यह सुविधा सीमित समय के लिए उपलब्ध कराई गई है, ताकि अधिक से अधिक निवेशक इसका लाभ उठा सकें।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’(Zee Media Corporation Limited) ने निवेशकों को जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘सक्षम निवेशक’ नाम से एक विशेष अभियान शुरू किया है। यह पहल कंपनी के Second 100 Days Campaign का हिस्सा है और इसके तहत निवेशकों को अपनी फिजिकल शेयर होल्डिंग को डिजिटल फॉर्म (डीमैट) में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कंपनी ने इस अभियान के साथ ही निवेशकों की सुविधा के लिए एक स्पेशल विंडो भी शुरू की है, जिसके जरिए फिजिकल सिक्योरिटीज़ (शेयर) के ट्रांसफर और डिमैटेरियलाइजेशन (डिजिटल करने) की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। यह सुविधा सीमित समय के लिए उपलब्ध कराई गई है, ताकि अधिक से अधिक निवेशक इसका लाभ उठा सकें।
ज़ी मीडिया के मुताबिक, यह कदम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के Listing Obligation and Disclosure Requirements Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत उठाया गया है। कंपनी ने इस अभियान की जानकारी देने के लिए अखबारों में विज्ञापन भी प्रकाशित कराया है।
कंपनी का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को वित्तीय रूप से अधिक जागरूक बनाना और उन्हें अपने फिजिकल शेयर को सुरक्षित डिजिटल फॉर्म यानी डीमैट में बदलने के लिए प्रेरित करना है। इससे न सिर्फ शेयर ट्रांसफर प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि निवेशकों को सुरक्षा और पारदर्शिता का भी लाभ मिलेगा।
इस पहल से जुड़ी विस्तृत जानकारी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है। ज़ी मीडिया ने कॉर्पोरेट रिलेशनशिप विभाग से इस सूचना को रिकॉर्ड में लेने और व्यापक स्तर पर प्रसारित करने का अनुरोध किया है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि वह निवेशकों के हितों की रक्षा और उन्हें सशक्त बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसे कदम उठाती रहेगी।
पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ एरॉन पॉवेल ने 1 सितंबर 2026 से पद छोड़ दिया है। यह बदलाव यम ब्रांड्स द्वारा पिज्जा कारोबार की 2.7 अरब डॉलर बिक्री पूरी करने के बाद हुआ।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पिज्जा हट (Pizza Hut) में शीर्ष स्तर पर नेतृत्व बदलाव हुआ है। कंपनी के ग्लोबल सीईओ एरॉन पॉवेल (Aaron Powell) ने 1 सितंबर 2026 से अपने पद और यम ब्रांड्स (Yum Brands) समूह में अपनी अन्य जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। पॉवेल पांच साल से ज्यादा समय तक पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ रहे।
यम ब्रांड्स की ओर से की गई नियामकीय फाइलिंग में उनके इस्तीफे की जानकारी दी गई है। उनका पद छोड़ना उसी दिन हुआ, जिस दिन यम ब्रांड्स ने पिज्जा हट के कारोबार की बिक्री पूरी की।
पॉवेल ने 2021 में पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ का पद संभाला था। अगस्त में ही उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए अपने आगामी प्रस्थान के संकेत दिए थे। उन्होंने यह भी बताया था कि पिज्जा हट के कारोबार का बड़ा हिस्सा खरीदने वाली निजी इक्विटी निवेशक लॉन्गरेंज कैपिटल (LongRange Capital) ने उन्हें सौदे के बाद अपने साथ काम करने का प्रस्ताव दिया है।
पिज्जा हट की बिक्री का सौदा 1 सितंबर को पूरा होने की घोषणा की गई। यम ब्रांड्स, पिज्जा हट के साथ केएफसी (KFC) और टैको बेल (Taco Bell) की भी पैरेंट कंपनी है। कंपनी ने पिज्जा कारोबार को दो अलग-अलग लेनदेन के जरिए बेचने की प्रक्रिया पूरी की। दोनों सौदों को मिलाकर कुल डील वैल्यू 2.7 अरब डॉलर रही।
सौदा पूरा होने के साथ पिज्जा हट अब नए स्वामित्व और नेतृत्व ढांचे के तहत अपने अगले चरण में प्रवेश करेगा। पॉवेल का इस्तीफा भी इसी बदलाव के साथ प्रभावी हुआ, जिससे ग्लोबल पिज्जा कारोबार में उनका पांच साल से अधिक लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया।
