Veritaas Advertising पर लागू नहीं होंगे कॉरपोरेट गवर्नेंस के नियम, कंपनी ने दी जानकारी

विज्ञापन क्षेत्र की कंपनी वेरिटास ऐडवर्टाइजिंग लिमिटेड (Veritaas Advertising Limited) ने कहा है कि उस पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े कुछ नियम लागू नहीं होते।

Vikas Saxena by
Published - Tuesday, 13 October, 2026
Last Modified:
Tuesday, 13 October, 2026
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विज्ञापन क्षेत्र की कंपनी वेरिटास ऐडवर्टाइजिंग लिमिटेड (Veritaas Advertising Limited) ने कहा है कि उस पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े कुछ नियम लागू नहीं होते। कंपनी ने 10 अक्टूबर, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को इसकी जानकारी दी।

कंपनी ने बताया कि सेबी के लिस्टिंग दायित्वों और जानकारी देने से जुड़े नियम, 2015 के नियम 15 के तहत उसे कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े निर्धारित प्रावधानों का पालन करने से छूट मिली हुई है। यह छूट 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए लागू है।

NSE Emerge पर लिस्टेड है कंपनी

वेरिटास ऐडवर्टाइजिंग ने अपने पत्र में बताया कि उसके शेयर NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड हैं। इसी आधार पर कंपनी ने कहा कि उस पर संबंधित कॉरपोरेट गवर्नेंस प्रावधान लागू नहीं होते।

सेबी के नियमों के मुताबिक, कुछ निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाली कंपनियों को कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े प्रावधानों से छूट मिल सकती है। इनमें ऐसी कंपनियां शामिल हैं, जिनकी चुकता इक्विटी शेयर पूंजी 10 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है और पिछले वित्त वर्ष के अंतिम दिन उनकी कुल संपत्ति 25 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है। इसके अलावा, SME एक्सचेंज पर अपने निर्धारित शेयर सूचीबद्ध कराने वाली कंपनियां भी इस नियम के दायरे में आती हैं।

किन नियमों से संबंधित है छूट?

कंपनी ने अपने पत्र में सेबी के नियमों के तहत कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े कई प्रावधानों का उल्लेख किया है। इनमें निदेशक मंडल, उसकी समितियों, निदेशकों की जिम्मेदारियों और कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता से संबंधित नियम शामिल हैं।

वेरिटास ऐडवर्टाइजिंग के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर देबज्योति बनर्जी ने यह जानकारी जारी की है। कंपनी ने यह पत्र NSE के लिस्टिंग विभाग को भेजा है।

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डॉ. संदीप गोयल की अध्यक्षता में AAAI का नया बोर्ड घोषित, कई प्रमुख नाम शामिल

भारतीय विज्ञापन उद्योग को साथ लाने की तैयारी, AAAI के नए बोर्ड में स्वतंत्र एजेंसियों, क्षेत्रीय कारोबार और बड़ी विज्ञापन कंपनियों को जगह

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 14 October, 2026
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Wednesday, 14 October, 2026
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भारतीय विज्ञापन उद्योग के प्रमुख संगठन ‘एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (AAAI) ने वर्ष 2026-27 के लिए अपने नए बोर्ड की घोषणा की है। रेडिफ्यूजन ब्रैंड सॉल्यूशंस के डॉ. संदीप गोयल AAAI के अध्यक्ष और अनदर आइडिया के जयदीप गांधी इसके उपाध्यक्ष हैं। नए बोर्ड में अलग-अलग आकार की एजेंसियों, विशेषज्ञता वाले कारोबारों और विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व शामिल है। संगठन का उद्देश्य उद्योग के विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देना और उनके बीच सहयोग को मजबूत करना है।

स्वतंत्र और क्षेत्रीय एजेंसियों को प्रतिनिधित्व: इस वर्ष स्वतंत्र एजेंसियों की ओर से बोर्ड में रतन बत्रा प्राइवेट लिमिटेड के पुनीत बत्रा, पैम एडवरटाइजिंग के सुनील छाबड़ा, 3 ब्रदर्स एंड फिल्स के हेमेंद्र पारेख, नवनीतलाल एंड कंपनी के देवांग एम. गांधी और सिचुएशंस एडवरटाइजिंग एंड मार्केटिंग के अंजन चटर्जी शामिल हैं। क्षेत्रीय विज्ञापन कारोबारों का प्रतिनिधित्व स्टैंडर्ड पब्लिसिटी की प्रियंका चटर्जी, स्लोका एडवरटाइजिंग के के. श्रीनिवास, मैत्री एडवरटाइजिंग के सी. मुथु और क्रेयॉन्स एडवरटाइजिंग के कुनाल ललानी करेंगे।

बोर्ड में सहयोजित सदस्य के रूप में शामिल अंजन चटर्जी ने विज्ञापन क्षेत्र में अपने करियर के साथ ओह! कलकत्ता और मेनलैंड चाइना जैसे रेस्तरां ब्रैंड भी विकसित किए हैं। उनका अनुभव उद्यमिता, ब्रैंड निर्माण और उपभोक्ता अनुभव से जुड़े पहलुओं को बोर्ड के काम में शामिल करेगा।

रचनात्मकता, रणनीति और मीडिया विशेषज्ञता पर जोर: नए बोर्ड में बीबीडीओ इंडिया के जोसी पॉल और ऑर्चर्ड एडवरटाइजिंग के अमितेश राव भी शामिल हैं। दोनों विज्ञापन क्षेत्र के अनुभवी नाम हैं और अपनी रचनात्मक एवं रणनीतिक विशेषज्ञता से बोर्ड के काम में योगदान देंगे। वहीं, लियो बर्नेट के ललातेंदु दास मीडिया क्षेत्र की विशेषज्ञता को मजबूत करेंगे।

बोर्ड में निरंतरता और संस्थागत अनुभव को भी महत्व दिया गया है। इस क्रम में आर. के. स्वामी के श्रीनिवासन के. स्वामी, मैडिसन कम्युनिकेशंस के सैम बलसारा, डब्ल्यूपीपी मीडिया के प्रशांत कुमार, मैट्रिक्स पब्लिसिटीज एंड मीडिया इंडिया के विष्णुदास हरदासानी, एफसीबी उल्का एडवरटाइजिंग के धीरज सिन्हा, ओगिल्वी एंड माथर की हेफ्जीबा पाठक, इनोशन वर्ल्डवाइड कम्युनिकेशन के संतोष कुमार, एवरेस्ट ब्रैंड सॉल्यूशंस की तान्या गोयल, प्लेटिनम एडवरटाइजिंग के अजीत वर्गीज, ओम्निकॉम मीडिया के कार्तिक शर्मा, हवास मीडिया के मोहित जोशी और पब्लिसिस कम्युनिकेशंस की अनुप्रिया आचार्य संगठन के साथ अपना जुड़ाव जारी रखेंगे। इसके अलावा, शशि सिन्हा और विक्रम सखूजा विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में संगठन के काम में अपना अनुभव और विचार साझा करेंगे।

प्रमुख विज्ञापन और मीडिया नेटवर्क भी बोर्ड में शामिल: AAAI के नए बोर्ड में ओगिल्वी, रेडिफ्यूजन, इनोशन और साची एंड साची जैसी प्रमुख पूर्ण-सेवा विज्ञापन एजेंसियों का प्रतिनिधित्व बना रहेगा। वहीं, डब्ल्यूपीपी मीडिया, ओम्निकॉम मीडिया, हवास मीडिया, पब्लिसिस मीडिया और मैडिसन जैसे बड़े मीडिया कारोबारों की विशेषज्ञता भी बोर्ड को मिलेगी।

क्रिएटिविटी, मीडिया और एआई-टेक्नोलॉजी पर नई पहल की तैयारी: AAAI के अध्यक्ष डॉ. संदीप गोयल ने नए बोर्ड को लेकर कहा कि इसमें स्थापित इंडस्ट्री लीडर्स के अनुभव, स्वतंत्र उद्यमियों की ऊर्जा और विज्ञापन क्षेत्र की प्रतिभाओं को एक साथ लाया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन की कोशिश है कि भारतीय विज्ञापन उद्योग की विविधता को बोर्ड में सही प्रतिनिधित्व मिले और स्वतंत्र एजेंसियों को अपनी बात रखने तथा भागीदारी बढ़ाने के अधिक अवसर मिलें।

डॉ. गोयल के मुताबिक, संगठन आने वाले सप्ताह में रचनात्मकता, मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कुछ नई पहलों की घोषणा करेगा। इन पहलों में स्वतंत्र एजेंसियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संगठन के अनुसार, बोर्ड में व्यापक प्रतिनिधित्व का उद्देश्य उद्योग के भीतर सहयोग को मजबूत करना है। साथ ही, प्रतिभाओं के विकास, कारोबार की वृद्धि और तकनीकी बदलावों से पैदा होने वाले अवसरों पर AAAI के काम को दिशा देना भी इसका हिस्सा है।

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त्योहारों में स्थानीय रंग: क्षेत्रीय पर्व बने विज्ञापन जगत का नया बड़ा दांव

ब्रैंड अब हर राज्य की भाषा, परंपरा और भावना के हिसाब से अलग योजना बना रहे हैं। साथ ही अर्थव्यवस्था की ताजा चुनौतियों ने सीजन पर अनिश्चितता भी डाल दी है।

Vikas Saxena by
Published - Tuesday, 13 October, 2026
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Tuesday, 13 October, 2026
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दिवाली को भारत का सबसे बड़ा विज्ञापन मौसम माना जाता रहा है। पर इस साल की कहानी कुछ और बता रही है। ओणम बीत चुका है, नवरात्र चल रहा है, और दुर्गा पूजा व दिवाली आने वाली हैं। ब्रैंड अब हर राज्य की भाषा, परंपरा और भावना के हिसाब से अलग योजना बना रहे हैं। साथ ही अर्थव्यवस्था की ताजा चुनौतियों ने सीजन पर अनिश्चितता भी डाल दी है।

