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एम.जे.अकबर ने लिखी इस मैगजीन की कवर स्टोरी, भारत-कश्मीर-पाक के ट्रायंगल को यूं समझाया
पुलवामा हमले के बाद इस बात पर मंथन शुरू हो गया है कि हमारी पाकिस्तान नीति क्या...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिय ब्यूरो।
पुलवामा हमले के बाद इस बात पर मंथन शुरू हो गया है कि हमारी पाकिस्तान नीति क्या हो? क्या हमें अपने पड़ोसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए या फिर संवाद की अघोषित परंपरा पर कायम रहना चाहिए? इसके अलावा कश्मीर से धारा 370 हटाने और कश्मीरियों को ‘विशेष’ नागरिक के तौर पर देखे जाने के खिलाफ भी फिर आवाज़ उठनी शुरू हो गई है।
इन सबके बीच अधिकांश विद्वानों का मानना है कि प्रतिशोध का परिणाम दोनों ही मुल्कों के लिए विनाशकारी होगा, लिहाजा बातचीत की मेज़ पर मुद्दों को सुलझाने की कोशिशों को ही आगे बढ़ाया जाना चाहिए। हालांकि, वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व मंत्री एमजे अकबर की सोच कुछ जुदा है। उनके मुताबिक, हम पाकिस्तान का व्यवहार नहीं बदल सकते, इसलिए अपने व्यवहार और कार्यशैली में ज़रूर बदलाव कर सकते हैं। कश्मीर पर इस्लामाबाद से बातचीत का अब कोई औचित्य नहीं, सिवाय इसके कि वो पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) से अपनी सेना हटाने पर राजी हो जाए।
अकबर यह भी मानते हैं कि प्रत्येक कश्मीरी भारत का नागरिक है, इसलिए ‘स्पेशल’ या ‘कंडीशनल’ सिटीजन जैसे कोई बात नहीं है। यदि आप भारत, कश्मीर और पाकिस्तान के इस ट्रायंगल के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर एमजे अकबर का लेख ‘द लास्ट एंड लॉस्ट वॉर ऑफ़ पाकिस्तान’ पढ़ सकते हैं।
http://www.openthemagazine.com/article/cover-story/the-last-and-lost-war-of-pakistan
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