एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप ने गुरुवार, 10 सितंबर को गुरुग्राम में e4m D2C Awards के पांचवें संस्करण का आयोजन किया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप ने गुरुवार, 10 सितंबर को गुरुग्राम में e4m D2C Awards के पांचवें संस्करण का आयोजन किया। इस अवॉर्ड समारोह में भारत के तेजी से बढ़ते Direct-to-Consumer (D2C) इकोसिस्टम से जुड़े प्रमुख ब्रैंड्स, एजेंसीज, उद्यमी और मार्केटिंग लीडर्स एक मंच पर नजर आए।
स्टार-स्टडेड अवॉर्ड समारोह में उन ब्रैंड्स और एजेंसीज को सम्मानित किया गया, जिन्होंने इनोवेशन, मजबूत Consumer Connect और प्रभावी बिजनेस स्ट्रैटेजी के जरिए D2C सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनाई है। अवॉर्ड्स में उनकी इनोवेटिव स्ट्रैटजीस, विजनरी कैंपेंस और नई पहल को सम्मान दिया गया, जिन्होंने तेजी से बदल रहे D2C इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है।
Flipkart, Amazon और boAt Lifestyle समेत कई नाम आगे
इस साल सबसे ज्यादा अवॉर्ड्स हासिल करने वाले प्रमुख ब्रैंड्स और एजेंसीज में Flipkart, Amazon, boAt Lifestyle, Been There Done That (BTDT) Media, Ittisa Digital Media और HomeFoil शामिल रहे।
e4m D2C Awards के पांचवें संस्करण में अलग-अलग कैटेगरी में D2C ब्रैंड्स और एजेंसीज को उनकी Creativity, मार्केटिंग Excellence और कंज्यूमर्स के साथ मजबूत जुड़ाव बनाने के लिए सम्मानित किया गया। अवॉर्ड्स में इस बात को भी सामने रखा गया कि आज ब्रैंड्स प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी पहचान मजबूत करने के लिए Digital Platforms, Data और New-Age मार्केटिंग Strategies का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं।
D2C इकोसिस्टम के दिग्गज एक मंच पर
इस समारोह में भारत के D2C इकोसिस्टम से जुड़े इंडस्ट्री लीडर्स, Entrepreneurs और प्रमुख Marketers भी शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने इस सेक्टर के बढ़ते महत्व को दिखाया।
समारोह में इस बात पर भी जोर रहा कि इनोवेशन भारत की Consumer Economy के अगले दौर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
D2C ब्रैंड्स के फाउंडर्स को भी मिला सम्मान
इस बार e4m D2C Awards में सिर्फ ब्रैंड्स और एजेंसीज को ही सम्मानित नहीं किया गया, बल्कि उन फाउंडर्स को भी सम्मान दिया गया, जिन्होंने भारत के तेजी से बदलते D2C सेक्टर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
देश की कई प्रमुख D2C कंपनियों के फाउंडर्स को Consumer-first Businesses तैयार करने और उन्हें सफल बनाने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इनमें Innovist की को-फाउंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) सिफत खुराना, Fixderma की को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) शाइली मेहरोत्रा, Caratlane के को-फाउंडर और चीफ प्रोडक्ट एवं टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CPTO) गुरुकिर्ती गुरुनाथन, Libas के फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सिद्धांत केशवानी, Wow! Momo के को-फाउंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) मुरली कृष्णन और Indo Era की को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सृष्टि तंवानी शामिल हैं।
