वॉल्ट डिज्नी कंपनी (The Walt Disney Company) ने जियोस्टार इंडिया (JioStar India) में 123 करोड़ रुपये का नया प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वॉल्ट डिज्नी कंपनी (The Walt Disney Company) ने जियोस्टार इंडिया (JioStar India) में 123 करोड़ रुपये का नया प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment-FDI) किया है। द इकोनॉमिक टाइम्स (The Economic Times) की रिपोर्ट के अनुसार, यह निवेश रिलायंस-डिज्नी (Reliance-Disney) जॉइंट वेंचर (Joint Venture) बनने के बाद किया गया है।
यह नया निवेश अप्रैल में किए गए 306 करोड़ रुपये के निवेश के बाद आया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और डिज्नी (Disney) के भारत स्थित मीडिया कारोबार के विलय के बाद गठित जियोस्टार (JioStar) अब टेलीविजन (Television), स्ट्रीमिंग (Streaming) और स्पोर्ट्स (Sports) कारोबार में संयुक्त रूप से काम कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, डिज्नी (Disney) ने वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) के दौरान भी भारत में अपने मीडिया कारोबार में बड़ा निवेश किया था। कंपनी ने स्टार यूएस होल्डिंग्स सब्सिडियरी एलएलसी (Star US Holdings Subsidiary LLC) के माध्यम से पहली तिमाही में 2,839 करोड़ रुपये और तीसरी तिमाही में 1,008 करोड़ रुपये स्टार इंडिया (Star India) में निवेश किए थे।
इस तरह FY25 में कुल 3,847 करोड़ रुपये का निवेश किया गया, जो संबंधित तिमाहियों में भारत के सूचना एवं प्रसारण (Information and Broadcasting) क्षेत्र में सबसे बड़े प्रत्यक्ष विदेशी निवेशों में शामिल रहा।
ज़ी मीडिया (Zee Media) ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) सन इंडिया ऑपर्च्युनिटीज इन्वेस्टिंग फंड (Sun India Opportunities Investing Fund) को 3 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन (Zee Media Corporation) ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (Foreign Portfolio Investor-FPI) सन इंडिया ऑपर्च्युनिटीज इन्वेस्टिंग फंड इन्कॉरपोरेटेड VCC सब-फंड (Sun India Opportunities Investing Fund Incorporated VCC Sub-Fund) को 3 करोड़ इक्विटी शेयर (Equity Shares) आवंटित किए हैं। यह आवंटन प्रेफरेंशियल आधार (Preferential Basis) पर पहले जारी किए गए वारंट (Warrants) के आंशिक रूपांतरण (Partial Conversion) के बाद किया गया है।
कंपनी ने मंगलवार को नियामकीय फाइलिंग (Regulatory Filing) में बताया कि निवेशक ने पहले आवंटित 5 करोड़ वारंट में से 3 करोड़ वारंट को इक्विटी शेयरों में बदलने का अधिकार इस्तेमाल किया। इसके बाद कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 1 रुपये फेस वैल्यू (Face Value) वाले 3 करोड़ पूर्ण चुकता (Fully Paid-up) इक्विटी शेयरों के आवंटन को मंजूरी दी।
कंपनी के अनुसार, निवेशक ने प्रति वारंट 8.50 रुपये के इश्यू प्राइस (Issue Price) का शेष 75 प्रतिशत भुगतान करते हुए कुल 19.125 करोड़ रुपये जमा कराए। प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) की शर्तों के तहत निवेशकों ने वारंट आवंटन के समय 25 प्रतिशत राशि का भुगतान किया था, जबकि शेष 75 प्रतिशत राशि रूपांतरण के समय देनी थी।
रूपांतरण के बाद सन इंडिया ऑपर्च्युनिटीज इन्वेस्टिंग फंड इन्कॉरपोरेटेड VCC सब-फंड (Sun India Opportunities Investing Fund Incorporated VCC Sub-Fund) के पास अभी भी 2 करोड़ वारंट शेष हैं। कंपनी ने बताया कि इन वारंटों को मूल आवंटन तिथि 25 जून 2026 से 18 महीने के भीतर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है।
नए आवंटित शेयर कंपनी के मौजूदा इक्विटी शेयरों के समान अधिकार (Pari Passu) रखेंगे और आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद इन्हें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange-NSE) और बीएसई (BSE) पर सूचीबद्ध (List) किया जाएगा।