मार्केट का आकार: अनुमान अलग-अलग

पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट 2026 के मुताबिक भारत का विज्ञापन खर्च 2026 में 1,74,605 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2025 के 1,55,105 करोड़ रुपये से 12-13% अधिक है। डिजिटल की हिस्सेदारी 42% से बढ़कर 46% हो गई है।  

त्योहारी विज्ञापन पर अनुमान काफी बिखरे हुए हैं। 'इम्पैक्ट' मैगजीन के अनुसार देश का कुल विज्ञापन मार्केट 2026 में करीब 9.7% बढ़ने की उम्मीद है, पर त्योहारी विज्ञापन पर अनुमान 3-5% से 15% तक फैले हैं। मुद्रा की रुपाली चावन 10-12% वृद्धि मानती हैं। आर.के. स्वामी मीडिया ग्रुप के के. सत्यनारायणन 15% वृद्धि की उम्मीद रखते हैं। द इंटरमेंटलिस्ट के फाउंडर शिवाशीष तरकस 3-5% का अनुमान रखते हैं और 4% को अपना आधार मानते हैं।  

डेटम इंटेलिजेंस ने सीजन शुरू होने से पहले त्योहारी विज्ञापन खर्च 60,000-62,000 करोड़ रुपये और 13-17% वृद्धि का अनुमान दिया था, जिसमें डिजिटल की हिस्सेदारी 67.8% थी। डिजिटल की हिस्सेदारी पर भी आंकड़े अलग हैं। पिच मैडिसन का 46% पूरे साल के विज्ञापन खर्च का है, डेंटसू इंडिया का 50-55% त्योहारी मीडिया निवेश का, और डेटम का 67.8% उसके अपने त्योहारी अनुमान का। इसलिए इन आंकड़ों को सीधे जोड़ा या तुलना नहीं किया जा सकता।  

"दिवाली अकेला त्योहार नहीं रहा"

22फीट की मैनेजिंग पार्टनर शिखा दावेसर के अनुसार भारत बेहद बंटा हुआ मार्केट है और एक त्योहार मनाने का तरीका क्षेत्र-दर-क्षेत्र बदल जाता है। इसलिए उनकी कंपनी की त्योहारी योजना अब राष्ट्रीय ब्रीफ से नहीं, मार्केट की सांस्कृतिक समझ से शुरू होती है। मैसूर की साइकिल प्योर अगरबत्ती के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्जुन रंगा ने कहा कि उत्तर भारत में दिवाली बड़ा पर्व है, जबकि पूर्वी भारत के उपभोक्ताओं के लिए दुर्गा पूजा उतना ही अहम है। 

बाटा इंडिया के बद्री बेरीवाल के मुताबिक बाटा के त्योहारी बजट का एक बड़ा हिस्सा क्षेत्रीय मार्केटिंग में जा रहा है, जिसमें पूर्व में दुर्गा पूजा और दक्षिण में ओणम जैसे अवसर शामिल हैं। इसके लिए कंपनी मार्केट-विशेष कलेक्शन और स्थानीय चेहरों का इस्तेमाल कर रही है।  

ओणम (बीत चुका): राष्ट्रीय ब्रैंड्स की शुरुआती परीक्षा

ओणम के बाद एक्सचेंज4मीडिया (26 अगस्त) की रिपोर्ट में मीडिया एजेंसियों ने कहा कि इस साल ओणम ने राष्ट्रीय आकार की हलचल पैदा की। मुद्रा की स्ट्रैटेजी प्रमुख एट्रेयी चक्रवर्ती के अनुसार ओणम त्योहारी सीजन की शुरुआती घंटी बनता जा रहा है, खासकर राष्ट्रीय ब्रैंड्स के लिए। ओम्निकॉम मीडिया इंडिया के अजय वर्गीज ने बताया कि उनकी एजेंसी को ओणम के दौरान केरल के मौसमी बजट में आमतौर पर 15-20% की बढ़त दिखती है। लक्ष्या मीडिया ग्रुप के युवराज अग्रवाल के मुताबिक क्लाइंट अब समझते हैं कि राष्ट्रीय फिल्म को मलयालम में डब करना कैंपेन नहीं कहलाता, और ब्रीफ मलयालम-प्रथम, केरल की जड़ों वाले काम की मांग करते हैं।

सीजन से पहले के अनुमान इस तरह थे। मनोरमा ऑनलाइन का अनुमान था कि ओणम पर विज्ञापन खर्च पिछले साल से 10-15% बढ़ेगा और ओणम महीने की गतिविधि सामान्य महीने से कम से कम 60% ज्यादा रहेगी। वर्स इनोवेशन के सह-संस्थापक उमंग बेदी के अनुसार उनके मलयालम प्लेटफॉर्म पर ओणम 2025 में राष्ट्रीय और वैश्विक विज्ञापनदाताओं का हिस्सा लगभग 68% इम्प्रेशन और 84% त्योहारी राजस्व रहा। यह आंकड़ा पिछले साल का है और सिर्फ वर्स प्लेटफॉर्म का, पूरे केरल मार्केट का नहीं। मीडिया केयर ब्रैंड सॉल्यूशंस के यासिन हमीदानी के अनुसार इंडस्ट्री अनुमानों में 2025 में केरल के त्योहारी विज्ञापन खर्च में डिजिटल की हिस्सेदारी लगभग 40-45% थी।

आउटडोर पर ओणम से पहले (17 अगस्त) मालाबार ऐडवर्टाइजिंग के विष्णुजीत पी.के. ने ओणम से जुड़े OOH खर्च में पिछले साल से लगभग 15-20% वृद्धि का अनुमान दिया था। डीजीटीओओएचएल की शिवालिका आनंद का अनुमान भी 15-20% था, जबकि सृष्टि मीडिया के मनदीप मल्होत्रा का 10-15%। अग्रवाल के अनुसार ओणम शुरू होते समय राज्य में कोई प्रीमियम आउटडोर साइट खाली नहीं बची थी।  

माध्यमों के हिस्से पर विशेषज्ञ एकमत नहीं थे। मातृभूमि के नवीन एस ने टीवी का हिस्सा 35-40% रहने की उम्मीद जताई थी, जबकि मलयाला मनोरमा के वरघीस चांडी ने प्रिंट का हिस्सा लगभग 35% और टीवी का लगभग 30% बताया था। मुद्रा की चक्रवर्ती के अनुसार कुछ योजनाओं में लीनियर टीवी और डिजिटल वीडियो का अनुपात 80:20 से बदलकर 60:40 हो गया। लक्ष्या के अग्रवाल ने बताया कि बार्क रेटिंग्स बंद होने से विज्ञापनदाता टीवी से भागे नहीं, पर पिछले साल के बेंचमार्क के आधार पर कीमतों पर ज्यादा मोलभाव करते रहे।  

नवरात्र: मांग की पहली असली परीक्षा

नवरात्र के साथ त्योहारी तिमाही की रफ्तार तेज होती है। एक्सचेंज4मीडिया के मुताबिक अब Q4 नौ हफ्तों की रिले रेस जैसा है, जो नवरात्र के आसपास से शुरू होकर दशहरा, करवा चौथ और दिवाली से होते हुए नए साल तक चलता है। पिछले साल को आधार बनाएं तो हकुहोदो डेटा लैब्स इंडिया की सीईओ श्वेता शर्मा के अनुसार GST 2.0 का लागू होना नवरात्र की शुरुआत के साथ मेल खा गया था और रेडसीर के आंकड़ों में पहले 11 दिनों में 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का GMV हुआ, जो 20-22% बढ़ा। उनके मुताबिक इस साल उस ऊंचे आधार के सामने कम वृद्धि दर गणित का मामला है, कमजोरी का संकेत नहीं।

टीजीटीएचआर के सीईओ राहुल वेंगलिल के अनुसार इस साल खरीदारी में देरी दिख रही है, इसलिए दिवाली लगभग हर ब्रैंड के लिए अहम होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल GST बदलावों के कारण त्योहार से पहले एक महीने की सुस्ती रही थी, जबकि इस साल वृद्धि सकारात्मक है, हालांकि ब्रैंड्स पर मार्जिन का दबाव बना हुआ है। 

दुर्गा पूजा (17-21 अक्टूबर): पूर्वी भारत की परीक्षा

दुर्गा पूजा 17 से 21 अक्टूबर तक चलेगी। पिछले साल (22 सितंबर 2025) की स्टोरीबोर्ड18 की रिपोर्ट में पल्प स्ट्रैटेजी की अंबिका शर्मा ने कहा था कि कई राष्ट्रीय ब्रैंड त्योहारी बजट का लगभग 8-10% पूजा के लिए रखते हैं, जबकि बंगाल और पूर्व की क्षेत्रीय बड़ी कंपनियों के लिए यह 25-30% तक हो सकता है। मीडिया केयर के यासिन हमीदानी ने उसी रिपोर्ट में कहा था कि FMCG, फैशन, ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रैंड त्योहारी बजट का 20-30% पूजा को देते हैं। ये दोनों आंकड़े पिछले साल के हैं और अलग-अलग श्रेणियों के बारे में हैं। 

पूजा के आउटडोर कारोबार पर एक्सचेंज4मीडिया की 1 अक्टूबर की रिपोर्ट में कोलकाता की अरुण साइन सर्विस के निदेशक राहुल बिस्वास ने पश्चिम बंगाल में 10 दिनों के पूजा OOH कारोबार को 800-1,000 करोड़ रुपये बताया। उन्होंने साफ किया कि कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है और यह उनके पिछले 3-4 साल के कारोबार पर आधारित अनुमान है।  