विक्रांत मुदलियार ने क्रूज मनी के को-फाउंडर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। वह एआई आधारित मनी कंपेनियन के साथ कंपनी की बिजनेस और ब्रांड ग्रोथ पर काम करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
विक्रांत मुदलियार (Vikrant Mudaliar) ने क्रूज मनी (Cruise Money) के को-फाउंडर (Co-founder) के तौर पर नई पारी शुरू की है। अपनी नई भूमिका में वह रोजमर्रा के निवेशकों के लिए एआई आधारित मनी कंपेनियन (AI-Based Money Companion) विकसित करने के साथ कंपनी के बिजनेस, प्रोडक्ट और ब्रांड ग्रोथ को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे।
क्रूज मनी से जुड़ने से पहले विक्रांत मुदलियार ड्रीम स्पोर्ट्स (Dream Sports) में सीएमओ (CMO) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहां उन्होंने ड्रीम11 (Dream11) को एक प्रमुख स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी ब्रांड के तौर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
विक्रांत को स्पोर्ट्स, गेमिंग, मीडिया, ई-कॉमर्स और कंज्यूमर गुड्स जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। अपने करियर में वह ड्रीम स्पोर्ट्स के अलावा यात्रा (Yatra), लेंसकार्ट (Lenskart) और टाटा स्काई (Tata Sky) जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं।
विक्रांत कंपनी के फाउंडर एवं सीईओ (Founder & CEO) विनय भरद्वाज (Vinay Bharathwaj) और गणेश केवी (Ganesh KV) के साथ मिलकर प्रोडक्ट, ब्रांड और बिजनेस ग्रोथ को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
कंपनी का फोकस एआई आधारित तकनीक के जरिए लोगों के वित्तीय फैसलों को सरल बनाने पर है। विक्रांत की नई भूमिका में प्रोडक्ट और ब्रांड के साथ-साथ बिजनेस ग्रोथ को भी आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
स्टेफनी हार्टग्रोव ने Stellantis में चीफ कम्युनिकेशन ऑफिसर के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह करीब पांच साल Johnson & Johnson से जुड़ी थीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
स्टेफनी हार्टग्रोव (Stephanie Hartgrove) ने स्टेलांटिस (Stellantis) में Chief Communications Officer के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इस भूमिका में वह कंपनी के ग्लोबल कम्युनिकेशन से जुड़े कार्यों का नेतृत्व करेंगी।
हार्टग्रोव ग्लोबल कम्युनिकेशन और C-suite एडवाइजरी के क्षेत्र में अनुभवी प्रोफेशनल हैं। उन्होंने हेल्थकेयर, एनर्जी, टेक्नोलॉजी और मीडिया जैसे अलग-अलग सेक्टर्स में ग्लोबल कम्युनिकेशन टीमों का नेतृत्व किया है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने संगठनों को बदलाव और ट्रांसफॉर्मेशन के दौर में कम्युनिकेशन रणनीति तैयार करने, कॉरपोरेट प्रतिष्ठा मजबूत करने और कर्मचारियों के साथ प्रभावी संवाद कायम करने में मदद की है। उनका अनुभव बिजनेस ग्रोथ और संगठनात्मक बदलाव के दौरान कम्युनिकेशन मैनेजमेंट तक फैला हुआ है।
Stellantis से जुड़ने से पहले हार्टग्रोव करीब पांच साल तक जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) के साथ रहीं। वहां उन्होंने Global Vice President, MedTech Communication and Public Affairs की जिम्मेदारी संभाली।
नई नियुक्ति की घोषणा करते हुए हार्टग्रोव ने Stellantis के साथ जुड़ने को लेकर उत्साह जाहिर किया। उन्होंने अपने करियर में ट्रांसफॉर्मेशन और संगठनात्मक बदलाव के दौरान कम्युनिकेशन का नेतृत्व करने के अनुभव को भी रेखांकित किया।
सैजिलिटी ने सृष्टि राव को ग्लोबल कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और पीआर का वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। वह कंपनी के ब्रांड, पीआर और इन्वेस्टर कम्युनिकेशंस संभालेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टेक्नोलॉजी आधारित हेल्थकेयर ऑपरेशंस और ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी सैजिलिटी (Sagility) ने सृष्टि राव (Srushti Rao) को वाइस प्रेसिडेंट, ग्लोबल कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और पीआर (Vice President, Global Corporate Communications and PR) नियुक्त किया है।