इस आवंटन के बाद ज़ी मीडिया (Zee Media) की जारी, सब्सक्राइब्ड और चुकता शेयर पूंजी (Issued, Subscribed and Paid-up Share Capital) 62.54 करोड़ रुपये से बढ़कर 65.54 करोड़ रुपये हो गई है। कंपनी ने बताया कि शेयर 8.50 रुपये प्रति शेयर के मूल्य पर जारी किए गए हैं, जिसमें 1 रुपये फेस वैल्यू और 7.50 रुपये प्रीमियम (Premium) शामिल है।
कंपनी के अनुसार, इस आवंटन के बाद सन इंडिया ऑपर्च्युनिटीज इन्वेस्टिंग फंड इन्कॉरपोरेटेड VCC सब-फंड (Sun India Opportunities Investing Fund Incorporated VCC Sub-Fund) के पास 3 करोड़ इक्विटी शेयर होंगे, जो सभी लंबित वारंटों के पूर्ण रूपांतरण की स्थिति में कंपनी की 3.33 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर होंगे।
हालांकि वोल्टास (Voltas) की चेयरमैनशिप छोड़ने के बावजूद नोएल टाटा (Noel Tata) टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) के चेयरमैन बने रहेंगे, जो टाटा संस (Tata Sons) का सबसे बड़ा शेयरधारक है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टाटा समूह (Tata Group) के वरिष्ठ उद्योगपति नोएल टाटा (Noel Tata) ने वोल्टास (Voltas) के चेयरमैन (Chairman) पद से अपने विदाई की घोषणा कर दी है। कंपनी की 72वीं वार्षिक आम बैठक (Annual General Meeting-AGM) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चेयरमैन के रूप में यह उनकी आखिरी AGM है। यह घोषणा ट्रेंट (Trent) की AGM में दिए गए उनके इसी तरह के ऐलान के एक सप्ताह बाद आई है।
नोएल टाटा (Noel Tata) ने जनवरी 2003 में वोल्टास (Voltas) के बोर्ड में प्रवेश किया था। इसके बाद सितंबर 2017 में उन्होंने इशात हुसैन (Ishaat Hussain) की जगह कंपनी के चेयरमैन का पद संभाला था।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने आंतरिक पदोन्नति (Internal Promotions) और नए नेतृत्व (Lateral Hires) के जरिए अगली पीढ़ी की नेतृत्व टीम तैयार कर ली है। उन्होंने भरोसा जताया कि अनुभवी अधिकारियों और नई प्रतिभाओं के सहयोग से वोल्टास (Voltas) भविष्य में भी सभी कारोबारी क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन करती रहेगी।
अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए नोएल टाटा (Noel Tata) ने कहा कि नए वित्त वर्ष की शुरुआत कंपनी के लिए बेहद मजबूत रही है। उन्होंने बताया कि वोल्टास (Voltas) के रूम एयर कंडीशनर (Room Air Conditioner) कारोबार ने रिकॉर्ड 81 दिनों में 10 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार किया, जिसे उन्होंने कंपनी की मजबूत बाजार स्थिति का प्रमाण बताया।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए शेयरधारकों, कर्मचारियों और संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) साझेदारों का आभार व्यक्त किया और कहा कि कंपनी आज जिस स्थिति में है, उससे वह संतुष्ट हैं।
हालांकि वोल्टास (Voltas) की चेयरमैनशिप छोड़ने के बावजूद नोएल टाटा (Noel Tata) टाटा ट्रस्ट्स (Tata Trusts) के चेयरमैन बने रहेंगे, जो टाटा संस (Tata Sons) का सबसे बड़ा शेयरधारक है।
इसके अलावा वह टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (Tata Investment Corporation), टाटा इंटरनेशनल (Tata International), ट्रेंट हाइपरमार्केट (Trent Hypermarket), टाटा इंटरनेशनल वेस्ट एशिया DMCC (Tata International West Asia DMCC) और टाटा समूह (Tata Group) की अन्य कंपनियों में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।
Liqvd Digital India Limited के चेयरमैन एवं एमडी अर्नब मित्रा ने कहा कि आज ब्रैंड ऐसे पार्टनर्स की तलाश में हैं, जो एक ही प्लेटफॉर्म पर क्रिएटिविटी, टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस को साथ लेकर चल सकें।