इसके अलावा Mivi की को-फाउंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) मिधुला देवभक्तुनी, Clovia के को-फाउंडर पंकज वर्मानी, Underneat के को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) विमर्श रजदान और Archian Foods Pvt Ltd (Lahori Zeera) के को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सौरभ मुंजाल को भी सम्मानित किया गया। वहीं Noise के गौरव खत्री और अमित खत्री को भी Founder Recognition से सम्मानित किया गया।
फाउंडर्स की भूमिका पर रहा जोर
Founder Recognitions के जरिए उन लोगों की भूमिका को सामने लाया गया, जिन्होंने अपने-अपने ब्रैंड्स को खड़ा करने के साथ इनोवेशन को बढ़ावा दिया, बदलती कंज्यूमर की जरूरतों को समझा और अपनी-अपनी कैटेगरी में मजबूत पहचान बनाने वाले बिजनेस तैयार किए। इन सम्मान के जरिए D2C कंपनियों के पीछे काम करने वाले फाउंडर्स के लीडरशिप और विजन को भी पहचान दी गई।
पांच मुख्य कैटेगरी में हुए अवॉर्ड
e4m D2C Awards 5.0 में पांच मुख्य कैटेगरी रखी गई थीं। इनमें मार्केटिंग, इनोवेशन, बेस्ट इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, D2C गेमचेंजर अवॉर्ड्स और इंडिविजुअल गेमचेंजर अवॉर्ड्स शामिल हैं। इन कैटेगरी के जरिए ऐसी कैंपेंस और इनिशिएटिव्स को सम्मानित किया गया, जिन्होंने भारतीय मार्केटिंग परिदृश्य में सफलता के नए मानक स्थापित किए।
पांच संस्करण पूरे कर चुका है e4m D2C Awards
e4m D2C Awards 5.0 ने D2C इकोसिस्टम में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले ब्रैंड्स, मार्केटर्स और कैंपेंस के प्रयासों को पहचान दी। e4m D2C Awards के पांच संस्करण पूरे होने के साथ यह मंच उन ब्रैंड्स को लगातार सामने ला रहा है, जो कंज्यूमर्स के साथ जुड़ने के तरीके को बदल रहे हैं।
गुरुग्राम में आयोजित अवॉर्ड नाइट भारत के D2C ब्रैंड्स की उपलब्धियों और अलग-अलग कैटेगरी में उनके बढ़ते प्रभाव का जश्न बनी। इस समारोह ने यह भी दिखाया कि भारत में D2C सेक्टर लगातार नए प्रयोग, इनोवेशन और ग्राहकों की जरूरत और पसंद को ध्यान में रखकर बनाई गई रणनीतियों के साथ आगे बढ़ रहा है।
यहां देखें विजेताओं की लिस्ट:
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सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने अमित मेहता को चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर नियुक्त किया है। वह 1 अक्टूबर 2026 से जिम्मेदारी संभालेंगे और मनु वाधवा की जगह लेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (Sony Pictures Networks India) ने अमित मेहता (Amit Mehta) को चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर (Chief Human Resources Officer) नियुक्त करने का ऐलान किया है। वह 1 अक्टूबर 2026 से नई जिम्मेदारी संभालेंगे और मनु वाधवा (Manu Wadhwa) की जगह लेंगे। इसके साथ ही वह कंपनी की सीनियर मैनेजमेंट टीम (Senior Management Team) का हिस्सा होंगे।
मनु वाधवा आगे भी एसपीएनआई (SPNI) के साथ जुड़ी रहेंगी और स्ट्रैटेजी एडवाइजर (Strategy Advisor) की भूमिका निभाएंगी।
नई भूमिका में अमित कंपनी के पीपल एंड ऑर्गनाइजेशन (People & Organisation) फंक्शन के साथ एडमिनिस्ट्रेशन एंड फैसिलिटीज (Administration & Facilities) की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। वह सीईओ (CEO) और सीनियर मैनेजमेंट टीम के साथ टैलेंट और सक्सेशन (Talent & Succession), लीडरशिप डेवलपमेंट (Leadership Development), कल्चर, एम्प्लॉयी एक्सपीरियंस (Employee Experience) और ऑर्गनाइजेशनल इफेक्टिवनेस (Organisational Effectiveness) जैसे क्षेत्रों पर काम करेंगे।
अमित को सीईओ और बिजनेस लीडर्स के साथ ग्रोथ (Growth), ट्रांसफॉर्मेशन (Transformation) और संगठन की प्रभावशीलता से जुड़े काम करने का 16 साल से ज्यादा का अनुभव है।
