विजयेन्द्र अग्रवाल ने सीबीआरई साउथ एशिया में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एंड हेड की नई जिम्मेदारी संभाली है। वह मार्केटिंग, ब्रांड, कम्युनिकेशंस और सीएसआर से जुड़े कामों का नेतृत्व करेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
विजयेन्द्र अग्रवाल (Vijjayendra Agarwal) ने सीबीआरई साउथ एशिया (CBRE South Asia) में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एंड हेड - मार्केटिंग, ब्रांड, कम्युनिकेशंस एंड सीएसआर की नई जिम्मेदारी संभाली है। उनका दायरा भारत, मिडिल ईस्ट, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका के बाजारों तक रहेगा।
नई भूमिका में अग्रवाल ब्रांड स्ट्रैटेजी, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, पब्लिक रिलेशंस, कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) और थॉट लीडरशिप की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका फोकस ब्रांड विजिबिलिटी बढ़ाने, स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट मजबूत करने और कॉरपोरेट प्रतिष्ठा को बेहतर बनाने पर रहेगा।
उनकी जिम्मेदारियों में एआई आधारित मार्केटिंग ऑटोमेशन और इंटीग्रेटेड ब्रांड स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल भी शामिल होगा। इसके जरिए अलग-अलग बाजारों में ब्रांड की पोजिशनिंग को बिजनेस की प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
सीबीआरई से जुड़ने से पहले अग्रवाल केपीएमजी (KPMG) में डायरेक्टर - ब्रांड, मार्केटिंग, सोशल मीडिया एंड बिजनेस कम्युनिकेशंस के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने वहां पांच वर्षों से अधिक समय तक काम किया और भारत के साथ अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में मार्केटिंग क्षमताओं का नेतृत्व किया।
इससे पहले अग्रवाल ने अमेरिकन एक्सप्रेस (American Express) में करीब 19 वर्षों तक काम किया। वहां उन्होंने ब्रांड एडवरटाइजिंग, पोर्टफोलियो कम्युनिकेशंस और बी2बी मार्केटिंग से जुड़ी कई वरिष्ठ जिम्मेदारियां संभालीं।
उन्होंने अपनी कंपनी VYYB AI Technologies Ltd लॉन्च की है। यह कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से व्यावसायिक जगहों पर लोगों के अनुभव को बेहतर बनाने से जुड़े समाधान विकसित कर रही है।
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मीडिया और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करने वाले निखिल गांधी ने अब उद्यमिता की दुनिया में कदम रखा है। उन्होंने अपनी कंपनी VYYB AI Technologies Ltd लॉन्च की है। यह कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से व्यावसायिक जगहों पर लोगों के अनुभव को बेहतर बनाने से जुड़े समाधान विकसित कर रही है। कंपनी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से अपना सफर शुरू किया है और इसका मुख्यालय दुबई के DIFC Dubai AI Campus में है।
निखिल गांधी को कॉरपोरेट नेतृत्व में 26 साल से अधिक का अनुभव है। वह टिकटॉक, एमएक्स प्लेयर, द वॉल्ट डिज्नी कंपनी और टाइम्स नेटवर्क में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाएं निभा चुके हैं। इन संस्थानों में अपने काम के दौरान उन्होंने यूजर ग्रोथ, कमाई के मॉडल, विज्ञापन, डिस्ट्रीब्यूशन और कारोबारी रणनीति जैसे क्षेत्रों में अनुभव हासिल किया। साल 2026 में उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) का Applied Agentic AI प्रोग्राम भी पूरा किया।
म्यूजिक मैनेजमेंट से होगी शुरुआत: VYYB AI का पहला प्रोडक्ट VYYB SONIC है। यह व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बैकग्राउंड म्यूजिक के प्रबंधन के लिए AI आधारित समाधान पर केंद्रित है। कंपनी का विचार उन जगहों पर तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना है, जहां लोग काम करते हैं, खरीदारी करते हैं, भोजन करते हैं या अपना समय बिताते हैं। कारोबारी अपने प्रतिष्ठानों के डिजाइन और ब्रैंड की पहचान पर ध्यान देते हैं, लेकिन बैकग्राउंड म्यूजिक, तापमान और खुशबू जैसी चीजों का प्रबंधन अक्सर अलग-अलग किया जाता है। VYYB AI का उद्देश्य यह तलाशना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इन सभी पहलुओं को किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के माहौल और जरूरतों के अनुरूप कैसे बनाया जा सकता है।
तापमान और खुशबू के लिए भी विकसित होंगे सॉल्यूशंस: कंपनी की योजना म्यूजिक के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी AI आधारित समाधान विकसित करने की है। इसके तहत VYYB ATMOS के जरिए तापमान और वातावरण को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने से जुड़े समाधान विकसित किए जा रहे हैं। वहीं, VYYB AURA के तहत अलग-अलग परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप खुशबू के इस्तेमाल से जुड़ा समाधान विकसित किया जा रहा है। लंबी अवधि में कंपनी इन क्षमताओं को VYYB AMBIENCE नाम के एक साझा प्लेटफॉर्म के माध्यम से जोड़ने की योजना बना रही है। फिलहाल, कंपनी की शुरुआत VYYB SONIC के साथ हुई है।
इस बारे में VYYB AI Technologies Ltd के फाउंडर और सीईओ निखिल गांधी ने अपने उद्यमशील सफर को लेकर कहा कि अपने करियर के दौरान उन्होंने देखा है कि तकनीक किस तरह कारोबार करने और लोगों से जुड़ने के तरीकों को बदल सकती है। उनके मुताबिक, VYYB AI के जरिए उन्हें इस सोच को भौतिक जगहों पर लागू करने का अवसर मिला है, जहां नवाचार की काफी संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि VYYB AI को UAE में बनाया जा रहा है, लेकिन इसका लक्ष्य दुनिया भर के बाजारों के लिए समाधान विकसित करना है। दुबई से काम करते हुए कंपनी ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की मदद करना चाहती है, जो अपने ग्राहकों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील हों और अपने ब्रैंड की पहचान के अनुरूप अनुभव दे सकें।