लक्ष्या मीडिया के युवराज अग्रवाल के अनुसार 2024 में आरजी कर घटना के बाद ब्रैंड्स ने पूजा खर्च में अनुमानतः 25-35% की कटौती की थी, और 2025 में पूजा विज्ञापन 18-25% के अनुमानित उछाल के साथ लौटा। उन्होंने यह भी कहा कि पूजा का ज्यादातर खर्च स्पॉन्सरशिप या एक्टिवेशन बजट में गिना जाता है, इसलिए वह OOH के आंकड़ों से बाहर रह जाता है। ब्रैंड्स के स्तर पर साड़ी ब्रैंड सुता ने कोलकाता में OOH निवेश लगभग 3-4 लाख से बढ़ाकर 5-6 लाख रुपये (करीब 50%) कर दिया है। 

सरकार भी पूजा को ब्रैंड बना रही है। यूएनआई के अनुसार पश्चिम बंगाल सरकार का कैंपेन 'बिश्वजुड़े बांगालिर आबेग' टाइम्स स्क्वायर, बुर्ज खलीफा और पिकाडिली लाइट्स के साथ राज्य के 1,000 प्रमुख पंडालों तक जाएगा और इसका लक्ष्य 2 अरब व्यूज/इम्प्रेशन है।  

डिजिटल, क्रिएटर और दिवाली की तैयारी

डेंटसू इंडिया का अनुमान है कि त्योहारी मीडिया निवेश में डिजिटल की हिस्सेदारी 50-55%, टीवी की 25-30%, प्रिंट की 8-10% और OOH/DOOH की 6-8% रहेगी। क्योरूज के अनुसार भारत में त्योहारी इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग का खर्च 2026 में 900 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, जो पिछले साल के लगभग 700 करोड़ से 29% अधिक है। 

 त्योहारी सीजन पर नया दबाव

त्योहारों से ठीक पहले अर्थव्यवस्था से तीन झटके आए हैं। एक्सचेंज4मीडिया की 12 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई ने रेपो दर 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50% की और रुख 'न्यूट्रल' से 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (सोच-समझकर सख्ती) कर लिया। इसके बाद सेंसेक्स 1,000 से ज्यादा अंक गिरा, और मौसम विभाग के अनुसार मानसून में लगभग 13% की कमी रही। ब्याज दर बढ़ने से कर्ज महंगा हो सकता है, शेयर बाजार की गिरावट से भरोसा डगमगा सकता है और कमजोर मानसून से ग्रामीण मांग पर असर पड़ सकता है। ये तीनों बातें ऐसे समय आई हैं जब त्योहारी मांग विज्ञापन बजट की दिशा तय करती है। 

कंपनियों की लागत भी बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार गोदरेज कंज्यूमर और डाबर जैसी बड़ी FMCG कंपनियों ने जुलाई-सितंबर तिमाही में कच्चे माल की महंगाई से मार्जिन पर दबाव की बात कही है। पारले प्रोडक्ट्स के सीएमओ मयंक शाह ने पिछले महीने कहा था कि कंपनी इंतजार की नीति पर है और विज्ञापन खर्च में कुछ तर्कसंगत कटौती होगी। गोल्डमेडल इलेक्ट्रिकल्स के किशन जैन के अनुसार शेयर बाजार की अस्थिरता से ज्यादा असर मानसून की कमी का पड़ेगा, खासकर ग्रामीण और कीमत-संवेदनशील बाजारों में। उन्हें मांग में मामूली गिरावट की आशंका है, बड़ी सुस्ती की नहीं, और उनकी कंपनी ने त्योहारी विज्ञापन बजट पिछले साल जितना ही रखा है। 

फिलहाल बड़े पैमाने पर कटौती के संकेत नहीं हैं। डेंट्सूएक्स के अनिल सोलंकी के अनुसार मांग में एकसमान सुस्ती की जगह असमान वृद्धि दिखेगी। जरूरी और किफायती उत्पाद प्रीमियम व बड़ी खरीदारी वाली श्रेणियों से बेहतर टिकेंगे। उनका अनुमान है कि विज्ञापन खर्च मोटे तौर पर मजबूत रहेगा, पर ब्रैंड अतिरिक्त निवेश में ज्यादा चयनात्मक होंगे और परफॉर्मेंस-आधारित डिजिटल, रिटेल मीडिया और क्षेत्रीय टार्गेटिंग को तरजीह देंगे। यानी असर कुल बजट से ज्यादा इस बात पर दिख सकता है कि पैसा कहां और कितनी सावधानी से लगाया जाए। सीजन से पहले के अनुमान, जैसे डेटम इंटेलिजेंस का 13-17% वृद्धि वाला अनुमान, इन ताजा घटनाओं से पहले बने थे। रिपोर्ट के अनुसार यह इस पर निर्भर करेगा कि आने वाले हफ्तों में उपभोक्ता मांग, कीमतें और कंपनियों का खर्च कैसे बदलते हैं।

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जनवरी-जुलाई में न्यूज टीवी विज्ञापन 7% घटे, गिरावट की रफ्तार हुई धीमी: TAM AdEx

न्यूज चैनलों पर टेलीविजन विज्ञापन का दबाव 2026 के शुरुआती सात महीनों में भी बना रहा, लेकिन गिरावट की रफ्तार में काफी कमी आई है।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 09 October, 2026
Last Modified:
Friday, 09 October, 2026
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न्यूज चैनलों पर टेलीविजन विज्ञापन का दबाव 2026 के शुरुआती सात महीनों में भी बना रहा, लेकिन गिरावट की रफ्तार में काफी कमी आई है। TAM AdEx के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान न्यूज जॉनर में विज्ञापन वॉल्यूम साल-दर-साल 7% घटा।

इसकी तुलना जनवरी-जुलाई 2025 से करें तो उस दौरान न्यूज जॉनर के विज्ञापन वॉल्यूम में सालाना आधार पर 15% की गिरावट दर्ज की गई थी। यानी इस साल गिरावट की रफ्तार लगभग आधी रह गई है। इससे संकेत मिलता है कि टेलीविजन विज्ञापन मार्केट में कुछ हद तक स्थिरता के संकेत दिखाई दे रहे हैं, हालांकि ब्रॉडकास्टर्स पर टीवी विज्ञापन खर्च को लेकर दबाव अभी भी बना हुआ है।

TAM AdEx का यह विश्लेषण टेलीविजन पर प्रसारित कमर्शियल विज्ञापनों से जुड़ा है। इसमें प्रोग्राम प्रोमो और सोशल विज्ञापनों को शामिल नहीं किया गया है। एजेंसी 600 से ज्यादा टीवी चैनलों की निगरानी करती है।

न्यूज टीवी पर विज्ञापनदाताओं की पसंद बदली

न्यूज टीवी पर विज्ञापन देने वाले क्षेत्रों के मिश्रण में भी बदलाव देखने को मिला है। जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान फूड एंड बेवरेजेज सबसे बड़ा विज्ञापन क्षेत्र बनकर उभरा। इसका न्यूज जॉनर के कुल विज्ञापन वॉल्यूम में 14% हिस्सा रहा।

पिछले साल सबसे आगे रहने वाला सर्विसेज सेक्टर इस बार दूसरे स्थान पर रहा और उसका हिस्सा 13% रहा। इसके बाद एजुकेशन 10%, बिल्डिंग, इंडस्ट्रियल एंड लैंड मैटेरियल्स एंड इक्विपमेंट 8% और बैंकिंग, फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट तथा ऑटोमोबाइल्स 7-7% रहे। वहीं पर्सनल केयर एंड पर्सनल हाइजीन, पर्सनल हेल्थकेयर और हाउसहोल्ड प्रोडक्ट्स का हिस्सा 6-6% रहा। पर्सनल एक्सेसरीज का हिस्सा 5% रहा।

टॉप 10 सेक्टर्स ने मिलकर जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान न्यूज टीवी के कुल विज्ञापन वॉल्यूम का 81% हिस्सा बनाया।

एजुकेशन, BFSI और कंज्यूमर कैटेगरी की स्थिति मजबूत

सेक्टर की रैंकिंग में बदलाव से पता चलता है कि अलग-अलग कैटेगरी में विज्ञापन की मांग का दायरा बढ़ रहा है। एजुकेशन पिछले साल के पांचवें स्थान से बढ़कर इस साल तीसरे स्थान पर पहुंच गया। बैंकिंग, फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट भी नौवें स्थान से बढ़कर सातवें स्थान पर आ गया। पर्सनल केयर एंड पर्सनल हाइजीन आठवें स्थान से सातवें स्थान पर पहुंचा।

इसके उलट पर्सनल हेल्थकेयर चौथे स्थान से गिरकर आठवें स्थान पर आ गया। बिल्डिंग, इंडस्ट्रियल एंड लैंड मैटेरियल्स एंड इक्विपमेंट भी तीसरे स्थान से खिसककर चौथे स्थान पर पहुंच गया।

आंकड़ों से पता चलता है कि न्यूज टीवी पर बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले क्षेत्रों के साथ-साथ ऐसे सेक्टर भी विज्ञापन दे रहे हैं, जिन्हें व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंच चाहिए। इनमें FMCG, एजुकेशन, फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑटोमोबाइल प्रमुख हैं।

रिटेल आउटलेट्स और ज्वेलर्स सबसे बड़ी कैटेगरी

कैटेगरी के स्तर पर रिटेल आउटलेट्स और ज्वेलर्स सबसे बड़ी कैटेगरी रही। इसका न्यूज जॉनर के विज्ञापन वॉल्यूम में 5% हिस्सा रहा। इसके बाद मल्टीपल कोर्सेज 4% के साथ दूसरे स्थान पर रहे। स्पाइसेज, वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स, ई-कॉमर्स/मीडिया/एंटरटेनमेंट/सोशल मीडिया और कारों में से प्रत्येक का हिस्सा करीब 3% रहा।

टॉयलेट और फ्लोर क्लीनर्स और टॉयलेट सोप्स भी प्रमुख कैटेगरी में बने रहे। सीमेंट और टू-व्हीलर्स का हिस्सा 2-2% रहा।