एसपीएनआई के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ गौरव बनर्जी (Gaurav Banerjee) ने अमित का स्वागत करते हुए कहा कि बड़े स्थापित संगठन और तेजी से बढ़ती फाउंडर-लेड कंपनी (Founder-led Company) दोनों में काम करने का उनका अनुभव एसपीएनआई के अगले चरण के लिए उपयोगी होगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी की ग्रोथ के लिए लीडरशिप कैपेबिलिटी (Leadership Capability), संगठनात्मक संस्कृति और एम्प्लॉयी एक्सपीरियंस को मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने अमित के साथ मिलकर एक एजाइल और फ्यूचर-रेडी ऑर्गनाइजेशन (Agile and Future-ready Organisation) तैयार करने की उम्मीद जताई।
राजीव राजाराम को सन एनएक्सटी में हेड ऑफ कंटेंट नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह सोनी लिव में तमिल कंटेंट की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और उनके पास व्यापक अनुभव है।
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राजीव राजाराम (Rajiv Rajaram) ने ओटीटी प्लेटफॉर्म सन एनएक्सटी (Sun NXT) में हेड ऑफ कंटेंट (Head of Content) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।
राजाराम को स्ट्रीमिंग (Streaming), डिजिटल (Digital), फिल्म, रेडियो, टेलीविजन और एडवरटाइजिंग (Advertising) के क्षेत्र में काम करने का अनुभव है। वह रेडियो प्रोफेशनल (Radio Professional) और वॉइस आर्टिस्ट (Voice Artist) भी हैं। उनके नाम 3,500 से ज्यादा कमर्शियल्स (Commercials) का अनुभव है।
सन एनएक्सटी से जुड़ने से पहले वह सोनी लिव (Sony LIV) में हेड ऑफ कंटेंट-तमिल (Head of Content - Tamil) के पद पर थे। इस दौरान वह सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया (Sony Pictures Network India) से जुड़े रहे।
इससे पहले राजाराम कल्चर मशीन स्टूडियोज (Culture Machine Studios) में वाइस प्रेसिडेंट-कंटेंट-ओरिजिनल्स (Vice President - Content - Originals) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। नई भूमिका में उनका फोकस सन एनएक्सटी के कंटेंट से जुड़े काम को आगे बढ़ाने पर रहेगा।
पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ एरॉन पॉवेल ने 1 सितंबर 2026 से पद छोड़ दिया है। यह बदलाव यम ब्रांड्स द्वारा पिज्जा कारोबार की 2.7 अरब डॉलर बिक्री पूरी करने के बाद हुआ।
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पिज्जा हट (Pizza Hut) में शीर्ष स्तर पर नेतृत्व बदलाव हुआ है। कंपनी के ग्लोबल सीईओ एरॉन पॉवेल (Aaron Powell) ने 1 सितंबर 2026 से अपने पद और यम ब्रांड्स (Yum Brands) समूह में अपनी अन्य जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। पॉवेल पांच साल से ज्यादा समय तक पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ रहे।
यम ब्रांड्स की ओर से की गई नियामकीय फाइलिंग में उनके इस्तीफे की जानकारी दी गई है। उनका पद छोड़ना उसी दिन हुआ, जिस दिन यम ब्रांड्स ने पिज्जा हट के कारोबार की बिक्री पूरी की।
पॉवेल ने 2021 में पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ का पद संभाला था। अगस्त में ही उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए अपने आगामी प्रस्थान के संकेत दिए थे। उन्होंने यह भी बताया था कि पिज्जा हट के कारोबार का बड़ा हिस्सा खरीदने वाली निजी इक्विटी निवेशक लॉन्गरेंज कैपिटल (LongRange Capital) ने उन्हें सौदे के बाद अपने साथ काम करने का प्रस्ताव दिया है।
