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जब पहली बार इस विज्ञापन में नजर आईं थीं स्वर कोकिला लता मंगेशकर
महान गायिका, भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर ने 92 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 6 फरवरी की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
महान गायिका, भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर ने 92 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 6 फरवरी की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली, जहां कोरोना से संक्रमित होने के बाद उन्हें भर्ती किया गया था। लता मंगेशकर के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है।
भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर ने साल 1942 में अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्हें पहचान फिल्म महल के गाने 'आएगा आने वाला' से मिली थी। लता मंगेशकर ने दुनियाभर की 36 भाषाओं में 30 हजार से ज्यादा गाना गाए हैं।
विज्ञापन की दुनिया में उनके योगदान को याद करें, तो जब तमाम सेलेब्रेटीज विज्ञापनों से करोड़ों की कमाई करते हैं, ऐसे में लता दीदी ने साल 1991 में सिर्फ वडोदरा स्थित एलेम्बिक फार्मास्युटिकल लिमिटेड द्वारा निर्मित ग्लाइकोडिन कफ सीरफ का एक विज्ञापन किया था। यह उनका पहला और आखिरी विज्ञापन था।
भले ही इसके बाद लता दीदी कभी किसी विज्ञापन में दिखाई नहीं दी थीं, लेकिन एलेम्बिक मैनेजमेंट ने एक विज्ञापन एजेंसी के माध्यम से उनसे संपर्क किया था। कंपनी मैनेजमेंट न केवल विज्ञापन में अपनी आवाज देने के लिए उन्हें मनाने में कामयाब रहा, बल्कि उन्हें इसमें अभिनय करने के लिए भी राजी किया।
बताया जाता है कि लता दीदी विज्ञापन में शामिल होने के लिए इसलिए सहमत हुईं थी, क्योंकि वह गले में खराश को बर्दाश्त नहीं कर सकती थीं। वह देश में सबसे अधिक पसंद की जाने वाली प्रतिष्ठित गायिकाओं में से एक हैं और उन्हें 'भारत की स्वर कोकिला' के तौर पर भी जाना जाता है।
ग्लाइकोडिन विज्ञापन गोविंद निहलानी द्वारा शूट किया गया था। वैसे विज्ञापन लता दीदी के 60 साल पूरे होने के मौके पर सेलिब्रेट करने के लिए बनाया गया था। उनका जन्म 1929 में हुआ था और ग्लाइकोडिन को 1930 में लॉन्च किया गया था।
हालांकि, लता दीदी अपने पहले विज्ञापन के बाद मिले रिस्पॉन्स से शर्मिंदा थीं। इसके बाद उन्होंने कहा भी कि ‘यह मेरा पहला और आखिरी विज्ञापन है’। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब लता दीदी से पूछा गया कि वह ब्रैड्स के विज्ञापनों का समर्थन क्यों नहीं करती हैं, तो उन्होंने विनम्रतापूर्वक जवाब दिया था कि ब्रैंड्स के विज्ञापन उन्हें बहुत ही कमर्शियल बना देंगे और वास्तव में उनका मन ऐसा करने का बिल्कुल भी नहीं है।
लता दीदी 8 जनवरी को कोरोना वायरस से संक्रमित हुई थीं, जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब उन्हें आईसीयू में रखा गया था, जहां डॉ. प्रतीत समदानी और अन्य डॉक्टरों की टीम की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। बाद में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, जिसके बाद उनकी हालत में सुधार होने लगा था और फिर उन्हें वेंटिलेटर से हटा लिया गया था। हालांकि, शनिवार को अचानक उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई और उन्हें फिर से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखना पड़ा, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया न जा सका और रविवार को सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर स्वर कोकिला ने इस दुनिया को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।
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