पिछले साल की तुलना में कई कैटेगरी की रैंकिंग में बड़ा बदलाव हुआ। मल्टीपल कोर्सेज छठे से दूसरे स्थान पर पहुंच गए। स्पाइसेज 11वें से तीसरे, वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स नौवें से चौथे और ई-कॉमर्स/मीडिया/एंटरटेनमेंट/सोशल मीडिया 10वें से पांचवें स्थान पर पहुंच गया। टू-व्हीलर्स की रैंकिंग में भी बड़ा सुधार हुआ और यह 15वें स्थान से बढ़कर 10वें स्थान पर आ गया।

इसके उलट कार, टॉयलेट और फ्लोर क्लीनर्स, टॉयलेट सोप्स और सीमेंट की रैंकिंग जनवरी-जुलाई 2025 के मुकाबले नीचे आई।

न्यूज टीवी पर 3,400 से ज्यादा विज्ञापनदाता

जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान न्यूज टीवी पर विज्ञापनदाताओं का आधार काफी व्यापक रहा। TAM AdEx के मुताबिक, उसके टॉप विज्ञापनदाता समूह में 3,400 से ज्यादा विज्ञापनदाता मौजूद थे।

Reckitt Benckiser (India) लगातार पहले स्थान पर रहा। इसके बाद Patanjali Ayurved और SBS Biotech रहे। GCMMF (Amul) पांचवें स्थान से बढ़कर तीसरे स्थान पर आ गया। वहीं LIC of India आठवें स्थान से बढ़कर पांचवें स्थान पर पहुंचा। Godrej Consumer Products छठे और Policybazaar Insurance Brokers सातवें स्थान पर रहा।

टॉप 10 में दो नए नाम भी शामिल हुए। TVS Motor Company पिछले साल के 29वें स्थान से बढ़कर आठवें स्थान पर पहुंच गई। वहीं Mahashiya Di Hatti 24वें स्थान से बढ़कर नौवें स्थान पर आ गई। जनवरी-जुलाई 2025 में छठे स्थान पर रहने वाली Lalithaa Jewellery Mart इस बार 10वें स्थान पर रही।

टॉप 10 विज्ञापनदाताओं ने मिलकर न्यूज जॉनर के कुल विज्ञापन वॉल्यूम का करीब एक-पांचवां हिस्सा यानी लगभग 20% बनाया। इनमें से छह विज्ञापनदाताओं की रैंकिंग में इस अवधि के दौरान सुधार हुआ।

Policybazaar सबसे आगे, ChatGPT भी टॉप 10 ब्रैंड्स में

ब्रैंड के स्तर पर Policybazaar.Com जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान न्यूज टीवी पर सबसे ज्यादा विज्ञापन देने वाला प्रमुख ब्रैंड रहा। इसके बाद Lalithaa Jewellery, Harpic Power Plus 10x Total Clean, Ultratech Cement और Dettol Toilet Soaps रहे।

टॉप ब्रैंड्स की सूची में Aaina Jibonor, Pet Saffa, Dettol Antiseptic Liquid और Muthoot Fin Loan Against Gold भी शामिल रहे। वहीं ChatGPT ने टॉप 10 में 10वें स्थान पर जगह बनाई।

TAM AdEx के मुताबिक, इस अवधि में टीवी पर 5,100 से ज्यादा ब्रैंड्स मौजूद रहे। टॉप 10 ब्रैंड्स में से तीन Reckitt Benckiser (India) के थे। यह न्यूज चैनलों पर कंज्यूमर और घरेलू उत्पादों के विज्ञापनों की लगातार बनी अहमियत को दिखाता है।

टॉप 10 ब्रैंड्स ने मिलकर टेलीविजन के कुल विज्ञापन वॉल्यूम का 8% हिस्सा बनाया।

स्पाइसेज, टू-व्हीलर्स और लाइफ इंश्योरेंस में तेज बढ़त

भले ही न्यूज जॉनर के कुल विज्ञापन वॉल्यूम में गिरावट आई हो, लेकिन कई अलग-अलग कैटेगरी में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्पाइसेज के विज्ञापन वॉल्यूम में 30% की बढ़ोतरी हुई और टॉप ग्रोथ वाली कैटेगरी में इसके विज्ञापन सेकंडेज में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज हुई।

मल्टीपल कोर्सेज में 19% और टू-व्हीलर्स में 33% की बढ़ोतरी हुई। लाइफ इंश्योरेंस के विज्ञापन में 30% और वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स में 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सैनिटरी नैपकिन्स में हुई। जनवरी-जुलाई 2026 में इसके विज्ञापन वॉल्यूम में 5.5 गुना बढ़ोतरी हुई।

इसी तरह ई-कॉमर्स और अन्य सर्विसेज में 2.6 गुना और सोलर प्रोडक्ट्स में 3.6 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई। एडिबल ऑयल के विज्ञापन में 35% और ई-कॉमर्स/मीडिया/एंटरटेनमेंट/सोशल मीडिया में 12% की बढ़ोतरी हुई। कुल मिलाकर 145 या उससे ज्यादा कैटेगरी ऐसी रहीं, जिनमें विज्ञापन वॉल्यूम बढ़ा। हालांकि न्यूज जॉनर का कुल विज्ञापन वॉल्यूम पिछले साल की तुलना में कम ही रहा।

हिंदी न्यूज अब भी विज्ञापन की सबसे बड़ी पसंद

भाषा के आधार पर हिंदी न्यूज जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान न्यूज टीवी विज्ञापन मार्केट में सबसे आगे रही। इसका कुल विज्ञापन वॉल्यूम में 18% हिस्सा रहा। इसके बाद बंगाली न्यूज 14% और हिंदी रीजनल न्यूज 12% के साथ रहे। तमिल न्यूज और तेलुगु न्यूज का हिस्सा 10-10% रहा। कन्नड़ न्यूज का हिस्सा 9% था। वहीं मराठी और मलयालम न्यूज का हिस्सा 6-6% और असम न्यूज तथा गुजराती न्यूज का हिस्सा 5-5% रहा।

टॉप पांच न्यूज सब-जॉनर ने मिलकर कुल विज्ञापन वॉल्यूम का 59% हिस्सा बनाया। इससे पता चलता है कि देश के बड़े भाषा मार्केटों में विज्ञापन का दबाव और मांग अभी भी काफी केंद्रित है।

गिरावट धीमी हुई, लेकिन मार्केट पर दबाव बरकरार

TAM AdEx के आंकड़े बताते हैं कि न्यूज जॉनर के विज्ञापन मार्केट में गिरावट सभी क्षेत्रों में एक जैसी नहीं रही। कुल विज्ञापन वॉल्यूम में कमी के बावजूद अलग-अलग सेक्टर और कैटेगरी के बीच विज्ञापन खर्च का रुख बदल रहा है।

कंज्यूमर से सीधे जुड़े कारोबार, एजुकेशन, फाइनेंशियल सर्विसेज, मोबिलिटी, ई-कॉमर्स और सोलर प्रोडक्ट्स जैसी उभरती कैटेगरी न्यूज टीवी पर ज्यादा जगह बना रही हैं। जनवरी-जुलाई 2026 में दर्ज 7% की गिरावट, जनवरी-जुलाई 2025 में आई 15% की गिरावट के मुकाबले काफी कम है। इससे संकेत मिलता है कि न्यूज टीवी का विज्ञापन मार्केट तेज गिरावट के दौर से निकलकर अब अपेक्षाकृत धीमी गिरावट की स्थिति में पहुंचा है।

हालांकि, टॉप 10 सेक्टर्स का कुल विज्ञापन वॉल्यूम में 81% हिस्सा और टॉप 10 विज्ञापनदाताओं का करीब 20% हिस्सा यह भी दिखाता है कि मार्केट का एक बड़ा हिस्सा अभी भी सीमित संख्या में बड़े उद्योगों और बड़े विज्ञापनदाताओं पर निर्भर है।

 

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Bright Outdoor Media ने समय रैना की शर्ट को बनाया 30 फीट का बिलबोर्ड

मुंबई की सड़कों पर कॉमेडियन और कलाकार समय रैना की पहचान बन चुकी लाल और काले चेक वाली शर्ट अब एक बड़े विज्ञापन का हिस्सा बन गई है।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 09 October, 2026
Last Modified:
Friday, 09 October, 2026
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मुंबई की सड़कों पर कॉमेडियन और कलाकार समय रैना की पहचान बन चुकी लाल और काले चेक वाली शर्ट अब एक बड़े विज्ञापन का हिस्सा बन गई है। आउट ऑफ होम यानी OOH विज्ञापन कंपनी Bright Outdoor Media Limited ने District के साथ मिलकर इस शर्ट को 30 फीट के एक बड़े इंस्टॉलेशन में बदल दिया है। इसका मकसद समय रैना के आगामी लाइव शो और 2027 India Tour का प्रचार करना है।

कंपनी ने 8 अक्टूबर 2026 को बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर जारी बिजनेस अपडेट में इस कैंपेन की जानकारी दी। Bright Outdoor Media को भारत की पहली सूचीबद्ध OOH कंपनी बताया गया है।

न फोटो, न ज्यादा शब्द, सिर्फ शर्ट

Bright Outdoor Media और District ने इस कैंपेन को एक बेहद सरल विचार के आधार पर तैयार किया है। इसमें न समय रैना की तस्वीर है और न ही बहुत ज्यादा लिखा हुआ कंटेंट। सिर्फ एक ऐसा विजुअल इस्तेमाल किया गया है, जिसे उनके प्रशंसक तुरंत पहचान सकें। इसके लिए समय रैना की लाल और काले रंग की चेक वाली शर्ट को चुना गया। कंपनी के मुताबिक, यह शर्ट उनके व्यक्तित्व की पहचान बन चुकी है और उनके लाखों प्रशंसक इसे तुरंत पहचान लेते हैं। 