पिज्जा हट की बिक्री का सौदा 1 सितंबर को पूरा होने की घोषणा की गई। यम ब्रांड्स, पिज्जा हट के साथ केएफसी (KFC) और टैको बेल (Taco Bell) की भी पैरेंट कंपनी है। कंपनी ने पिज्जा कारोबार को दो अलग-अलग लेनदेन के जरिए बेचने की प्रक्रिया पूरी की। दोनों सौदों को मिलाकर कुल डील वैल्यू 2.7 अरब डॉलर रही।
सौदा पूरा होने के साथ पिज्जा हट अब नए स्वामित्व और नेतृत्व ढांचे के तहत अपने अगले चरण में प्रवेश करेगा। पॉवेल का इस्तीफा भी इसी बदलाव के साथ प्रभावी हुआ, जिससे ग्लोबल पिज्जा कारोबार में उनका पांच साल से अधिक लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया।
विक्रांत मुदलियार ने क्रूज मनी के को-फाउंडर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। वह एआई आधारित मनी कंपेनियन के साथ कंपनी की बिजनेस और ब्रांड ग्रोथ पर काम करेंगे।
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विक्रांत मुदलियार (Vikrant Mudaliar) ने क्रूज मनी (Cruise Money) के को-फाउंडर (Co-founder) के तौर पर नई पारी शुरू की है। अपनी नई भूमिका में वह रोजमर्रा के निवेशकों के लिए एआई आधारित मनी कंपेनियन (AI-Based Money Companion) विकसित करने के साथ कंपनी के बिजनेस, प्रोडक्ट और ब्रांड ग्रोथ को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे।
क्रूज मनी से जुड़ने से पहले विक्रांत मुदलियार ड्रीम स्पोर्ट्स (Dream Sports) में सीएमओ (CMO) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहां उन्होंने ड्रीम11 (Dream11) को एक प्रमुख स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी ब्रांड के तौर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
विक्रांत को स्पोर्ट्स, गेमिंग, मीडिया, ई-कॉमर्स और कंज्यूमर गुड्स जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। अपने करियर में वह ड्रीम स्पोर्ट्स के अलावा यात्रा (Yatra), लेंसकार्ट (Lenskart) और टाटा स्काई (Tata Sky) जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं।
विक्रांत कंपनी के फाउंडर एवं सीईओ (Founder & CEO) विनय भरद्वाज (Vinay Bharathwaj) और गणेश केवी (Ganesh KV) के साथ मिलकर प्रोडक्ट, ब्रांड और बिजनेस ग्रोथ को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
कंपनी का फोकस एआई आधारित तकनीक के जरिए लोगों के वित्तीय फैसलों को सरल बनाने पर है। विक्रांत की नई भूमिका में प्रोडक्ट और ब्रांड के साथ-साथ बिजनेस ग्रोथ को भी आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
स्टेफनी हार्टग्रोव ने Stellantis में चीफ कम्युनिकेशन ऑफिसर के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह करीब पांच साल Johnson & Johnson से जुड़ी थीं।
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स्टेफनी हार्टग्रोव (Stephanie Hartgrove) ने स्टेलांटिस (Stellantis) में Chief Communications Officer के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इस भूमिका में वह कंपनी के ग्लोबल कम्युनिकेशन से जुड़े कार्यों का नेतृत्व करेंगी।
हार्टग्रोव ग्लोबल कम्युनिकेशन और C-suite एडवाइजरी के क्षेत्र में अनुभवी प्रोफेशनल हैं। उन्होंने हेल्थकेयर, एनर्जी, टेक्नोलॉजी और मीडिया जैसे अलग-अलग सेक्टर्स में ग्लोबल कम्युनिकेशन टीमों का नेतृत्व किया है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने संगठनों को बदलाव और ट्रांसफॉर्मेशन के दौर में कम्युनिकेशन रणनीति तैयार करने, कॉरपोरेट प्रतिष्ठा मजबूत करने और कर्मचारियों के साथ प्रभावी संवाद कायम करने में मदद की है। उनका अनुभव बिजनेस ग्रोथ और संगठनात्मक बदलाव के दौरान कम्युनिकेशन मैनेजमेंट तक फैला हुआ है।