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क्रिएटिव-फर्स्ट एजेंसी Liqvd Digital India ने 37 करोड़ रुपये के प्रस्तावित एसएमई इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (SME IPO) के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है।
कंपनी के प्रस्तावित पब्लिक इश्यू में 37 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर (Fresh Issue) जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, प्रमोटर शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) भी शामिल होगा।
कंपनी की विकास योजना के तहत फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि में से 915.45 लाख रुपये का उपयोग फुल स्केल VCP हब की स्थापना के लिए किया जाएगा।
Liqvd Digital India Limited के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर अर्नब मित्रा ने कहा कि आज ब्रैंड ऐसे पार्टनर्स की तलाश में हैं, जो एक ही प्लेटफॉर्म पर क्रिएटिविटी, टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस को साथ लेकर चल सकें। उन्होंने कहा कि कंपनी का फोकस हमेशा इसी दिशा में रहा है और प्रस्तावित आईपीओ उसकी विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
अर्नब मित्रा ने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पहले से ही कंटेंट तैयार करने और उसे व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप बनाने के तरीके में बदलाव ला रहा है। इससे समय कम लग रहा है, कार्यक्षमता बढ़ रही है और ब्रैंड्स के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी की भूमिका लगातार बढ़ रही है, लेकिन बेहतरीन मार्केटिंग के केंद्र में आज भी ह्यूमन क्रिएटिविटी ही है। कंपनी का उद्देश्य एआई की ताकत और क्रिएटिव सोच को साथ जोड़कर बड़े स्तर पर बेहतर परिणाम उपलब्ध कराना है।
ड्रीम11 (Dream11) के मुख्य विपणन अधिकारी (CMO) विक्रांत मुदलियार (Vikrant Mudaliar) ने आठ वर्षों से अधिक समय तक कंपनी में सेवाएं देने के बाद पद छोड़ दिया है।
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ड्रीम स्पोर्ट्स (Dream Sports) के प्रमुख फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म ड्रीम11 (Dream11) के मुख्य विपणन अधिकारी (Chief Marketing Officer-CMO) विक्रांत मुदलियार (Vikrant Mudaliar) ने कंपनी छोड़ दी है। उन्होंने ड्रीम स्पोर्ट्स (Dream Sports) में आठ वर्षों से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दीं और इस दौरान ड्रीम11 (Dream11) के ब्रांड को देश के सबसे बड़े स्पोर्ट्स टेक (SportsTech) प्लेटफॉर्म्स में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विक्रांत मुदलियार (Vikrant Mudaliar) वर्ष 2018 में ड्रीम स्पोर्ट्स (Dream Sports) से जुड़े थे। कंपनी में उन्होंने ड्रीम11 (Dream11) के मुख्य विपणन अधिकारी (CMO) के रूप में ब्रांड रणनीति, मार्केटिंग अभियानों और उपभोक्ता जुड़ाव (Consumer Engagement) को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी संभाली।
ड्रीम स्पोर्ट्स (Dream Sports) से पहले विक्रांत मुदलियार (Vikrant Mudaliar) करीब तीन वर्षों तक ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म यात्रा (Yatra) में मुख्य विपणन अधिकारी (CMO) रहे। वहां उन्होंने कंपनी की ब्रांडिंग और मार्केटिंग रणनीतियों का नेतृत्व किया।
विक्रांत मुदलियार (Vikrant Mudaliar) ने अपने करियर की शुरुआत ऑटोमोबाइल कंपनी जनरल मोटर्स (General Motors) के साथ की थी, जहां उन्होंने विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया।
गेमस्टॉप (GameStop) ने ईबे (eBay) के 56 अरब डॉलर के प्रस्तावित अधिग्रहण की योजना पर कायम रहने की बात कही है, जबकि ईबे पहले ही इस प्रस्ताव को ठुकरा चुका है।