नई भूमिका में सृष्टि राव कंपनी के वैश्विक ब्रांड और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनके कार्यक्षेत्र में पब्लिक रिलेशंस (Public Relations), इन्वेस्टर कम्युनिकेशंस (Investor Communications), वर्कप्लेस ब्रांडिंग (Workplace Branding) और एम्प्लॉयर ब्रांडिंग (Employer Branding) भी शामिल होंगे।
सृष्टि कंपनी की ब्रांड पहचान को और मजबूत करने के साथ उसकी कहानी को वैश्विक स्तर पर प्रभावी तरीके से सामने रखने में अहम भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा वह विचार नेतृत्व (Thought Leadership), मीडिया जुड़ाव और ब्रांड अनुभव में एकरूपता लाने पर भी काम करेंगी।
सैजिलिटी से जुड़ने से पहले सृष्टि राव एक्सबीपी ग्लोबल (XBP Global), आईकेएस हेल्थ (IKS Health) और पर्ल एकेडमी (Pearl Academy) में मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस से जुड़ी वरिष्ठ भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो सृष्टि राव आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) की पूर्व छात्रा हैं। इसके अलावा उनके पास फाइन आर्ट्स (Fine Arts) की डिग्री भी है। नई नियुक्ति पर सृष्टि राव ने सैजिलिटी के साथ अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य फोकस कंपनी की ब्रांड स्टोरी को मजबूत करने पर रहेगा।
इसके साथ ही वह सैजिलिटी की टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और कार्यस्थल की जीवंत संस्कृति को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने पर भी ध्यान देंगी। सृष्टि राव की नियुक्ति के साथ सैजिलिटी के वैश्विक कम्युनिकेशंस और पीआर प्रयासों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उनकी जिम्मेदारी कंपनी की ब्रांड पहचान को मजबूत करने के साथ वैश्विक स्तर पर उसके संचार को अधिक प्रभावी और एकसमान बनाने की होगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स को प्रस्तावित आईपीओ के लिए सेबी के अंतिम ऑब्जर्वेशन मिल गए हैं। 37,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का इश्यू देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Ltd) के शेयर बाजार में उतरने का रास्ता अब और साफ हो गया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर अंतिम ऑब्जर्वेशन जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) समर्थित डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी बाजार में लिस्टिंग की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गई है।
सेबी ने 28 अगस्त को अपने ऑब्जर्वेशन जारी किए। जियो प्लेटफॉर्म्स ने इससे पहले जून में आईपीओ के ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट जमा किए थे। प्रस्तावित इश्यू का आकार 37,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। अगर इश्यू इसी स्तर पर आता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
हालांकि, अंतिम इश्यू साइज कंपनी की संरचना और प्राइसिंग पर निर्भर करेगा। जियो प्लेटफॉर्म्स नए इक्विटी शेयर जारी करके 27 करोड़ तक शेयर बाजार में ला सकती है। प्रस्ताव में ऑफर फॉर सेल यानी मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने का प्रावधान नहीं है।
आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज घटाने में इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, नेट प्रोसिड्स में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम (Reliance Jio Infocomm) के कर्ज को चुकाने या पहले से भुगतान करने में किया जा सकता है। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल होगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार हैं और इसमें देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो शामिल है। कंपनी के हालिया वित्तीय आंकड़े भी कारोबार के बड़े पैमाने को दिखाते हैं। जून तिमाही में कुल रेवेन्यू 45,961 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 12 फीसदी अधिक है। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 39,173 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 15 फीसदी बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये और EBITDA मार्जिन 53 फीसदी पहुंच गया। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा 9.2 फीसदी बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा।