Stellantis से जुड़ने से पहले हार्टग्रोव करीब पांच साल तक जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) के साथ रहीं। वहां उन्होंने Global Vice President, MedTech Communication and Public Affairs की जिम्मेदारी संभाली।
नई नियुक्ति की घोषणा करते हुए हार्टग्रोव ने Stellantis के साथ जुड़ने को लेकर उत्साह जाहिर किया। उन्होंने अपने करियर में ट्रांसफॉर्मेशन और संगठनात्मक बदलाव के दौरान कम्युनिकेशन का नेतृत्व करने के अनुभव को भी रेखांकित किया।
सैजिलिटी ने सृष्टि राव को ग्लोबल कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और पीआर का वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। वह कंपनी के ब्रांड, पीआर और इन्वेस्टर कम्युनिकेशंस संभालेंगी।
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टेक्नोलॉजी आधारित हेल्थकेयर ऑपरेशंस और ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी सैजिलिटी (Sagility) ने सृष्टि राव (Srushti Rao) को वाइस प्रेसिडेंट, ग्लोबल कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और पीआर (Vice President, Global Corporate Communications and PR) नियुक्त किया है।
नई भूमिका में सृष्टि राव कंपनी के वैश्विक ब्रांड और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनके कार्यक्षेत्र में पब्लिक रिलेशंस (Public Relations), इन्वेस्टर कम्युनिकेशंस (Investor Communications), वर्कप्लेस ब्रांडिंग (Workplace Branding) और एम्प्लॉयर ब्रांडिंग (Employer Branding) भी शामिल होंगे।
सृष्टि कंपनी की ब्रांड पहचान को और मजबूत करने के साथ उसकी कहानी को वैश्विक स्तर पर प्रभावी तरीके से सामने रखने में अहम भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा वह विचार नेतृत्व (Thought Leadership), मीडिया जुड़ाव और ब्रांड अनुभव में एकरूपता लाने पर भी काम करेंगी।
सैजिलिटी से जुड़ने से पहले सृष्टि राव एक्सबीपी ग्लोबल (XBP Global), आईकेएस हेल्थ (IKS Health) और पर्ल एकेडमी (Pearl Academy) में मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस से जुड़ी वरिष्ठ भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो सृष्टि राव आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) की पूर्व छात्रा हैं। इसके अलावा उनके पास फाइन आर्ट्स (Fine Arts) की डिग्री भी है। नई नियुक्ति पर सृष्टि राव ने सैजिलिटी के साथ अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य फोकस कंपनी की ब्रांड स्टोरी को मजबूत करने पर रहेगा।
इसके साथ ही वह सैजिलिटी की टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और कार्यस्थल की जीवंत संस्कृति को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने पर भी ध्यान देंगी। सृष्टि राव की नियुक्ति के साथ सैजिलिटी के वैश्विक कम्युनिकेशंस और पीआर प्रयासों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उनकी जिम्मेदारी कंपनी की ब्रांड पहचान को मजबूत करने के साथ वैश्विक स्तर पर उसके संचार को अधिक प्रभावी और एकसमान बनाने की होगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स को प्रस्तावित आईपीओ के लिए सेबी के अंतिम ऑब्जर्वेशन मिल गए हैं। 37,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का इश्यू देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Ltd) के शेयर बाजार में उतरने का रास्ता अब और साफ हो गया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर अंतिम ऑब्जर्वेशन जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) समर्थित डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी बाजार में लिस्टिंग की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गई है।
