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Mamaearth की शिकायत पर कोर्ट सख्त, Lakmé का SPF ऐड सवालों के घेरे में
दिल्ली हाई कोर्ट ने लैक्मे ब्रैंड की हालिया सनस्क्रीन विज्ञापन पर अपनी प्रारंभिक राय देते हुए कहा कि यह विज्ञापन पहली नजर में प्रतिस्पर्धी उत्पादों की छवि को नुकसान पहुंचाता दिखता है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 10 months ago
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) के लैक्मे ब्रैंड की हालिया सनस्क्रीन विज्ञापन पर अपनी प्रारंभिक राय देते हुए कहा कि यह विज्ञापन पहली नजर में प्रतिस्पर्धी उत्पादों की छवि को नुकसान पहुंचाता दिखता है। यह टिप्पणी मामाअर्थ की मूल कंपनी होनासा कंज्यूमर लिमिटेड (Honasa Consumer Ltd.) द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई के दौरान की गई।
न्यायमूर्ति अमित बंसल की अध्यक्षता वाली पीठ ने HUL को अपने पक्ष में जवाब दाखिल करने के लिए एक दिन का समय दिया। वहीं, होनासा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अमित सिब्बल ने कोर्ट से मांग की कि इस विज्ञापन को सभी प्लेटफॉर्म्स (प्रिंट, डिजिटल, सोशल मीडिया और आउटडोर विज्ञापन) से तुरंत हटाने का निर्देश दिया जाए।
विवाद की जड़ में है SPF 50 वाला प्रचार अभियान
यह विवाद लैक्मे सन एक्सपर्ट के प्रचार अभियान से जुड़ा है, जिसमें SPF 50 सनस्क्रीन को बढ़ावा देते हुए एक “SPF लाई डिटेक्टर टेस्ट” दिखाया गया है। विज्ञापन में यह संकेत दिया गया कि सनस्क्रीन की ऑनलाइन श्रेणी में कुछ “बेस्टसेलर” उत्पाद अपने SPF स्तर को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं। हालांकि किसी प्रतिस्पर्धी ब्रैंड का नाम नहीं लिया गया, लेकिन विज्ञापन में दिखाए गए दो बिना नाम के बोतलें मामाअर्थ के The Derma Co. और नायका की Dot & Key की पैकेजिंग से मिलती-जुलती प्रतीत हुईं।
HUL का दावा – प्रमाणित लैब टेस्ट से मिले परिणाम
HUL ने अपने बचाव में कहा कि उनका विज्ञापन इन-विवो टेस्टिंग पर आधारित है, जिसे सनस्क्रीन की गुणवत्ता जांचने का सबसे विश्वसनीय तरीका माना जाता है। उन्होंने दावा किया कि लैक्मे सन एक्सपर्ट SPF 50 मानकों पर खरा उतरता है, जबकि कुछ प्रतिस्पर्धी उत्पादों में SPF स्तर 20 तक ही पाया गया।
ग़ज़ल अलघ का आरोप – फॉर्मूलेशन की नकल की गई
मामाअर्थ की को-फाउंडर ग़ज़ल अलघ ने सोशल मीडिया पर HUL पर कई उत्पादों की नकल करने का आरोप लगाया, इनमें सनस्क्रीन के अलावा मामाअर्थ का प्रमुख विटामिन C फेस वॉश और प्याज वाला शैम्पू शामिल हैं। उन्होंने एक स्लाइड पोस्ट की थी, जिसका शीर्षक था “OG vs Copy”, जिसमें उन्होंने लॉन्च टाइमलाइन के साथ उत्पादों की तुलना की थी। यह पोस्ट अब डिलीट कर दी गई है।
हालांकि एक अन्य पोस्ट अभी भी सार्वजनिक है, जिसमें उन्होंने लिखा: “भारतीय FMCG सेक्टर में लंबे समय से मजबूत प्रतिस्पर्धा की कमी रही है। हम गर्व के साथ इन परंपराओं को चुनौती देते हैं और बार-बार इन विरासत ब्रैंड्स को जगाते हैं।”
HUL ने भी किया पलटवार
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि HUL ने भी होनासा के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया है। कोर्ट ने इस क्रॉस-केस पर और जानकारी मांगी है और कहा है कि इस पर अलग से सुनवाई की जाएगी।
बाजार में बढ़ता टकराव
यह मामला देश के तेजी से बढ़ते स्किनकेयर और पर्सनल केयर बाजार में नए D2C ब्रैंड्स और पुराने FMCG दिग्गजों के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाता है। जहां एक ओर नई कंपनियां इनोवेशन और डिजिटल पहुंच के दम पर बाज़ार में तेजी से पैर जमा रही हैं, वहीं पुरानी कंपनियों के लिए यह प्रतिस्पर्धा एक नई चुनौती बनकर उभर रही है।
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