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कैसा है डिजिटल मीडिया में FDI का सरकारी फैसला, जानें एक्सपर्ट्स की राय
कैसा है डिजिटल मीडिया में FDI का सरकारी फैसला, जानें एक्सपर्ट्स की राय
सरकार को बड़ी संख्या में नए साक्षर ग्रामीणों के लिए प्रिंट कंटेंट के दरवाजे खोलने चाहिए, जो आने वाले 20 सालों में पंचायत स्तर पर एक बड़ा मार्केट बनेगा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो
6 years ago
सरकार द्वारा डिजिटल मीडिया में 26 प्रतिशत ‘प्रत्यक्ष विदेश निवेश’ (FDI) के फैसले का इंडस्ट्री से जुड़े कई दिग्गजों ने स्वागत किया है। इस बारे में ‘डेंट्सू एजिस नेटवर्क’ के सीईओ (ग्रेटर साउथ) और चेयरमैन व सीईओ (इंडिया) आशीष भसीन का कहना है,‘मेरे विचार से यह काफी अच्छी बात है, क्योंकि डिजिटल काफी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। सरकार का यह कदम इस सेक्टर के विकास में काफी मददगार होगा। इससे उद्यमियों को आगे बढ़ने के अच्छे अवसर मिलेंगे।’
वहीं,‘टाइम्स इंटरनेट’ के सीईओ गौतम सिन्हा ने देश में डिजिटल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘मीडिया सेक्टर में वर्तमान में हो रही ग्रोथ का बड़ा हिस्सा डिजिटल कंटेंट के इस्तेमाल से आ रहा है। करीब 25 प्रतिशत युवा इस मीडियम से जुड़े हुए हैं। यह काफी अच्छी बात है कि डिजिटल की क्षमता को पहचाना जा रहा है। मुझे विश्वास है कि इस कदम से ऑनलाइन मीडिया इंडस्ट्री को निश्चित रूप से फायदा होगा और इससे कंपनियों को विदेशी निवेशकों से अतिरिक्त पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी।’ सिन्हा ने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और आने वाले समय में इसमें और वृद्धि होगी।
द टाइम्स ऑफ इंडिया समूह, हिन्दुस्तान टाइम्स समूह और ‘आउटलुक’ जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए प्रिंट मीडिया को सपोर्ट करने की मांग भी उठाई है। आलोक मेहता का कहना है, ‘मुझे लगता है कि डिजिटल मीडिया में एफडीआई का फैसला आने वाली पीढ़ी के लिए काफी अच्छा है। दूसरी तरफ, मुझे लगता है कि सरकार को बड़ी संख्या में नए साक्षर ग्रामीणों के लिए प्रिंट कंटेंट के दरवाजे खोलने चाहिए, जो आने वाले 20 सालों में पंचायत स्तर पर एक बड़ा मार्केट बनेगा। सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर जागरूकता के लिए ग्रामीण प्रिंट और टैबलॉयड आकार के साप्ताहिक अखबार पढ़ना चाहते हैं। देश में करीब 80 प्रतिशत ग्रामीण इलाके हैं और इन गांवों और वहां के किसानों पर केंद्रित कोई भी अखबार नहीं है।
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