तिमाही के अंत में जियो का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ तक पहुंच गया। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था। कंपनी का 5G सब्सक्राइबर बेस 28.5 करोड़ रहा। आईपीओ से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी थी। मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) और गूगल (Google) क्रमशः 9.98 फीसदी और 7.73 फीसदी हिस्सेदारी के साथ प्रमुख निवेशकों में शामिल थे।
संजय राव बाटा इंडिया में आने से पहले चार साल से ज्यादा समय तक नाइकी (Nike) के साथ जुड़े रहे। वहां उनकी आखिरी जिम्मेदारी सीनियर डायरेक्टर, नाइकी रिटेल–फ्रांस एंड बेनेलक्स की थी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
फुटवियर कंपनी बाटा इंडिया (Bata India) ने संजय राव (Sanjay Rao) को चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। राव ने अब कंपनी के साथ अपनी नई जिम्मेदारी औपचारिक रूप से शुरू करने की जानकारी साझा की है।
संजय राव बाटा इंडिया में आने से पहले चार साल से ज्यादा समय तक नाइकी (Nike) के साथ जुड़े रहे। वहां उनकी आखिरी जिम्मेदारी सीनियर डायरेक्टर, नाइकी रिटेल–फ्रांस एंड बेनेलक्स की थी।
नई भूमिका की जानकारी देते हुए राव ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर बाटा की टीम और पार्टनर्स का स्वागत के लिए आभार जताया। उन्होंने नाइकी की टीम को भी अपने कार्यकाल के दौरान मिले अवसरों, सीख और यादों के लिए धन्यवाद दिया।
राव के पास रिटेल, फैशन और कॉरपोरेट सेक्टर में लंबा अनुभव है। नाइकी से पहले वह गेस? (GUESS?), इंडिटेक्स (Inditex), द टीजेएक्स कंपनीज (The TJX Companies) और सिटी (Citi) जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं।
बाटा इंडिया में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब फुटवियर बाजार में ब्रांड्स के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। नई जिम्मेदारी में राव कंपनी की कारोबारी रणनीति और विकास को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे।
सीनियर मार्केटिंग और बिजनेस लीडर करण कुमार ने ‘इन्फ्लेक्शन’ (Inflection) नाम से एक स्वतंत्र एडवाइजरी प्रैक्टिस शुरू करने की घोषणा की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सीनियर मार्केटिंग और बिजनेस लीडर करण कुमार ने ‘इन्फ्लेक्शन’ (Inflection) नाम से एक स्वतंत्र एडवाइजरी प्रैक्टिस शुरू करने की घोषणा की है। इन्फ्लेक्शन का उद्देश्य लीडर्स और ऑर्गनाइजेशंस को यह समझने में मदद करना है कि और क्या संभव है और उस पर किस तरह काम किया जा सकता है, ताकि मजबूत बिजनेस और मजबूत लीडर्स तैयार किए जा सकें।
25 साल से ज्यादा समय तक अलग-अलग बिजनेस, ब्रैंड्स और इंडस्ट्रीज के साथ काम करने के दौरान करण कुमार ने महसूस किया कि बिजनेस को प्रभावित करने वाले अहम मोड़ हमेशा क्षमता या आइडियाज की कमी से जुड़े नहीं होते। कई बार ऐसी धारणाएं रास्ते में होती हैं, जिन पर लंबे समय से सवाल नहीं उठाया गया है। इन्फ्लेक्शन की शुरुआत इसी सोच के साथ की गई है, ताकि बिजनेस और लीडर्स इन धारणाओं को दोबारा परख सकें और नई संभावनाओं पर काम कर सकें।
इन्फ्लेक्शन दो अलग-अलग प्रैक्टिस के जरिए काम करेगी—बिजनेस एडवाइजरी और एग्जिक्यूटिव कोचिंग। दोनों अलग-अलग जरूरतों को पूरा करती हैं और क्लाइंट अपनी जरूरत के अनुसार किसी एक प्रैक्टिस के लिए स्वतंत्र रूप से करण कुमार के साथ जुड़ सकते हैं।
बिजनेस एडवाइजरी के तहत बिजनेस ओनर्स और लीडर्स को ग्रोथ के अवसर पहचानने और उन पर काम करने में मदद की जाएगी। इसमें उन धारणाओं को चुनौती देने पर फोकस होगा, जो रेवेन्यू, प्रॉफिटेबिलिटी और बिजनेस वैल्यू को सीमित कर सकती हैं। इसके तहत बिजनेस और ग्रोथ स्ट्रैटेजी, कमर्शियल स्ट्रैटेजी, ब्रांड और कस्टमर स्ट्रैटेजी, मार्केटिंग ट्रांसफॉर्मेशन, गो-टू-मार्केट स्ट्रैटेजी और रणनीतिक फैसलों में सहयोग जैसी सेवाएं शामिल हैं। ये सेवाएं किसी खास चुनौती के समाधान से लेकर लगातार चलने वाली एडवाइजरी रिलेशनशिप तक हो सकती हैं।