कंपनी ने बताया कि यह इंस्टॉलेशन जल्द ही मुंबई में आने-जाने वाले लोगों और प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर लगा 30 फीट का इंस्टॉलेशन

यह कैंपेन मुंबई के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर लगाया गया है। यह शहर की प्रमुख और ज्यादा आवाजाही वाली सड़कों में से एक है। इसमें शर्ट को 30 फीट × 30 फीट के आकार में तैयार किया गया है, जिसे 40 फीट × 40 फीट के एक बड़े होर्डिंग पर लगाया गया है। यह कैंपेन District के साथ मिलकर तैयार और लागू किया गया है।

शर्ट ही बनी पूरे कैंपेन का आइडिया

कंपनी के मुताबिक, इस कैंपेन का विचार एक साधारण सवाल से शुरू हुआ कि कम से कम जानकारी के साथ आउटडोर विज्ञापन में लोगों का ज्यादा से ज्यादा ध्यान कैसे खींचा जा सकता है। कई दौर की चर्चा के बाद टीम ने समय रैना की लाल और काले चेक वाली शर्ट को चुना। यह शर्ट उनके प्रशंसकों के बीच उनके व्यक्तित्व से जुड़ी हुई है।

आमतौर पर किसी कलाकार के विज्ञापन में उसकी तस्वीर का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इस कैंपेन में समय रैना को पारंपरिक तरीके से बिलबोर्ड पर दिखाने के बजाय उनकी शर्ट को ही उनके लिए बोलने दिया गया है।

30 फीट की शर्ट, एक सरल विचार और ज्यादा ध्यान

इस कैंपेन में बड़े आकार और सरलता का इस्तेमाल किया गया है। शर्ट पर बनाए गए चेक, उसकी सिलवटों और कपड़े की बनावट को इस तरह तैयार किया गया है कि यह असली कपड़े जैसी दिखाई देती है। यह विज्ञापन कम और शहर के ऊपर लटके एक बहुत बड़े कपड़े जैसा ज्यादा नजर आता है। इसे सड़क से गुजरने वाले लोग, पैदल चलने वाले और समय रैना के प्रशंसक देख सकते हैं।

Bright Outdoor Media के मुताबिक, यह कैंपेन इस बात को दिखाता है कि अगर विचार मजबूत हो तो उसे बताने के लिए बहुत ज्यादा शब्दों की जरूरत नहीं होती। कई बार सिर्फ एक विजुअल काफी होता है और इस मामले में सिर्फ एक शर्ट ही काफी है।

OOH विज्ञापन में कम शब्द, ज्यादा असर

कंपनी ने बताया कि इस क्रिएटिव में बड़े आकार के साथ शर्ट के चेक, सिलवटों और कपड़े की दूसरी बारीकियों को दोबारा तैयार किया गया है। शर्ट को इस तरह दिखाया गया है जैसे वह वास्तव में बिलबोर्ड पर रखी हुई हो। इसकी वजह से यह सामान्य विज्ञापन के बजाय शहर के ऊपर लटका हुआ एक विशाल कपड़ा नजर आता है।

कंपनी के अनुसार, इस कैंपेन में एक साफ-सुथरे और बिना भीड़ वाले विजुअल के जरिए बड़े आकार, सरलता और रचनात्मकता से ज्यादा प्रभाव पैदा करने की कोशिश की गई है।

Bright Outdoor Media के चेयरमैन ने क्या कहा?

Bright Outdoor Media Limited के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. योगेश लखानी ने कहा कि कंपनी समय रैना के लाइव शो और 2027 India Tour के लिए District के साथ इस कैंपेन पर काम करके खुश है।

उन्होंने कहा कि कैंपेन का उद्देश्य कुछ अलग करना था, जहां विजुअल खुद अपनी बात कहे। टीम ने महसूस किया कि समय रैना की सिग्नेचर शर्ट उनके प्रशंसकों के बीच तुरंत पहचानी जाती है। इसलिए कंपनी ने तय किया कि क्यों न शर्ट को ही अपनी बात कहने दी जाए। 

लखानी के मुताबिक, इस कैंपेन ने दिखाया है कि एक सरल विचार को बड़े स्तर पर लागू करके वास्तविक प्रभाव पैदा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट Bright की एक इनोवेटिव OOH कंपनी के तौर पर पहचान को मजबूत करते हैं। साथ ही ये कंपनी की रचनात्मक सोच और उसे जमीन पर उतारने की क्षमता को भी दिखाते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे कैंपेन उन ब्रांड्स और एजेंसियों के साथ मजबूत रिश्ते बनाने में भी मदद करते हैं, जो अलग और नए तरह के आउटडोर विज्ञापन समाधान तलाश रहे हैं। लखानी ने कहा कि आगे भी कंपनी ऐसे नए फॉर्मेट और आइडिया तलाशती रहेगी, जो आउटडोर मीडिया को ज्यादा आकर्षक और उसके असर को ज्यादा मापने योग्य बनाएं।

45 साल से OOH विज्ञापन के कारोबार में Bright Outdoor Media

Bright Outdoor Media Limited की स्थापना 1980 में हुई थी और इसका मुख्यालय मुंबई के अंधेरी में है। कंपनी के पास भारत के OOH विज्ञापन क्षेत्र में 45 साल का अनुभव है।

कंपनी के पास रणनीतिक जगहों पर 490 से ज्यादा होर्डिंग्स का नेटवर्क है। इसके अलावा, मुंबई में मौजूद 120 से ज्यादा बड़े आकार के डिजिटल LED बिलबोर्ड्स में से 50 से ज्यादा पर कंपनी का स्वामित्व है। Bright Outdoor Media सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी संस्थाओं से हासिल किए गए होर्डिंग्स का कारोबार भी करती है। इससे कंपनी की बाजार में मौजूदगी और मजबूत होती है।

कंपनी के मुताबिक, प्रमुख विज्ञापन कंपनियों के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारियां और सभी प्रमुख ट्रांजिट क्षेत्रों में मौजूद कॉन्ट्रैक्ट्स उसे बाजार में अलग पहचान देते हैं।

कंपनी का दावा है कि वह दुनिया की पहली ऐसी कंपनी भी है, जिसने होर्डिंग्स पर सोलर पैनल लगाए हैं। इन सोलर पैनल्स के जरिए जॉइंट वेंचर पार्टनर के साथ मिलकर भारतीय रेलवे को बिजली उपलब्ध कराई जाती है। कंपनी इसे स्थिरता यानी सस्टेनेबिलिटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का हिस्सा बताती है। इसके अलावा, कंपनी का रियल एस्टेट कारोबार भी है, जो उसकी आय के अलग-अलग स्रोतों में योगदान देता है।

कंपनी के अनुसार, नए समाधान, व्यापक ग्राहक आधार और सस्टेनेबिलिटी पर फोकस के साथ Bright Outdoor Media OOH विज्ञापन क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है।

BSE SME पर सूचीबद्ध होने वाली पहली आउटडोर मीडिया कंपनी

Bright Outdoor Media के मुताबिक, यह भारत की पहली आउटडोर मीडिया कंपनी है, जो स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हुई। कंपनी ने 24 मार्च 2023 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर शेयर बाजार में डेब्यू किया था।

कंपनी ने बताया कि H2 FY26 में उसका कुल राजस्व 92.12 करोड़ रुपये, EBITDA 20.25 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 13.97 करोड़ रुपये और EPS 12.98 रुपये रहा। वहीं, FY26 में कंपनी का कुल राजस्व 155.43 करोड़ रुपये, EBITDA 35.23 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 24.05 करोड़ रुपये और EPS 12.26 रुपये रहा।

कंपनी ने फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट पर दी चेतावनी

कंपनी ने अपने डिस्क्लेमर में कहा है कि दस्तावेज में दिए गए कुछ बयान ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और उन्हें भविष्य को लेकर किए गए अनुमान या बयान माना जा सकता है।

कंपनी के मुताबिक, ऐसे बयानों में सरकारी फैसलों, स्थानीय, राजनीतिक या आर्थिक घटनाक्रम, तकनीकी जोखिम और कई अन्य कारणों से जोखिम और अनिश्चितताएं जुड़ी हैं। इन वजहों से वास्तविक परिणाम उन परिणामों से अलग हो सकते हैं जिनका इन बयानों में अनुमान लगाया गया है।

कंपनी ने कहा है कि ऐसे बयानों के आधार पर की गई किसी कार्रवाई के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगी। साथ ही, कंपनी ने बाद में होने वाली घटनाओं या परिस्थितियों के आधार पर इन फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट्स को सार्वजनिक रूप से अपडेट करने की कोई जिम्मेदारी नहीं ली है।

 

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AdCounty Media व Dailymotion की साझेदारी, ऐडवर्टाइजर्स को मिलेगी AI वीडियो टेक्नोलॉजी

AdCounty Media India Limited ने वैश्विक मीडिया कंपनी Dailymotion के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 09 October, 2026
Last Modified:
Friday, 09 October, 2026
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AdCounty Media India Limited ने वैश्विक मीडिया कंपनी Dailymotion के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत Dailymotion की नई पीढ़ी की विज्ञापन तकनीक, जिसमें Ray और Audience Path शामिल हैं, को AdCounty Media के जरिए भारतीय विज्ञापनदाताओं तक पहुंचाया जाएगा।

कंपनी ने 8 अक्टूबर 2026 को बीएसई में दाखिल जानकारी में बताया कि इस साझेदारी का मकसद भारतीय ब्रैंड्स और एजेंसियों को Dailymotion की वीडियो विज्ञापन तकनीक और AI आधारित समाधान उपलब्ध कराना है। इससे विज्ञापनदाताओं को दर्शकों को बेहतर तरीके से समझने, अभियान चलाने और उसके नतीजों को मापने में मदद मिलेगी।