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वीडियो गेम रिटेलर गेमस्टॉप (GameStop) ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह ई-कॉमर्स कंपनी ईबे (eBay) के प्रस्तावित 56 अरब डॉलर (56 Billion Dollar) के नकद और शेयर आधारित अधिग्रहण (Cash-and-Stock Acquisition) की योजना पर कायम है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईबे (eBay) इस अवांछित अधिग्रहण प्रस्ताव (Unsolicited Takeover Proposal) को पहले ही खारिज कर चुका है।
शुक्रवार को जारी एक नियामकीय फाइलिंग (Regulatory Filing) में गेमस्टॉप (GameStop) ने कहा कि वह इस प्रस्तावित सौदे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही इसके रणनीतिक कारणों तथा परिचालन योजनाओं (Operational Plans) से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज जारी करेगा। हालांकि कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ईबे (eBay) की अस्वीकृति के बाद उसका अगला कदम क्या होगा।
इस अधिग्रहण प्रस्ताव की घोषणा सबसे पहले मई में गेमस्टॉप (GameStop) के चेयरमैन रयान कोहेन (Ryan Cohen) ने की थी। प्रस्ताव के आकार को देखते हुए इसने वॉल स्ट्रीट (Wall Street) को भी चौंका दिया था। रयान कोहेन (Ryan Cohen) का कहना था कि यदि गेमस्टॉप (GameStop) और ईबे (eBay) का विलय होता है तो दोनों मिलकर अमेजन (Amazon) को कड़ी टक्कर देने वाला एक मजबूत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तैयार कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि यह सौदा सफल होता है तो वह संयुक्त कंपनी का नेतृत्व करेंगे।
ईबे (eBay) द्वारा प्रस्ताव ठुकराए जाने के बावजूद गेमस्टॉप (GameStop) पीछे हटता नहीं दिख रहा है। कंपनी पहले भी इस विलय के रणनीतिक और व्यावसायिक फायदों पर विस्तृत प्रस्तुति (Presentation) जारी करने की बात कह चुकी थी। हालांकि यह प्रस्तुति अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन कंपनी ने अपनी ताजा फाइलिंग में दोहराया है कि इस संबंध में अतिरिक्त जानकारी जल्द जारी की जाएगी।
अधिग्रहण से जुड़े अपडेट के साथ गेमस्टॉप (GameStop) ने वित्त वर्ष 2026 (Fiscal 2026) के लिए मजबूत आय अनुमान भी जारी किया है। कंपनी को उम्मीद है कि उसका समायोजित ईबीआईटीडीए (Adjusted EBITDA) 60 करोड़ डॉलर (600 Million Dollar) से अधिक रहेगा, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 34.54 करोड़ डॉलर (345.4 Million Dollar) था।
दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में मीशो (Meesho) को जॉकी (Jockey) जैसे कथित नकली उत्पादों की लिस्टिंग 36 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने वैश्विक इनरवियर ब्रांड जॉकी (Jockey) को बड़ी राहत देते हुए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो (Meesho) को कथित तौर पर ट्रेडमार्क का उल्लंघन करने वाले उत्पादों की लिस्टिंग हटाने का अंतरिम आदेश दिया है। अदालत ने मीशो (Meesho) को आदेश मिलने के 36 घंटे के भीतर संबंधित यूआरएल (URL) ब्लॉक या हटाने के निर्देश दिए हैं।
29 मई को पारित एकपक्षीय (Ex Parte) अंतरिम आदेश में न्यायमूर्ति ज्योति सिंह (Justice Jyoti Singh) ने कहा कि जॉकी (Jockey) पहली नजर में ट्रेडमार्क उल्लंघन (Trademark Infringement) का मामला स्थापित करने में सफल रही है। अदालत ने माना कि विवादित ब्रांड नाम जॉकी (Jockey) के पंजीकृत ट्रेडमार्क से काफी मिलते-जुलते हैं और समान श्रेणी के उत्पादों पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं के भ्रमित होने की आशंका है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब जॉकी (Jockey) ने मीशो (Meesho) पर "JOYKE", "JOYEBEE", "JOYESS" और "JOJOKE" जैसे नामों से बिक रहे उत्पादों की पहचान की। कंपनी का कहना है कि ये नाम उसके ब्रांड से इतने मिलते-जुलते हैं कि ग्राहक आसानी से भ्रमित हो सकते हैं। यह कथित उल्लंघन जनवरी में कंपनी की आंतरिक जांच के दौरान सामने आया था।