निखिल गांधी के अनुसार, कंपनी की शुरुआत म्यूजिक से हुई है और VYYB SONIC इसका पहला समाधान है। कंपनी का ध्यान ऐसे समाधान विकसित करने पर है, जिनका व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपने यहां व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल कर सकें।
वहीं, कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राज नायक ने पिछले कुछ महीनों से बार-बार हो रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट और टेक्नोलॉजी सेवाएं देने वाली कंपनी YAAP Digital Limited ने अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने अंजन रॉय को तत्काल प्रभाव से चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया है। 14 अक्टूबर 2026 को की गई घोषणा के मुताबिक, अंजन रॉय ने अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। वहीं, कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राज नायक ने पिछले कुछ महीनों से बार-बार हो रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
विज्ञापन, मार्केटिंग और मीडिया इंडस्ट्री में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव: अंजन रॉय को भारतीय विज्ञापन, मार्केटिंग और मीडिया इंडस्ट्री में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। वह इससे पहले मुद्रा (Mudra), जिसे अब DDB के नाम से जाना जाता है, और यूरो आरएससीजी (Euro RSCG), जिसे अब Havas के नाम से जाना जाता है, जैसी जानी-मानी विज्ञापन एजेंसियों में प्रबंधन और नेतृत्व की भूमिकाएं निभा चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने HSBC, HDFC Bank, Sony Entertainment Network, Voltas, Coca-Cola और Hero Group जैसे प्रतिष्ठित ब्रैंड्स के साथ भी काम किया है।
वर्ष 2008 में अंजन रॉय ने Brand Planet Consultants की सह-स्थापना की थी। यह कंपनी आगे चलकर भारत की प्रमुख स्ट्रैटेजिक ब्रैंडिंग और डिजाइन फर्मों में शामिल हुई। वर्ष 2016 में YAAP Digital ने Brand Planet Consultants का अधिग्रहण कर लिया। इसके बाद से अंजन रॉय YAAP Digital के साथ सीनियर पार्टनर के रूप में जुड़े रहे और कंपनी के ब्रैंडिंग, डिजाइन तथा स्ट्रैटेजी से जुड़े कामकाज का नेतृत्व करते रहे।
Gozoop के साथ एकीकरण पर रहेगा फोकस: YAAP Digital डिजिटल रणनीति, परफॉर्मेंस मार्केटिंग, सोशल मीडिया और क्रिएटिव सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी इन सेवाओं के जरिए विभिन्न श्रेणियों के प्रमुख ब्रैंड्स के साथ साझेदारी करती है।
अपनी नियुक्ति के बारे में अंजन रॉय ने कहा कि वर्ष 2016 में Brand Planet के समूह का हिस्सा बनने के बाद से वह YAAP परिवार के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने कंपनी के अगले चरण का नेतृत्व करने का अवसर मिलने पर खुशी जताई और राज नायक के नेतृत्व व मार्गदर्शन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने राज नायक के जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
अंजन रॉय के मुताबिक, आने वाले महीनों में कंपनी की तत्काल प्राथमिकता Gozoop के साथ पूरी तरह एकीकरण करना है। इसका उद्देश्य दोनों कंपनियों की टीमों को एक साथ लाकर साझा क्षमताओं और तालमेल के जरिए लागत तथा कामकाज की डिलीवरी में दक्षता बढ़ाना है।
AI Studio की लॉन्चिंग से मजबूत होंगी टेक्नोलॉजी आधारित सेवाएं: अंजन रॉय ने कहा कि टेक्नोलॉजी तेजी से कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण अंतर पैदा करने वाला कारक बन रही है। YAAP Digital के अपने प्लेटफॉर्म Buzzar, जो एक KOL (Key Opinion Leader) मार्केटप्लेस है, और Tags, जो वीडियो ऑप्टिमाइजेशन प्लेटफॉर्म है, को अच्छी संभावनाएं और स्वीकार्यता मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में AI Studio लॉन्च करने की भी योजना है। इससे कंपनी की मौजूदा पेशकशों को और मजबूती मिलेगी।
एनडीटीवी के सीईओ राहुल कंवल ने जंतर-मंतर पर रिपोर्टर के साथ हूटिंग और बदसलूकी की निंदा की। उन्होंने पत्रकारों के काम और प्रदर्शनकारियों के विरोध, दोनों अधिकारों को जरूरी बताया।
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एनडीटीवी (NDTV) के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल (Rahul Kanwal) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एनडीटीवी के एक रिपोर्टर के साथ हुई हूटिंग और बदसलूकी की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अपना काम कर रहे पत्रकारों को डराना या उनके साथ दुर्व्यवहार करना स्वीकार्य नहीं है।
सोशल मीडिया (Social Media) पर एक पोस्ट में राहुल कंवल ने कहा कि प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाना प्रदर्शनकारियों के अपने ही मुद्दे को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि मौके पर रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों पर हमला करना, हूटिंग करना या बदसलूकी करना निंदनीय है। उनके मुताबिक, जब माहौल तनावपूर्ण हो और लोग गुस्से में हों, तब लाइव रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाने से प्रदर्शनकारियों का मकसद ही कमजोर होता है।
राहुल कंवल ने कहा कि प्रदर्शन करने का अधिकार और उस प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने की स्वतंत्रता, दोनों जरूरी अधिकार हैं। इनमें से किसी का इस्तेमाल डराने या दुर्व्यवहार के जरिए नहीं होना चाहिए।
उन्होंने एनडीटीवी की रिपोर्टिंग टीम का समर्थन करते हुए उनके संयम की भी तारीफ की। राहुल कंवल ने कहा कि उन्हें एनडीटीवी के उन सभी रिपोर्टरों पर गर्व है, जो मुश्किल और विरोधपूर्ण माहौल के बीच भी मजबूती से डटे हुए हैं और पूरी शांति तथा आत्मविश्वास के साथ खबर सामने ला रहे हैं।
डेटिंग ऐप Bumble को खरीदने के लिए Ithaca Holdings ने कंपनी के साथ समझौता किया है। इस सौदे में Bumble का मूल्य 1.3 अरब डॉलर (करीब 130 करोड़ डॉलर) आंका गया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डेटिंग ऐप Bumble को खरीदने के लिए Ithaca Holdings ने कंपनी के साथ समझौता किया है। इस सौदे में Bumble का मूल्य 1.3 अरब डॉलर (करीब 130 करोड़ डॉलर) आंका गया है। यह पूरी तरह नकद सौदा होगा। समझौते के तहत Bumble के क्लास ए शेयर रखने वाले शेयरधारकों को हर शेयर के बदले 6.05 डॉलर मिलेंगे।