सेबी ने 28 अगस्त को अपने ऑब्जर्वेशन जारी किए। जियो प्लेटफॉर्म्स ने इससे पहले जून में आईपीओ के ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट जमा किए थे। प्रस्तावित इश्यू का आकार 37,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। अगर इश्यू इसी स्तर पर आता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
हालांकि, अंतिम इश्यू साइज कंपनी की संरचना और प्राइसिंग पर निर्भर करेगा। जियो प्लेटफॉर्म्स नए इक्विटी शेयर जारी करके 27 करोड़ तक शेयर बाजार में ला सकती है। प्रस्ताव में ऑफर फॉर सेल यानी मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने का प्रावधान नहीं है।
आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज घटाने में इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, नेट प्रोसिड्स में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम (Reliance Jio Infocomm) के कर्ज को चुकाने या पहले से भुगतान करने में किया जा सकता है। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल होगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार हैं और इसमें देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो शामिल है। कंपनी के हालिया वित्तीय आंकड़े भी कारोबार के बड़े पैमाने को दिखाते हैं। जून तिमाही में कुल रेवेन्यू 45,961 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 12 फीसदी अधिक है। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 39,173 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 15 फीसदी बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये और EBITDA मार्जिन 53 फीसदी पहुंच गया। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा 9.2 फीसदी बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा।
तिमाही के अंत में जियो का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ तक पहुंच गया। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था। कंपनी का 5G सब्सक्राइबर बेस 28.5 करोड़ रहा। आईपीओ से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की 66.43 फीसदी हिस्सेदारी थी। मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) और गूगल (Google) क्रमशः 9.98 फीसदी और 7.73 फीसदी हिस्सेदारी के साथ प्रमुख निवेशकों में शामिल थे।
संजय राव बाटा इंडिया में आने से पहले चार साल से ज्यादा समय तक नाइकी (Nike) के साथ जुड़े रहे। वहां उनकी आखिरी जिम्मेदारी सीनियर डायरेक्टर, नाइकी रिटेल–फ्रांस एंड बेनेलक्स की थी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
फुटवियर कंपनी बाटा इंडिया (Bata India) ने संजय राव (Sanjay Rao) को चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। राव ने अब कंपनी के साथ अपनी नई जिम्मेदारी औपचारिक रूप से शुरू करने की जानकारी साझा की है।
संजय राव बाटा इंडिया में आने से पहले चार साल से ज्यादा समय तक नाइकी (Nike) के साथ जुड़े रहे। वहां उनकी आखिरी जिम्मेदारी सीनियर डायरेक्टर, नाइकी रिटेल–फ्रांस एंड बेनेलक्स की थी।
नई भूमिका की जानकारी देते हुए राव ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर बाटा की टीम और पार्टनर्स का स्वागत के लिए आभार जताया। उन्होंने नाइकी की टीम को भी अपने कार्यकाल के दौरान मिले अवसरों, सीख और यादों के लिए धन्यवाद दिया।