जॉकी (Jockey) ने अदालत को बताया कि उसने संबंधित विक्रेताओं को सीज एंड डेसिस्ट (Cease and Desist) नोटिस भी भेजे थे, लेकिन कथित उल्लंघन वाले उत्पाद प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहे। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि मीशो (Meesho) को जानकारी देने के बावजूद उसने अदालत के आदेश के बिना लिस्टिंग नहीं हटाई। साथ ही एक विक्रेता ने विवादित ब्रांड नामों में से एक को ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकृत कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी।
अदालत ने अंतरिम चरण में प्रतिवादियों को जॉकी (Jockey) के ट्रेडमार्क का उल्लंघन करने वाले किसी भी नाम से उत्पादों के निर्माण, विपणन, विज्ञापन या बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके अलावा मीशो (Meesho) को चार सप्ताह के भीतर संबंधित विक्रेताओं की केवाईसी (KYC) जानकारी, पंजीकृत पता, मोबाइल नंबर, यूपीआई (UPI) विवरण, लेनदेन का रिकॉर्ड और आईपी (IP) लॉग अदालत के समक्ष उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है।
मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। जॉकी (Jockey) की ओर से अधिवक्ता सैफ खान (Saif Khan), शोभित अग्रवाल (Shobhit Agrawal) और दिया विश्वनाथ (Diya Viswanath) ने अदालत में पक्ष रखा।
यह अंतरिम आदेश एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि ऑनलाइन मार्केटप्लेस को बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) से जुड़े विवादों में त्वरित कार्रवाई करनी होगी और नकली सामान बेचने वाले विक्रेताओं की पहचान में जांच एजेंसियों तथा अदालतों के साथ सहयोग करना होगा।
सैमसंग इंडिया के करीब 300 करोड़ रुपये के ATL (Above The Line) यानी टेलीविजन, प्रिंट और रेडियो जैसे पारंपरिक विज्ञापन माध्यमों से जुड़े मीडिया कारोबार की जिम्मेदारी अब हवास मीडिया इंडिया संभालेगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सैमसंग इंडिया (Samsung India) के करीब 300 करोड़ रुपये के ATL (Above The Line) यानी टेलीविजन, प्रिंट और रेडियो जैसे पारंपरिक विज्ञापन माध्यमों से जुड़े मीडिया कारोबार की जिम्मेदारी अब हवास मीडिया इंडिया (Havas Media India) संभालेगी। यह काम वह विज्ञापन और मार्केटिंग एजेंसी Cheil India के जरिए करेगी। हालांकि सैमसंग इंडिया की प्रमुख एजेंसी (Agency of Record) Cheil India ही बनी रहेगी और पूरे मीडिया मैंडेट का नेतृत्व उसी के पास रहेगा।
हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सैमसंग इंडिया ने हाल ही में कई एजेंसियों के बीच हुई समीक्षा (मल्टी-एजेंसी रिव्यू) के बाद अपना एकीकृत मीडिया मैंडेट Cheil India को सौंपा था। पारंपरिक मीडिया का यह कारोबार करीब 300 करोड़ रुपये का बताया गया है, जबकि डिजिटल जिम्मेदारियों सहित पूरे एकीकृत मीडिया मैंडेट का आकार लगभग 700 करोड़ रुपये आंका गया है। इसे देश के सबसे बड़े मीडिया अकाउंट्स में से एक माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत Cheil India, सैमसंग इंडिया की एजेंसी ऑफ रिकॉर्ड बनी रहेगी, जबकि हवास मीडिया इंडिया उसकी ओर से टेलीविजन, प्रिंट और रेडियो जैसे पारंपरिक विज्ञापन माध्यमों की मीडिया प्लानिंग और मीडिया बाइंग का काम संभालेगी।