कंपनी के मुताबिक, यह कीमत 9 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार बंद होने के समय Bumble के शेयर की कीमत से करीब 138% ज्यादा है। वहीं, 9 अक्टूबर तक के पिछले 30 दिनों में शेयर की औसत कारोबार कीमत के मुकाबले यह करीब 119% ज्यादा है।
इस सौदे के बाद Bumble शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी नहीं रहेगी और निजी कंपनी के तौर पर काम करेगी।
स्वतंत्र समिति ने सौदे को दी मंजूरी की सिफारिश
Bumble के निदेशक मंडल की एक स्वतंत्र विशेष समिति ने कंपनी के भविष्य को लेकर उपलब्ध अलग-अलग विकल्पों की समीक्षा की। इस समिति को स्वतंत्र कानूनी और वित्तीय सलाहकारों की मदद मिली।
सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद समिति ने माना कि Ithaca Holdings के साथ यह सौदा कंपनी के आम शेयरधारकों के हित में है। इसके बाद समिति ने निदेशक मंडल को सौदे की मंजूरी देने की सिफारिश की।
समिति की सिफारिश के आधार पर निदेशक मंडल ने सर्वसम्मति से सौदे को मंजूरी दे दी। हालांकि, Bumble की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) Whitney Wolfe Herd इस मामले में बोर्ड की चर्चा और मतदान से अलग रहीं।
समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद Blackstone की सहयोगी कंपनियों और Whitney Wolfe Herd से जुड़े पक्षों ने लिखित सहमति के जरिये सौदे को मंजूरी दी। इससे सौदे के लिए जरूरी शेयरधारक मंजूरी मिल गई। कंपनी के शेयरधारकों को डेलावेयर राज्य के कानून और अमेरिकी संघीय प्रतिभूति कानूनों के तहत जरूरी जानकारी देने वाला दस्तावेज भी भेजा जाएगा।
सौदे के बाद Bumble की कमान संभालेंगे Ravi Gupta और John Hegeman
सौदा पूरा होने के बाद Ithaca Holdings के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी Ravi Gupta और John Hegeman, Bumble के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनेंगे।
दोनों Whitney Wolfe Herd के साथ मिलकर काम करेंगे। उनका उद्देश्य Bumble की मूल सोच को आगे बढ़ाना है, जिसके तहत लोगों को जीवन और प्रेम के रिश्ते बनाने में मदद की जाती है।
सौदे के बाद Bumble निजी कंपनी के तौर पर काम करेगी। कंपनी के कार्यालय लंदन, ऑस्टिन और न्यूयॉर्क में होंगे। हालांकि, कंपनी का मुख्य आधार ऑस्टिन में ही रहने की उम्मीद है।
Bumble के निदेशक मंडल की अध्यक्ष और विशेष समिति की प्रमुख Ann Mather ने कहा कि समिति का गठन कंपनी के सार्वजनिक और अन्य स्वतंत्र शेयरधारकों के हित में बेहतर मूल्य हासिल करने के लिए उपलब्ध विकल्पों की स्वतंत्र समीक्षा करने के उद्देश्य से किया गया था।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र कानूनी और वित्तीय सलाहकारों की मदद से समिति ने सभी उपलब्ध विकल्पों का विस्तार से आकलन किया। इसके बाद वह इस नतीजे पर पहुंची कि Ithaca के साथ सौदा शेयरधारकों के लिए सबसे अच्छा परिणाम है। उन्होंने समीक्षा प्रक्रिया के दौरान कंपनी के प्रबंधन से मिले सहयोग के लिए भी आभार जताया।
Whitney Wolfe Herd ने कहा- Bumble के भविष्य पर भरोसा
Bumble की संस्थापक और CEO Whitney Wolfe Herd ने कहा कि कंपनी की शुरुआत इस विश्वास के साथ हुई थी कि अच्छे और मजबूत रिश्ते लोगों के स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए जरूरी हैं। उनके मुताबिक, आज यह सोच पहले से कहीं ज्यादा मायने रखती है।
उन्होंने Bumble की पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि कर्मचारियों की मेहनत और कंपनी के उद्देश्य में उनके विश्वास ने Bumble को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।
Whitney Wolfe Herd ने कहा कि Ithaca के रूप में कंपनी को ऐसा साझेदार मिला है, जो उसकी सोच से सहमत है, महिलाओं को प्राथमिकता देने वाले उसके उद्देश्य में विश्वास रखता है और कंपनी के भविष्य में निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने स्वतंत्र समिति के काम की भी सराहना की और कहा कि वह निदेशक मंडल की सिफारिश के आधार पर इस सौदे का समर्थन करती हैं।
Whitney Wolfe Herd ने आगे कहा कि Bumble की संस्थापक होने के नाते उन्हें कंपनी और दुनिया भर के लोगों के जीवन पर सकारात्मक असर डालने की इसकी क्षमता पर पहले से भी ज्यादा भरोसा है। इसी वजह से वह कंपनी से सक्रिय रूप से जुड़ी रहेंगी।
उन्होंने कहा कि वह Ravi Gupta, John Hegeman और Bumble की टीम के साथ मिलकर काम करने, नए प्रयोग करने और लोगों के बीच सार्थक रिश्ते बनाने के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं। उन्हें विश्वास है कि कंपनी के लिए आगे की संभावनाएं और बेहतर हैं।
Ithaca ने Bumble के ब्रांड और समुदाय पर जताया भरोसा
Ithaca Holdings के सह-संस्थापक और सह-CEO Ravi Gupta तथा John Hegeman ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल लोगों को उनकी जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक यानी आपसी जुड़ाव और रिश्तों से जोड़ने के लिए होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह निवेश इंसानी रिश्तों के भविष्य में भरोसे को दर्शाता है। लोगों और समाज को हमेशा जुड़ाव, रिश्तों, प्रेम और परिवार की जरूरत रहेगी। वे Bumble की विरासत को आगे बढ़ाने और आने वाली पीढ़ी के उपयोगकर्ताओं तक इसके उद्देश्य को पहुंचाने के लिए उत्साहित हैं।
दोनों ने कहा कि Bumble के पास कई खास खूबियां हैं। इनमें उसका भरोसेमंद ब्रांड और उससे जुड़ा वफादार उपयोगकर्ता समुदाय शामिल है।
उनके मुताबिक, तकनीक और डेटिंग से जुड़ी आदतों में बदलाव के साथ Bumble को अगले दौर में ले जाने की काफी संभावनाएं हैं। इसके लिए वे Whitney Wolfe Herd और कंपनी की प्रतिभाशाली टीम की ओर से तैयार की गई मजबूत नींव पर आगे काम करेंगे।
