Marathi Private Limited का Network18 Media & Investments Limited में विलय किया जाना है। इसके साथ दोनों कंपनियों के संबंधित शेयरधारकों और क्रेडिटर्स से जुड़ी प्रक्रिया भी योजना का हिस्सा है। यह प्रक्रिया Companies Act, 2013 की Sections 230 से 232 और लागू अन्य प्रावधानों के तहत की जा रही है।
17 अगस्त को जारी किया नोटिस: Network18 ने NCLT में होने वाली सुनवाई की जानकारी संबंधित स्टेकहोल्डर्स तक पहुंचाने के लिए 17 अगस्त 2026 को अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित किए। यह विज्ञापन अंग्रेजी में Business Standard के सभी भारत संस्करणों और मराठी में Navshakti के महाराष्ट्र संस्करण में प्रकाशित किया गया। कंपनी ने इस नोटिस के जरिए संबंधित लोगों को विलय की योजना पर अपना पक्ष रखने का मौका दिया है।
आपत्ति या समर्थन के लिए क्या करना होगा?: अगर कोई व्यक्ति या पक्ष इस याचिका का समर्थन करना चाहता है या इसका विरोध करना चाहता है, तो उसे सुनवाई की तारीख से कम से कम दो दिन पहले लिखित नोटिस देना होगा। यह नोटिस याचिकाकर्ता कंपनियों की ओर से मामले की पैरवी कर रहे वकील पेशवान जहांगीर (Peshwan Jehangir), Khaitan & Co. को देना होगा। जो लोग इस विलय योजना का विरोध करना चाहते हैं, उन्हें अपनी आपत्ति के कारण भी बताने होंगे। इसके साथ वे अपने हलफनामे (Affidavit) की कॉपी भी जमा कर सकते हैं।
News18 Marathi पूरी तरह Network18 की सहायक कंपनी: News18 Marathi Private Limited का गठन Companies Act, 1956 के तहत हुआ था और इसका Corporate Identity Number (CIN) U65923MH2007PTC281111 है। क्योंकि News18 Marathi पहले से ही Network18 की Wholly Owned Subsidiary है, इसलिए यह सौदा किसी बाहरी कंपनी को खरीदने का मामला नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसका उद्देश्य कंपनी की संरचना को सरल बनाना और रीजनल न्यूज चैनल से जुड़े कॉरपोरेट गवर्नेंस और ऑपरेशनल रिपोर्टिंग को ज्यादा व्यवस्थित करना है। अब इस विलय योजना पर NCLT मुंबई बेंच की 1 अक्टूबर 2026 की सुनवाई अहम होगी। इस सुनवाई के बाद योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में अगला कदम तय होगा।
शेमारू एंटरटेनमेंट की 21वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में कंपनी की ओर से रखे गए सभी चारों प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है।
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Samachar4media Bureau
शेमारू एंटरटेनमेंट (Shemaroo Entertainment Limited) की 21वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में कंपनी की ओर से रखे गए सभी चारों प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने 17 अगस्त 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को AGM के वोटिंग रिजल्ट की जानकारी दी। AGM का आयोजन 14 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया गया था। कंपनी के मुताबिक, AGM में रिमोट ई-वोटिंग और AGM के दौरान हुई ई-वोटिंग को मिलाकर वोटिंग रिजल्ट तैयार किया गया। कुल 73 सदस्यों ने ई-वोटिंग के जरिए वोट किया और कुल 1,96,93,131 वोट डाले गए।
वित्तीय नतीजों को मंजूरी: पहले प्रस्ताव के तहत 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स के साथ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट को मंजूरी देने के लिए वोटिंग हुई। इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,96,92,397 वोट पड़े, जबकि 734 वोट इनवैलिड या एब्सटेन रहे। यानी प्रस्ताव को 99.996% वोट का समर्थन मिला।
जय मारू की दोबारा डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति: दूसरे प्रस्ताव में Executive Director जय मारू की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी गई। जय मारू रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे थे और दोबारा नियुक्ति के लिए पात्र होने के कारण उन्होंने अपना नाम पेश किया था। इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,96,92,336 वोट पड़े, जबकि 795 वोट खिलाफ रहे। प्रस्ताव को करीब 99.996% वोट का समर्थन मिला और इसे जरूरी बहुमत से मंजूरी मिल गई।
Statutory Auditor की फिर नियुक्ति: तीसरे प्रस्ताव के तहत Mukund M. Chitale & Co., Chartered Accountants को कंपनी के Statutory Auditor के तौर पर दोबारा नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,96,92,336 वोट पड़े और 795 वोट इसके खिलाफ रहे। प्रस्ताव को करीब 99.996% वोट का समर्थन मिला।
Cost Auditor की फीस को भी मंजूरी: चौथे और आखिरी प्रस्ताव में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए Cost Auditors को दी जाने वाली फीस को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया था। इसे भी शेयरधारकों ने भारी बहुमत से मंजूरी दी इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,96,92,397 वोट पड़े, जबकि 734 वोट खिलाफ रहे। प्रस्ताव को करीब 99.996% वोट का समर्थन मिला।