इंडस्ट्री से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार, इस मॉडल में Cheil India पूरे अकाउंट की स्ट्रैटेजिक जिम्मेदारी अपने पास रखेगी, जबकि हवास मीडिया इंडिया पारंपरिक मीडिया के संचालन और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभाएगी। इससे Cheil India को पारंपरिक मीडिया में Havas की विशेषज्ञता और बड़े नेटवर्क का लाभ मिलेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री में इस तरह का सहयोगी मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसमें प्रमुख एजेंसियां बड़े और एकीकृत मीडिया मैंडेट को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए विशेषज्ञ मीडिया नेटवर्क के साथ साझेदारी करती हैं।
सैमसंग इंडिया का यह फैसला उसकी मीडिया स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। पिछले एक दशक से अधिक समय तक IPG की Lodestar UM कंपनी के पारंपरिक मीडिया बाइंग का काम संभाल रही थी, जबकि Cheil India डिजिटल मीडिया, आउटडोर विज्ञापन और रिटेल एक्टिवेशन की जिम्मेदारी देख रही थी। अब इन सभी जिम्मेदारियों को एक प्रमुख एजेंसी के तहत लाकर अधिक एकीकृत मीडिया इकोसिस्टम बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से स्मार्टफोन, टेलीविजन, घरेलू उपकरणों और अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सहित सैमसंग इंडिया के विभिन्न उत्पादों के लिए बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म पर एकीकृत ऑडियंस प्लानिंग और मापन में भी मदद मिलेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, इस मीडिया पिच के अंतिम चरण में Cheil India और Publicis Groupe की Starcom शामिल थीं, जिसमें Cheil India ने बाजी मारी। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस पूरे घटनाक्रम पर Cheil India और Havas Media India के अधिकारियों ने हमारी सहयोगी वेबसाइट एक्सचेंज4मीडिया की ओर से भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
COMvergence 2025 रैंकिंग में ओमनीकॉम मीडिया (Omnicom Media) 75.6 अरब डॉलर की बिलिंग के साथ दुनिया का सबसे बड़ा मीडिया मैनेजमेंट नेटवर्क बन गया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ओमनीकॉम मीडिया (Omnicom Media) को COMvergence की फाइनल 2025 ग्लोबल एंड रीजनल बिलिंग्स रैंकिंग (Final 2025 Global & Regional Billings Rankings) में दुनिया का सबसे बड़ा मीडिया मैनेजमेंट नेटवर्क घोषित किया गया है। कंपनी ने कुल 75.6 अरब डॉलर (75.6 Billion Dollar) की बिलिंग के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है।
यह पहली रैंकिंग है जिसमें नवंबर 2025 में ओमनीकॉम (Omnicom) द्वारा आईपीजी (IPG) के अधिग्रहण के बाद संयुक्त रूप से ओमनीकॉम मीडिया ग्रुप (Omnicom Media Group) और आईपीजी मेडियाब्रांड्स (IPG Mediabrands) का प्रदर्शन शामिल किया गया है। COMvergence के अनुसार, वर्ष 2025 के अंत तक प्रमुख मीडिया समूहों की वैश्विक बिलिंग में ओमनीकॉम मीडिया (Omnicom Media) की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत रही, जिससे उसने डब्ल्यूपीपी (WPP) और पब्लिसिस (Publicis) को पीछे छोड़ दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, ओमनीकॉम मीडिया (Omnicom Media) उत्तरी अमेरिका (North America) में 35.9 अरब डॉलर की बिलिंग के साथ पहले स्थान पर रहा, जिसमें अकेले अमेरिका (United States) से 33.1 अरब डॉलर की बिलिंग शामिल है। वहीं लैटिन अमेरिका (Latin America) में भी कंपनी 2.3 अरब डॉलर की बिलिंग के साथ शीर्ष पर रही।
COMvergence ने बताया कि 2025 के दौरान अमेजन (Amazon), पैरामाउंट (Paramount) और वोल्वो (Volvo) जैसे बड़े वैश्विक क्लाइंट्स मिलने से कंपनी को बड़ा फायदा हुआ। भारत में भी ओमनीकॉम मीडिया (Omnicom Media) ने टाटा मोटर्स (Tata Motors), मैरिको (Marico) और ओपनएआई (OpenAI) को अपने क्लाइंट पोर्टफोलियो में शामिल किया।