उन्होंने Whitney Wolfe Herd की स्पष्ट सोच और मजबूत सिद्धांतों की सराहना करते हुए कहा कि Bumble के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में उनके साथ मिलकर काम करना उनके लिए महत्वपूर्ण है।
टेलीविजन विज्ञापन बाजार में गिरावट का दौर जारी है। एक तरफ टीवी विज्ञापन गतिविधियों में सालाना आधार पर 8.6% की गिरावट दर्ज की गई है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
इमरान फजल, असिटेंट एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।
टेलीविजन विज्ञापन बाजार में गिरावट का दौर जारी है। एक तरफ टीवी विज्ञापन गतिविधियों में सालाना आधार पर 8.6% की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं डिजिटल विज्ञापन में 24.5% की बढ़त हुई है। प्रिंट विज्ञापन भी पिछले साल के स्तर से नीचे रहा, जबकि रेडियो में मामूली बढ़त देखने को मिली। ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं, जब ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) इंडिया की साप्ताहिक टीवी रेटिंग बंद होने से टेलीविजन विज्ञापन बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
TAM AdEx के 1 जुलाई से 28 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, टेलीविजन विज्ञापन गतिविधियों का सूचकांक घटकर 91.4 रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि का आधार 100 था। प्रिंट का सूचकांक 94.7 रहा। इसके उलट रेडियो का सूचकांक बढ़कर 101.1 और डिजिटल का 124.5 पर पहुंच गया।
BARC रेटिंग बंद होने से टीवी विज्ञापन बाजार पर असर
टेलीविजन विज्ञापन में गिरावट का यह दौर BARC रेटिंग दोबारा शुरू होने को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच आया है। सरकार की टीवी रेटिंग नीति 2026 के तहत रेटिंग एजेंसियों को रेटिंग तैयार करने या जारी करने से पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) में पंजीकरण कराना जरूरी है। मंत्रालय ने 2 जुलाई से समाचार और गैर-समाचार, दोनों तरह के टीवी कार्यक्रमों की रेटिंग रोकने का निर्देश दिया था।
ताजा रेटिंग उपलब्ध नहीं होने से टीवी चैनलों के लिए अपने दर्शकों की संख्या और पहुंच साबित करना मुश्किल हो गया है। इसका असर विज्ञापन की कीमत तय करने और त्योहारों के सीजन में विज्ञापन के लिए ज्यादा दर मांगने की क्षमता पर भी पड़ रहा है।
एक विज्ञापन एजेंसी के अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि टीवी आज भी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचने का अहम माध्यम है। हालांकि, विज्ञापनदाता यह भरोसा चाहते हैं कि जिस विज्ञापन के लिए वे पैसा खर्च कर रहे हैं, वह कितने दर्शकों तक पहुंच रहा है।
उनके मुताबिक, जब नई रेटिंग उपलब्ध नहीं होती, तो बातचीत पुराने आंकड़ों, आपसी सहमति से तय दरों और चैनल की ओर से मिलने वाले अतिरिक्त लाभ पर निर्भर हो जाती है। ऐसे में चैनलों के लिए ज्यादा कीमत को सही ठहराना मुश्किल हो सकता है।
ताजा रेटिंग के अभाव में विज्ञापनदाता और मीडिया एजेंसियां पुराने दर्शक आंकड़ों, कार्यक्रमों की प्रकृति और पिछले विज्ञापन अभियानों के नतीजों के आधार पर विज्ञापन की कीमत का आकलन कर रही हैं। इससे खासकर उन चैनलों के साथ बातचीत में विज्ञापनदाताओं की स्थिति मजबूत हो सकती है, जिनकी दर्शकों के बीच मजबूत हिस्सेदारी नहीं है।
एक मीडिया प्लानर ने कहा कि पुराने रिकॉर्ड और लोकप्रिय कार्यक्रमों वाले स्थापित चैनल विज्ञापनदाताओं को बनाए रखने में बेहतर स्थिति में हो सकते हैं। हालांकि, ताजा रेटिंग नहीं होने से पूरे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। विज्ञापनदाता हाल के दर्शक आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से जांच नहीं कर पाने पर ज्यादा कीमत चुकाने से बच सकते हैं।

टीवी विज्ञापन में बड़े विज्ञापनदाताओं की हिस्सेदारी घटी
TAM AdEx के आंकड़ों के मुताबिक, टीवी विज्ञापन गतिविधियों में खाद्य और पेय पदार्थों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। इस श्रेणी की हिस्सेदारी पिछले साल के 20% से बढ़कर 22.7% हो गई।
सेवा क्षेत्र 16.7% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसकी हिस्सेदारी 15% थी। व्यक्तिगत देखभाल और स्वच्छता से जुड़े उत्पादों की हिस्सेदारी 15.5% से घटकर 14.3% रह गई। घरेलू उत्पादों की हिस्सेदारी भी 11.8% से गिरकर 10.2% हो गई।
टीवी विज्ञापन में सबसे बड़े विज्ञापनदाताओं की कुल हिस्सेदारी में भी कमी आई। Reckitt Benckiser (India) पहले स्थान पर बना रहा, लेकिन उसकी हिस्सेदारी 14.7% से घटकर 13.6% रह गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर दूसरे स्थान पर रहा, हालांकि उसकी हिस्सेदारी भी 13.4% से घटकर 11.9% हो गई। दोनों कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी पिछले साल के 28.1% से घटकर 25.5% रह गई।
Cadbury India तीसरे स्थान पर पहुंच गया। उसकी हिस्सेदारी 2% से बढ़कर 3.6% हो गई। वहीं, Nestle India ने 2% हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पांच विज्ञापनदाताओं में जगह बनाई।
ये बदलाव बताते हैं कि टीवी विज्ञापन गतिविधियों में अलग-अलग कंपनियों की हिस्सेदारी बदल रही है, जबकि कुल विज्ञापन गतिविधियों का सूचकांक पिछले साल के स्तर से नीचे है। हालांकि, किसी कंपनी की हिस्सेदारी कम होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि उसके वास्तविक विज्ञापन खर्च में भी कमी आई हो। बाजार में दूसरी कंपनियों की गतिविधियों में बदलाव से भी हिस्सेदारी बदल सकती है।
रेटिंग के बिना विज्ञापन की कीमत तय करना चुनौती
BARC की ताजा रेटिंग उपलब्ध नहीं होने का असर केवल विज्ञापनों की बिक्री तक सीमित नहीं है। टीवी नेटवर्क के लिए अलग-अलग चैनलों और कार्यक्रमों की व्यावसायिक अहमियत साबित करना भी मुश्किल हो सकता है।
ऐसी स्थिति में कुछ चैनल अपनी विज्ञापन बिक्री बनाए रखने के लिए अतिरिक्त विज्ञापन स्लॉट या चुनिंदा छूट दे सकते हैं। वहीं, मजबूत पुराने रिकॉर्ड और लोकप्रिय कार्यक्रमों वाले चैनल अपनी विज्ञापन दरों को बनाए रखने की बेहतर स्थिति में रह सकते हैं।