वहीं, एग्जिक्यूटिव कोचिंग के तहत सीनियर लीडर्स, एग्जिक्यूटिव्स, फाउंडर्स और एंटरप्रेन्योर्स के साथ काम किया जाएगा, जो ट्रांजिशन, जटिल परिस्थितियों या बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। इस काम में लीडरशिप आइडेंटिटी, निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास, लीडरशिप ट्रांजिशन, उद्देश्य और तालमेल तथा लंबे समय तक सफल नेतृत्व जैसे विषयों पर फोकस किया जाएगा।
इस बारे में करण कुमार का कहना है, ‘मेरा काम लगातार ऐसे मौकों तक पहुंचा है, जहां स्पष्ट दिखाई देने वाला जवाब जरूरी नहीं कि सही जवाब हो। बिजनेस अक्सर सिर्फ इसलिए संघर्ष नहीं करते कि उनके पास आइडियाज की कमी है और लीडर्स भी सिर्फ इसलिए संघर्ष नहीं करते कि उनमें क्षमता की कमी है। कई बार असली बाधा उन चीजों में होती है, जिन पर हमने सवाल करना बंद कर दिया है। इन्फ्लेक्शन ऐसी धारणाओं को देखने और यह समझने की जगह तैयार करता है कि जब ये धारणाएं हमारे सामने मौजूद विकल्पों को तय करना बंद कर देती हैं, तो क्या-क्या संभव हो सकता है।’
बता दें कि करण कुमार के पास बिजनेस ग्रोथ, मार्केटिंग, ब्रांड बिल्डिंग और ट्रांसफॉर्मेशन का 25 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने आईटीसी, फैबइंडिया, डीएलएफ, एआरटी फर्टिलिटी क्लीनिक्स और हीरो रियल्टी सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है। उनका अनुभव कंज्यूमर गुड्स, रिटेल, फैशन, हेल्थकेयर और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में रहा है।
उन्होंने मार्केटिंग ऑर्गनाइजेशंस को तैयार करने और उनमें बदलाव लाने, बिजनेस लॉन्च करने, ब्रैंड्स को मजबूत बनाने और महत्वपूर्ण ग्रोथ एजेंडा को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने चेयरपर्सन्स, सीईओ और लीडरशिप टीम्स के साथ रणनीतिक और कमर्शियल प्राथमिकताओं पर भी काम किया है।
शिवांश मिश्रा ने जानी-मानी कमर्शियल वाहन कंपनी Daimler India Commercial Vehicles के साथ अपनी नई पारी शुरू की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
शिवांश मिश्रा ने जानी-मानी कमर्शियल वाहन कंपनी Daimler India Commercial Vehicles के साथ अपनी नई पारी शुरू की है। उन्होंने कंपनी में ब्रैंड मैनेजर के तौर पर जॉइन किया है और अब वह BharatBenz ब्रैंड की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह चेन्नई से अपना कामकाज देखेंगे।
शिवांश मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की। उन्होंने इस अवसर के लिए आभार जताते हुए बताया कि Daimler India Commercial Vehicles में ब्रैंड मैनेजर के तौर पर उनकी नई जिम्मेदारी शुरू हुई है। यह कदम इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट आनंद (IRMA) के साथ करीब आठ साल की पारी के बाद आया है।
बता दें कि शिवांश मिश्रा जुलाई 2018 से जुलाई 2026 तक IRMA से जुड़े रहे। यहां उन्होंने कम्युनिकेशन मैनेजर के तौर पर काम किया और संस्थान की कम्युनिकेशन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। उनके अनुभव में रणनीतिक संचार, कंटेंट डेवलपमेंट, मीडिया रिलेशंस और मार्केटिंग कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्र शामिल रहे हैं।
IRMA में अपने कार्यकाल के दौरान वह संस्थान की ब्रैंडिंग, स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट और thought leadership को मजबूत करने वाली कैंपेनिंग से जुड़े रहे। उनके प्रोफाइल के मुताबिक, उनका काम डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा इनसाइट्स और human-centric messaging के जरिए रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने पर केंद्रित रहा।
शिवांश मिश्रा को ब्रैंड विजिबिलिटी और ऑडियंस एंगेजमेंट, कंटेंट स्ट्रैटेजी और मीडिया पोजिशनिंग तथा क्राइसिस कम्युनिकेशन और स्टेकहोल्डर अलाइनमेंट का भी अनुभव है। वह इससे पहले फ्रीलांस राइटर के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