वीडियो मार्केटिंग में AI की भूमिका बढ़ाएगा Ray

इस साझेदारी में Ray को अहम भूमिका दी गई है। Ray, Dailymotion की एजेंटिक AI तकनीक है, जिसे वीडियो मार्केटिंग की योजना बनाने, उसे लागू करने और उसके नतीजों को मापने के तरीके को बदलने के लिए तैयार किया गया है।

यह AI प्लेटफॉर्म दर्शकों से जुड़ी जानकारी, क्रिएटिव को बेहतर बनाने, विज्ञापन अभियान चलाने और उसके प्रदर्शन को मापने जैसी सुविधाओं को एक ही तकनीकी व्यवस्था में जोड़ता है। इसके लिए Dailymotion के अपने वीडियो डेटा का इस्तेमाल किया जाता है।

कंपनी के मुताबिक, इससे ब्रैंड्स और एजेंसियों को ज्यादा जानकारी के आधार पर फैसले लेने और अपने विज्ञापन अभियानों के नतीजों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।

Audience Path के साथ आगे बढ़ रहा है Dailymotion

यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब Dailymotion अपनी नई पहल Audience Path को भी आगे बढ़ा रहा है। इसका मकसद तेजी से बंटते जा रहे मीडिया माहौल में विज्ञापनदाताओं को दर्शकों को समझने और उन तक पहुंच बनाने में मदद करना है।

Audience Path वीडियो, कंटेंट, दर्शकों के व्यवहार और उनकी रुचि से जुड़े संकेतों को उपयोगी दर्शक जानकारी में बदलने पर काम करता है। वहीं, Ray इस पूरी व्यवस्था में AI आधारित दर्शक समझ और विज्ञापन अभियान को सक्रिय करने वाली तकनीक के रूप में काम करता है।

भारतीय विज्ञापनदाताओं को मिलेगा ग्लोबल वीडियो इकोसिस्टम

AdCounty Media के मुताबिक, इस साझेदारी से भारतीय विज्ञापनदाताओं को Dailymotion के वैश्विक वीडियो इकोसिस्टम तक पहुंच मिलेगी, जबकि स्थानीय विज्ञापन बाजार की समझ AdCounty Media के जरिए उपलब्ध होगी। फिलहाल Dailymotion 191 देशों में उपलब्ध है। कंपनी के मुताबिक, उसके इकोसिस्टम पर हर महीने 40 करोड़ से ज्यादा विजिटर्स आते हैं और इसमें 5,000 से ज्यादा प्रीमियम पब्लिशर्स शामिल हैं।

Dailymotion मोबाइल, डेस्कटॉप, टैबलेट और कनेक्टेड टीवी पर वीडियो अभियानों की सुविधा देता है। कंपनी अपनी विज्ञापन तकनीक और प्राइवेसी पर आधारित वीडियो इकोसिस्टम के जरिए ये सेवाएं उपलब्ध कराती है।

इस साझेदारी के तहत AdCounty Media भारत में ब्रैंड्स और एजेंसियों के साथ काम करेगा। इसका मकसद Dailymotion के उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो कंटेंट, विज्ञापन तकनीक और AI क्षमताओं के इस्तेमाल की नई संभावनाएं तलाशना है।

सिर्फ एक और वीडियो चैनल जोड़ना मकसद नहीं

कंपनी के मुताबिक, इस साझेदारी का मकसद विज्ञापनदाताओं के लिए सिर्फ एक और वीडियो चैनल जोड़ना नहीं है। इसके पीछे उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो, दर्शकों से जुड़े डेटा और AI तकनीक को एक साथ लाकर वीडियो मार्केटिंग को ज्यादा एकीकृत बनाना है।

AI से बदल रहा है वीडियो विज्ञापन

कंपनी के मुताबिक, डिजिटल विज्ञापन का अगला दौर सिर्फ सही दर्शकों को खोजने तक सीमित नहीं रहेगा। विज्ञापनदाताओं को अब यह समझना भी जरूरी है कि उनके दर्शक कौन हैं, उनकी रुचियां क्या हैं, वे क्या देखते हैं और उनके व्यवहार से मिलने वाली जानकारी को विज्ञापन के काम में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसी वजह से Dailymotion, Audience Path, Ray और AdCounty Media की तकनीकों का मेल विज्ञापन तकनीक के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।

कंपनी के मुताबिक, Ray चार प्रमुख AI क्षमताओं पर आधारित है। इनमें Predict AI, Engage AI, Activate AI और Measure AI शामिल हैं। ये क्षमताएं दर्शकों को समझने से लेकर विज्ञापन अभियान को बेहतर बनाने और उसके प्रदर्शन को मापने तक वीडियो मार्केटिंग के अलग-अलग हिस्सों को कवर करती हैं।

भारतीय विज्ञापनदाताओं के लिए इसका मतलब ऐसी वीडियो विज्ञापन व्यवस्था से है, जिसमें प्रीमियम कंटेंट के साथ दर्शकों की समझ और AI की मदद से विज्ञापन अभियानों से जुड़े फैसले लेने की सुविधा मिलेगी।

Dailymotion ने क्या कहा?

Dailymotion के मैनेजिंग डायरेक्टर (APAC) डॉ. विजय आनंद कुंदुरी ने कहा कि भारत में डिजिटल वीडियो विज्ञापन के लिए यह एक महत्वपूर्ण और तेजी से बदलता अवसर है। कंपनियां प्रीमियम विज्ञापन जगहों के साथ स्मार्ट दर्शक जानकारी की तलाश कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि AdCounty Media के साथ साझेदारी के जरिए Dailymotion अपने वैश्विक वीडियो प्लेटफॉर्म और Ray जैसी नई तकनीक के साथ Audience Path की व्यापक सोच को भारतीय विज्ञापनदाताओं के और करीब ला रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी ब्रैंड्स को पारंपरिक वीडियो विज्ञापन खरीद के तरीके से आगे बढ़ने और ज्यादा बेहतर जानकारी के आधार पर दर्शकों तक पहुंचने में मदद करने को लेकर उत्साहित है।

AdCounty Media के लिए भी अहम कदम

कंपनी के मुताबिक, यह साझेदारी पूरे डिजिटल विज्ञापन इकोसिस्टम में हो रहे बदलावों के बीच हुई है। मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म में दर्शकों के बंटने के कारण विज्ञापनदाताओं के लिए बेहतर दक्षता, पारदर्शिता और सही जानकारी की जरूरत बढ़ रही है।

AdCounty Media के लिए यह साझेदारी ऐसी तकनीक आधारित विज्ञापन कंपनी बनाने की दिशा में एक और कदम है, जो अपने इकोसिस्टम में परफॉर्मेंस मार्केटिंग, प्रोग्रामेटिक क्षमताओं, प्रीमियम मीडिया और AI आधारित विज्ञापन सुविधाओं को एक साथ जोड़ सके।

AdCounty Media के को-फाउंडर और चीफ रेवेन्यू ऑफिसर डेल्फिन वर्गीस ने कहा कि Dailymotion अब सिर्फ एक वीडियो प्लेटफॉर्म नहीं रह गया है। Ray और Audience Path के जरिए कंपनी दर्शकों को समझने और वीडियो अभियानों को चलाने व मापने के तरीके के आसपास एक इंटेलिजेंट लेयर तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि AdCounty के जरिए इन क्षमताओं को भारत में लाना उन विज्ञापनदाताओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जो पारंपरिक वीडियो खरीद से आगे बढ़ना चाहते हैं। उनके मुताबिक, यह साझेदारी भारत में AI, प्रीमियम वीडियो और विज्ञापन के भविष्य को लेकर एक बड़े संवाद की शुरुआत हो सकती है।

वीडियो और AI के मेल से विज्ञापन को नई दिशा

कंपनी ने कहा कि आज की मीडिया रणनीतियों में वीडियो की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो माहौल, कंपनी के अपने दर्शक डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रोग्रामेटिक क्षमताओं का मेल विज्ञापनदाताओं को तेजी से बदलते और बंटते डिजिटल माहौल के हिसाब से अपने अभियान चलाने में मदद कर सकता है।

AdCounty Media के मुताबिक, यह साझेदारी उसके ऐसे विज्ञापन तकनीक प्लेटफॉर्म बनाने के विजन को मजबूत करती है, जो वैश्विक मीडिया अवसरों को स्थानीय स्तर पर अमल के साथ जोड़ सके।

बता दें कि AdCounty Media India Limited एक तकनीक आधारित डिजिटल विज्ञापन और परफॉर्मेंस मार्केटिंग कंपनी है। कंपनी का मुख्य फोकस मोबाइल ग्रोथ, AI आधारित ऑप्टिमाइजेशन और बड़े स्तर पर यूजर हासिल करने से जुड़े समाधान उपलब्ध कराने पर है।

 

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नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन, फिल्मों के साथ विज्ञापनों में भी बनाई अलग पहचान

वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित अपने घर पर आखिरी सांस ली।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 08 October, 2026
Last Modified:
Thursday, 08 October, 2026
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वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित अपने घर पर आखिरी सांस ली। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया।  

नाना पाटेकर कभी भी बॉलीवुड के पारंपरिक हीरो नहीं रहे। उनकी पहचान उनके दमदार अभिनय, अलग आवाज, संवाद बोलने के खास अंदाज, ठहराव, गुस्से और बाद में उनकी शानदार कॉमिक टाइमिंग से बनी। कुछ ही शब्दों में दर्शकों तक अपनी बात पहुंचा देने की उनकी क्षमता उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती थी।

नाना पाटेकर का फिल्मी सफर 1978 में आई ‘गमन’ से शुरू हुआ था। इसके बाद उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। ‘परिंदा’, ‘अंगार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘राजनीति’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब पसंद किया गया।

उन्हें ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘अग्निसाक्षी’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। साल 2013 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।  