राव के पास रिटेल, फैशन और कॉरपोरेट सेक्टर में लंबा अनुभव है। नाइकी से पहले वह गेस? (GUESS?), इंडिटेक्स (Inditex), द टीजेएक्स कंपनीज (The TJX Companies) और सिटी (Citi) जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं।
बाटा इंडिया में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब फुटवियर बाजार में ब्रांड्स के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। नई जिम्मेदारी में राव कंपनी की कारोबारी रणनीति और विकास को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे।
सीनियर मार्केटिंग और बिजनेस लीडर करण कुमार ने ‘इन्फ्लेक्शन’ (Inflection) नाम से एक स्वतंत्र एडवाइजरी प्रैक्टिस शुरू करने की घोषणा की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सीनियर मार्केटिंग और बिजनेस लीडर करण कुमार ने ‘इन्फ्लेक्शन’ (Inflection) नाम से एक स्वतंत्र एडवाइजरी प्रैक्टिस शुरू करने की घोषणा की है। इन्फ्लेक्शन का उद्देश्य लीडर्स और ऑर्गनाइजेशंस को यह समझने में मदद करना है कि और क्या संभव है और उस पर किस तरह काम किया जा सकता है, ताकि मजबूत बिजनेस और मजबूत लीडर्स तैयार किए जा सकें।
25 साल से ज्यादा समय तक अलग-अलग बिजनेस, ब्रैंड्स और इंडस्ट्रीज के साथ काम करने के दौरान करण कुमार ने महसूस किया कि बिजनेस को प्रभावित करने वाले अहम मोड़ हमेशा क्षमता या आइडियाज की कमी से जुड़े नहीं होते। कई बार ऐसी धारणाएं रास्ते में होती हैं, जिन पर लंबे समय से सवाल नहीं उठाया गया है। इन्फ्लेक्शन की शुरुआत इसी सोच के साथ की गई है, ताकि बिजनेस और लीडर्स इन धारणाओं को दोबारा परख सकें और नई संभावनाओं पर काम कर सकें।
इन्फ्लेक्शन दो अलग-अलग प्रैक्टिस के जरिए काम करेगी—बिजनेस एडवाइजरी और एग्जिक्यूटिव कोचिंग। दोनों अलग-अलग जरूरतों को पूरा करती हैं और क्लाइंट अपनी जरूरत के अनुसार किसी एक प्रैक्टिस के लिए स्वतंत्र रूप से करण कुमार के साथ जुड़ सकते हैं।
बिजनेस एडवाइजरी के तहत बिजनेस ओनर्स और लीडर्स को ग्रोथ के अवसर पहचानने और उन पर काम करने में मदद की जाएगी। इसमें उन धारणाओं को चुनौती देने पर फोकस होगा, जो रेवेन्यू, प्रॉफिटेबिलिटी और बिजनेस वैल्यू को सीमित कर सकती हैं। इसके तहत बिजनेस और ग्रोथ स्ट्रैटेजी, कमर्शियल स्ट्रैटेजी, ब्रांड और कस्टमर स्ट्रैटेजी, मार्केटिंग ट्रांसफॉर्मेशन, गो-टू-मार्केट स्ट्रैटेजी और रणनीतिक फैसलों में सहयोग जैसी सेवाएं शामिल हैं। ये सेवाएं किसी खास चुनौती के समाधान से लेकर लगातार चलने वाली एडवाइजरी रिलेशनशिप तक हो सकती हैं।
वहीं, एग्जिक्यूटिव कोचिंग के तहत सीनियर लीडर्स, एग्जिक्यूटिव्स, फाउंडर्स और एंटरप्रेन्योर्स के साथ काम किया जाएगा, जो ट्रांजिशन, जटिल परिस्थितियों या बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। इस काम में लीडरशिप आइडेंटिटी, निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास, लीडरशिप ट्रांजिशन, उद्देश्य और तालमेल तथा लंबे समय तक सफल नेतृत्व जैसे विषयों पर फोकस किया जाएगा।
इस बारे में करण कुमार का कहना है, ‘मेरा काम लगातार ऐसे मौकों तक पहुंचा है, जहां स्पष्ट दिखाई देने वाला जवाब जरूरी नहीं कि सही जवाब हो। बिजनेस अक्सर सिर्फ इसलिए संघर्ष नहीं करते कि उनके पास आइडियाज की कमी है और लीडर्स भी सिर्फ इसलिए संघर्ष नहीं करते कि उनमें क्षमता की कमी है। कई बार असली बाधा उन चीजों में होती है, जिन पर हमने सवाल करना बंद कर दिया है। इन्फ्लेक्शन ऐसी धारणाओं को देखने और यह समझने की जगह तैयार करता है कि जब ये धारणाएं हमारे सामने मौजूद विकल्पों को तय करना बंद कर देती हैं, तो क्या-क्या संभव हो सकता है।’