उनके शुरुआती प्रोफेशनल अनुभव की बात करें तो उन्होंने BORDA - Bremen Overseas Research and Development Association में कंसल्टेंट और Reacho में कंटेंट डेवलपर और एडिटर के तौर पर काम किया है। इसके अलावा Samarthan-Centre for Development Support; Bhopal में प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर और राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (Rajeevika), MoRD, GoR में यंग प्रोफेशनल की भूमिका भी निभाई है।
शिवांश मिश्रा ने IRMA से 2013 से 2015 के बीच पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (Rural Management) किया है। इससे पहले उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से 2008 से 2011 के बीच कॉमर्स में ग्रेजुएशन (B.Com.), Accounting and Finance की पढ़ाई की।
पेप्सिको (PepsiCo) ने निधिमा एम. (Nidhima M.) को भारत, बांग्लादेश और नेपाल के लिए सीनियर डायरेक्टर-HR नियुक्त किया है। इससे पहले वह अमेजन (Amazon) में थीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पेप्सिको (PepsiCo) ने निधिमा एम. (Nidhima M.) को भारत, बांग्लादेश और नेपाल के लिए सीनियर डायरेक्टर–एचआर (Senior Director – HR) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह इन तीनों बाजारों से जुड़े मानव संसाधन कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगी।
पेप्सिको से जुड़ने से पहले निधिमा ने अमेजन (Amazon) में करीब चार साल काम किया। उनकी पिछली जिम्मेदारी सीनियर मैनेजर–एचआर/पीपल पार्टनर (Senior Manager – HR/People Partner) की थी, जहां वह अमेजन स्टोर्स कस्टमर एक्सपीरियंस टीमों (Amazon Stores Customer Experience teams) के साथ काम कर रही थीं।
निधिमा के पास एचआर के क्षेत्र में 19 साल से ज्यादा का अनुभव है। उनके अनुभव में एचआर बिजनेस पार्टनरिंग, ऑर्गनाइजेशन ट्रांसफॉर्मेशन, मर्जर एंड एक्विजिशन इंटीग्रेशन और सेपरेशन, रिवॉर्ड, टैलेंट मैनेजमेंट, एम्प्लॉयी रिलेशंस और स्ट्रैटेजिक रिसोर्सिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने चेंज मैनेजमेंट, ग्लोबल ऑर्गनाइजेशन डिजाइन और एम्प्लॉयर ब्रांडिंग के क्षेत्र में भी काम किया है। अपने करियर के शुरुआती दौर में निधिमा ने रिवोल्यूट (Revolut), यूनिलीवर (Unilever) और एचएसबीसी (HSBC) समेत कई कंपनियों में अलग-अलग एचआर भूमिकाएं निभाईं।
पेप्सिको में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब कंपनी भारत और आसपास के बाजारों में कारोबार को आगे बढ़ाने के साथ अपनी टीम और संगठनात्मक क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
खुशी सिंह दहिया (Khushi Singh Dahiya) को स्टारकॉम (Starcom) में सीनियर डायरेक्टर पद पर प्रमोट किया गया है। वह पिछले चार वर्षों से कंपनी से जुड़ी हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
खुशी सिंह दहिया (Khushi Singh Dahiya) को स्टारकॉम (Starcom) में सीनियर डायरेक्टर (Senior Director) के पद पर प्रमोट किया गया है। वह पिछले चार वर्षों से कंपनी के साथ जुड़ी हुई हैं। दहिया ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपने प्रमोशन की जानकारी साझा की।
इससे पहले वह स्टारकॉम में बिजनेस डायरेक्टर (Business Director) के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अपनी नई भूमिका में वह इंटीग्रेटेड प्लानिंग (Integrated Planning) और मीडिया ऑडिट (Media Audit) से जुड़े कामकाज को आगे बढ़ाएंगी।
दहिया ने अलग-अलग क्लाइंट्स और इंडस्ट्रीज के लिए मीडिया प्लानिंग से जुड़े काम किए हैं। उनके अनुभव में मार्स स्नैकिंग (Mars Snacking), उबर (Uber), गाना (Gaana), ब्राउन-फॉर्मन (Brown-Forman), पर्नोड रिकार्ड (Pernod Ricard), एलजी (LG), लेंसकार्ट (Lenskart) और जंगल गेम्स (Junglee Games) जैसे ब्रांड्स शामिल हैं।
स्टारकॉम से पहले खुशी सिंह दहिया ने मैडिसन वर्ल्ड (Madison World), जेनिथ (Zenith), मैक्सस (Maxus) और हवास वर्ल्डवाइड (Havas Worldwide) जैसी कंपनियों में काम किया है।