फिल्मों से आगे विज्ञापन की दुनिया में भी अलग पहचान

नाना पाटेकर की लोकप्रियता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही। उनकी आवाज, चेहरे के भाव और संवाद बोलने का अंदाज इतना पहचाना जाने लगा था कि विज्ञापन कंपनियों ने भी उनकी इसी पहचान को अपने अभियानों का हिस्सा बनाया।

इसका एक अच्छा उदाहरण 2018 का विक्रम लायन टी का टेलीविजन विज्ञापन था। इसमें नाना पाटेकर एक सामान्य से बुजुर्ग व्यक्ति की भूमिका में नजर आए, जिनका सामना कुछ घमंडी बाइक सवार युवकों से होता है। चाय पीने के बाद उनका मशहूर संवाद “बाप को भेज, तेरे बस की बात नहीं है” लोगों के बीच काफी चर्चित हुआ।

इस विज्ञापन की खास बात यह थी कि इसमें नाना पाटेकर को किसी सामान्य सेलिब्रिटी की तरह पेश करने की कोशिश नहीं की गई। बल्कि उनकी वही पहचान इस्तेमाल की गई, जिससे दर्शक पहले से परिचित थे- शांत अंदाज, रौबदार व्यक्तित्व और अचानक गुस्से का असर।

‘वेलकम’ के उदय शेट्टी को भी विज्ञापन में वापस लाया गया

कई साल बाद नाना पाटेकर ने ‘वेलकम’ के अपने लोकप्रिय किरदार उदय शेट्टी को एक जार ऐप के अभियान के लिए फिर से पेश किया। इस बार उनके चर्चित अंदाज को “कंट्रोल... कंट्रोल!” जैसे संवाद के साथ इस्तेमाल किया गया। विज्ञापन में गुस्सा किसी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि बिना नियंत्रण के खर्च करने और बचत की खराब आदतों पर दिखाया गया। इस तरह ब्रैंड ने नाना पाटेकर की पुरानी लोकप्रिय पहचान को एक नए संदेश के साथ जोड़ दिया।

यही नाना पाटेकर की विज्ञापन की दुनिया में खासियत थी। ब्रैंड सिर्फ उनका चेहरा इस्तेमाल नहीं कर रहे थे, बल्कि उनके साथ जुड़ी हुई पहचान और यादगार किरदारों को भी अपने संचार का हिस्सा बना रहे थे।

अलग-अलग तरह के किरदारों ने बनाई पहचान

‘वेलकम’ में उदय शेट्टी के मजेदार अंदाज ने नाना पाटेकर को एक अलग तरह की लोकप्रियता दी, वहीं ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों ने उनके गंभीर और प्रभावशाली अभिनेता की पहचान मजबूत की।

उनकी यही क्षमता विज्ञापन जगत के लिए भी काम आई। जरूरत के हिसाब से उनके व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को इस्तेमाल किया जा सकता था।

नाना पाटेकर टाटा स्काई के महाराष्ट्र-केंद्रित अभियान में भी नजर आए, जहां उनकी कॉमिक टाइमिंग और क्षेत्रीय पहचान का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा हाल के समय में वह उत्तर प्रदेश पुलिस के डिजिटल अरेस्ट घोटालों से जुड़े जागरूकता अभियान में भी दिखाई दिए। इसमें उनके गंभीर और प्रभावशाली स्क्रीन व्यक्तित्व के जरिए लोगों तक जरूरी संदेश पहुंचाने की कोशिश की गई।

नाना पाटेकर खुद बन गए थे एक ब्रैंड

नाना पाटेकर ने दशकों तक अपने किरदारों के जरिए अपनी पहचान बनाई। उन्होंने पारंपरिक स्टारडम पर निर्भर रहने के बजाय अपनी आवाज, संवाद अदायगी और अभिनय शैली को अपनी सबसे बड़ी पहचान बनाया। यही वजह है कि विज्ञापन जगत में उनकी लोकप्रियता कुछ अलग रही। ब्रैंड्स को उनके साथ सिर्फ एक मशहूर चेहरा नहीं मिलता था, बल्कि ऐसी पहचान मिलती थी जिसे दर्शक कुछ ही सेकंड में पहचान लेते थे।

“बाप को भेज...” जैसे संवाद का विज्ञापन की दुनिया में लोकप्रिय होना और वर्षों बाद “कंट्रोल... कंट्रोल!” के जरिए उदय शेट्टी का फिर याद आना इसी का उदाहरण है।

नाना पाटेकर को किसी विज्ञापन के लिए नया ब्रैंड किरदार बनाने की जरूरत नहीं थी। उनके निभाए किरदार और उनका अपना अंदाज पहले ही लोकप्रिय संस्कृति का हिस्सा बन चुके थे। यही उनकी फिल्मों के साथ-साथ विज्ञापन जगत में भी सबसे बड़ी पहचान रही।

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AAAI के नए सेक्रेटरी जनरल बने गोपाकुमार आर. नायर

ऐडवर्टाइजिंग एजेंसियों की संस्था ऐडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAAI) ने गोपाकुमार आर. नायर को अपना नया सेक्रेटरी जनरल नियुक्त किया है।

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Published - Thursday, 01 October, 2026
Last Modified:
Thursday, 01 October, 2026
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ऐडवर्टाइजिंग एजेंसियों की संस्था ऐडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAAI) ने गोपाकुमार आर. नायर को अपना नया सेक्रेटरी जनरल नियुक्त किया है। वह 1 अक्टूबर 2026 यानी आज से यह जिम्मेदारी संभालेंगे।

गोपाकुमार नायर अगस्त 2026 में AAAI से जुड़े थे। इसके बाद उन्हें संस्था के कामकाज और जिम्मेदारियों को समझने के लिए एक तय प्रक्रिया के तहत प्रशिक्षण और परिचय दिया गया। अब वह सुदेश कपूर की जगह लेंगे, जिन्होंने करीब दो दशकों तक AAAI के सेक्रेटेरिएट का नेतृत्व किया है।

हालांकि, सुदेश कपूर AAAI से पूरी तरह अलग नहीं होंगे। वह आगे भी संस्था के साथ सीनियर एडवाइजर के तौर पर जुड़े रहेंगे।

गोपाकुमार आर. नायर को विज्ञापन और मीडिया इंडस्ट्री में 35 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर के दौरान WPP/GroupM के साथ 21 साल और Madison के साथ 8 साल काम किया है। उन्हें विज्ञापन और मीडिया के साथ-साथ व्यावसायिक कामकाज और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ लंबे समय तक काम करने का अनुभव है।

AAAI के प्रेसिडेंट श्रीनिवासन के. स्वामी ने नायर का स्वागत करते हुए कहा कि विज्ञापन और मीडिया इंडस्ट्री में उनका लंबा अनुभव, कमर्शियल ऑपरेशंस की समझ और इंडस्ट्री से जुड़े हितधारकों के साथ उनका पुराना जुड़ाव संस्था के लिए उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि AAAI अपनी मजबूत नींव को आगे बढ़ाते हुए इंडस्ट्री के हितों के लिए काम करती रहेगी।

वहीं, गोपाकुमार आर. नायर ने कहा कि AAAI के जरिए विज्ञापन इंडस्ट्री की सेवा करने का मौका मिलना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि वह बोर्ड, सदस्यों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ मिलकर काम करेंगे और इंडस्ट्री तथा उसके पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में AAAI के प्रयासों में योगदान देंगे।

 

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Crayons Advertising: AGM में डायरेक्टर्स के पद पर इन लोगों की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी

क्रेयॉन्स एडवरटाइजिंग लिमिटेड की 40वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) 28 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। बैठक दोपहर 3 बजे शुरू हुई और 3:19 बजे समाप्त हुई।

Vikas Saxena by
Published - Wednesday, 30 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 30 September, 2026
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क्रेयॉन्स एडवरटाइजिंग लिमिटेड की 40वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) 28 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। बैठक दोपहर 3 बजे शुरू हुई और 3:19 बजे समाप्त हुई। कंपनी ने एजीएम में रखे गए सभी 10 प्रस्तावों को जरूरी बहुमत से मंजूरी मिलने की जानकारी दी है।

कंपनी ने 29 सितंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को दी जानकारी में सेबी के रेगुलेशन 44(3) के तहत वोटिंग रिजल्ट और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट जमा की है।

कंपनी के अनुसार, एजीएम में 10 प्रस्ताव रखे गए थे और सभी प्रस्ताव पास हुए। कंपनी के रिकॉर्ड डेट 21 सितंबर 2026 के अनुसार कुल 1,070 शेयरधारक थे। इनमें से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 5 प्रमोटर/प्रमोटर ग्रुप और 10 पब्लिक शेयरधारक एजीएम में शामिल हुए।

वित्तीय नतीजों को मंजूरी

पहले प्रस्ताव में कंपनी के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड ऑडिट किए गए वित्तीय विवरणों को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव पर कुल 1,86,81,760 वोट पड़े। इनमें 1,86,66,760 वोट पक्ष में और 15,000 वोट विरोध में रहे। यानी 99.92 फीसदी वोट प्रस्ताव के पक्ष में पड़े।

विमी ललानी की दोबारा नियुक्ति

दूसरे प्रस्ताव में विमी ललानी को रोटेशन के आधार पर रिटायर होने के बाद दोबारा डायरेक्टर नियुक्त करने को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव पर 7,50,800 वैध वोट पड़े। इनमें 7,35,800 वोट पक्ष में और 15,000 वोट विरोध में रहे। इस तरह 98 फीसदी वोट प्रस्ताव के पक्ष में रहे।

Vaish and Co को वैधानिक ऑडिटर बनाने की मंजूरी

तीसरे प्रस्ताव में Vaish and Co. Chartered Accountants को कंपनी का वैधानिक ऑडिटर नियुक्त करने को मंजूरी दी गई। यह नियुक्ति 40वीं एजीएम के समाप्त होने से लेकर 45वीं एजीएम के समाप्त होने तक पांच वित्तीय वर्षों के लिए होगी। बोर्ड को ऑडिटर का पारिश्रमिक तय करने के लिए भी अधिकृत किया गया। इस प्रस्ताव को 99.92 फीसदी वोट मिले, जबकि 0.08 फीसदी वोट विरोध में रहे।