एक वरिष्ठ टीवी नेटवर्क अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि तत्काल समस्या यह नहीं है कि विज्ञापनदाताओं ने टीवी पर विज्ञापन देना बंद कर दिया है। असली समस्या यह है कि विज्ञापन की कीमत और उसकी उपयोगिता का आकलन करने के लिए उपलब्ध आंकड़े अब मौजूदा स्थिति को पूरी तरह नहीं दिखा रहे हैं।
ऐसे माहौल में विज्ञापन की कीमत चैनल की लोकप्रियता, विज्ञापनदाता के साथ उसके संबंध और दूसरे तरीकों से विज्ञापन की उपयोगिता साबित करने की क्षमता पर ज्यादा निर्भर हो जाती है।
प्रिंट में ऑटोमोबाइल पीछे, वित्तीय सेवाएं आगे
प्रिंट विज्ञापन गतिविधियों का सूचकांक 94.7 रहा, जो पिछले साल के स्तर से नीचे है। इस माध्यम में विज्ञापन देने वाली प्रमुख श्रेणियों की स्थिति में भी बदलाव आया है।
पिछले साल 16.7% हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर रहने वाला ऑटोमोबाइल क्षेत्र इस बार 13.2% हिस्सेदारी के साथ चौथे स्थान पर खिसक गया।
इसके उलट बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और निवेश से जुड़ी श्रेणी तीसरे स्थान से पहले स्थान पर पहुंच गई। इसकी हिस्सेदारी 13.8% से बढ़कर 18.4% हो गई।
Hero MotoCorp की प्रिंट विज्ञापन गतिविधियों में हिस्सेदारी 2.9% से घटकर 1.6% रह गई। वहीं, Maruti Suzuki की हिस्सेदारी 3.3% से घटकर 2.8% होने के बावजूद वह शीर्ष विज्ञापनदाता बना रहा।
रेडियो में स्थिरता, LIC की हिस्सेदारी बढ़ी
रेडियो विज्ञापन गतिविधियों का सूचकांक 101.1 रहा, जो पिछले साल के मुकाबले मामूली बढ़त दिखाता है।
इस माध्यम में सेवा क्षेत्र सबसे आगे रहा। इसकी हिस्सेदारी पिछले साल के 31.7% से बढ़कर 32.8% हो गई।
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की रेडियो विज्ञापन गतिविधियों में हिस्सेदारी 1.5% से बढ़कर 4% हो गई। इसके साथ ही LIC दूसरे स्थान पर पहुंच गया। Maruti Suzuki 4.5% हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर बना रहा।
अलग-अलग माध्यमों के ये आंकड़े बताते हैं कि टीवी विज्ञापन बाजार में रेटिंग से जुड़ी परेशानी और विज्ञापन खर्च में हो रहे व्यापक बदलाव को अलग-अलग समझना जरूरी है। TAM AdEx के आंकड़े यह साबित नहीं करते कि विज्ञापनदाताओं ने टीवी से अपना बजट निकालकर सीधे प्रिंट, रेडियो या डिजिटल में लगाया है।
डिजिटल विज्ञापन में सबसे ज्यादा बढ़त
डिजिटल विज्ञापन ने इस अवधि में सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। इसका सूचकांक बढ़कर 124.5 हो गया। डिजिटल विज्ञापन में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी भी पिछले साल के 42.4% से बढ़कर 44% हो गई।
Adobe Software India इस बार सबसे बड़ा डिजिटल विज्ञापनदाता बन गया। उसकी हिस्सेदारी 2% से बढ़कर 4.9% हो गई। पिछले साल कंपनी तीसरे स्थान पर थी।
Amazon Online India पहले स्थान से खिसककर चौथे स्थान पर पहुंच गया। उसकी हिस्सेदारी 2.7% से घटकर 1.7% रह गई। Flipkart 2.4% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर बना रहा।
OpenAI ने 1.5% हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पांच डिजिटल विज्ञापनदाताओं में जगह बनाई। उसने इस सूची में Google की जगह ली।
डिजिटल विज्ञापन में बढ़त ऐसे समय में दर्ज की गई है, जब विज्ञापनदाता सही दर्शकों तक पहुंचने, अभियान के दौरान बदलाव करने और उसके नतीजों को मापने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म विज्ञापन अभियान के दौरान उसके प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए कई तरह के आंकड़े उपलब्ध कराते हैं। हालांकि, अलग-अलग प्लेटफॉर्म के आंकड़ों की गुणवत्ता और उनकी आपस में तुलना करने की क्षमता अलग हो सकती है।
विज्ञापन गतिविधियों में गिरावट का मतलब दरों में कमी नहीं
टीवी विज्ञापन गतिविधियों के सूचकांक में 8.6% की गिरावट को विज्ञापन दरों या टीवी नेटवर्क की कमाई में उतनी ही गिरावट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। TAM AdEx के आंकड़े विज्ञापन गतिविधियों को मापते हैं, न कि हर विज्ञापन स्लॉट की कीमत या टीवी नेटवर्क की वास्तविक कमाई को।
विज्ञापन गतिविधियों में गिरावट की कई वजहें हो सकती हैं। इनमें विज्ञापनों की संख्या कम होना, विज्ञापन अभियान की अवधि में बदलाव, विज्ञापन देने वाली कंपनियों की संख्या में बदलाव या अलग-अलग उत्पाद श्रेणियों की हिस्सेदारी में बदलाव शामिल हैं।
टीवी चैनल अपनी घोषित विज्ञापन दरों को पहले जैसा रख सकते हैं, लेकिन विज्ञापनदाताओं को छूट, अतिरिक्त विज्ञापन स्लॉट या दूसरी सुविधाएं दे सकते हैं। ऐसे में घोषित दरों में बदलाव किए बिना भी विज्ञापन से मिलने वाली वास्तविक कीमत कम हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका असर हर चैनल और कार्यक्रम पर एक जैसा नहीं होगा। चैनल की लोकप्रियता, दर्शकों की संख्या और विज्ञापनदाताओं के आधार पर स्थिति अलग-अलग हो सकती है। मजबूत कार्यक्रमों और पुराने दर्शक आंकड़ों वाले नेटवर्क के लिए अपनी विज्ञापन दरों को बनाए रखना छोटे या खास दर्शक वर्ग वाले चैनलों की तुलना में आसान हो सकता है।
BARC रेटिंग बहाल होने पर मिलेगी स्पष्टता
BARC की नियमित रेटिंग दोबारा शुरू होने से विज्ञापनदाताओं और टीवी चैनलों को अभियान की योजना बनाने, दर्शकों तक पहुंच का आकलन करने और विज्ञापन स्लॉट की कीमत तय करने के लिए एक साझा और ताजा आधार मिल सकेगा।
फिलहाल टीवी नेटवर्क के सामने अपनी व्यावसायिक अहमियत बनाए रखने की चुनौती है। एक तरफ डिजिटल विज्ञापन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ टीवी के दर्शक आंकड़ों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
ऐसे में आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि BARC रेटिंग कब बहाल होती है और इसका टीवी विज्ञापन बाजार, विज्ञापन दरों तथा चैनलों की कमाई पर क्या असर पड़ता है।