बता दें कि करण कुमार के पास बिजनेस ग्रोथ, मार्केटिंग, ब्रांड बिल्डिंग और ट्रांसफॉर्मेशन का 25 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने आईटीसी, फैबइंडिया, डीएलएफ, एआरटी फर्टिलिटी क्लीनिक्स और हीरो रियल्टी सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ काम किया है। उनका अनुभव कंज्यूमर गुड्स, रिटेल, फैशन, हेल्थकेयर और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में रहा है।
उन्होंने मार्केटिंग ऑर्गनाइजेशंस को तैयार करने और उनमें बदलाव लाने, बिजनेस लॉन्च करने, ब्रैंड्स को मजबूत बनाने और महत्वपूर्ण ग्रोथ एजेंडा को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने चेयरपर्सन्स, सीईओ और लीडरशिप टीम्स के साथ रणनीतिक और कमर्शियल प्राथमिकताओं पर भी काम किया है।
शिवांश मिश्रा ने जानी-मानी कमर्शियल वाहन कंपनी Daimler India Commercial Vehicles के साथ अपनी नई पारी शुरू की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
शिवांश मिश्रा ने जानी-मानी कमर्शियल वाहन कंपनी Daimler India Commercial Vehicles के साथ अपनी नई पारी शुरू की है। उन्होंने कंपनी में ब्रैंड मैनेजर के तौर पर जॉइन किया है और अब वह BharatBenz ब्रैंड की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह चेन्नई से अपना कामकाज देखेंगे।
शिवांश मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की। उन्होंने इस अवसर के लिए आभार जताते हुए बताया कि Daimler India Commercial Vehicles में ब्रैंड मैनेजर के तौर पर उनकी नई जिम्मेदारी शुरू हुई है। यह कदम इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट आनंद (IRMA) के साथ करीब आठ साल की पारी के बाद आया है।
बता दें कि शिवांश मिश्रा जुलाई 2018 से जुलाई 2026 तक IRMA से जुड़े रहे। यहां उन्होंने कम्युनिकेशन मैनेजर के तौर पर काम किया और संस्थान की कम्युनिकेशन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। उनके अनुभव में रणनीतिक संचार, कंटेंट डेवलपमेंट, मीडिया रिलेशंस और मार्केटिंग कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्र शामिल रहे हैं।
IRMA में अपने कार्यकाल के दौरान वह संस्थान की ब्रैंडिंग, स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट और thought leadership को मजबूत करने वाली कैंपेनिंग से जुड़े रहे। उनके प्रोफाइल के मुताबिक, उनका काम डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा इनसाइट्स और human-centric messaging के जरिए रणनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने पर केंद्रित रहा।
शिवांश मिश्रा को ब्रैंड विजिबिलिटी और ऑडियंस एंगेजमेंट, कंटेंट स्ट्रैटेजी और मीडिया पोजिशनिंग तथा क्राइसिस कम्युनिकेशन और स्टेकहोल्डर अलाइनमेंट का भी अनुभव है। वह इससे पहले फ्रीलांस राइटर के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
उनके शुरुआती प्रोफेशनल अनुभव की बात करें तो उन्होंने BORDA - Bremen Overseas Research and Development Association में कंसल्टेंट और Reacho में कंटेंट डेवलपर और एडिटर के तौर पर काम किया है। इसके अलावा Samarthan-Centre for Development Support; Bhopal में प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर और राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (Rajeevika), MoRD, GoR में यंग प्रोफेशनल की भूमिका भी निभाई है।
शिवांश मिश्रा ने IRMA से 2013 से 2015 के बीच पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (Rural Management) किया है। इससे पहले उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से 2008 से 2011 के बीच कॉमर्स में ग्रेजुएशन (B.Com.), Accounting and Finance की पढ़ाई की।