नवरत्न बैद्य की नियुक्ति

चौथे प्रस्ताव में नवरत्न बैद्य को डायरेक्टर और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियमित नियुक्ति को मंजूरी दी गई। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। इस प्रस्ताव के पक्ष में 1,86,66,760 वोट और विरोध में 15,000 वोट पड़े। यानी 99.92 फीसदी वोट पक्ष में रहे।

लोन, गारंटी और निवेश की सीमा बढ़ाने को मंजूरी

पांचवें प्रस्ताव में कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 186 के तहत कंपनी के लोन देने, गारंटी देने, सिक्योरिटी देने और सिक्योरिटीज में निवेश की सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में 99.92 फीसदी वोट पड़े और 0.08 फीसदी वोट विरोध में रहे।

लोन और गारंटी देने के प्रस्ताव को मंजूरी

छठे प्रस्ताव में कंपनी अधिनियम की धारा 185 के तहत लोन देने, गारंटी देने या सिक्योरिटी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव को भी 99.92 फीसदी वोट मिले।

कंपनी की संपत्तियों पर चार्ज बनाने की मंजूरी

सातवें प्रस्ताव में कंपनी अधिनियम की धारा 180(1)(a) के तहत कंपनी की संपत्तियों पर चार्ज, मॉर्गेज और हाइपोथिकेशन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में 99.92 फीसदी वोट पड़े।

कंपनी की उधार लेने की क्षमता को मंजूरी

आठवें प्रस्ताव में कंपनी अधिनियम की धारा 180(1)(c) के तहत कंपनी की उधार लेने की शक्तियों से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में भी 99.92 फीसदी वोट रहे।

कुणाल ललानी के पारिश्रमिक में बदलाव

नौवें प्रस्ताव में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर कुणाल ललानी के पारिश्रमिक में बदलाव को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव पर कुल 7,50,800 वैध वोट पड़े। इनमें 7,35,800 वोट पक्ष में और 15,000 वोट विरोध में रहे। यानी 98 फीसदी वोट पक्ष में पड़े।

आश्रय ललानी के पारिश्रमिक में बदलाव

दसवें और आखिरी प्रस्ताव में कंपनी के होल टाइम डायरेक्टर आश्रय ललानी के पारिश्रमिक में बदलाव को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव पर भी 7,50,800 वैध वोट पड़े। इनमें 7,35,800 वोट पक्ष में और 15,000 वोट विरोध में रहे। यानी 98 फीसदी वोट प्रस्ताव के पक्ष में रहे।

25 से 27 सितंबर तक हुई ई-वोटिंग

स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के मुताबिक, एजीएम से पहले रिमोट ई-वोटिंग 25 सितंबर 2026 सुबह 9 बजे से 27 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक हुई। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एजीएम में शामिल सदस्यों को भी ई-वोटिंग की सुविधा दी गई। रिमोट ई-वोटिंग और एजीएम के दौरान हुई ई-वोटिंग के नतीजों को दो गवाहों की मौजूदगी में अनब्लॉक किया गया। इसके बाद वोटों का कंपनी के रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट के रिकॉर्ड से मिलान किया गया।

स्क्रूटिनाइजर अक्षत गर्ग, प्रोपराइटर, अक्षत गर्ग एंड एसोसिएट्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि एजीएम के नोटिस में शामिल प्रस्ताव संख्या 1 से 10 तक सभी प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए। कंपनी की ओर से यह जानकारी मैनेजिंग डायरेक्टर कुणाल ललानी ने दी है।

 

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BCCI ने मुथूट फिनकॉर्प को बनाया टाइटल स्पॉन्सर

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी मुथूट फिनकॉर्प को मार्च 2028 तक होने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए टाइटल स्पॉन्सर बनाया है।

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Published - Saturday, 26 September, 2026
Last Modified:
Saturday, 26 September, 2026
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी मुथूट फिनकॉर्प को मार्च 2028 तक होने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए टाइटल स्पॉन्सर बनाया है। इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह डील 150 करोड़ रुपये तक की है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कि मुथूट फिनकॉर्प हर मैच के लिए अधिकतम 4.3 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा। वहीं, मौजूदा साइकल के 35 मैचों के लिए बीसीसीआई ने 4.85 करोड़ रुपये प्रति मैच की कीमत तय की थी।

पिछले टाइटल स्पॉन्सर आईडीएफसी फर्स्ट ने पिछली साइकल में प्रति मैच 4.2 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इस साइकल में 56 मैच शामिल थे और यह अगस्त में खत्म हुई। आईडीएफसी फर्स्ट ने 2023 में तीन साल के लिए 235.2 करोड़ रुपये की डील के तहत ये अधिकार हासिल किए थे।

बीसीसीआई ने टाइटल स्पॉन्सरशिप अधिकारों की बिक्री के लिए पहली बार 20 जुलाई को टेंडर जारी किया था। इसमें बोली जमा करने की आखिरी तारीख 13 अगस्त थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 7 सितंबर कर दिया गया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि टेंडर प्रक्रिया के जरिए पार्टनर नहीं मिलने के बाद बीसीसीआई ने मुथूट फिनकॉर्प के साथ सीधे डील की है।

एक स्पोर्ट्स मार्केटिंग अधिकारी के जरिए रिपोर्ट में बताया गया है कि नई डील आईडीएफसी फर्स्ट की ओर से दिए गए 4.2 करोड़ रुपये प्रति मैच से ज्यादा है, लेकिन बीसीसीआई की ओर से तय 4.85 करोड़ रुपये के बेस प्राइस से कम है।

अधिकारी ने कहा कि यह डील दिखाती है कि क्रिकेट स्पॉन्सरशिप मार्केट अब भी मजबूत बना हुआ है। हालांकि, यह बीसीसीआई के लिए एक तरह का रियलिटी चेक भी है, क्योंकि बोर्ड अपनी तय उम्मीद तक पहुंचने में सफल नहीं रहा।

यह नई डील ऐसे समय हुई है जब बीसीसीआई ने टीम इंडिया से जुड़े द्विपक्षीय क्रिकेट मैचों के लिए कैंपा, एसबीआई लाइफ और चैटजीपीटी को एसोसिएट पार्टनर बनाया है। इन तीनों नई स्पॉन्सरशिप डील की कुल कीमत 130 करोड़ रुपये से ज्यादा है, जो पिछली साइकल के मुकाबले 44 प्रतिशत ज्यादा है।

मामले से जुड़े लोगों ने पहले इकनॉमिक टाइम्स को बताया था कि कैंपा कोला 1.31 करोड़ रुपये प्रति मैच की बोली के साथ सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी रही। इसके बाद चैटजीपीटी और एसबीआई लाइफ ने 1.2 करोड़ रुपये प्रति मैच की बोली लगाई। बिसलेरी और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने भी 1.2 करोड़ रुपये प्रति मैच की बोली लगाई थी और वे एसोसिएट पार्टनरशिप के लिए दौड़ में थे।

बीसीसीआई ने एसोसिएट पार्टनर अधिकारों के लिए रिजर्व प्राइस भी बढ़ाकर 95 लाख रुपये प्रति मैच कर दिया था। पहले यह 82 लाख रुपये प्रति मैच था।

डब्ल्यूपीपी मीडिया की ‘स्पोर्टिंग नेशन’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2025 में स्पोर्ट्स स्पॉन्सरशिप पर 7,942 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो सालाना आधार पर 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इस दौरान स्पॉन्सरशिप मार्केट में क्रिकेट की हिस्सेदारी भी एक साल पहले के 85 प्रतिशत से बढ़कर 89 प्रतिशत हो गई।

फिनटेक और फैंटेसी स्पोर्ट्स जैसी कई नई कैटेगरी के बाहर होने के बावजूद क्रिकेट स्पॉन्सरशिप मार्केट में बड़े ब्रैंड्स की दिलचस्पी बनी हुई है। बीसीसीआई की कुछ बड़ी डील में अपोलो टायर्स के साथ फ्रंट-ऑफ-जर्सी स्पॉन्सरशिप डील भी शामिल है, जिसकी कीमत 579 करोड़ रुपये है। इसके अलावा एशियन पेंट्स के साथ 145 करोड़ रुपये की डील भी है।

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क्रेयॉन्स ऐडवर्टाइजिंग ने अमित बांका को बनाया नया CFO

क्रेयॉन्स ऐडवर्टाइजिंग लिमिटेड ने अमित बांका को कंपनी का नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है।

Vikas Saxena by
Published - Friday, 25 September, 2026
Last Modified:
Friday, 25 September, 2026
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क्रेयॉन्स ऐडवर्टाइजिंग लिमिटेड ने अमित बांका को कंपनी का नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। कंपनी ने 23 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी दी।

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 23 सितंबर को हुई बैठक में अमित बांका की CFO और Key Managerial Personnel (KMP) के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दी गई। उनकी नियुक्ति 23 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई है।

कंपनी ने बताया कि उनकी नियुक्ति कंपनी के रोजगार से जुड़े नियमों और शर्तों के आधार पर की गई है।

अमित बांका को फाइनेंस के क्षेत्र में 24 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने वित्तीय रणनीति, ऑपरेशनल कामकाज और संगठन के विकास से जुड़े क्षेत्रों में काम किया है। उन्हें फाइनेंशियल प्लानिंग एंड एनालिसिस, कॉरपोरेट रिस्ट्रक्चरिंग, ट्रेजरी मैनेजमेंट, कंप्लायंस और टीम लीडरशिप का भी अनुभव है।

कंपनी ने यह भी बताया कि अमित बांका की नियुक्ति का कंपनी के किसी डायरेक्टर से कोई संबंध नहीं है। 

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