डिजिटल केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनी GTPL Hathway Limited ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अपने कुल रेवेन्यू में सालाना आधार पर 19% की बढ़ोतरी दर्ज की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डिजिटल केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनी GTPL Hathway Limited ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अपने कुल रेवेन्यू में सालाना आधार पर 19% की बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में कुल रेवेन्यू 1,146.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 964.9 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने 13 अक्टूबर, 2026 को जारी अपने वित्तीय नतीजों में यह जानकारी दी। इस दौरान कंपनी के डिजिटल केबल टीवी ग्राहकों की संख्या में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई। 30 सितंबर, 2026 तक कंपनी के डिजिटल केबल टीवी के सक्रिय ग्राहकों की संख्या बढ़कर 1.1 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 15 लाख यानी 16% अधिक है।
कंपनी का मुनाफा घटकर 50 लाख रुपये के घाटे में
रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी को दूसरी तिमाही में घाटा हुआ। जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का EBITDA 110.3 करोड़ रुपये रहा। वहीं, कंपनी को कर चुकाने के बाद 50 लाख रुपये का घाटा हुआ, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में उसे 9.3 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
कंपनी का EBITDA मार्जिन दूसरी तिमाही में 9.6% रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 11.4% था। EBITDA का मतलब कंपनी की ब्याज, टैक्स और अन्य कुछ खर्चों से पहले की कमाई से है। इससे कंपनी के परिचालन प्रदर्शन को समझने में मदद मिलती है।
डिजिटल केबल टीवी से 345.5 करोड़ रुपये का रेवेन्यू
GTPL Hathway के डिजिटल केबल टीवी कारोबार से दूसरी तिमाही में 345.5 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया। यह पिछले साल की समान तिमाही के 302.4 करोड़ रुपये के मुकाबले 14% अधिक है।
30 सितंबर, 2026 तक कंपनी के डिजिटल केबल टीवी के सक्रिय ग्राहकों की संख्या 1.1 करोड़ थी। वहीं, भुगतान करने वाले ग्राहकों की संख्या 1.03 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर 17% अधिक है।
कंपनी के मुताबिक, डिजिटल केबल टीवी कारोबार में ग्राहकों की संख्या और सब्सक्रिप्शन से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ब्रॉडबैंड कारोबार से 145.9 करोड़ रुपये की कमाई
कंपनी के ब्रॉडबैंड कारोबार का रेवेन्यू दूसरी तिमाही में 145.9 करोड़ रुपये रहा। इसमें पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 5% की बढ़ोतरी हुई।
30 सितंबर, 2026 तक कंपनी के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या बढ़कर 10.70 लाख हो गई। पिछले एक साल में इसमें करीब 20 हजार ग्राहकों का इजाफा हुआ है।
कंपनी का ब्रॉडबैंड नेटवर्क 60 लाख घरों तक पहुंचने की क्षमता रखता है। इनमें से करीब 75% घरों में फाइबर-टू-द-एक्स (FTTX) तकनीक के जरिए कनेक्शन देने की सुविधा उपलब्ध है।
ब्रॉडबैंड ग्राहकों से औसतन हर महीने 470 रुपये प्रति ग्राहक का रेवेन्यू मिला। यह पिछले साल के मुकाबले 5 रुपये अधिक है। वहीं, एक ग्राहक हर महीने औसतन 436 जीबी डेटा इस्तेमाल कर रहा था, जो सालाना आधार पर 6% अधिक है।
पहली छमाही में रेवेन्यू 2,166.3 करोड़ रुपये
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू 2,166.3 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 1,874.1 करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें सालाना आधार पर करीब 16% की बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, पहली छमाही में कंपनी का EBITDA घटकर 219.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 222.4 करोड़ रुपये था। इस दौरान कर चुकाने के बाद कंपनी का मुनाफा 1.7 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की पहली छमाही में यह 19.8 करोड़ रुपये था।
ACT Group के सौदे से बढ़ी कंपनी की पहुंच
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिरुद्धसिंह जडेजा ने कहा कि वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने अपने नेटवर्क का विस्तार करने, कारोबार को मजबूत बनाने और डिजिटल टीवी व ब्रॉडबैंड सेवाओं को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया है।
उन्होंने बताया कि ACT Group का सौदा पूरा होना कंपनी के लिए एक अहम कदम है। इस सौदे से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और कर्नाटक में करीब 6 लाख ग्राहक जुड़े हैं। इससे इन बाजारों में कंपनी की मौजूदगी और कारोबार का दायरा बढ़ा है।
जडेजा के मुताबिक, आगे कंपनी का ध्यान अधिग्रहित कारोबार को अपने परिचालन में बेहतर तरीके से शामिल करने, ब्रॉडबैंड कारोबार का विस्तार करने और परिचालन की लागत व कमाई के संतुलन को बेहतर बनाने पर रहेगा।
26 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में सेवाएं
GTPL Hathway देश की प्रमुख डिजिटल केबल टीवी और निजी ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनियों में शामिल है। गुजरात में कंपनी डिजिटल केबल टीवी और वायरलाइन ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली प्रमुख कंपनी है, जबकि पश्चिम बंगाल में भी इसकी अच्छी मौजूदगी है।
कंपनी के डिजिटल केबल टीवी कारोबार की पहुंच 26 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों के 1,600 से अधिक शहरों तक है। इसके नेटवर्क में 51,000 से ज्यादा कारोबारी साझेदार और 200 से अधिक प्रसारक शामिल हैं।
30 सितंबर, 2026 तक कंपनी के पास 1.1 करोड़ सक्रिय डिजिटल केबल टीवी ग्राहक और 10.70 लाख ब्रॉडबैंड ग्राहक थे। कंपनी का ब्रॉडबैंड नेटवर्क करीब 60 लाख घरों तक पहुंचने की क्षमता रखता है।
आउटडोर विज्ञापन के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी साइनपोस्ट इंडिया लिमिटेड (Signpost India Limited) को मुंबई में चलने वाली Chalo मोबिलिटी की प्रीमियम बसों पर विज्ञापन दिखाने का विशेष अधिकार मिला है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