प्रमोटर ग्रुप ने सभी प्रस्तावों के पक्ष में किया वोट: वोटिंग डिटेल के मुताबिक, प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के पास कुल 1,93,16,920 शेयर थे और उन्होंने सभी चारों प्रस्तावों के पक्ष में 100% वोट किया। वहीं पब्लिक नॉन-इंस्टीट्यूशनल शेयरहोल्डर्स की ओर से भी अधिकांश वोट प्रस्तावों के समर्थन में रहे।
कंपनी के कुल 2,87,30,299 शेयरों में से 1,96,93,131 शेयरों के वोट डाले गए, यानी करीब 68.54% वोटिंग हुई। पहले और चौथे प्रस्ताव को 99.9963% वोट और दूसरे व तीसरे प्रस्ताव को 99.996% वोट का समर्थन मिला। चारों प्रस्तावों को ‘Pass’ घोषित किया गया। कुल मिलाकर, Shemaroo Entertainment की 21वीं AGM में रखे गए सभी चारों प्रस्तावों को शेयरधारकों का मजबूत समर्थन मिला है।
बीजेपी (BJP) ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया है। स्मृति ईरानी (Smriti Irani) को राष्ट्रीय महासचिव, जबकि वसुंधरा राजे सिंधिया और राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
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Samachar4media Bureau
बीजेपी (BJP) ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने कई वरिष्ठ नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है, जबकि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया (Vasundhara Raje Scindia) और वरिष्ठ नेता राम माधव (Ram Madhav) को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
नई राष्ट्रीय टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महासचिव शामिल हैं। पार्टी ने अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के नेताओं को जगह देकर संगठन में क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की सूची में वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat), राम माधव, बैजयंत जय पांडा (Baijayant Jai Panda), डी. पुरंदेश्वरी (D. Purandeshwari), रेखा वर्मा (Rekha Verma), वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी (Varshaben Narendrabhai Doshi), डॉ. भारती प्रवीण पवार (Dr. Bharti Praveen Pawar), मनप्रीत सिंह बादल (Manpreet Singh Badal), लाल सिंह आर्य (Lal Singh Arya), प्रो. एम. नागराजा (M. Nagaraja), प्रो. तारिक मंसूर (Tariq Mansoor) और डॉ. मधुचंद्र कर (Madhuchandra Kar) शामिल हैं।
बीएल संतोष (BL Santosh) राष्ट्रीय संगठन महासचिव के पद पर बने रहेंगे। वहीं शिवप्रकाश (Shivprakash) को राष्ट्रीय सह-संगठन महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव के साथ उत्तर प्रदेश का प्रभार भी सौंपा गया है। पार्टी की नई संगठनात्मक टीम में उनकी नियुक्ति को अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
सागर सेठी (Saagar Sethi) को डेंट्सु (dentsu) ने साउथ एशिया का चीफ बिजनेस ऑफिसर नियुक्त किया है। उनकी नई जिम्मेदारी 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी।
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Samachar4media Bureau
डेंट्सु (dentsu) ने सागर सेठी (Saagar Sethi) को चीफ बिजनेस ऑफिसर–साउथ एशिया (Chief Business Officer – South Asia) नियुक्त किया है। उनकी नई जिम्मेदारी 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी।
नई भूमिका में सागर सेठी के पास पहले की तुलना में बड़ा पोर्टफोलियो होगा। वह इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेडिंग (Investment & Trading), मीडिया प्लानिंग एंड ऑपरेशंस (Media Planning & Operations), परफॉर्मेंस प्रैक्टिस (Performance Practice) और ऑपरेशनल एक्सीलेंस (Operational Excellence) से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सागर सेठी डेंट्सु से 2022 में जुड़े थे और तब से इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेडिंग कारोबार का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें मीडिया, कमर्शियल स्ट्रैटेजी, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन, प्रोक्योरमेंट और बिजनेस ऑपरेशंस के क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है।
डेंट्सु से पहले उन्होंने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स (LG Electronics) और अर्न्स्ट एंड यंग (Ernst & Young) में वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं निभाई हैं। नई भूमिका में सागर सेठी डेंट्सु के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर सुजीत वैद्य (Sujit Vaidya) को रिपोर्ट करेंगे। उनके पास चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर अजय गुप्ते (Ajay Gupte) के साथ मैट्रिक्स रिपोर्टिंग भी होगी।
डेंट्सु के मुताबिक, भारतीय बाजार में ब्रांड्स से अब सिर्फ मीडिया पहुंच नहीं, बल्कि सीधे कारोबारी नतीजे देने की उम्मीद बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने इन्वेस्टमेंट, प्लानिंग, परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल एक्सीलेंस से जुड़े कार्यों को एक नेतृत्व के तहत लाने का फैसला किया है।