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भारत में चाय का क्रेज बरकरार, खपत में दुनिया में दूसरा स्थान
ICYMI रिपोर्ट में खुलासा—भारत में चाय बनी पहली पसंद, लेकिन दक्षिण भारत में कॉफी का दबदबा बरकरार
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 5 months ago
भारत में अधिकांश घरों में सुबह की शुरुआत घड़ी के अलार्म से नहीं, बल्कि गरम चाय की प्याली से होती है। दरअसल, ‘ICYMI’ ने राज्य-दर-राज्य चाय और कॉफी की पसंद का नक्शा तैयार किया है। इस रिपोर्ट में नेशनल सैंपल सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया है कि भारतीय लोग कॉफी की तुलना में करीब 15 गुना ज्यादा बार चाय पीते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यही वजह है कि चाय को इस देश का अघोषित रूप से राष्ट्रीय पेय माना जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल लगभग 1,197 मिलियन किलोग्राम चाय की खपत होती है। यह आंकड़ा भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उपभोक्ता बनाता है। वहीं कॉफी के मामले में भारत सातवें स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, ‘ज्यादातर भारतीयों के लिए कॉफी साल में औसतन 20 कप तक होती है, लेकिन दक्षिण भारत में कॉफी के लिए यह आंकड़े नहीं, बल्कि दीवानगी जैसी देखी जाती है।’
चाय प्रेमियों की बात करें तो गुजरात सबसे आगे है, जहां लोग अपनी चाय को ‘कड़क, इलायची और अदरक’ वाली पसंद करते हैं। इसके बाद गोवा आता है, जहां की खासियत है गुलाब वाली चाय। वहीं हरियाणा, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश भी अपनी विशिष्ट चाय परंपराओं के लिए जाने जाते हैं।’
कॉफी के मामले में बाजी दक्षिण भारत के हाथ लगती है। रिपोर्ट के अनुसार, ‘अगर उत्तर भारत की ऊर्जा चाय है, तो दक्षिण भारत की ताकत कॉफी।’ तमिलनाडु देश की 36% कॉफी खपत के साथ सबसे आगे है, जहां चिकोरी मिली फ़िल्टर कॉफी को पहचान माना जाता है। कर्नाटक, जिसे ’बीन बेल्ट’ कहा जाता है, न सिर्फ देश की 71% कॉफी बीन्स का उत्पादन करता है, बल्कि 31% खपत में भी हिस्सेदार है। आंध्र प्रदेश की अराकू अरेबिका और केरल की प्लांटेशन कॉफी भी बड़ी हिस्सेदारी रखती हैं।
रिपोर्ट के अंत में कहा गया है, ‘चाहे बात ‘एक गरम चाय की प्याली हो’ की या ‘फिल्टर कॉफी, प्लीज’ की, आंकड़ों में चाय आगे है, लेकिन कॉफी भी कई जगह अपनी अलग छाप छोड़ती है। यानी, दोनों मिलकर भारत की रोजमर्रा की जिंदगी को एक नई ऊर्जा देते हैं।’
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