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विज्ञापन राजस्व को लेकर TV इंडस्ट्री ने जताई ये बड़ी उम्मीद

जेनिथ मीडिया, इंडिया के इंटीग्रेटेड मीडिया बाइंग के सीनियर वीपी और नेशनल हेड रामसाई पंचपकेसन ने कहा कि विज्ञापन राजस्व के मामले में टीवी ने जनवरी में 5-8% की वृद्धि दर्ज की।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago

टीवी इंडस्ट्री ने नए साल की शुरुआत कोविड की तीसरी लहर के बीच की, लेकिन इस सेक्टर को आगे चलकर बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है। जनवरी, 2021 की तुलना में जनवरी, 2022 को देखें तो यहां एक सपाट वृद्धि देखने को मिली थी, लेकिन फरवरी ने गति पकड़ ली, जिससे इंडस्ट्री को उम्मीद है कि अब यह प्रवृत्ति (trend) चालू वित्त वर्ष के अंत तक जारी रहेगी।

टीवी को लेकर टैम-एडेक्स (TAM AdEx) के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2020 की तुलना में जनवरी 2021 और जनवरी 2022 के दौरान कुल विज्ञापनों की संख्या में क्रमशः 33 प्रतिशत और 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई हैं।

इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी 2021 की तुलना में जनवरी 2022 में भले ही विज्ञापनों की संख्या में 1 प्रतिशत की मामूली गिरावट हुई हो, लेकिन विज्ञापन राजस्व सिंगल डिजिट में बढ़ने की उम्मीद है और फरवरी व मार्च में भी यह ग्रोथ पॉजिटिव रहेगी।

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के विज्ञापन राजस्व (ऐड रेवेन्यू) के चीफ ग्रोथ ऑफिसर आशीष सहगल ने कहा कि वर्ष 2022 की शुरुआत कोविड की तीसरी लहर के बीच हुई। सहगल ने कहा, 'हालांकि विज्ञापन की संख्या में फरवरी में तेजी आयी, जोकि जनवरी से बेहतर थी। उनके अनुसार, जैसे-जैसे हम वित्तीय वर्ष के अंत की ओर बढ़ेंगे, विज्ञापनदाता (ऐडवर्टाइजर्स) अपने बजट से अधिक खर्च कर सकते हैं, जिसका इंडस्ट्री के समग्र विज्ञापन खर्च (AdEx) पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने बताया, ‘पिछले कुछ दिनों में हमने देखा है कि ‘थम्स अप’, ‘कोका-कोला’ और ‘सर्फ एक्सेल’ जैसे ब्रैंड्स ने बड़े पैमाने पर नए कैंपेन शुरू किए हैं।’

 

टैम के आंकड़ों के मुताबिक, टॉयलेट क्लीनिंग की कैटेगरी जनवरी 2021 के दूसरे स्थान की तुलना में जनवरी 22 में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई। इसके अतिरिक्त, इस साल जनवरी में तीन नई कैटेगरीज ने टॉप-10 की सूची में प्रवेश किया, जिनमें चॉकलेट्स, टी और ई-कॉम-एजुकेशन शामिल हैं। टी कैटेगरी ने जनवरी 2021 की तुलना में जनवरी 2022 में 61% की ग्रोथ के साथ विज्ञापनों की संख्या के मामले में सबसे अधिक ग्रोथ दर्ज की। इसके बाद ई-कॉम-एजुकेशन में 57% की वृद्धि हुई। जनवरी, 2022 को टीवी पर 170 से ज्यादा उभरती हुई कैटेगरी मौजूद थीं।

जारी किए गए डेटा में यह भी कहा गया है कि विज्ञापनदाताओं में एचयूएल (HUL) और रेकिट बेंकिज़र (Reckitt Benckiser) जनवरी 21 और जनवरी 22 में शीर्ष  पर थे। वहीं, टॉप-10 विज्ञापनदाताओं की सूची में एमेजॉन ऑनलाइन इंडिया (Amazon Online India) की नई एंट्री थी।

ब्रैंड की ओर से जनवरी, 22 के दौरान, टीवी पर 4100 से अधिक ब्रैंड्स दिखाई दिए, जिसमें ‘हार्पिक पावर प्लस 10x मैक्स क्लीन’ शीर्ष पर था, जिसके बाद डेटॉल एंटीसेप्टिक लिक्विड का नंबर था। विज्ञापनों की संख्या का 10% हिस्सा टॉप-10 ब्रैंड्स का था। सूची में दो ब्रैंड्स एचयूएल (HUL) से जुड़े थे और पांच ब्रैंड्स रेकिट बेंकिजर (Reckitt Benckiser) के थे।