आउटडोर विज्ञापन के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी साइनपोस्ट इंडिया लिमिटेड (Signpost India Limited) को मुंबई में चलने वाली Chalo मोबिलिटी की प्रीमियम बसों पर विज्ञापन दिखाने का विशेष अधिकार मिला है। कंपनी ने बताया कि यह करार पांच साल के लिए है और इससे करीब 36 करोड़ रुपये का कुल विज्ञापन राजस्व मिलने का अनुमान है।
कंपनी ने 13 अक्टूबर, 2026 को बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी गई जानकारी में इस करार की घोषणा की। यह जानकारी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के लिस्टिंग नियमों के तहत साझा की गई है।
बसों के अंदर और बाहर विज्ञापन दिखाने का अधिकार
साइनपोस्ट इंडिया को Chalo मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से मुंबई में चलने वाली Chalo प्रीमियम बसों के अंदर और बाहर विज्ञापन दिखाने का विशेष अधिकार दिया गया है। ये बसें मुंबई की प्रमुख सड़कों पर चलती हैं। इस करार के तहत कंपनी को इन बसों पर विज्ञापन के जरिए ब्रांड्स और विज्ञापनदाताओं तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।
यह करार घरेलू कंपनी Chalo मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दिया गया है। इसकी अवधि पांच साल तय की गई है।
करीब 36 करोड़ रुपये के विज्ञापन राजस्व का अनुमान
कंपनी की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस करार से करीब 36 करोड़ रुपये का कुल विज्ञापन राजस्व मिलने का अनुमान है। यह इस करार से जुड़े विज्ञापन कारोबार का अनुमानित कुल राजस्व है।
हालांकि, कंपनी ने इस जानकारी में सालाना राजस्व का अलग-अलग ब्योरा नहीं दिया है। इसलिए 36 करोड़ रुपये को पांच साल की अवधि में मिलने वाले अनुमानित कुल विज्ञापन राजस्व के रूप में देखा जाना चाहिए।
संबंधित पक्षों के लेनदेन में शामिल नहीं है करार
साइनपोस्ट इंडिया ने यह भी स्पष्ट किया है कि Chalo मोबिलिटी को यह करार देने वाली कंपनी में उसके प्रमोटर समूह या समूह की कंपनियों का कोई हित नहीं है। कंपनी के अनुसार, यह करार संबंधित पक्षों के बीच होने वाले लेनदेन की श्रेणी में भी नहीं आता।
कंपनी ने इस करार की जानकारी अपनी वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराने की बात कही है। इसकी ओर से यह सूचना कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी किंजल मिस्त्री ने जारी की है।
विजुअल इफेक्ट्स (VFX) कंपनी बेसिलिक फ्लाई स्टूडियो लिमिटेड (Basilic Fly Studio Limited) ने अपने शेयरों की कीमत में उतार-चढ़ाव को लेकर सफाई दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
विजुअल इफेक्ट्स (VFX) कंपनी बेसिलिक फ्लाई स्टूडियो लिमिटेड (Basilic Fly Studio Limited) ने अपने शेयरों की कीमत में उतार-चढ़ाव को लेकर सफाई दी है। कंपनी ने कहा है कि उसके शेयरों की कीमत में हुई बढ़ोतरी बाजार की गतिविधियों के कारण है। कंपनी के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिसे शेयर की कीमत में बढ़ोतरी से जोड़ा जा सके।
कंपनी ने 13 अक्टूबर, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भेजे गए पत्र में यह बात कही। यह जवाब शेयर की कीमत में बदलाव को लेकर मांगे गए स्पष्टीकरण के संबंध में दिया गया है।
कीमत पर असर डालने वाली कोई जानकारी नहीं छिपाई: कंपनी
बेसिलिक फ्लाई स्टूडियो ने कहा कि उसने सेबी के लिस्टिंग दायित्वों और जानकारी देने से जुड़े नियम, 2015 के नियम 30 के तहत जरूरी सभी जानकारियां समय-समय पर साझा की हैं। इसमें कंपनी के कामकाज और प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी के साथ शेयर की कीमत पर असर डालने वाली अहम जानकारियां भी शामिल हैं।
कंपनी के मुताबिक, उसने ऐसी कोई भी महत्वपूर्ण या शेयर की कीमत पर असर डालने वाली जानकारी नहीं छिपाई है, जिसका खुलासा किया जाना जरूरी था।
यह स्पष्टीकरण कंपनी के शेयरों में कीमत की हलचल को लेकर दिया गया है। कंपनी ने यह जानकारी एनएसई के रिकॉर्ड के लिए भी साझा की है। यह पत्र कंपनी के कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी इक्कुरथी चंद्रमोहन ने जारी किया है।
फिल्म ‘रिपोर्टिंग लाइव’ को लेकर तारीफों का सिलसिला जारी है। फिल्म स्कूल से निकलकर विज्ञापन की दुनिया में काम करने वाले ध्रुव त्रिपाठी ने अब निर्देशन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
फिल्म ‘रिपोर्टिंग लाइव’ को लेकर तारीफों का सिलसिला जारी है। फिल्म स्कूल से निकलकर विज्ञापन की दुनिया में काम करने वाले ध्रुव त्रिपाठी ने अब निर्देशन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उनकी फिल्म ‘रिपोर्टिंग लाइव’ दुनियाभर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है। फिल्म देखने के बाद विज्ञापन जगत से जुड़े एक व्यक्ति ने इसकी कहानी, कलाकारों के अभिनय और निर्देशन की जमकर तारीफ की है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़ा अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि कुछ साल पहले ध्रुव त्रिपाठी लंदन में फिल्म स्कूल की पढ़ाई पूरी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने BBH India में ट्रेनी कॉपीराइटर के तौर पर इंटर्नशिप की थी। आज ध्रुव ने एक फिल्म लिखने और उसका निर्देशन करने का काम किया है, जिसे दुनियाभर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते फिल्म के प्रीमियर में शामिल होने का मौका मिला और वह इसके लिए खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
सच्ची घटनाओं से प्रेरित है फिल्म
‘रिपोर्टिंग लाइव’ खोजी पत्रकारिता पर आधारित एक थ्रिलर फिल्म है, जो सच्ची घटनाओं से प्रेरित है। फिल्म की कहानी, कलाकारों के चयन और निर्देशन को सराहना मिली है। फिल्म देखने के बाद उन्होंने इसे एक अच्छी तरह से सुनाई गई कहानी बताया।
