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'आनंद विकटन' की वेबसाइट को ब्लॉक किए जाने पर ‘AIM’ ने जताया विरोध, उठाई ये मांग
‘एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैगजींस’ (AIM) के प्रेजिडेंट अनंत नाथ ने इस कदम को मीडिया की आजादी पर सीधा हमला बताया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 year ago
‘एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैगजींस’ (AIM) ने ‘सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय’ (MeitY) द्वारा प्रमुख तमिल मैगजीन पब्लिशर ‘आनंद विकटन’ (Ananda Vikatan) की वेबसाइट vikatan.com को ब्लॉक किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है।
‘एआईएम’ के अनुसार, यह कार्रवाई 15 फरवरी 2025 को तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई द्वारा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) में दायर एक शिकायत के बाद की गई थी। शिकायत विकटन प्लस में प्रकाशित एक राजनीतिक कार्टून को लेकर की गई थी।
‘एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैगजींस’ ने इस निर्णय की निंदा करते हुए कहा कि मंत्रालय ने बिना किसी पूर्व सूचना, सुनवाई या औपचारिक आदेश जारी किए पूरी वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया। केवल एक राजनीतिक शिकायत के आधार पर इतनी बड़ी कार्रवाई किया जाना पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला है।
विकटन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, प्रेस ब्यूरो ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने उसी दिन विकटन के रजिस्टर्ड ऑफिस का दौरा किया और यह जानने की कोशिश की कि विकटन प्लस प्रिंट में भी पब्लिश होता है या नहीं। वहीं, पब्लिशर ने स्पष्ट किया कि यह मैगजीन डिजिटल पब्लिकेशन है।
एसोसिएशन ने यह भी उजागर किया कि वेबसाइट ब्लॉक करने के बाद सूचना प्रसारण मंत्रालय ने 17 फरवरी 2025 को इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) की बैठक बुलाने का नोटिस भेजा। यह बैठक IT नियम 2021 के तहत वेबसाइट को ब्लॉक करने के अनुरोध पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। AIM का कहना है कि पहले ब्लॉकिंग का आदेश दिया गया और फिर सुनवाई रखी गई, जो न्यायिक प्रक्रिया का खुला उल्लंघन है।
गौरतलब है कि IT नियम 2021 को कई हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इसके तहत कोड ऑफ एथिक्स से जुड़े नियम 9(1) और 9(3) पर अदालत ने रोक भी लगाई हुई है। AIM ने सवाल उठाया कि जब अदालत ने इन नियमों को रोक रखा है, तब भी इस तरह की जांच क्यों की जा रही है।
‘एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैगजींस’ ने इस कार्रवाई को मीडिया की आज़ादी पर सीधा हमला बताते हुए MeitY से vikatan.com को ब्लॉक करने के आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की है। साथ ही सूचना-प्रसारण मंत्रालय से अपील की है कि जब तक अदालत का स्टे लागू है, तब तक IT नियम 2021 के तहत कोई नई जांच शुरू न की जाए।
वहीं, ‘एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैगजींस’ के प्रेजिडेंट अनंत नाथ का कहना है, ‘यह एक तानाशाहीपूर्ण कदम है जो प्रेस की स्वतंत्रता को कमजोर करता है। सरकार को चाहिए कि वह तुरंत इस फैसले को पलटे और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करे।’
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