जेनिथ मीडिया, इंडिया के इंटीग्रेटेड मीडिया बाइंग के सीनियर वीपी और नेशनल हेड रामसाई पंचपकेसन ने कहा कि विज्ञापन राजस्व के मामले में टीवी ने जनवरी में 5-8% की वृद्धि दर्ज की। उनका कहना है कि यह वृद्धि कई कारकों (multiple factors) के संयोजन से प्रेरित है, जिसमें विज्ञापन कैटेगरीज के मिश्रण में बदलाव भी शामिल है। उन्होंने कहा, ‘स्टार्ट-अप जैसे नए जमाने के विज्ञापनदाताओं ने, जिनका कभी प्रसारकों के साथ बेंचमार्क नहीं रहा, उन्होंने भी अब विज्ञापन देना शुरू कर दिया है और इसलिए विज्ञापन की संख्या में थोड़ी कमी हो सकती है, लेकिन राजस्व बढ़ रहा है। मेरा मानना ​​​​है कि जब से महामारी शुरू हुई है, तब से 5000 से अधिक नए ब्रैंड्स सामने आए हैं, जोकि बहुत बड़ी संख्या है।’

पंचपकेसन ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में जनवरी में विज्ञापनदाताओं की कम्पोजिशन पूरी तरह से अलग रही है। उदाहरण के लिए, जनवरी 2019 में, ब्रॉडकास्टर की दृष्टि से यह एक एक बहुत ही स्वस्थ मिश्रण था, जिसमें FMCGs इस स्पेस में अग्रणी था। FMCG ब्रैंडस ब्रॉडकास्टर्स के लिए मोस्ट कॉस्ट इफ्फैक्टिव विज्ञापनदाताओं में से एक हैं, क्योंकि इस ब्रैंड्स के साल भर की उपस्थिति है और विज्ञापनों की संख्या भी ठीक-ठाक है। एफएमसीजी के अलावा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो, ई-कॉमर्स और ट्रैवल जैसी अन्य दिग्गज कंपनियां थीं। इसलिए, ब्रॉडकास्टर्स को अपनी 12 मिनट की विज्ञापन अवधि के दौरान इन कैटेगरीज का संतुलन दिखाई देगा। 

उन्होंने कहा कि कंज्यूमर ड्यूरेबल और ऑटो जैसी कैटेगरीज की तुलना में, FMCG हमेशा कीमत के मामले में सबसे कम रहा है। मिक्स कैटेगरीज के साथ, ब्रॉडाकास्टर्स को तय किए राजस्व को प्राप्त करने के लिए विज्ञापनों की संख्या बहुत अधिक बढ़ाने की जरूरत नहीं है।

He further added that the mix of categories in media planning didn't see much deviation in 2020 compared to 2019 because the first few months of 2020 were normal for everyone. He also explained that in the last two years, the media landscape has changed. The digital has evolved and this has also affected the ad volumes on TV. The shift from TV to digital started happening and digital started taking more money.

उन्होंने आगे कहा कि 2019 की तुलना में 2020 में मीडिया प्लानिंग में मिक्स कैटेगरीज में बहुत ज्यादा भिन्नता देखने को नहीं मिली है, क्योंकि 2020 में पहले के कुछ महीने सभी के लिए सामान्य थे। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में मीडिया का परिदृश्य बदल गया है। डिजिटल अब और विकसित हो गया है और इसने टीवी पर विज्ञापन की संख्या को भी प्रभावित किया है। टीवी से डिजिटल की ओर बदलाव होने लगा है और डिजिटल ने कीमतों में इजाफा करना शुरू कर दिया है।

इसके अलावा, विज्ञापनों की संख्या में कमी की एक वजह यह भी रही कि टीवी पर प्रमुख एफएमसीजी प्लेयर्स ने तीसरी तिमाही में अपने विज्ञापन खर्च में कटौती की थी।

एलारा कैपिटल (Elara Capital) के एसवीपी करण तौरानी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि टेलीविजन पर ई-कॉमर्स, तकनीक और डिजिटल विज्ञापनदाताओं के चलते जनवरी 2022 में दिखी ग्रोथ अभी भी जारी है। हम देख रहे हैं कि क्रिप्टो कंपनियां भारी विज्ञापन कर रही हैं और यह कम से कम कुछ वर्षों के लिए ही सही लेकिन एक ट्रेंड बनता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एफएमसीजी विज्ञापन खर्च में गिरावट का टीवी पर कोई असर नहीं पड़ा है।


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