फिल्म में परिणीति चोपड़ा, देवेन भोजानी और आदिल हुसैन ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं। उनके अभिनय को भी काफी अच्छा बताया गया है। तारीफ करने वाले व्यक्ति के मुताबिक, सभी कलाकारों ने अपने किरदारों को विश्वसनीय और वास्तविक अंदाज में पेश किया है।
इसके अलावा, उन्होंने दिग्गज अभिनेता अमोल पालेकर को लंबे समय बाद पर्दे पर देखकर भी खुशी जताई। फिल्म में अमोल पालेकर छोटी-सी भूमिका में नजर आए हैं।
ध्रुव त्रिपाठी के काम की सराहना
फिल्म की तारीफ करते हुए उन्होंने लोगों से इसे देखने की अपील भी की। उनका कहना है कि फिल्म देखने में बिताए गए दो घंटे सार्थक होंगे। उन्होंने ध्रुव त्रिपाठी के काम की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी वह ऐसी ही अच्छी फिल्में लेकर आएंगे।
‘रिपोर्टिंग लाइव’ के जरिए ध्रुव त्रिपाठी ने लेखन और निर्देशन के क्षेत्र में अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाई है। फिल्म को लेकर मिली इस प्रतिक्रिया से इसकी कहानी और कलाकारों के प्रदर्शन पर सकारात्मक राय सामने आई है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की इच्छा जताई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने मंत्री पद की जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया है। मुरुगन अब तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर पार्टी का नेटवर्क बढ़ाने के लिए पूरा समय देना चाहते हैं। इसे 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
मुरुगन ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में सार्वजनिक जीवन में काम करने के अवसर देने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह राज्य में पार्टी की संगठनात्मक मौजूदगी बढ़ाने और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करने पर ध्यान देना चाहते हैं। उन्होंने यह पत्र सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी साझा किया और जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मुरुगन ने अपने पत्र में लिखा, “विनम्रता और कृतज्ञता के साथ मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि मुझे राज्य मंत्री की जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति दी जाए, ताकि मैं तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने के लिए अपना पूरा समय दे सकूं।”
साधारण परिवार से केंद्र सरकार तक का सफर
अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए मुरुगन ने कहा कि वह एक साधारण परिवार से आते हैं और उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि एक दिन उन्हें केंद्र सरकार में काम करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते थे और मवेशी चराते थे। उनका परिवार आज भी तमिलनाडु के कोनूर गांव में सादगी से जीवन बिताता है।
मुरुगन के मुताबिक, कॉलेज के दिनों में उनका जुड़ाव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से हुआ। महाकवि भारती, सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी यात्रा शुरू की।
उन्होंने कहा कि ABVP और BJP में करीब तीन दशकों के दौरान उनका मार्गदर्शक सिद्धांत हमेशा यही रहा है—“राष्ट्र पहले, पार्टी दूसरे और स्वयं सबसे आखिर में।”
मोदी का जताया आभार
मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और समर्थन के लिए उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उन्हें जो जिम्मेदारियां और अवसर मिले, वे उनकी उम्मीदों से कहीं अधिक थे।
उन्होंने अनुसूचित जाति के लिए राष्ट्रीय आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल, दो बार राज्यसभा के लिए चुने जाने और बाद में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जिम्मेदारी मिलने का भी जिक्र किया।
मुरुगन ने पत्र में लिखा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और BJP की जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की सोच के कारण उन्हें ऐसे अवसर मिले, जिनकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
तमिलनाडु में विकास कार्यों का किया जिक्र
मुरुगन ने तमिलनाडु के विकास पर प्रधानमंत्री के ध्यान की भी सराहना की। उन्होंने चेन्नई मेट्रो, तूतीकोरिन बंदरगाह के विस्तार, राजमार्गों के विकास और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 26 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास जैसे कार्यों का उल्लेख किया।
इसके अलावा, उन्होंने गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले जहाजों के लिए सहायता और नई तकनीकों पर काम करने वाले उभरते उद्यमों से जुड़ी पहलों का भी जिक्र किया।
मुरुगन ने कहा कि प्रधानमंत्री की हाल की तमिलनाडु यात्रा के दौरान लोगों की प्रतिक्रिया ने उन पर गहरी छाप छोड़ी। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री का जिस तरह स्वागत किया गया, उससे राज्य के भविष्य को लेकर लोगों की उम्मीदों का पता चलता है।
उन्होंने लिखा कि तमिलनाडु के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता और उनके प्रति लोगों का स्नेह देखकर उन्हें गर्व और आभार महसूस हुआ। इससे तमिलनाडु, पार्टी और देश के लिए और अधिक काम करने का उनका संकल्प भी मजबूत हुआ।
तमिलों और भारतीय मछुआरों की सुरक्षा का भी किया उल्लेख
मुरुगन ने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु से जुड़े मामलों में प्रधानमंत्री की चिंता और संवेदनशीलता को करीब से देखा है। इसमें संघर्ष वाले क्षेत्रों में फंसे तमिल लोगों की सुरक्षा और भारतीय मछुआरों के कल्याण जैसे मुद्दे शामिल हैं।उन्होंने बताया कि जब भी उन्होंने इन मामलों में प्रधानमंत्री से मदद मांगी, तो उन पर तुरंत ध्यान दिया गया।
मुरुगन के इस कदम का उद्देश्य अब तमिलनाडु में BJP के संगठन को मजबूत करने और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सीधे काम करने पर ध्यान देना है। हालांकि, मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने के उनके अनुरोध पर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक और संसदीय प्रक्रियाओं के अनुसार होगा।