ओमनीकॉम मीडिया (Omnicom Media) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) फ्लोरियन एडम्स्की (Florian Adamski) ने कहा कि कंपनी का बड़ा आकार केवल रैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्राहकों को बेहतर डेटा, मजबूत तकनीकी साझेदारियां, इनोवेशन में निवेश और बेहतर व्यावसायिक परिणाम देने की क्षमता मिलती है। उन्होंने कहा कि यह कंपनी के कर्मचारियों के लिए भी वैश्विक स्तर पर करियर के नए अवसर पैदा करता है।
ओमनीकॉम मीडिया इंडिया (Omnicom Media India) के सीईओ कार्तिक शर्मा (Kartik Sharma) ने कहा कि भारत में अब विकास केवल आकार से नहीं, बल्कि डेटा, संस्कृति और कॉमर्स को बेहतर कारोबारी परिणामों में बदलने की क्षमता से तय होगा। उनके अनुसार, वैश्विक स्तर की ताकत और स्थानीय बाजार की समझ कंपनी की सबसे बड़ी विशेषता है।
एजेंसी स्तर पर ओएमडी (OMD) ने 26.9 अरब डॉलर की बिलिंग के साथ दुनिया की सबसे बड़ी मीडिया एजेंसी नेटवर्क का स्थान बरकरार रखा। वहीं COMvergence के रियल-टाइम न्यू बिजनेस डैशबोर्ड (Real-time New Business Dashboard) के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली छमाही में ओमनीकॉम मीडिया (Omnicom Media) ने 2.5 अरब डॉलर की नई बिलिंग हासिल की है, जिसमें डेल्टा (Delta), डायसन (Dyson) और आईबीएम (IBM) जैसे प्रमुख क्लाइंट शामिल हैं।
भारत में कंपनी ने वर्ष 2026 के दौरान 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के नए बिजनेस हासिल करने का दावा किया है। इनमें अमेजन म्यूजिक (Amazon Music), एएमएफआई (AMFI) और नेटफ्लिक्स (Netflix) जैसे बड़े ब्रांड्स के मीडिया मैंडेट शामिल हैं।
'इवेंट एंड एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट एसोसिएशन' (EEMA) ने 2026–28 कार्यकाल के लिए राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। अध्यक्ष पद के लिए पांच प्रमुख उम्मीदवार मैदान में हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
'इवेंट एंड एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट एसोसिएशन' (Event and Entertainment Management Association-EEMA) ने 2026–28 कार्यकाल के लिए राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (National Executive Committee-NEC) के चुनावों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही एसोसिएशन के अध्यक्ष पद की दौड़ भी तेज हो गई है। फिलहाल ललित गट्टानी (Lalit Gattani), दीपक चौधरी (Deepak Chaudhary), सागर पिंगली (Sagar Pingali), राखी कंकारिया (Rakhi Kankaria) और 'राशि एंटरटेनमेंट' (Rashi Entertainment) के संस्थापक एवं निदेशक राजीव जैन (Rajeev Jain) अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार हैं।
अध्यक्ष पद के अलावा कार्यकारी उपाध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष, सचिव, उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव तथा क्षेत्रीय समिति सदस्यों के पदों के लिए भी चुनाव कराए जाएंगे।
'ईईएमए' (EEMA) द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 25 जून को पात्र सदस्यों की सूची प्रकाशित होगी। नामांकन प्रक्रिया 30 जून से 7 जुलाई तक चलेगी। इसके बाद जांच और पात्रता सत्यापन के उपरांत 9 जुलाई को योग्य उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपना नाम वापस ले सकेंगे, जबकि अंतिम उम्मीदवारों की सूची 15 जुलाई को प्रकाशित होगी।
चुनाव प्रचार 16 जुलाई से 24 जुलाई तक चलेगा। मतदान 25 जुलाई को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराया जाएगा। मतगणना के बाद चुनाव परिणाम 27 जुलाई को घोषित किए जाएंगे।
चुनाव नियमों के अनुसार, केवल वे प्लैटिनम सदस्य जिनकी सदस्यता फीस और अन्य बकाया पूरी तरह जमा है, राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के चुनाव लड़ सकेंगे। अध्यक्ष, कार्यकारी उपाध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष और सचिव जैसे केंद्रीय पदों के लिए मतदान का अधिकार भी केवल पात्र प्लैटिनम सदस्यों को होगा। वहीं क्षेत्रीय पदों के लिए संबंधित क्षेत्रों के पात्र प्लैटिनम, गोल्ड और एसोसिएट सदस्य मतदान कर सकेंगे।
चुनाव प्रक्रिया की निगरानी विजय बोकाडिया (Vijay Bokadia), जय मुंद्रा (Jai Mundra), आरती मट्टू (Aarti Mattu) और प्रितेश शर्मा (Pritesh Sharma) की चुनाव पर्यवेक्षक समिति करेगी। वहीं, 'सुप्रीम कोर्ट' (Supreme Court) के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस राकेश कुमार अग्रवाल (Justice Rakesh Kumar Agrawal) को मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इस बार 'ईईएमए' (EEMA) ने सुरक्षित ऑनलाइन वोटिंग, टू-वे ऑथेंटिकेशन (Two-Way Authentication), मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (Model Code of Conduct) और व्हाट्सऐप (WhatsApp) आचार संहिता जैसे कई नए प्रावधान लागू किए हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से संपन्न हो सके। उद्योग जगत की नजर अब इन चुनावों पर टिकी है।
'नेटफ्लिक्स' (Netflix) में विज्ञापन उत्पादों के वाइस प्रेसिडेंट जॉन व्हिटिकॉम (Jon Whitticom) ने कहा कि यह पहल विज्ञापन प्रदर्शन को नए तरीके से परिभाषित करेगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
'ओमनीकॉम मीडिया ग्रुप' (Omnicom Media Group) और 'नेटफ्लिक्स' (Netflix) ने विज्ञापन क्षेत्र में एक नई साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग के तहत 'ओमनीकॉम मीडिया ग्रुप' (Omnicom Media Group) की ऑडियंस इंटेलिजेंस इकाई 'एक्सिओम' (Acxiom) के डेटा और 'नेटफ्लिक्स' (Netflix) की एआई (AI) आधारित विज्ञापन तकनीक को एक साथ इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि दर्शकों के लिए अधिक व्यक्तिगत और आकर्षक विज्ञापन अनुभव तैयार किए जा सकें।
नई व्यवस्था के तहत ब्रांड्स 'नेटफ्लिक्स' (Netflix) के एआई-सक्षम विज्ञापन फॉर्मेट का उपयोग कर सकेंगे, जो विज्ञापनदाता की क्रिएटिव सामग्री को उन फिल्मों, सीरीज और कंटेंट की दुनिया से जोड़ता है जिन्हें दर्शक पसंद करते हैं। इसके साथ 'एक्सिओम' (Acxiom) की ऑडियंस इनसाइट्स को मिलाकर दर्शकों की रुचि और देखने की आदतों के अनुरूप विज्ञापन तैयार किए जाएंगे।
'ओमनीकॉम मीडिया' (Omnicom Media) की चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर मेगन पालियुका (Megan Pagliuca) ने कहा कि प्रीमियम स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर दर्शक प्रासंगिक और व्यक्तिगत अनुभव की अपेक्षा रखते हैं। उनके अनुसार यह साझेदारी ब्रांड्स को ऑडियंस इंटेलिजेंस और क्रिएटिव ट्रांसफॉर्मेशन को रियल टाइम में जोड़ने का अवसर देगी।
इस मॉडल के तहत 'ओमनीकॉम मीडिया' (Omnicom Media) विज्ञापनदाताओं द्वारा परिभाषित 'एक्सिओम' (Acxiom) ऑडियंस सेगमेंट और ब्रांड ब्रीफ उपलब्ध कराएगा। इसके बाद 'नेटफ्लिक्स' (Netflix) अपने एआई इंजन और एलएलएम (LLM) तकनीक की मदद से संबंधित कंटेंट और क्रिएटिव एसेट्स को जोड़कर अलग-अलग दर्शक समूहों के लिए पर्सनलाइज्ड विज्ञापन तैयार करेगा।
'नेटफ्लिक्स' (Netflix) में विज्ञापन उत्पादों के वाइस प्रेसिडेंट जॉन व्हिटिकॉम (Jon Whitticom) ने कहा कि यह पहल विज्ञापन प्रदर्शन को नए तरीके से परिभाषित करेगी। उनके अनुसार एआई (AI), डेटा, मीडिया और क्रिएटिविटी को एक मंच पर लाकर ऐसे विज्ञापन बनाए जा सकेंगे जो केवल दर्शकों का ध्यान ही नहीं खींचेंगे बल्कि बेहतर व्यावसायिक परिणाम भी देंगे।
यह सुविधा शुरुआत में अमेरिका में 'ओमनीकॉम मीडिया' (Omnicom Media) के ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगी और वर्ष के अंत तक इसे अन्य देशों में भी शुरू करने की योजना है।